मां कात्यायनी मंदिर में पैसा लेकर पीछे के गेट से वीआईपी प्रवेश

वाराणसी : शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां कात्यायनी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आम श्रद्धालु कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, वहीं मंदिर के पिछले गेट से कुछ लोगों को प्रवेश कराने के आरोप लगे। दरअसल, कुछ दर्शनार्थियों ने महंत के परिवार पर पैसे लेकर दर्शन कराने का आरोप लगाया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दर्शनार्थियों ने आरोप लगाया कि महंत परिवार के द्वारा कुछ यूट्यूब ब्लागरों को बुलवा कर मंदिर में वीडियो बनवाया जा रहा था। नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां कात्यायनी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भीड़ को देखते हुए चौक थाना पुलिस ने संकठादेवी मंदिर और आसपास की गलियों में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराने की व्यवस्था की। सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई, ताकि महिलाओं समेत अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी न हो।
पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन इसी बीच मंदिर के अंदर प्रवेश व्यवस्था को लेकर आरोप सामने आए। आम श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि मंदिर के महंत परिवार के लोग निकास द्वार की ओर से पीछे के रास्ते कुछ लोगों को प्रवेश करा रहे थे। इस दौरान रुपये लेकर दर्शन कराने के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इनसेट-- दो साल पहले की घटना के बाद गर्भगृह में प्रवेश पर रोक
करीब दो साल पहले मां कात्यायनी मंदिर के गर्भगृह में हुई एक घटना में 13 लोग झुलस गए थे। इसके बाद महंत परिवार की ओर से गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिए जाने की बात सामने आई थी। मंदिर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक की बात कही गई थी। इसके बावजूद मंदिर परिसर में ब्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के वीडियो बनाए जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शुक्रवार को भी मंदिर परिसर में कुछ ब्लॉगर वीडियो बनाते नजर आए।
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इनसेट-- पुलिस की व्यवस्था के बीच मंदिर प्रबंधन पर सवाल
नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौक पुलिस की ओर से कतार, सुरक्षा बलों की तैनाती और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके बावजूद मंदिर के अंदर पीछे के रास्ते से प्रवेश कराने और पैसे लेकर दर्शन कराने के आरोप सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था और गर्भगृह में प्रवेश तथा फोटोग्राफी पर रोक के नियमों का समान रूप से पालन होना जरूरी है।



