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मोक्ष दायिनी काशी में नई पहल, मणिकर्णिका और हरिश्‍चंद्र घाट पर शव पंजीकरण शुरू

मोक्ष दायिनी काशी में नई पहल, मणिकर्णिका और हरिश्‍चंद्र घाट पर शव पंजीकरण शुरू
Jan 24, 2026, 06:41 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : मोक्षदायिनी काशी के मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र महाश्मशान घाट पर अब अंतिम संस्कार के लिए आने वाले शवों का निश्शुल्क कंप्यूटरीकृत पंजीकरण शुरू हो गया है. नगर निगम ने बसंत पंचमी के पावन अवसर पर इस नई व्यवस्था की शुरुआत हरिश्चंद्र घाट पर महापौर अशोक कुमार तिवारी ने की. हरिश्चंद्र घाट पर पहली डिजिटल शवदाह पर्ची (पंजीकरण संख्या: 2026-HARI-00001) सोनभद्र निवासी 18 वर्षीय लवकुश शर्मा के नाम जारी की गई. पर्ची में क्यूआर कोड भी दर्ज है, जिससे डाटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.

महापौर ने कहा कि यह व्यवस्था किसी शुल्क या औपचारिकता के लिए नहीं, बल्कि घाटों पर होने वाले दाह संस्कारों का सटीक और वास्तविक आंकड़ा प्राप्त करने के उद्देश्य से लागू की गई है. अब दोनों महाश्मशान घाटों पर आने वाले प्रत्येक शव का नाम, पता और आयु जैसी बुनियादी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी.


मोक्ष दायिनी काशी में नई पहल, मणिकर्णिका और हरिश्‍चंद्र घाट पर शव पंजीकरण शुरू


इससे नगर निगम के पास एक विश्वसनीय डाटाबेस तैयार होगा, जो भविष्य की शहरी योजनाओं और व्यवस्थाओं में सहायक होगा. नगर निगम ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण पूरी तरह निश्शुल्क है. परिजनों को केवल आवश्यक जानकारी देनी होगी. जारी की जाने वाली पंजीकरण पर्ची से मृत्यु प्रमाणपत्र प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी.


इसके लिए कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती की गई है. महापौर ने यह भी बताया कि यह व्यवस्था केवल श्मशान घाटों तक सीमित नहीं रहेगी. शहर के मुस्लिम और ईसाई समाज के लिए चिह्नित 12 बड़े कब्रिस्तानों में भी शीघ्र ही कंप्यूटरीकृत मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था लागू की जाएगी. कार्यक्रम में क्षेत्रीय पार्षदों सहित नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.


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नगर निगम उठाए गए कदम


तीन शिफ्टों में 24 घंटे कर्मचारियों की तैनाती

पंजीकरण पर्ची से मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में होगी सहूलियत

मुस्लिम व ईसाई समाज के 12 कब्रिस्तानों में भी जल्द लागू होगी व्यवस्था

सोनभद्र के लवकुश को जारी हुई पहली डिजिटल पर्ची.

