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₹24.34 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी साधोगंज-भिटी सड़क, विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया भूमिपूजन...

₹24.34 करोड़ की लागत से चौड़ी होगी साधोगंज-भिटी सड़क, विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने किया भूमिपूजन...
Jul 09, 2026, 05:26 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी: पिंडरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने साधोगंज-भिटी मार्ग से दादूपुर महिमापुर होते हुए चौरघटापुल साईपुर चौराहे तक सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। करीब 24.34 करोड़ रुपये (₹2434.78 लाख) की लागत से बनने वाली यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति देगी.


यह सड़क परियोजना लगभग 9.60 किलोमीटर लंबी है भूमिपूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. अवधेश सिंह ने कहा कि यह केवल सड़क निर्माण का कार्य नहीं, बल्कि पिंडरा के समग्र विकास की मजबूत नींव है. उन्होंने कहा कि सड़क के चौड़ीकरण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में सुविधा मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा विद्यार्थियों के लिए स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना आसान होगा तथा सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है.


विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार के नेतृत्व में पिंडरा विधानसभा में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन समेत विभिन्न क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनहित को प्राथमिकता देते हुए भविष्य में भी क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नई विकास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी.


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भूमिपूजन कार्यक्रम में भाजपा के जिला महामंत्री जे.पी. दूबे, पूर्व प्रमुख सतेंद्र सिंह, जिला उपाध्यक्ष पवन सिंह, मीडिया प्रभारी अभिषेक राजपूत, जिला पंचायत सदस्य छोटेलाल पटेल, मंडल अध्यक्ष आशीष सिंह, अरविंद मिश्रा, अजय पटेल, कन्हैया पटेल, दीपक सिंह, मुरारी सिंह, रोलू सिंह, सुरेंद्र प्रताप गौतम, अवर अभियंता मनोज कुमार, विकास विश्वकर्मा, विशाल चौरसिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे.


कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य शुरू होने पर खुशी जताते हुए विधायक का आभार व्यक्त किया. स्थानीय लोगों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद साधोगंज-भिटी मार्ग क्षेत्र की प्रमुख संपर्क सड़क के रूप में विकसित होगा और पिंडरा विधानसभा के विकास को नई दिशा मिलेगी.

काशी के कोतवाल ने किया नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
काशी के कोतवाल ने किया नगर भ्रमण, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब
वाराणसी : धर्म, अध्यात्म और सनातन संस्कृति की विश्व राजधानी काशी ने गुरुवार को एक बार फिर उस दिव्य क्षण का साक्षात्कार किया, जब काशी के कोतवाल, न्याय एवं धर्म के अधिष्ठाता भगवान श्री काल भैरव स्वयं अपने भक्तों को दर्शन एवं आशीर्वाद देने नगर भ्रमण पर निकले. जैसे ही स्वर्णिम रथ पर विराजमान बाबा श्री काल भैरव की स्वर्ण-रजत पंचबदन प्रतिमा ने नगर भ्रमण प्रारंभ किया, "हर-हर महादेव" और "जय बाबा काल भैरव" के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा. श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर बाबा का स्वागत किया और विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि तथा जनकल्याण की मंगलकामना की.72 साल से निभा रहे परंपरासन् 1954 से चली आ रही इस ऐतिहासिक एवं गौरवशाली परंपरा के अंतर्गत स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी, वाराणसी द्वारा आयोजित 72वीं भव्य शोभायात्रा में पूर्वांचल सहित काशी के हजारों श्रद्धालु, स्वर्णकार समाज के सभी संस्थाओं के पदाधिकारी, संत-महात्मा, पीठाधीश्वर, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि श्रद्धा और भक्ति के साथ सम्मिलित हुए. धार्मिक उल्लास, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण इस आयोजन ने काशी की प्राचीन परंपरा और स्वर्णकार समाज की धार्मिक एवं सामाजिक एकरूपता का प्रभावशाली परिचय दिया.चौखंभा स्थित काठ की हवेली से वैदिक मंत्रोच्चार, अनवरत शंखनाद और डमरुओं की दिव्य ध्वनि के बीच अध्यक्ष घनश्याम सेठ 'बच्चा', महामंत्री राजू वर्मा, कोषाध्यक्ष विक्रम सिंह, शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा एवं कमेटी के पदाधिकारियों ने भगवान की विधिवत आरती उतारकर शोभायात्रा का शुभारंभ किया. शोभायात्रा में सबसे आगे धर्मध्वजाएं लिए श्रद्धालु चल रहे थे. उनके पीछे ताशा - बाजा, पाइप बैंड, 11 छत्रधारी अश्वों पर सवार देवस्वरूप, आकर्षक धार्मिक झांकियां तथा भगवान राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती, मां काली, मां दुर्गा और श्रीहनुमान के सजीव स्वरूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रहे थे. माता वैष्णो देवी तथा गोविंदेश्वर महादेव की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जबकि डमरुओं की गूंज और शहनाई की मधुर स्वर लहरियों ने वातावरण को पूर्णतः शिवमय बना दिया. न्यू इवेंट प्लानर की टीम द्वारा प्रस्तुत भजनों ने पूरे मार्ग को भक्तिरस में सराबोर कर दिया.शोभायात्रा के दौरान कमेटी के संस्थापक स्वर्गीय किशुनदास जी एवं स्वर्गीय भिखू सेठ जी की सुसज्जित झांकी श्रद्धांजलि स्वरूप साथ चल रही थी. मार्ग भर श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया. रास्ते में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं ने पुष्पवर्षा, आरती एवं शीतल पेय सेवा के माध्यम से बाबा का भव्य स्वागत किया. कमेटी के सभी पदाधिकारी पारंपरिक केसरिया पगड़ी में सनातन संस्कृति की गरिमा का संदेश देते हुए शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे थे.यह भव्य शोभायात्रा अपने पारंपरिक मार्ग चौखंभा, बीबीहटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, ठठेरी बाजार, सोराकुआं एवं गोलघर होते हुए श्री काल भैरव मंदिर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा की भव्य महाआरती संपन्न हुई तथा प्रतिमा को पुनः मंदिर में प्रतिष्ठित किया गया.शोभायात्रा के पूर्व कमेटी के संरक्षक श्याम सुंदर सिंह के नेतृत्व में अनुज गौतम, संदीप सेठ, जितेंद्र सेठ, संजय सेठ, महेश सिंह आदि ने रथ को तैयार किया. शोभायात्रा के संचालन व्यवस्था में शोभायात्रा मंत्री जनार्दन वर्मा के साथ नागरिक सुरक्षा कोतवाली प्रखंड के स्वयंसेवक वाकी टाकी लेकर कमेटी के पदाधिकारी के साथ कुशल व व्यवस्थित सहयोग किया. सूचना मंत्री संदीप सेठ के नेतृत्व में 15 सदस्य दल रथ खींच रहे थे. मीडिया संयोजक डॉ. कैलाश सिंह विकास एवं किशोर कुमार सेठ ने बताया कि बाबा श्री काल भैरव की यह शोभायात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक चेतना और लोककल्याण का विराट उत्सव है. बाबा से विश्व में शांति, भारत की निरंतर उन्नति, समाज की समृद्धि तथा प्रत्येक परिवार के सुख, समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की गई.ALSO READ: सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी सपा, भूख हड़ताल पर बैठे नेता और कार्यकर्ताजनप्रतिनिधि व विशिष्ट जन रहे उपस्थितआयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉक्टर दयाशंकर मिश्र "दयालु", विधायक व पूर्व मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, पाषर्द संजय विश्वंभरी, मनोज यादव, कनकलता मिश्रा, पूर्व पाषर्द बृजकिशोर दास, रविशंकर सिंह, अशोक सेठ, किशोर सेठ, मनोज सिंह, मनोज सिंह आदि मौजूद रहे. इन अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर इनका अभिनंदन किया गया. ईश्वर दयाल सिंह सेठ, महामृत्युंजय मंदिर महंत किशन दीक्षित, शिव गोपाल सर्राफ, कमलेश चंद्र वर्मा, राकेश वर्मा, सुमित वर्मा चंदू, सत्यनारायण सेठ, विजय चौधरी, अन्ना मोरे, संतोष पाटिल आदि भी मौजूद रहे.
सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी सपा, भूख हड़ताल पर बैठे नेता और कार्यकर्ता
सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरी सपा, भूख हड़ताल पर बैठे नेता और कार्यकर्ता
