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वाराणसी में सावन भर प्रोटोकाल दर्शन बंद, दर्शन के लिए इस बार व्‍यवस्‍था में बदलाव...

वाराणसी में सावन भर प्रोटोकाल दर्शन बंद, दर्शन के लिए इस बार व्‍यवस्‍था में बदलाव...
Jul 08, 2026, 08:49 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : सावन में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए बड़े फैसले लिए गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में काशीवासियों के दर्शन के लिए अलग द्वार की व्यवस्था की जाए. काशी के लोग रोजाना सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक गेट नंबर चार से दर्शन कर सकेंगे. यह व्यवस्था पहली बार हुई है. सावन की तैयारियों के मद्देनजर श्री काशी विश्वनाथ धाम में मंदिर, जिला, सीआरपीएफ और पुलिस प्रशासन की उच्च स्तरीय बैठक में इन फैसलों से पूर्व मंथन किया गया. इसमें श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा व्यवस्था और यातायात सहित 50 से ज्यादा मुद्दों पर चर्चा हुई. सावन भर वीआईपी-प्रोटोकॉल दर्शन बंद रहेंगे.


प्रवेश और निकासी के लिए सात द्वार


प्रवेश और निकासी के लिए सात द्वार होंगे. बाबा के पांच विशेष शृंगार होंगे. सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा. मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अध्यक्षता में ये फैसला लिया गया कि सावन में वीआईपी और प्रोटोकॉल दर्शन प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी तरह की सिफारिश व विशेष अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा. श्रद्धालुओं से सिर्फ सामान्य कतार में ही दर्शन करने की अपील की गई है. धाम में पांच जगहों पर खोया-पाया केंद्र बनाए जाएंगे. सुरक्षा के चलते सभी बिजली के उपकरणों, सीसीटीवी का सुचारू रूप से संचालन होगा. धाम के बाहर गलियों में लटकते बिजली के तारों को ऊपर करने के निर्देश दिए गए हैं. ज्यादा भीड़ को देखते हुए इस बार भी सावन में निशुल्क बैगेज काउंटर बंद किए जाएंगे. श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अपने सामान होटल या घर में ही छोड़कर आएं.


प्रतिबंधित सामान जैसे पेन, मोबाइल, कैमरे, डिजिटल वॉच आदि को लेकर प्रवेश नहीं मिलेगा.

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धाम परिसर में ठंडा पानी, इलाज, ओआरएस, इंडस्ट्रियल एयर कूलर, साफ-सफाई, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कई इंतजाम किए जा रहे हैं. जिग-जैग बैरिकेडिंग को और बेहतर बनाया जा रहा है.


ऑनलाइन दर्शन की भी व्यवस्था


जो श्रद्धालु धाम तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए पूरे सावन भर बाबा विश्वनाथ के लाइव दर्शन की सुविधा रहेगी. मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट, आधिकारिक यूट्यूब चैनल और टाटा स्काई के माध्यमों पर दर्शन का सीधा प्रसारण किया जाएगा.


प्रवेश के होंगे ये सात रास्ते


गेट नंबर चार, काशी द्वार मार्ग 4बी, नंदू फारिया प्रवेश मार्ग, सिल्को प्रवेश मार्ग, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग, सरस्वती फाटक प्रवेश मार्ग, भैरव द्वार प्रवेश मार्ग (मंदिर घाट की तरफ से. धाम में इन सभी द्वारों से दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश मार्ग खुला रहेगा. यदि गंगा का जलस्तर बढ़ा तो फिर घाट से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है.


पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने वालों के झांसे में न आएं


सावन में आम कतारों में दर्शन-पूजन कराए जाएंगे. विशेष दर्शन की अपील स्वीकार्य नहीं होगी. किसी प्रलोभन या बहकावे में न आएं. कोई प्रोटोकॉल अनुरोध न भेजें. किसी भी प्रकार के दलालों के झांसे में न आएं. यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर पैसा मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है तो तत्काल नजदीकी पुलिस या मंदिर कर्मी को सूचित करें.