वाराणसी में बलिदानियों की स्‍मृति में बनेगा म्‍यूरल पार्क, 18 एकड़ में विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएँ...
वाराणसी में बलिदानियों की स्‍मृति में बनेगा म्‍यूरल पार्क, 18 एकड़ में विकसित होंगी पर्यटन सुविधाएँ...
वाराणसी : जिले के पिंडरा विकासखंड स्थित करखियांव गांव औद्योगिक क्षेत्र के बाद अब स्वतंत्रता संग्राम पर्यटन सर्किट से भी जुड़ने वाला है. पर्यटन विभाग को इसके लिए 18.26 करोड़ रुपये की प्रस्तावित धनराशि में से पहली किस्त के रूप में आठ करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. यहां करीब 18 एकड़ क्षेत्र में म्यूरल पार्क (भित्ति चित्र) बनेगा. इसमें स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा संरक्षित की जाएगी. आधुनिक पर्यटक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.26 स्‍तंभ, हर एक पर बलिदानी का प्रतिनिधित्‍वगांव के 26 बलिदानियों की याद में बनने वाले इस म्यूरल पार्क में उनकी वीरगाथाओं को चित्रों के माध्यम से उकेरा जाएगा. इसके साथ ही 26 स्तंभ भी स्थापित किए जाएंगे. हर स्तंभ एक बलिदानी का प्रतिनिधित्व करेगा. करखियांव गांव का स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान रहा है.1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की आजादी तक यहां के लोगों ने हर आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.सबसे अधिक स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी वाला गांवस्थानीय इतिहास के अनुसार जिले में सबसे ज्यादा स्वतंत्रता सेनानी इसी गांव से थे. यह गांव 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन की एक महत्वपूर्ण घटना का भी गवाह रहा है. इस पर्यटन परियोजना के जरिये इन वीरों के बलिदान और आजादी की लड़ाई के इतिहास को देश-दुनिया तक पहुंचाया जाएगा. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा से जोड़ने का कार्य कर रही है.ALSO READ : श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम से दशाश्‍वमेध घाट तक बनेगा पाथवे, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत...इसी सोच के तहत स्वतंत्रता संग्राम सर्किट के अंतर्गत वाराणसी के करखियांव गांव को विकसित किया जा रहा है. इस गांव में शहीदों और सेनानियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जाएगा. इससे नई पीढ़ी को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा मिलेगी। यह स्थल पर्यटन के साथ-साथ राष्ट्रीय चेतना का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा.
श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम से दशाश्‍वमेध घाट तक बनेगा पाथवे, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत...
श्रीकाशी विश्‍वनाथ धाम से दशाश्‍वमेध घाट तक बनेगा पाथवे, श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत...
वाराणसी : बाबा दरबार तक पहुंचने की डगर आसान होगी. काशी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को जल्द ही विश्वनाथ धाम से दशाश्वमेध घाट तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने वाली है. दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु गंगा के मनोहारी दृश्य का आनंद लेते हुए सीधे दशाश्वमेध घाट तक पहुंच सकेंगे. इसके लिए गंगा घाट पाथवे (सैरगाह कनेक्टिविटी) निर्माण परियोजना पर कार्य शुरू हो गया है. उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से विश्वनाथ धाम से ललिता घाट, मीर घाट, त्रिपुरा भैरवी घाट, मान मंदिर महल और राजेंद्र प्रसाद घाट होते हुए दशाश्वमेध घाट तक तीन मीटर चौड़ा पाथवे बनाया जा रहा है. परियोजना पर 6.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पाथवे के दोनों ओर सुरक्षा के लिए रेलिंग भी लगाई जाएगी.ढाई करोड़ की पहली किस्‍त जारीशासन ने परियोजना को मंजूरी देते हुए प्रथम किस्त के रूप में 2.50 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं. निर्माण कार्य का दायित्व सक्षम इंटरप्राइजेज को सौंपा गया है. ठेकेदार द्वारा दशाश्वमेध घाट और ललिता घाट दोनों ओर से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है. वर्तमान में घाटों की कई सीढ़ियां अधिक ऊंची होने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ता है. साथ ही कई घाटों के बीच सीधा संपर्क न होने से श्रद्धालुओं को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है. नई कनेक्टिविटी बनने के बाद विश्वनाथ धाम और दशाश्वमेध घाट के बीच की दूरी मात्र 10 से 15 मिनट में तय की जा सकेगी.ALSO READ : वाराणसी में अपरेशन चक्रव्‍यूह : तमंचा और पिस्‍टल सप्लाई करने वाले गिरोह के 7 शातिर गिरफ्तार...गौरतलब है कि पिछले वर्ष वाराणसी दौरे पर आए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय के सचिव ने गंगा घाटों के सुंदरीकरण और आपसी संपर्क बढ़ाने का सुझाव दिया था. इसके बाद पर्यटन विभाग ने परियोजना की रूपरेखा तैयार की. हाल ही में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने भी घाटों का निरीक्षण कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे.
वाराणसी में अपरेशन चक्रव्‍यूह : तमंचा और पिस्‍टल सप्लाई करने वाले गिरोह के 7 शातिर गिरफ्तार...
वाराणसी में अपरेशन चक्रव्‍यूह : तमंचा और पिस्‍टल सप्लाई करने वाले गिरोह के 7 शातिर गिरफ्तार...
वाराणसी : कमिश्नरेट के चोलापुर थाने पुलिस ने और एसओजी ने "ऑपरेशन चक्रव्यूह" के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध असलहों की खरीद-फरोख्त और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त गिरोह के सात शातिरबदमाशों को गिरफ्तार किया है. इस संयुक्त टीम ने मंगलवार को कटारी ब्लॉक के पीछे स्थित अंडरपास के पास से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार गिरफ्तार शातिरों में रैचनपुर निवासी अखिलेश उर्फ मोनू राजभर (27), अटेसुआ निवासी अरुण राजभर (21), धौरहरा (चौबेपुर) निवासी हिमांशु कुमार उर्फ सनी (28), शिवरामपुर निवासी आभाष सिंह (23), नेहियां निवासी विशाल सिंह (19), गोसाईंपुर मोहांव निवासी अनिकेत चौहान (20) तथा गुरवट निवासी नमन मिश्रा उर्फ अस्तीशू (25) शामिल हैं. इनमें कई के खिलाफ पूर्व के मामले दर्ज हैं.रिवाल्वर, पिस्टल और तमंचा सहित अलग अलग बोर के कारतूस बरामदपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक .32 बोर रिवाल्वर, छह कारतूस (.32 बोर), एक 7.65 एमएम पिस्टल व दो कारतूस, एक .315 बोर तमंचा व तीन कारतूस, एक 9 एमएम पिस्टल व दो कारतूस, चोरी की एक मोटरसाइकिल तथा विभिन्न कंपनियों के छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं.पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे अवैध हथियार अपने पास रखते थे और लोगों को डराकर चोरी, छिनैती तथा लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे. साथ ही अधिक पैसा मिलने पर तमंचा, पिस्टल और कारतूस बेचने का भी काम करते थे. पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात की तैयारी में जुटे हैं, जिसके बाद कार्रवाई की गई.ALSO READ : CM पोर्टल पर सड़क ‘पूर्ण’, जमीन पर गड्ढों का साम्राज्य…गिरफ्तारी करने वाली टीमडीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार ने कार्रवाई के बारे में पूरी जानकारी देते हुए पुलिस टीम की सराहना की. कार्रवाई में चोलापुर थाना प्रभारी निरीक्षक सधुवन राम गौतम, उपनिरीक्षक अनिल कुमार, पुरुषोत्तम लाल, महिला उपनिरीक्षक संध्या जायसवाल, हेड कांस्टेबल अनुनेष कुमार सिंह, मो. शकील अहमद, अवधराज यादव, कांस्टेबल विकास कुमार, अविनाश शर्मा, सूरज सरोज, रिजर्व कांस्टेबल अंगद शामिल रहे. वहीं एसओजी टीम में प्रभारी गौरव कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल चालक कृष्णानंद पाण्डेय, कांस्टेबल अवनीश कुमार पाण्डेय, मयंक त्रिपाठी, मनीष बघेल और अंकित मिश्रा शामिल रहे.