काशी विद्यापीठ में शुल्क वृद्धि के खिलाफ ABVP ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

ABVP submits memorandum to Vice Chancellor against fee hike in Kashi Vidyapeeth, warns of agitation
वाराणसी: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शुक्रवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी से मुलाकात कर विभिन्न शुल्कों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ ज्ञापन सौंपा. परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि 21 अप्रैल 2026 को परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी आदेश में अंकपत्र, उपाधि और अन्य प्रमाण पत्र से जुड़े शुल्क बढ़ाए गए हैं, जो छात्रों के हित में नहीं हैं.

डिप्लोमा के लिए 200 रुपये शुल्क
ज्ञापन के अनुसार, अंकपत्र या उपाधि की दूसरी प्रति के लिए 500 रुपये प्रति अंकपत्र शुल्क तय किया गया है. वहीं नाम संशोधन के लिए 150 रुपये प्रति संशोधन और नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पहले वर्ष के बाद मिलने वाले प्रमाण पत्र तथा दूसरे वर्ष के बाद मिलने वाले डिप्लोमा के लिए 200 रुपये शुल्क रखा गया है. परिषद का कहना है कि यह बढ़ोतरी छात्रों पर अतिरिक्त बोझ डालती है.

बढ़ोतरी से छात्रों में बढ़ेगी निराशा
विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों ओर कार्यकर्ताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अधिकतर छात्र ग्रामीण और सामान्य परिवारों से आते हैं. ऐसे में शुल्क बढ़ने से उनकी पढ़ाई पर असर पड़ सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को आसान बनाने के बजाय इस तरह की बढ़ोतरी से छात्रों में निराशा बढ़ेगी और कुछ छात्र पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं. ABVP ने कुलपति से मांग की है कि 21 अप्रैल का आदेश तुरंत वापस लिया जाए और छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए उचित और कम शुल्क तय किया जाए.

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इसी के साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर सात दिन के भीतर फैसला नहीं लिया गया तो परिषद चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. इस दौरान ABVP के विभाग संयोजक आकाश प्रताप सिंह, महानगर मंत्री शिवम तिवारी, इकाई अध्यक्ष ओम आकाश मौर्य, कारण सिंह, गुरु प्रकाश सिंह, आशुतोष तिवारी हर्षित, राहुल पांडेय, विशु तिवारी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.



