वाराणसी में सावन भर प्रोटोकाल दर्शन बंद, दर्शन के लिए इस बार व्यवस्था में बदलाव...

वाराणसी : सावन में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए बड़े फैसले लिए गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के दर्शन के लिए अलग द्वार की व्यवस्था की जाए. काशी के लोग रोजाना सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक गेट नंबर चार से दर्शन कर सकेंगे. यह व्यवस्था पहली बार हुई है. सावन की तैयारियों के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर, जिला, सीआरपीएफ और पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक में इन फैसलों से पूर्व मंथन किया गया. इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था और यातायात सहित 50 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई. सावन भर वीआईपी-प्रोटोकॉल दर्शन बंद रहेंगे.
प्रवेश और निकासी के लिए सात द्वार
प्रवेश और निकासी के लिए सात द्वार होंगे. बाबा के पांच विशेष शृंगार होंगे. सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा. मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में ये फैसला लिया गया कि सावन में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी तरह की सिफारिश व विशेष अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा. श्रद्धालुओं से सिर्फ सामान्य कतार में ही दर्शन करने की अपील की गई है. धाम में पांच जगहों पर खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे. सुरक्षा के चलते सभी बिजली के उपकरणों, सीसीटीवी का सुचारू रूप से संचालन होगा. धाम के बाहर गलियों में लटकते बिजली के तारों को ऊपर करने के निर्देश दिए गए हैं. ज्यादा भीड़ को देखते हुए इस बार भी सावन में निशुल्क बैगेज काउंटर बंद किए जाएंगे. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने सामान होटल या घर में ही छोड़कर आएं.
प्रतिबंधित सामान जैसे पेन, मोबाइल, कैमरे, डिजिटल वॉच आदि को लेकर प्रवेश नहीं मिलेगा.
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम परिसर में ठंडा पानी, इलाज, ओआरएस, इंडस्ट्रियल एयर कूलर, साफ-सफाई, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कई इंतजाम किए जा रहे हैं. जिग-जैग बैरिकेडिंग को और बेहतर बनाया जा रहा है.
ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्था
जो श्रद्धालु धाम तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए पूरे सावन भर बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा रहेगी. मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई के माध्यमों पर दर्शन का सीधा प्रसारण किया जाएगा.
प्रवेश के होंगे ये सात रास्ते
गेट नंबर चार, काशी द्वार मार्ग 4बी, नंदू फारिया प्रवेश मार्ग, सिल्को प्रवेश मार्ग, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग, सरस्वती फाटक प्रवेश मार्ग, भैरव द्वार प्रवेश मार्ग (मंदिर घाट की तरफ से. धाम में इन सभी द्वारों से दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश मार्ग खुला रहेगा. यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो फिर घाट से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है.
पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने वालों के झांसे में न आएं
सावन में आम कतारों में दर्शन-पूजन कराए जाएंगे. विशेष दर्शन की अपील स्वीकार्य नहीं होगी. किसी प्रलोभन या बहकावे में न आएं. कोई प्रोटोकॉल अनुरोध न भेजें. किसी भी प्रकार के दलालों के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर पैसा मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस या मंदिर कर्मी को सूचित करें.
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निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा
बूढ़ों, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी. पांच केंद्रों पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे. सुरक्षा बल के अतिरिक्त सहायता कर्मी भी तैनात रहेंगे.
शंकराचार्य चौक
गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार)
गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक)
गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग)
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट



