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दालमंडी में पोकलैंड से जर्जर मकानों का मलबा हटाना शुरू, भवनों को खाली कराने की हुई मुनादी...

दालमंडी में पोकलैंड से जर्जर मकानों का मलबा हटाना शुरू, भवनों को खाली कराने की हुई मुनादी...
Jun 09, 2026, 10:45 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : दालमंडी चौड़ीकरण अभियान ने अब रफ्तार पकड़ ली है. मंगलवार सुबह से ही पीडब्ल्यूडी ने क्षेत्र में पोकलैंड मशीन से जर्जर मकानों का मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. मशीन लगने के बाद ध्वस्तीकरण का कार्य और तेज होगा. माना जा रहा है क‍ि ध्‍वस्‍तीकरण का काम जल्‍द पूरा हो जाएगा और अब सड़क चौड़करण पर अध‍िक जोर रहेगा.


पीडब्ल्यूडी ने लाउडस्‍पीकर से मुनादी कराकर लोगों से भवनों को तत्काल खाली करने की अपील की है. विभाग के मुताबिक दोनों दिनों बाद पीडब्ल्यूडी क्रय किए गए नए भवनों को जमींदोज करेगा. इन सभी भवनों की नापी कराकर लाल निशान पहले ही लगाया जा चुका है.


दालमंडी क्षेत्र में चल रहे चौड़ीकरण अभियान के तहत जर्जर भवनों को हटाने का कार्य प्रारंभ हो गया है. यह कार्य वाराणसी के विकास के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे यातायात की समस्या को हल करने में मदद मिलेगी. पीडब्ल्यूडी द्वारा पोकलैंड मशीन का उपयोग कर मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिससे ध्वस्तीकरण का कार्य तेजी से किया जा सकेगा.


इस अभियान के तहत, पीडब्ल्यूडी ने स्थानीय निवासियों को सूचित करने के लिए मुनादी कराई है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी निवासियों को अपने भवनों को तुरंत खाली करना होगा. यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ध्वस्तीकरण का कार्य बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके.


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पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि जर्जर भवनों की पहचान पहले ही कर ली गई थी और इन भवनों पर लाल निशान लगा दिए गए थे. इसके बाद अब मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया है. विभाग ने यह भी बताया कि अगले कुछ दिनों में नए भवनों को जमींदोज करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी.


स्थानीय निवासियों को यह सलाह दी गई है कि वे अपने भवनों को खाली करने में देरी न करें, क्योंकि ध्वस्तीकरण का कार्य जल्द ही प्रारंभ होगा. पीडब्ल्यूडी ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार और सुरक्षित तरीके से की जाएंगी, ताकि‍ मानसून के पूर्व ही चौड़ीकरण के ल‍िए काम लगभग पूरा हो जाए.

