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महाकाल वाट्सग्रुप का एडमिन गिरफ्तार, हार्स रेसिंग बेटिंग से जुड़ा कनेक्शन

महाकाल वाट्सग्रुप का एडमिन गिरफ्तार, हार्स रेसिंग बेटिंग से जुड़ा कनेक्शन
Mar 19, 2026, 07:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: साइबर अपराध पर पुलिस का प्रहार जारी है. इसी क्रम में हॉर्स रेसिंग बेटिंग एप के आरोपी महाकाल वाट्सएप ग्रुप के एडमिन राघवेंद्र सिंह को साइबर सेल ने सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर से गिरफ्तार किया. महाकाल और एके रेसिंग वाट्सएप ग्रुप से ऑनलाइन जुए का खेल चला रहा था. मुंबई, दिल्ली तक हॉर्स रेसिंग बेटिंग के तार जुड़े हैं. आरोपी राघवेंद्र के चचेरे भाई मनोज, अजय वाधवानी, पवन शर्मा और एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल की टीम दबिश दे रही है.


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साइबर सेल और प्रतिबिंब पोर्टल के प्रभारी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राघवेंद्र सिंह गाजीपुर के बासूचक रामपुर मांझा का मूल निवासी है और तिलमापुर में रहता है. पूछताछ में बताया कि हॉर्स रेसिंग में बेटिंग करवाता हूं. वाट्सएप ग्रुप बना रखा है. लोग वीडियो यू-ट्यूब से देखकर संपर्क करते हैं, जिन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भारत में डेली होने वाले हार्स रेस की बोर्ड की फोटो ग्रुप में डालकर लोगों से बेटिंग के लिए कहा जाता है.


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बेटिंग करने वाले चचेरे बड़े भाई मनोज कुमार सिंह के बैंक खाते में पैसे भेजते थे. यूपीआई के जरिये रकम को निकाल लेता था. पैसे लगाने वाले अपना घोड़ा चुनकर बेट लगाते थे. रिजल्ट आने पर जीते लोगों का पैसा वापस कर देते हैं और जो लोग हार जाते हैं उनका पैसा रख लेते हैं. रेस कोर्स के रिजल्ट indiarace.com नामक वेबसाइट पर देख लेते हैं.


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एक व्यक्ति को बोर्ड भेजा जाता


आरोपी राघवेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल से महाकाल ग्रुप से जुड़ा था. एक मोबाइल नंबर से एक व्यक्ति को बोर्ड भेजा जाता है. जिसे ग्रुप में फारवर्ड कर देते हैं. पीड़ित अमोल ने भी वाट्सएप ग्रुप में जुड़कर बेटिंग किया था. उसने चालाकी से बेट जीतने वालों की फोटो अपने वाट्सएप पर लगाकर जीत की रकम खाते में ले ली.


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गोवा में ली ट्रेनिंग


गोवा में कर्मा ग्रुप में नौकरी के दौरान मैनेजर अजव वाधवानी के साथ मुंबई आवाजाही करता था. उसके साथ रेसकोर्स भी जाता था. यही से हॉर्स रेसिंग का आइडिया मिला. कोविड के समय व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें अजय वाधवानी के माध्यम से जुड़ गया था, हॉर्स रेस पर पैसा लगाया था. वहीं से जानकारी हुई. एके रेसिंग ग्रुप 2020 में बनाया गया था, पिछले 2 महीने से देख रहा हूं. बेटिंग में पवन शर्मा के कहने पर लगाया. पवन शर्मा के बताए गए अकाउंट में आगे भेजकर बेटिंग में लगा देता था.