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निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा


बूढ़ों, दिव्यांग और अशक्त श्रद्धालुओं के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क गोल्फ कार्ट और ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी. पांच केंद्रों पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे. सुरक्षा बल के अतिरिक्त सहायता कर्मी भी तैनात रहेंगे.

शंकराचार्य चौक

गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार)

गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक)

गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग)

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर घाट

काशी विद्यापीठ में बीएससी बायो ग्रुप के अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग दो दिन होगी...
काशी विद्यापीठ में बीएससी बायो ग्रुप के अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग दो दिन होगी...
वाराणसीः महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ मुख्य परिसर में सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश काउन्सिलिंग के क्रम में बीएससी बायो ग्रुप के अभ्यर्थियों की काउन्सिलिंग 9-10 जुलाई को होनी है. ऐसे अभ्यर्थी जिनको ई-मेल पर लिंक भेजा गया है वे गेट पास के साथ अपने मूल प्रमाण पत्रों, सभी की एक सेट फोटो स्टेट, स्वयं की दो फोटो अपनी कटेगरी का अद्यतन प्रमाण पत्र सुबह वाणिज्य एवं प्रबन्ध शास्त्र संकाय पर काउन्सिलिंग के लिए उपस्थित होगें. मेरिट सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड है, अभ्यर्थी उसको देखकर गेट पास डाउनलोड कर सकते हैं.वहीं बुधवार को बीएससी गणित में 21 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया. इस तरह बीएससी गणित में अब तक 218 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं और आनलाइन शुल्क जमा कर सकते हैं. प्रवेश सेल के उप समन्वयक प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने बताया कि शुल्क जमा करने के बाद नव प्रवेशित विद्यार्थियों को परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड काउन्सिलिंग स्थल पर ही जारी किया गया.ALSO READ:BHU के लचर व्यवस्था के आगे लाचार दिखे मरीज व परिजन, इलाज के लिए दिनभर करना पड़ रहा इंतजार...अभ्यर्थियों को काउन्सिलिंग के बाद निर्धारित शुल्क उसी दिन आनलाइन (पेटीएम, गूगल पे, डेबिट कार्ड, यूपीआई आदि) के द्वारा जमा करना अनिवार्य होगा. प्रवेश से सम्बन्धित किसी भी जानकारी के लिये अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें क्योंकि प्रवेश काउन्सिलिंग से सम्बन्धित सूचना ईमेल या एसएमएस के माध्यम से मात्र दी जाएगी. नए सत्र में प्रवेश शुरू होने के साथ परिसर में चहल-पहल बढ़ गई है. जहां नए विद्यार्थी अलग—अलग कोर्स में प्रवेश के लिए आ रहे हैं वहीं पहले से प्रवेश ले चुके विद्यार्थियों ने अपनी क्लास शुरू कर दी है.
BHU के लचर व्यवस्था के आगे लाचार दिखे मरीज व परिजन, इलाज के लिए दिनभर करना पड़ रहा इंतजार...
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वाराणसी: पूर्वांचल के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थानों में शुमार काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) अस्पताल में मरीजों को इलाज से ज्यादा अव्यवस्थाओं से जूझना पड़ रहा है. सुबह ओपीडी खुलने के साथ ही अस्पताल परिसर में मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लग गईं. सुबह से ही सैकड़ों लोग पंजीकरण और डॉक्टर से परामर्श, दवा वितरण और अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के लिए अपनी नंबर का इंतजार करते दिखाई दिए.बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए दूर-दराज के जिलों से मरीज बड़ी उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, लेकिन यहां की व्यवस्थाएं उनकी परेशानियों को और बढ़ा रही हैं. मरीजों का कहना है कि डॉक्टर तक पहुंचने में ही कई घंटे बीत जाते हैं. इसके बाद दवा प्राप्त करने के लिए अलग से लंबी कतार में लगना पड़ता है. दवा मिलने के बाद उसे किस प्रकार खाना है, इसकी जानकारी लेने के लिए भी मरीजों को अलग लाइन में खड़ा होना पड़ता है. पूरी प्रक्रिया में मरीजों का लगभग पूरा दिन अस्पताल में ही लग जाता है.