वंदे भारत में गूंजा जीवन बचाने का संदेश, यात्रियों को सिखाई सीपीआर की जीवनरक्षक कला...

वाराणसी : देश की अत्याधुनिक एवं प्रतिष्ठित वंदे भारत एक्सप्रेस में उस समय एक अनूठा और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब राजकीय चिकित्सा अधिकारी एवं प्रख्यात सीपीआर विशेषज्ञ डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने यात्रियों को जीवनरक्षक तकनीक सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण प्रदान किया. इस अभिनव पहल का उद्देश्य आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए सक्षम बनाना था.

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. द्विवेदी ने हृदयाघात, अचानक बेहोशी तथा श्वास रुकने जैसी गंभीर परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया के महत्व को समझाते हुए सीपीआर की बारीकियों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया. उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने के बाद शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और सही तकनीक से दिया गया सीपीआर किसी व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है. यात्रियों ने पूरे उत्साह एवं रुचि के साथ प्रशिक्षण में भाग लिया तथा जीवनरक्षक तकनीकों को सीखकर इसे अत्यंत उपयोगी एवं समाजोपयोगी पहल बताया. कई यात्रियों ने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल ज्ञानवर्धक है, बल्कि किसी आपात स्थिति में किसी की जान बचाने का आत्मविश्वास भी प्रदान करता है.
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डॉ. द्विवेदी ने कहा कि “सीपीआर केवल एक चिकित्सा तकनीक नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का एक सशक्त माध्यम है. यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति इसकी मूलभूत जानकारी प्राप्त कर ले, तो असंख्य लोगों का जीवन बचाया जा सकता है.” चलती ट्रेन में आयोजित यह अनूठा जन-जागरूकता अभियान यात्रियों के लिए यादगार अनुभव साबित हुआ तथा स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सराहा गया.