IMS BHU में प्रोफेसर से हुई नोकझोंक, जूनियर डॉक्टर  की बिगड़ी तबीयत
IMS BHU में प्रोफेसर से हुई नोकझोंक, जूनियर डॉक्टर की बिगड़ी तबीयत
वाराणसी: बीएचयू स्थित चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान के सर्जरी विभाग में पिछले सप्ताह हुई जूनियर डॉक्टर के इंसुलिन के ओवरडोज से जान देने के प्रयास का मामला अभी चर्चाओं में है कि इस बीच एक और घटना ने माहौल का तल्‍ख कर दिया. बताते हैं कि आयुर्वेद संकाय में भी बुधवार को प्रोफेसर से नोकझोंक के बाद आकांक्षा जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ गई. दोपहर में उसे काय चिकित्सा विभाग के वार्ड में भर्ती कराया गया. घटना की जानकारी होने पर संबंधित जूनियर डॉक्टर के साथी रेजिडेंट डॉक्टर और प्रभारी संकाय प्रमुख सहित अन्य डॉक्टर उसे देखने पहुंचे.जूनियर डॉक्टर को लगाई फटकार आयुर्वेद संकाय में संकाय प्रमुख कार्यालय के पास के एक विभाग में बुधवार दोपहर को जिस जूनियर डॉक्टर की महिला प्रोफेसर से नोकझोंक हुई. बताया जा रहा है कि जिस प्रोफेसर से झगड़ा हुआ, वही उसकी सुपरवाइजर भी हैं. घटना के समय उसी विभाग के अन्य जूनियर डॉक्टर भी मौजूद थे. विवाद इतना बढ़ गया कि महिला प्रोफेसर ने महिला जूनियर डॉक्टर को सभी के सामने फटकारा. इसके बाद अचानक से आकांक्षा जूनियर डॉक्टर को सीने में दर्द और घबराहट होने लगी. उसे लेकर मौजूद डॉक्टर उसे बीएचयू अस्पताल स्थित आयुर्वेद संकाय के काय चिकित्सा विभाग ले गए. जांच में पता चला कि उसका ब्लडप्रेशर कम हो गया है.सेहत में हुआ सुधारकाय चिकित्सा विभाग में उसे डॉक्टर ड्यूटी रूम में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया. फिलहाल उसकी सेहत में सुधार है, लेकिन गुरुवार को और जरूरी जांच करवाई जाएगी. संकाय की ओर से छात्रा के परिवारजनों को सूचना दे दी गई है, उसके पिता के आज बीएचयू आने की संभावना है.यह भी पढ़ें: परिवार संग काशी यात्रा पर आए किशोर की गंगा में डूबने से मौत, मातम में बदली खुशियांरसशास्त्र विभाग की जूनियर डॉक्टर की तबीयत बिगड़ने और भर्ती होने की जानकारी के बाद काय चिकित्सा वार्ड में उसे देखने गए. वह अब बिल्कुल ठीक है. इसके कारणों के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. मामले में यदि जूनियर डॉक्टर कोई जानकारी देती हैं, तो उस तहरीर के तहत विश्वविद्यालय के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.प्रो. केएन मूर्ति, कार्यवाहक संकाय प्रमुख, आयुर्वेद संकाय, आईएमएस के सभी कंसल्टेंट को रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ संवाद बनाए रखने, सहयोग करने और किसी भी समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं. आयुर्वेद संकाय में जूनियर डॉक्टर के साथ हुई घटना और भर्ती के कारणों के बारे में संकाय प्रमुख से रिपोर्ट मांगी जाएगी।.- प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस
परिवार संग काशी यात्रा पर आए किशोर की गंगा में डूबने से मौत, मातम में बदली खुशियां
परिवार संग काशी यात्रा पर आए किशोर की गंगा में डूबने से मौत, मातम में बदली खुशियां
वाराणसी: परिवार के साथ काशी भ्रमण पर आए किशोर की गंगा में स्‍नान करते समय डूबने से मौत हो गई. घटना गुरुवार की सुबह दशाश्‍वमेध थाना क्षेत्र के मीरघाट पर हुई. घटना के बाद किशोर के परिवार में मातम पसर गया. प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्षित चौधरी 14 वर्ष पुत्र गणेश चौधरी निवासी खुर्रमपुर थाना राजघाट जनपद गोरखपुर अपने परिवार के साथ दर्शन और पूजन के उद्देश्य से वाराणसी आया था. गुरुवार की सुबह वह अपने परिजनों के साथ वाराही घाट मीरघाट पर गंगा स्नान कर रहा था. इसी दौरान अचानक वह गहरे पानी की ओर चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा.गोताखोरों ने युवक को गंगा से बाहर निकालापरिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा की तेज धारा और अधिक गहराई के कारण वह कुछ ही पलों में पानी में समा गया. घटना की सूचना मिलते ही दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अनुजमणि तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया. सभी ने मिलकर किशोर की तलाश शुरू की. काफी मशक्कत के बाद उसे गंगा से बाहर निकाला गया और तुरंत कबीर चौरा मंडलीय चिकित्सालय पहुंचाया गया.अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद हर्षित चौधरी को मृत घोषित कर दिया.यह भी पढ़ें: महाकाल वाट्सग्रुप का एडमिन गिरफ्तार, हार्स रेसिंग बेटिंग से जुड़ा कनेक्शनइस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया. घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालु भी इस घटना से स्तब्ध नजर आए. परिजन बार बार यही कहते रहे कि वे खुशी खुशी दर्शन करने आए थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया. पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. अधिकारियों के अनुसार मामले की सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही है.सुरक्षा व्यवस्था पर उठने लगे सवाल वहीं घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर गहराई और तेज धारा को लेकर पर्याप्त चेतावनी और निगरानी की आवश्यकता है. गंगा घाटों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है.
महाकाल वाट्सग्रुप का एडमिन गिरफ्तार, हार्स रेसिंग बेटिंग से जुड़ा कनेक्शन
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वाराणसी: साइबर अपराध पर पुलिस का प्रहार जारी है. इसी क्रम में हॉर्स रेसिंग बेटिंग एप के आरोपी महाकाल वाट्सएप ग्रुप के एडमिन राघवेंद्र सिंह को साइबर सेल ने सारनाथ थाना क्षेत्र के तिलमापुर से गिरफ्तार किया. महाकाल और एके रेसिंग वाट्सएप ग्रुप से ऑनलाइन जुए का खेल चला रहा था. मुंबई, दिल्ली तक हॉर्स रेसिंग बेटिंग के तार जुड़े हैं. आरोपी राघवेंद्र के चचेरे भाई मनोज, अजय वाधवानी, पवन शर्मा और एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल की टीम दबिश दे रही है.साइबर सेल और प्रतिबिंब पोर्टल के प्रभारी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राघवेंद्र सिंह गाजीपुर के बासूचक रामपुर मांझा का मूल निवासी है और तिलमापुर में रहता है. पूछताछ में बताया कि हॉर्स रेसिंग में बेटिंग करवाता हूं. वाट्सएप ग्रुप बना रखा है. लोग वीडियो यू-ट्यूब से देखकर संपर्क करते हैं, जिन्हें एक वाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भारत में डेली होने वाले हार्स रेस की बोर्ड की फोटो ग्रुप में डालकर लोगों से बेटिंग के लिए कहा जाता है.यह भी पढ़ें: Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि का पहला दिन आज, इन मंत्रों के साथ करें कलश स्थापनाबेटिंग करने वाले चचेरे बड़े भाई मनोज कुमार सिंह के बैंक खाते में पैसे भेजते थे. यूपीआई के जरिये रकम को निकाल लेता था. पैसे लगाने वाले अपना घोड़ा चुनकर बेट लगाते थे. रिजल्ट आने पर जीते लोगों का पैसा वापस कर देते हैं और जो लोग हार जाते हैं उनका पैसा रख लेते हैं. रेस कोर्स के रिजल्ट indiarace.com नामक वेबसाइट पर देख लेते हैं.एक व्यक्ति को बोर्ड भेजा जाताआरोपी राघवेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल से महाकाल ग्रुप से जुड़ा था. एक मोबाइल नंबर से एक व्यक्ति को बोर्ड भेजा जाता है. जिसे ग्रुप में फारवर्ड कर देते हैं. पीड़ित अमोल ने भी वाट्सएप ग्रुप में जुड़कर बेटिंग किया था. उसने चालाकी से बेट जीतने वालों की फोटो अपने वाट्सएप पर लगाकर जीत की रकम खाते में ले ली.गोवा में ली ट्रेनिंगगोवा में कर्मा ग्रुप में नौकरी के दौरान मैनेजर अजव वाधवानी के साथ मुंबई आवाजाही करता था. उसके साथ रेसकोर्स भी जाता था. यही से हॉर्स रेसिंग का आइडिया मिला. कोविड के समय व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें अजय वाधवानी के माध्यम से जुड़ गया था, हॉर्स रेस पर पैसा लगाया था. वहीं से जानकारी हुई. एके रेसिंग ग्रुप 2020 में बनाया गया था, पिछले 2 महीने से देख रहा हूं. बेटिंग में पवन शर्मा के कहने पर लगाया. पवन शर्मा के बताए गए अकाउंट में आगे भेजकर बेटिंग में लगा देता था.