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मां कात्यायनी मंदिर में पैसा लेकर पीछे के गेट से वीआईपी प्रवेश

मां कात्यायनी मंदिर में पैसा लेकर पीछे के गेट से वीआईपी प्रवेश
Oct 16, 2026, 08:16 AM
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Posted By Prashant Sharma

वाराणसी : शारदीय नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां कात्यायनी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आम श्रद्धालु कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, वहीं मंदिर के पिछले गेट से कुछ लोगों को प्रवेश कराने के आरोप लगे। दरअसल, कुछ दर्शनार्थियों ने महंत के परिवार पर पैसे लेकर दर्शन कराने का आरोप लगाया, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। दर्शनार्थियों ने आरोप लगाया कि महंत परिवार के द्वारा कुछ यूट्यूब ब्लागरों को बुलवा कर मंदिर में वीडियो बनवाया जा रहा था। नवरात्र के छठे दिन शुक्रवार को मां कात्यायनी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भीड़ को देखते हुए चौक थाना पुलिस ने संकठादेवी मंदिर और आसपास की गलियों में श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर दर्शन कराने की व्यवस्था की। सुरक्षा के लिए जगह-जगह पुलिस बल तैनात किया गया था। महिला पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई, ताकि महिलाओं समेत अन्य श्रद्धालुओं को दर्शन के दौरान परेशानी न हो।


पुलिस प्रशासन की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन इसी बीच मंदिर के अंदर प्रवेश व्यवस्था को लेकर आरोप सामने आए। आम श्रद्धालु कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे, जबकि मंदिर के महंत परिवार के लोग निकास द्वार की ओर से पीछे के रास्ते कुछ लोगों को प्रवेश करा रहे थे। इस दौरान रुपये लेकर दर्शन कराने के आरोप भी लगाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



इनसेट-- दो साल पहले की घटना के बाद गर्भगृह में प्रवेश पर रोक


करीब दो साल पहले मां कात्यायनी मंदिर के गर्भगृह में हुई एक घटना में 13 लोग झुलस गए थे। इसके बाद महंत परिवार की ओर से गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्णय लिए जाने की बात सामने आई थी। मंदिर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी रोक की बात कही गई थी। इसके बावजूद मंदिर परिसर में ब्लॉगर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के वीडियो बनाए जाने को लेकर सवाल उठते रहे हैं। शुक्रवार को भी मंदिर परिसर में कुछ ब्लॉगर वीडियो बनाते नजर आए।


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इनसेट-- पुलिस की व्यवस्था के बीच मंदिर प्रबंधन पर सवाल


नवरात्र में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चौक पुलिस की ओर से कतार, सुरक्षा बलों की तैनाती और महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी जैसी व्यवस्थाएं की गई थीं। इसके बावजूद मंदिर के अंदर पीछे के रास्ते से प्रवेश कराने और पैसे लेकर दर्शन कराने के आरोप सामने आने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं। श्रद्धालुओं के लिए कतारबद्ध दर्शन की व्यवस्था और गर्भगृह में प्रवेश तथा फोटोग्राफी पर रोक के नियमों का समान रूप से पालन होना जरूरी है।

रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: प्रो. बिहारी लाल शर्मा
रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला: प्रो. बिहारी लाल शर्मा
वाराणसी : आजीविका, रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं। आजीविका केवल अर्थोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम भी है। महिलाओं का आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण समावेशी विकास और राष्ट्र की प्रगति के लिए अनिवार्य है। यह बातें सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने हिमाचल प्रदेश के मंडी स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहीं।‘आजीविका परामर्श व रोजगार तथा महिला सशक्तीकरण’ विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रो. बिहारी लाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक उपाधि प्रदान करना नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा, व्यावहारिक दक्षता, सृजनात्मक क्षमता और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़कर युवाओं को ऐसे अवसर उपलब्ध कराने चाहिए, जिनसे वे अपनी योग्यता एवं रुचि के अनुरूप आजीविका अर्जित कर सकें और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सकें।कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि आजीविका परामर्श, कौशल विकास, उद्यमिता और रोजगार के अवसर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। विश्वविद्यालयों की भूमिका केवल ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उन्हें युवाओं को बदलती सामाजिक एवं आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और उनमें आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।उन्होंने कहा कि रोजगारपरक शिक्षा के माध्यम से युवाओं की क्षमताओं को निखारने और उन्हें व्यावहारिक अवसरों से जोड़ने की जरूरत है। इसके लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना आवश्यक है।आर्थिक आत्मनिर्भरता से मजबूत होगा महिला सशक्तीकरणमहिला सशक्तीकरण को राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। आर्थिक आत्मनिर्भरता से महिलाओं का आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है।उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं और देश की प्रगति को नई दिशा प्रदान करती हैं। इसलिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के साथ सामाजिक विकास की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना भी जरूरी है।संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए सरदार पटेल विश्वविद्यालय, मंडी के कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने युवाओं को रोजगार के पारंपरिक अवसरों के साथ नवाचार, उद्यमिता और डिजिटल कौशल से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण, वित्तीय संसाधनों और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।प्रो. अवस्थी ने विश्वविद्यालयों में शोध, कौशल विकास और उद्योग-जगत के साथ समन्वय को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उन्होंने कहा कि युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना समावेशी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल्यों पर भी चर्चाराष्ट्रीय संगोष्ठी में भारतीय ज्ञान परंपरा के संदर्भ में शिक्षा, स्वावलंबन, श्रम की गरिमा और लोककल्याण के मूल्यों की प्रासंगिकता पर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने विश्वविद्यालयों को ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिकता और मानवीय मूल्यों का विकास करने वाले प्रमुख केंद्र बताया।ALSO READ: IIT-BHU में कल जुटेंगे स्वास्थ्य और AI क्षेत्र के विशेषज्ञ, हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल पर होगा मंथनसंगोष्ठी में इस बात पर जोर दिया गया कि शासन, विश्वविद्यालयों, उद्योग-जगत और समाज के समन्वित प्रयासों से शिक्षा, कौशल तथा रोजगार के बीच प्रभावी सेतु स्थापित किया जा सकता है। इससे युवाओं और महिलाओं की क्षमताओं को सार्थक अवसरों में बदलने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता और सशक्त समाज के निर्माण को गति मिल सकती है।
IIT-BHU में कल जुटेंगे स्वास्थ्य और AI क्षेत्र के विशेषज्ञ, हेल्थकेयर में तकनीक के इस्तेमाल पर होगा मंथन