वाराणसी : देश में लगातार हो रहे पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे इंजीनियर व शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को अब राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी बड़ा समर्थन मिलने लगा है. इसी क्रम में गुरुवार, 16 जुलाई को वाराणसी के जिला मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट पर बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी (महानगर एवं जिला) के तत्वावधान में एक दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया गया. इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और पेपर लीक के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर आवाज बुलंद की.भूख हड़ताल में विशेष रूप से शामिल हुए समाजवादी पार्टी के वाराणसी जिला अध्यक्ष सुजीत यादव "लक्कड़ पहलवान" ने सरकार पर तीखा हमला बोला. मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "सोनम वांगचुक जी को दिल्ली में भूख हड़ताल पर बैठे लगभग 19 दिन हो चुके हैं. समाजवादी पार्टी देश के भविष्य और छात्रों के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ उनके साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ी है. हम तुरंत केंद्रीय शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग करते हैं।"उन्होंने आगे प्रदेश सरकार को भी घेरते हुए आरोप लगाया कि यूपी में जाति देखकर एनकाउंटर किए जा रहे हैं और नौकरियां दी जा रही हैं. मुख्यमंत्री केवल गरीबों के घर उजाड़ने में माहिर हैं, वे किसी का घर बसा नहीं पा रहे.युवाओं के भविष्य के साथ हो रहा है खिलवाड़कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे महानगर अध्यक्ष अमन यादव और जिला अध्यक्ष जितेंद्र यादव (मलिक) ने संयुक्त रूप से कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं देश के करोड़ों छात्र-छात्राओं के सपनों को तोड़ रही हैं. सरकार को इस पर अपनी जवाबदेही तय करनी ही होगी. सोनम वांगचुक जी बिना किसी हिंसा के, लोकतांत्रिक तरीके से देश के युवाओं की बात रख रहे हैं. अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन को पूरे उत्तर प्रदेश में और भी व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा.ALSO READ: काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालुशास्त्री घाट पर आयोजित इस एक दिवसीय अनशन में संदीप मिश्रा सहित बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के तमाम पदाधिकारी, समाजवादी पार्टी की मुख्य इकाई के वरिष्ठ नेता, बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र-युवा शामिल हुए. अनशन के अंत में सभी ने एक सुर में संकल्प लिया कि जब तक देश के छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और सोनम वांगचुक की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे.
काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
काशी में नई व्‍यवस्‍था के संग भगवान जगन्नाथ रथयात्रा मेले का शुभारंभ, उमड़े श्रद्धालु
वाराणसी : महादेव की नगरी काशी में भक्तिमय वातावरण के बीच गुरुवार की सुबह भगवान जगन्नाथ की तीन दिवसीय ऐतिहासिक रथयात्रा मेले का शुभारंभ हुआ. नई व्‍यवस्‍था के साथ तड़के सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा. भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पीतांबरी श्रृंगार किया गया. इसके बाद संपन्न हुई मंगला आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की कामना की. सुबह लगभग पांच बजे विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. जैसे ही दर्शन शुरू हुए, मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर भक्तों की लंबी कतार दिखाई देने लगीं. पूरे क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भक्ति गीतों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया.इस बार लगभग पांच किलोमीटर की रथयात्राइस वर्ष की रथयात्रा लगभग पांच किलोमीटर के निर्धारित मार्ग से होकर निकलेगी. भगवान को पारंपरिक रूप से 56 प्रकार के व्यंजनों का विशेष भोग अर्पित किया गया. दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में नानखटाई और तुलसी दल वितरित किए गए. भक्तों ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की मंगलकामना की. करीब दो किलोमीटर तक फैले मेले में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली. धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों पर भी लोगों की अच्छी खासी भीड़ रही. दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल हुए.पहली बार बैरिकेडिंग से व्यवस्थित हुई दर्शन व्यवस्थाश्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस बार प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने विशेष इंतजाम किए हैं. पहली बार दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बैरिकेडिंग की गई है. श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं, जिससे भीड़ नियंत्रण में काफी सुविधा मिल रही है और दर्शन भी सुचारु रूप से संपन्न हो रहे हैं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन थाना क्षेत्रों की पुलिस बल तैनात की गई है. इसके अलावा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है. इस दौरान अतिक्रमण करने वालों को हिदायत भी दी गई.नानखटाई बनी मेले का प्रमुख आकर्षणकाशी की जगन्नाथ रथयात्रा केवल धार्मिक महत्व ही नहीं रखती, बल्कि अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है. इस मेले में भगवान को नानखटाई का भोग लगाने की वर्षों पुरानी परंपरा है. यही कारण है कि मेले के दौरान इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. रथयात्रा मार्ग पर जगह-जगह नानखटाई के आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं, जहां विभिन्न स्वाद और आकार की नानखटाई उपलब्ध है. श्रद्धालु प्रसाद के रूप में इसे खरीदने के साथ-साथ अपने परिजनों और मित्रों के लिए भी बड़ी मात्रा में इसकी खरीदारी कर रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार रथयात्रा के तीन दिनों में नानखटाई की बिक्री सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक हो जाती है.ALSO READ: कंक्रीट मिक्सर की चपेट में आने से साइकिल सवार व्‍यक्ति की मौत, चालक वाहन समेत फरारमंगला आरती में शामिल हुए ट्रस्ट अध्यक्षजगन्नाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह भी अपने परिवार के साथ मंगला आरती में शामिल हुए. उन्होंने भगवान जगन्नाथ का पूजन कर प्रदेश और देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि काशी में भगवान जगन्नाथ की दिव्य मंगला आरती में सम्मिलित होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का विषय है. उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय रथयात्रा मेला 16, 17 और 18 जुलाई तक आयोजित किया जा रहा है तथा सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित मेले में पहुंचकर भगवान के दर्शन करने और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की. वाराणसी की ऐतिहासिक जगन्नाथ रथयात्रा हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती है.