वाराणसी में इस थाने पर लगाया गुप्त रोग के शर्तिया इलाज का पोस्टर, फिर पुलिस ने लगाई फटकार

वाराणसी : डाक्टरों के अवैध करोबार का जरिया थाने को बनाए जाने के बाद खाकी वाले नाराज हो गए हैं. अब थाने के पुलिसकर्मियों ने खुद ही प्रकरण का संज्ञान लेने के बाद डाक्टर का इलाज करने की तैयारी की है. पुलिस के अनुसार ऐसे डाक्टरों का इलाज पहले जरूरी है. पुलिस के अनुसार तथाकथित डॉक्टर ने मंडुवाडीह थानेदार कार्यालय के ठीक बाहर बवासीर, भगन्दर, गुप्त रोग, धातु रोग, हाइड्रोसील के बिना चीड़-फाड़ के सौ फीसदी शर्तिया इलाज का कई पोस्टर चस्पा करा दिया.
थानेदार दिगम्बर उपाध्याय से मिलने पहुंचे एक फरियादी ने उनका ध्यान इस तरफ आकृष्ट कराया तो थानेदार ने उस 'डॉक्टर' को फोनकर उसकी अच्छी तरह से 'क्लास' लेकर उनको तलब कर लिया. पूरा मामला सामने आने के बाद थानेदार के फटकार के बाद देर रात में ही डॉक्टर ने थाने के दीवारों पर से सारा पोस्टर साफ करवा दिया. मंडुवाडीह थानाध्यक्ष दिगम्बर उपाध्याय ने बताया कि अक्सर ऐसे नीम-हकीम या फर्जी डॉक्टर पुलिस थाने या सार्वजनिक जगहों के पास बैनर-पोस्टर लगाकर भोले-भाले लोगों को ठगते हैं.
ALSO READ :यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, अजय राय की जगह आराधना मिश्रा मोना को कमान
मंडुवाडीह थानेदार दिगम्बर उपाध्याय ने बताया कि थाने के ठीक बाहर चस्पा पोस्टरों पर भोजूबीर सरसौली के चांदसी आयुर्वेदिक दवाखाना का पता लिखा गया था. बताया कि पोस्टर पर अश्लील तस्वीर सहित प्रचार - प्रसार के लिए अश्लील शब्दों को लिखा गया था. बताया कि इसने बगैर अनुमति मंडुवाडीह थानाक्षेत्र के लगभग सभी इलाके में स्कूलों व घरों के दीवारों संग खम्भों पर प्रचार के लिए पोस्टर को चस्पा कराया है. प्रचार के लिए पोस्टर लेखन में अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. बताया कि आरोपित डॉक्टर के डिग्री व क्लीनिक की जांच कराई जाएगी. उधर, दूसरी तरफ लोगों का आरोप है कि पोस्टर में अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करने से उसे पढ़कर लोग आकर्षित होते हैं. पोस्टर पर तथाकथित डॉक्टर अपना मोबाइल नंबर भी लिखता है. उस नंबर से ही लोग उससे संपर्क करते हैं. फिर उन्हें निर्धारित तिथि को अपने क्लीनिक में बुला कर इलाज के नाम पर उगाही करता है.



