जन्मतिथि संशोधन में 40 हजार घूस लेने का आरोप, 6 कर्मचारियों से जवाब तलब

Accused of taking bribe of Rs 40,000 in date of birth amendment, 6 employees summoned for reply
वाराणसी: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी में हाईस्कूल प्रमाणपत्र में जन्मतिथि संशोधन को लेकर बड़ा खेल सामने आया है. बीएचयू के छात्र और गोरखपुर के कूड़ाघाट निवासी अंकित कुमार ने बोर्ड के सचिव से शिकायत कर आरोप लगाया कि उसके प्रमाणपत्र में जन्म तिथि संशोधन को लेकर वाराणसी क्षेत्रीय कार्यालय में 40 हजार रुपये घूस लिए गए. प्रभारी अपर सचिव ने प्रथम दृष्टया संलिप्त मिले 6 कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है.

जन्मतिथि संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई
प्रभारी अपर सचिव व संयुक्त शिक्षा निदेशक वाराणसी दिनेश सिंह के अनुसार आरोप है कि 2014 के हाईस्कूल प्रमाणपत्र में नियमों के विपरीत जन्मतिथि संशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई. प्रथम दृष्टया जांच में फाइल में कई स्तरों पर अनियमितताएं सामने आईं. उन्होंने बताया कि मामला गोरखपुर के नीना थापा इंटर कॉलेज के छात्र अंकित कुमार से जुड़ा है. शिकायत के अनुसार छात्र की जन्मतिथि 29 फरवरी 1998 के स्थान पर 28 फरवरी 1998 करने का अनुरोध किया गया था. जिसे सही कर प्रमाणपत्र एक संतोष नामक व्यक्ति को दे दिया गया है.
सचिव स्तर से भी अनुमोदन दर्ज
प्रभारी अपर सचिव व संयुक्त शिक्षा निदेशक दिनेश सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि छात्र ने हाईस्कूल परीक्षा पास करने के करीब नौ साल बाद नवंबर 2023 में जन्मतिथि संशोधन के लिए आवेदन भेजा था. जबकि इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 के प्रावधानों के अनुसार इतनी देर बाद संशोधन स्वीकार्य नहीं माना जाता. बावजूद दिसंबर 2023 में स्कूल से जुड़े दस्तावेज और स्थानांतरण प्रमाणपत्र कार्यालय में मिले और फाइल आगे बढ़ती रही. फाइल पर दर्ज टिप्पणियों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर इसे अस्वाभाविक त्रुटि बताते हुए संशोधन उचित माना गया. बाद में प्रशासनिक अधिकारियों और सहायक सचिव स्तर से भी अनुमोदन दर्ज किए गए.
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हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित फाइल में कई महत्वपूर्ण अभिलेख उपलब्ध नहीं थे और कुछ टिप्पणियों पर बिना आवश्यक परीक्षण के हस्ताक्षर किए गए. प्रभारी सचिव की ओर से जो स्पष्टीकरण पत्र दिया गया है, उसमें यह भी उल्लेख है कि फरवरी 2026 में ओवरराइटिंग कर पुराने आदेशों में बदलाव किया गया और जन्मतिथि संशोधन से संबंधित आदेश जारी कर दिया गया.
टीओआरसी पत्र के आधार पर कार्रवाई
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि जिस टीओआरसी पत्र के आधार पर कार्रवाई दिखाई गई, वह संबंधित अनुभाग में नहीं था. मामले में उप सचिव साहब सिंह यादव समेत सहायक सचिव, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक और वरिष्ठ सहायक समेत कुल छह कर्मचारियों से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी जाएगी.



