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जन्मतिथि संशोधन में 40 हजार घूस लेने का आरोप, 6 कर्मचारियों से जवाब तलब

जन्मतिथि संशोधन में 40 हजार घूस लेने का आरोप, 6 कर्मचारियों से जवाब तलब
May 27, 2026, 10:42 AM
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Posted By Preeti Kumari

Accused of taking bribe of Rs 40,000 in date of birth amendment, 6 employees summoned for reply


वाराणसी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि संशोधन को लेकर बड़ा खेल सामने आया है. बीएचयू के छात्र और गोरखपुर के कूड़ाघाट निवासी अंकित कुमार ने बोर्ड के सचिव से शिकायत कर आरोप लगाया कि उसके प्रमाणपत्र में जन्म तिथि संशोधन को लेकर वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में 40 हजार रुपये घूस लिए गए. प्रभारी अपर सचिव ने प्रथम दृष्टया संलिप्त मिले 6 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है.


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जन्मतिथि संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई


प्रभारी अपर सचिव व संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी दिनेश सिंह के अनुसार आरोप है कि 2014 के हाईस्कूल प्रमाणपत्र में नियमों के विपरीत जन्मतिथि संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई. प्रथम दृष्टया जांच में फाइल में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि मामला गोरखपुर के नीना थापा इंटर कॉलेज के छात्र अंकित कुमार से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार छात्र की जन्मतिथि 29 फरवरी 1998 के स्थान पर 28 फरवरी 1998 करने का अनुरोध किया गया था. जिसे सही कर प्रमाणपत्र एक संतोष नामक व्यक्ति को दे दिया गया है.


सचिव स्तर से भी अनुमोदन दर्ज


प्रभारी अपर सचिव व संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि छात्र ने हाईस्कूल परीक्षा पास करने के करीब नौ साल बाद नवंबर 2023 में जन्मतिथि संशोधन के लिए आवेदन भेजा था. जबकि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के प्रावधानों के अनुसार इतनी देर बाद संशोधन स्वीकार्य नहीं माना जाता. बावजूद दिसंबर 2023 में स्कूल से जुड़े दस्तावेज और स्थानांतरण प्रमाणपत्र कार्यालय में मिले और फाइल आगे बढ़ती रही. फाइल पर दर्ज टिप्पणियों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर इसे अस्वाभाविक त्रुटि बताते हुए संशोधन उचित माना गया. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और सहायक सचिव स्तर से भी अनुमोदन दर्ज किए गए.


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हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित फाइल में कई महत्वपूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं थे और कुछ टिप्पणियों पर बिना आवश्यक परीक्षण के हस्ताक्षर किए गए. प्रभारी सचिव की ओर से जो स्पष्टीकरण पत्र दिया गया है, उसमें यह भी उल्लेख है कि फरवरी 2026 में ओवरराइटिंग कर पुराने आदेशों में बदलाव किया गया और जन्मतिथि संशोधन से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया.


टीओआरसी पत्र के आधार पर कार्रवाई


जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जिस टीओआरसी पत्र के आधार पर कार्रवाई दिखाई गई, वह संबंधित अनुभाग में नहीं था. मामले में उप सचिव साहब सिंह यादव समेत सहायक सचिव, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक और वरिष्ठ सहायक समेत कुल छह कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी.

वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण
वाराणसी के मिंट हाउस पर बना हेरिटेज ट्रैफिक बूथ, चौराहों का हो रहा सुंदरीकरण
Heritage traffic booth built at Mint House in Varanasi, intersections being beautifiedवाराणसी: काशी की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक सुविधाओं के साथ जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है. शहर के व्यस्त मिंट हाउस चौराहे पर हेरिटेज स्टाइल ट्रैफिक बूथ का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. यह बूथ न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहायक होगा, बल्कि बनारस की प्राचीन वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत की झलक भी प्रस्तुत करेगा. इसमें एक घडी भी लगाई गई है.आकर्षण का केंद्र बनेगी घड़ी जानकारी के अनुसार, इस ट्रैफिक बूथ को वाराणसी के पुराने मंदिरों, घाटों और ऐतिहासिक इमारतों की शैली में डिजाइन किया जा रहा है. निर्माण में पारंपरिक नक्काशी, लकड़ी और पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है ताकि यह बूथ शहर की ऐतिहासिक छवि के अनुरूप दिखाई दे. चौराहे पर एक बड़ी हेरिटेज शैली की घड़ी भी स्थापित की जा रही है, जो आकर्षण का केंद्र बनेगी.काशी की विरासत का अनुभव मिंट हाउस चौराहा नदेसर, ताज होटल और कचहरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ता है, जिसके चलते यहां दिनभर भारी यातायात बना रहता है. ऐसे में इस बूथ के निर्माण से ट्रैफिक पुलिस को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा और यातायात संचालन भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगा. साथ ही, शहर आने वाले पर्यटकों को भी काशी की विरासत का अनुभव होगा.यह परियोजना वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से तैयार की जा रही है. प्रशासन का उद्देश्य शहर के प्रमुख चौराहों को आधुनिक सुविधाओं के साथ हेरिटेज स्वरूप देना है, ताकि स्मार्ट सिटी के साथ-साथ काशी की ऐतिहासिक पहचान भी बनी रहे. स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है. लोगों का कहना है कि यदि शहर के सार्वजनिक ढांचे भी बनारस की पारंपरिक शैली में विकसित किए जाएं, तो इससे शहर की सुंदरता और पहचान दोनों मजबूत होंगी.Also Read: बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तारकाशी को विश्वस्तरीय हेरिटेज शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह प्रयास एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. इससे पहले भी शहर में हेरिटेज वॉक, भित्ति चित्रों और पुराने भवनों के सौंदर्यीकरण जैसे कई कार्य किए जा चुके हैं. अब मिंट हाउस का यह हेरिटेज ट्रैफिक बूथ भी उसी श्रृंखला की नई कड़ी बनने जा रहा है.
बैंक खातों से साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
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Gang involved in cyber fraud from bank accounts busted, two criminals arrestedवाराणसी: पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी की साइबर क्राइम टीम ने आमजन के बैंक खातों से धोखाधड़ी कर अवैध निकासी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, फर्जी कूटरचित आधार कार्ड और नकदी बरामद की गई है. दोनों आरोपी गाजीपुर और बलिया के निवासी बताए जा रहे हैं.पुलिस के अनुसार 24 मई 2026 को शिवदत्त हरिजन निवासी बलिया, वर्तमान पता ट्रांजिट हाल पुलिस लाइन वाराणसी ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बैंक खाते से अवैध रूप से 12 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गई. मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई.पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देश पर डीसीपी अपराध के नेतृत्व में एसीपी साइबर अपराध विदुष सक्सेना की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई. टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 27 मई को वाराणसी से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेंद्र कुमार निवासी मोहम्मदाबाद गाजीपुर और विनय कुमार निवासी बलिया के रूप में हुई है.अपराध करने का तरीकापुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह पहले लोगों के बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबरों के सिम को चोरी, छल अथवा “सिम अपडेट” के नाम पर स्वैप करा लेता था. इसके बाद आरोपी PayTM, PhonePe, G-Pay और Mobikwik जैसे यूपीआई एप सक्रिय कर लेते थे. फिर फर्जी आधार कार्ड और गलत पहचान पत्रों के जरिए विभिन्न सीएसपी सेंटरों से नकदी निकालकर रकम आपस में बांट लेते थे.Also Read: BHU के इस छात्रावास के खाने में मिली छिपकली, अस्‍पताल में भर्ती कई छात्रपुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ साइबर अपराध समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. गिरफ्तारी करने वाली टीम में निरीक्षक योगेंद्र प्रसाद, निरीक्षक विजय नारायण मिश्र, उपनिरीक्षक संजीव कन्नौजिया, उपनिरीक्षक आलोक रंजन सिंह सहित साइबर क्राइम थाना की टीम शामिल रही.
BHU के इस छात्रावास के खाने में मिली छिपकली,  अस्‍पताल भेजे गए कई छात्र
BHU के इस छात्रावास के खाने में मिली छिपकली, अस्‍पताल भेजे गए कई छात्र
Lizard found in food at BHU hostel, several students hospitalisedवाराणसी: बीएचयू स्थित डालमिया छात्रावास के मेस नंबर 4 के खाने में छिपकली मिलने की घटना सामने आई है. इस घटना के बाद छात्र आक्रोशित हो गए. बड़ी संख्या में छात्र मेस के बाहर जुट गए. छात्रों का आरोप है कि बुधवार दोपहर के भोजन में छिपकली मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों ने स्वास्थ्य जोखिम को लेकर चिंता जताई और कहा कि ऐसी लापरवाही से फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्या हो सकती है. सोशल मीडिया पर भी इस घटना की चर्चा तेज हो गई है, जहां छात्र लापरवाही की निंदा करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं.तुरंत कार्रवाई की जाएगीयह घटना हालिया छात्रावास खाने की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों की कड़ी में आती है. बीएचयू प्रशासन ने पहले भी ऐसी शिकायतों पर जांच का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकल सका है. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है.मौके पर प्रॉक्टोरियल बोर्ड और वार्डन पहुंचे. अधिकारी छात्रों को शांत करने और मामले की जांच का आश्वासन देने में जुटे हैं. छात्रों को समझाने की कोशिश की जा रही है कि तुरंत कार्रवाई की जाएगी.मेस की सफाई व्यवस्था पर सख्त निगरानीछात्रों की मुख्य मांग है कि मेस की सफाई व्यवस्था पर सख्त निगरानी रखी जाए, खाने की गुणवत्ता की जांच के लिए तत्काल सैंपलिंग हो और दोषी ठेकेदार या स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाए. एक छात्र ने बताया, “हम रोजाना खराब खाना खा रहे हैं, लेकिन आज छिपकली मिलना सीमा पार कर गया. स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” सवाल यह उठता है कि इस भोजन को कितने छात्र ग्रहण कर चुके थे.Also Read: जन्मतिथि संशोधन में 40 हजार घूस लेने का आरोप, 6 कर्मचारियों से जवाब तलबफिलहाल आठ छात्रों को एंबुलेंस से अस्‍पताल भेजा गया है. भोजन करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना है. घटना के बाद हॉस्टल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों ने नाराजगी जताई.