अस्पताल परिसर में घंटों तक खड़े रहने को मजबूर मरीजों की हालत और खराब हो रही है. कई मरीज कमजोरी, थकान और चक्कर आने जैसी समस्याओं से जूझते दिखाई दिए. सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आए परिजनों को उठानी पड़ रही है.वही सुमित्रा देवी ने बताया कि वह सुबह करीब आठ बजे अस्पताल पहुंची थीं, लेकिन उनका नंबर दोपहर करीब एक बजे आया. इसके बाद दवा लेने के लिए उन्हें लगभग दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा. उन्होंने कहा कि अस्पताल में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. सीमित संख्या में लगी कुर्सियां मरीजों की संख्या के सामने बेहद कम साबित हो रही हैं. ऐसे में अधिकांश लोगों को घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है.अस्पताल पहुंचे कई अन्य मरीजों और परिजनों ने भी व्यवस्था को लेकर नाराजगी जाहिर की, उनका कहना था कि बीएचयू जैसे बड़े चिकित्सा संस्थान में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हो पाया है. दवा वितरण काउंटरों की संख्या कम होने के कारण लोगों को लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है.ALSO READ:₹24.34 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी साधोगंज-भिटी सड़क, विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया भूमिपूजन...मरीजों के साथ आए देवेन्द्र का कहना है कि अस्पताल परिसर में पर्याप्त पेयजल, बैठने की सुविधा और अतिरिक्त दवा काउंटर की आवश्यकता है, उनका कहना है कि यदि किसी मरीज को जांच कराने की सलाह दी जाती है तो कई बार जांच की तारीख एक सप्ताह या उससे भी अधिक समय बाद की मिलती है. इससे मरीजों को बार-बार अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ जाती है.वही मरीज के परिजन राहुल ने कहा कि पूर्वांचल और आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोग बीएचयू अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं. ऐसे में यहां की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुगम तथा व्यवस्थित बनाने की जरूरत है. उनका मानना है कि अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त चिकित्सा कर्मियों की तैनाती, दवा वितरण काउंटरों की संख्या में वृद्धि और वेटिंग रूम की बेहतर व्यवस्था की जानी चाहिए.
₹24.34 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी साधोगंज-भिटी सड़क, विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया भूमिपूजन...
₹24.34 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी साधोगंज-भिटी सड़क, विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया भूमिपूजन...
वाराणसी: पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने साधोगंज-भिटी मार्ग से दादूपुर महिमापुर होते हुए चौरघटापुल साईपुर चौराहे तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 24.34 करोड़ रुपये (₹2434.78 लाख) की लागत से बनने वाली यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति देगी.यह सड़क परियोजना लगभग 9.60 किलोमीटर लंबी है भूमिपूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि पिंडरा के समग्र विकास की मजबूत नींव है. उन्होंने कहा कि सड़क के चौड़ीकरण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में पिंडरा विधानसभा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नई विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी.also read:पुलिस कमिश्नर ने पेंशनर्स की समस्याएं सुनीं, दो सप्ताह में निस्तारण के दिए निर्देश...भूमिपूजन कार्यक्रम में भाजपा के जिला महामंत्री जे.पी. दूबे, पूर्व प्रमुख सतेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष पवन सिंह, मीडिया प्रभारी अभिषेक राजपूत, जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल पटेल, मंडल अध्यक्ष आशीष सिंह, अरविंद मिश्रा, अजय पटेल, कन्हैया पटेल, दीपक सिंह, मुरारी सिंह, रोलू सिंह, सुरेंद्र प्रताप गौतम, अवर अभियंता मनोज कुमार, विकास विश्वकर्मा, विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे.कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर खुशी जताते हुए विधायक का आभार व्यक्त किया. स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद साधोगंज-भिटी मार्ग क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़क के रूप में विकसित होगा और पिंडरा विधानसभा के विकास को नई दिशा मिलेगी.