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वाराणसी : स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर, सुलभ और किफायती बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका पर चर्चा के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU), वाराणसी में शनिवार, 17 अक्टूबर को ‘कॉन्क्लेव ऑन AI फॉर हेल्थकेयर एंड असिस्टिव टेक्नोलॉजीज’ का आयोजन किया जाएगा। संस्थान के नवोन्मेष, अभिपोषण एवं उद्यमिता केंद्र (CIIE) की ओर से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और स्टार्टअप संस्थापकों के बीच विचार-विमर्श होगा। कार्यक्रम IIT-BHU परिसर स्थित CIIE के ई-हॉल में आयोजित किया जाएगा।कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए AI आधारित तकनीकों की संभावनाओं को तलाशना और आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही किफायती, सुलभ और समावेशी सहायक प्रौद्योगिकियों के विकास पर भी चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का आयोजन CIIE के समन्वयक प्रो. एम.के. मेश्राम के नेतृत्व में किया जा रहा है।स्वास्थ्य सेवाओं में AI की भूमिका पर होगी चर्चाकार्यक्रम में बीएचयू के आयुर्विज्ञान संस्थान (IMS) की ऑन्कोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. मल्लिका तिवारी, IMS के निदेशक प्रो. एस.एन. संखवार और IIT-BHU के निदेशक प्रो. अमित पात्रा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुमित महाजन, STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के संयुक्त सचिव के.के. सिंह और मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन के संबोधन भी प्रस्तावित हैं।कॉन्क्लेव में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने, AI के व्यावहारिक उपयोग और तकनीकी नवाचारों को आम लोगों तक पहुंचाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इसमें शोध और तकनीकी विकास के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।दिव्यांगजनों और वंचित समुदायों के लिए तकनीक पर जोरकार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘AI के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाना: स्वास्थ्य, समावेशन एवं कल्याण’ विषय पर होने वाली पैनल चर्चा होगी। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाने, AI के प्रभावी इस्तेमाल और दिव्यांगजनों तथा वंचित समुदायों के लिए उपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।विशेषज्ञ इस बात पर भी चर्चा करेंगे कि सहायक प्रौद्योगिकियों के जरिए लोगों के दैनिक जीवन को किस तरह अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है और स्वास्थ्य सेवाओं में समावेशिता को कैसे बढ़ाया जा सकता है।शोध और स्टार्टअप को मिलेगा प्रोत्साहनइस पहल के जरिए शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, नवाचारकर्ताओं और उभरते उद्यमियों को स्वास्थ्य सेवा एवं सहायक प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में व्यावहारिक और बड़े स्तर पर उपयोग किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आयोजन में अनुसंधान, सरकारी नीतियों, उद्योग और उद्यमिता के बीच समन्वय मजबूत करने पर भी जोर रहेगा।ALSO READ: मिशन शक्ति के तहत चौबेपुर थाने पहुंचीं छात्राएं, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुईं रूबरू...IIT-BHU के CIIE और STPI की यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित नवाचारों को बढ़ावा देने के साथ ऐसी तकनीकों के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराने का प्रयास है, जो आम नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बना सकें।
मिशन शक्ति के तहत चौबेपुर थाने पहुंचीं छात्राएं, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुईं रूबरू...
मिशन शक्ति के तहत चौबेपुर थाने पहुंचीं छात्राएं, पुलिस की कार्यप्रणाली से हुईं रूबरू...
वाराणसी : मिशन शक्ति फेज-6 अभियान के तहत नवरात्रि के छठे दिन प्राथमिक विद्यालय चंद्रावती की छात्राओं को चौबेपुर थाने का भ्रमण कराया गया. इस दौरान छात्राओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा व्यवस्था और थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की. थाने के प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार शर्मा ने छात्राओं का स्वागत करते हुए कहा कि नवरात्रि में कन्या पूजन का विशेष महत्व है. ऐसे में थाने में बच्चियों का आगमन साक्षात माता के आगमन के समान है. उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.विद्यालय की शिक्षिका डॉ. सुमन कुमारी ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार छात्राओं को थाने का भ्रमण कराया गया, ताकि वे पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकें. इस दौरान मिशन शक्ति टीम की महिला कांस्टेबल खुशबू नायक, किरण पटेल और शिल्पा गुप्ता ने छात्राओं को महिला हेल्प डेस्क, शिकायत डेस्क, सीसीटीएनएस कक्ष, कार्यालय, मालखाना और अभिलेखागार के कार्यों की जानकारी दी. साथ ही महिला सुरक्षा से जुड़ी सरकारी हेल्पलाइन और पुलिस की विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में भी बताया गया.ALSO READ: कथित सरकारी दमन के खिलाफ सपा का हल्लाबोल, जिला मुख्‍यालय पर सौंपा ज्ञापन...भ्रमण के अंत में प्रभारी निरीक्षक ने छात्राओं को प्रोत्साहन स्वरूप स्टेशनरी और अन्य शिक्षण सामग्री भेंट की. कार्यक्रम के सफल संचालन में उपनिरीक्षक राजेंद्र यादव, चंद्रमोहन यादव, कंप्यूटर प्रभारी आजाद, योगेंद्र प्रसाद, धीरेंद्र कुमार सहित थाने के अन्य पुलिसकर्मियों ने सहयोग किया.