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजन
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर वाराणसी में होगा 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम, दो स्‍थानों पर आयोजन
वाराणसी : राष्ट्रीय खेल दिवस-2026 के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा “खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात, प्रधानमंत्री के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को खेल, फिटनेस, प्रतिभा विकास एवं राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ना तथा खेल क्षेत्र में देश की प्रगति एवं भविष्य की संभावनाओं पर युवाओं के साथ संवाद स्थापित करना है. वाराणसी में यह कार्यक्रम 27 अगस्त 2026 को दो स्थानों पर आयोजित किया जाएगा. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP), वाराणसी तथा धीरेंद्र महिला पी.जी. कॉलेज, वाराणसी में कार्यक्रम आयोजित होंगे. दोनों स्थलों पर युवाओं एवं विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी तथा माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का लाइव प्रसारण किया जाएगा.प्रधानमंत्री के संबोधन के उपरांत स्थानीय स्तर पर “युवा संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें जनपद के सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि, स्थानीय खेल प्रतिभाएं तथा युवा प्रतिभागी शामिल होंगे. जनप्रतिनिधियों द्वारा युवाओं को संबोधित करने के साथ-साथ खेल एवं युवा विकास से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए जाएंगे. कार्यक्रम में स्थानीय खेल प्रतिभाओं के साथ संवाद भी किया जाएगा.युवाओं के विचारों और सुझावों को मिलेगा मंच“खेलो इंडिया संवाद” का महत्वपूर्ण पक्ष युवा संवाद है, जिसके माध्यम से युवाओं को देश के खेल इकोसिस्टम, खेल प्रतिभाओं के विकास, युवा नेतृत्व तथा विकसित भारत के निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार और सुझाव रखने का अवसर मिलेगा. युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों को निर्धारित माध्यम से संकलित कर आगे प्रेषित किया जाएगा.युवा संवाद के प्रमुख विषयों में देश के खेल इकोसिस्टम को बेहतर बनाना, 2036 ओलंपिक के लिए खेल प्रतिभाओं को तैयार करना, युवा नेतृत्व एवं शासन में युवाओं की भागीदारी तथा विकसित भारत के लिए युवाओं का सशक्तिकरण शामिल हैं.कार्यक्रम के दौरान युवाओं को MY Bharat पोर्टल से जुड़ने एवं पंजीकरण के लिए भी प्रेरित किया जाएगा. साथ ही युवाओं से डिजिटल माध्यम से सुझाव प्राप्त करने के लिए MY Bharat Suggestions Box का QR Code उपलब्ध कराया जाएगा तथा Viksit Bharat Young Leaders Dialogue (VBYLD) 2027 Quiz के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी.ALSO READ : एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरीउप निदेशक, मेरा युवा भारत, वाराणसी ने कहा कि “खेलो इंडिया संवाद युवाओं को खेल क्षेत्र में देश की उपलब्धियों, भविष्य की संभावनाओं और खेलों में उनके योगदान से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है. खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है. इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं कीआकांक्षाओं और सुझावों को सुनने तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.”उन्होंने युवाओं एवं विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में सहभागिता करने तथा खेल, फिटनेस और विकसित भारत के निर्माण से जुड़े अपने विचार एवं सुझाव साझा करने की अपील की.
एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी
एक हाथ नहीं, फिर भी आस्था-जुनून बरकरार; 9 साल से कांवड़ लेकर बाबा के दरबार में हाजिरी
वाराणसी:काशी विश्वनाथ धाम में सावन के अंतिम सोमवार को आस्था और जज्बे की ऐसी तस्वीर देखने को मिली, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया.बहराइच से आए श्रादुल वर्मा एक हाथ से कांवड़ उठाकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे.वर्ष 1995 में एक दुर्घटना में उनका एक हाथ चला गया, लेकिन बाबा के प्रति उनकी आस्था और श्रद्धा आज भी उतनी ही मजबूत है.श्रादुल वर्मा बताते हैं कि करीब नौ साल पहले उन्होंने बाबा विश्वनाथ से एक मन्नत मांगी थी.उनकी इच्छा थी कि उन्हें पुत्री रत्न की प्राप्ति हो. मन्नत पूरी होने के बाद उन्होंने सावन में देवघर से कांवड़ लेकर काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया. इसके बाद से हर सावन बाबा के दरबार में जल चढ़ाना उनके जीवन का संकल्प बन गया. पिछले नौ वर्षों से वह लगातार काशी आकर बाबा का जलाभिषेक कर रहे हैं.एक हाथ से कांवड़ उठाकर बाबा के दरबार तक पहुंचना उनके लिए भले ही चुनौती हो, लेकिन उनका विश्वास है,कि यह सब बाबा की कृपा से संभव हो रहा है. श्रादुल कहते हैं कि बाबा शक्ति देते हैं, इसलिए कांवड़ उठाने और जलाभिषेक करने में किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती. उनके लिए यह सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि बाबा के प्रति कृतज्ञता और अटूट विश्वास का प्रतीक है.श्रादुल का कहना है,कि नौ साल में काशी काफी बदल गई है.पहले की तुलना में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर हुई हैं, और प्रशासन की व्यवस्थाएं भी अच्छी हुई हैं.अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन भी पहले के मुकाबले जल्दी हो जाते हैं.ALSO READ : आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षणएक हाथ का सहारा कम हुआ तो क्या, बाबा पर विश्वास का सहारा कभी कम नहीं हुआ. यही विश्वास और जज्बा श्रादुल वर्मा को हर सावन काशी खींच लाता है और वह पूरी श्रद्धा के साथ बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित कर अपना संकल्प निभाते हैं.
आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षण
आरोग्य मेले की व्यवस्था का टीम ने किया निरीक्षण
वाराणसी : जिले में आयोजित होने वाले आरोग्य मेले की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को मेला स्थल का निरीक्षण किया, टीम ने मेले में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान पंजीकरण काउंटर, चिकित्सकीय जांच, दवा वितरण, पेयजल, साफ-सफाई, बैठने की व्यवस्था और बिजली सहित अन्य तैयारियों को देखा गया.अधिकारियों ने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो. जांच और पंजीकरण की प्रक्रिया व्यवस्थित रखने के साथ ही आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया, भीड़ को देखते हुए अलग-अलग काउंटर बनाने और मरीजों को सही जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.टीम ने साफ-सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से परखा और मेला परिसर में नियमित सफाई कराने के निर्देश दिए, स्वास्थ्य कर्मियों को समय से ड्यूटी स्थल पर पहुंचने तथा मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने के लिए कहा गया. अधिकारियों ने कहा कि आरोग्य मेले का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है.ALSO READ : वाराणसी में ‘झीलवाली हिमपुरी’ का अद्भुत नजारा, जलविहार झांकी में राधा-कृष्ण ने मोहा मननिरीक्षण के दौरान टीम ने तैयारियों में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए. संबंधित विभागों से आपसी समन्वय बनाकर सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने को कहा गया. अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि आरोग्य मेले में बड़ी संख्या में लोगों को स्वास्थ्य जांच, परामर्श और उपचार की सुविधा मिलेगी.