पेट्रोल पंपों पर अब मिलेगा केरोसिन, खाना बनाने में बड़ी राहत

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े महायुद्ध के चलते देशभर में हाहाकार मचा हुआ है. जिसकी बजह से पेट्रोल-डीजल समेत गैस मिलना काफी मुश्किल हो चुका है. इसी वजह से पेट्रोल पंपों पर लोगों की लाइन लगी हुई है. इसी बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए कहा है कि, अब राशन की दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पंप पर केरोसिन यानि(मिट्टी का तेल) भी मिलेगा. जिसके चलते सरकारी तेल कंपनियां तय किए गए पेट्रोल पंपों से भी केरोसिन रखने और बांटने की जिम्मेदारी निभाएंगी. हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुनेंगे, जहां पर अधिकतम 5 हजार लीटर तक केरोसिन यानि मिट्टी का तेल रखा जाएगा. ताकि, जनता को इसकी सुविधा मिल सके.

जाने क्या है पूरा मामला
बता दें, सरकार द्वारा लिए गये इस फैसले के पीछे का कारण LPG गैस ना मिलने का संकट है, जिसके चलते केंद्र ने पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की व्यवस्था उपलब्ध कराने की इजाजत दी है. ताकि, लोगों का गैस ना मिलने की वजह से किसी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े और केरोसिन का इस्तेमाल कर स्टोव पर खाना बना सकेंगे. जिससे अपना जीवन-यापन कर सकेंगे. इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने सप्लाई आसान बनाने के लिए 60 दिनों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में ढील दी है, ताकि जरूरतमंद परिवारों तक तेल समय पर पहुंच सके.

मतलब साफ है नए नियमों के अनुसार, देश के वैसे राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जहां पहले PDS यानी जन वितरण प्रणाली के तहत केरोसिन नहीं दिया जाता था. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल प्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं.
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प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लिए गए केरोसिन फैसले को मद्देनजर रखते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा कि इन उपायों से 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में खाना पकाने और रोशनी के लिए घरों में केरोसिन का तात्कालिक वितरण संभव हो सकेगा. जानकारी के मुताबिक, सरकार ने ये फैसला अमेरिका-इजराइल के ईरान संघर्ष के चलते लिया है. मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण भारत में गैस, पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत देखने को मिल रहा है.

केरोसिन पर फोकस
केंद्र की मोदी सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त 48000 किलो लीटर (4 करोड़ 80 लाख लीटर) केरोसिन आवंटित किया है. एलपीजी की मांग कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. जैसे कि, सिटी गैस कंपनियों को होटल, रेस्टोरेंट और कॉमर्शियल संस्थानों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के लिए सरकार ने एक बड़ा निर्देश दिया हैं. औद्योगिक और कॉमर्शियल गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल औसत खपत की 80% गैस दी जा रही है.



