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SC का चुनाव आयोग को आदेश, भारतीय नागरिक पाए जाने पर दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल होंगे नाम

SC का चुनाव आयोग को आदेश, भारतीय नागरिक पाए जाने पर दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल होंगे नाम
May 28, 2026, 08:33 AM
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Posted By Preeti Kumari

SC orders Election Commission to include names in voter list again if found to be Indian citizens


देशभर में वोटर लिस्ट से जुड़े मुद्दे काफी दिनों से चर्चांओं में छाए हुए हैं. इसी सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने भी एक बड़ी सुनवाई की है. जहां सुप्रीम कोर्ट ने बिहार की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को सही ठहराया है. ये सुनवाई बीते बुधवार को हुई. जिसमें अदालत ने चुनाव आयोग यानि (EC) को ये निर्देश दिया कि, जिन लोगों के नाम संदिग्ध नागरिकता के आधार पर वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, उनकी सूची चार सप्ताह के अंदर संबंधित सक्षम प्राधिकारी यानि गृह मंत्रालय को भेजी जानी चाहिए. ताकि, नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत उनकी नागरिकता पर एक अहम फैसला जल्द से जल्द लिया जा सके.


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इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश तब सामने आया जब देश में नागरिकता दावों की जांच और सीमाओं की निगरानी के घेरे में बनी हुई है. ऐसे में ये माना जा रहा है कि, चुनाव आयोंग ज्ञानेश कुमार द्वारा जुटाई गई सभी जानकारियां गृह मंत्रालय को उन विदेशी नागरिकों की पहचान करने का एक मात्र जरिया बन सकता है. जो बांग्लादेश से भारत में आकर अवैध रूप से रह रहे हैं. ऐसे लोगों को खिलाफ जल्द से जल्द सख्ती बरतनी चाहिए, भारत देश में अवैध रूप से रहना कोई खतरें से खाली नहीं है. क्योंकि, ऐसे में कभी-कभार आतंकियों का घुसपैठ भी देखने को मिलता है.


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लोगों को अपनी बात रखने का मिलेगा मौका


बता दें कि, चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा, "संबंधित सक्षम प्राधिकारी कानून के अनुसार जरूरी फैसला करेगा. यह फैसला अगली लोकसभा, विधानसभा या फिर होने वाले स्थीनय निकाय चुनाव से पहले लिया जाना ही बेहतर होगा. इसी के साथ ही जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं, उन्हें नोटिस के माध्यम से अपनी बात और राय देने का पूरा का पूरा मौका दिया जाएगा. बेंच ने यह साफ स्पष्ट कर दिया है कि, अगर जांच-पड़ताल के बाद से इससे संबंधित व्यक्तियों की पहचान भारतीय नागरिक के रूप में होती हैं, तो उनके नाम दोबारा से मतदाता लिस्ट में शामिल किए जाने की कार्रवाई होगी.


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कोर्ट ने बिहार में SIR प्रक्रिया को मद्देनजर रखते हुए दायर याचिकाओं पर भी एक बड़ी टिप्पणी की है. जिस पर याचिकाकर्ताओं ने इस प्रक्रिया की आवश्यकता और वैधता पर एक बड़ा सवाल उठाया थे, जिसके जवाब में अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए ये कहा था कि, यह प्रक्रिया 23 साल के लंबे अंतराल के बाद की जा रही है और इसका मकसद सिर्फ और सिर्फ वोटर लिस्ट में मौजूद गंभीर विसंगती जैसे कमियों को दूर करना है. माना कि इतने बड़े स्तर पर की जा रही इस प्रक्रिया में पर्याप्त सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं, इसलिए इसे लेकर किसी भी तरह की मनमानी नहीं की जा सकती हैं.


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SC ने आयोग को दी ये चेतावनी


वोटर सत्यापन के दौरान मांगे जा रहे दस्तावेजों को लेकर उठाए गए सवालों को भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया और कहा कि, दस्तावेजों का वर्गीकरण एक स्पष्ट और तार्किक आधार पर किया गया है, जिसका सीधा संबंध वोटर लिस्ट की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखने से है. हालांकि, SC ने चुनाव आयोग को सावधानी बरतने की भी नसीहत दी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पहले से वोटर लिस्ट में दर्ज नामों के साथ हल्के तरीके से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए और किसी भी संशोधन की प्रक्रिया कानून द्वारा तय नियमों के तहत ही पूरी की जानी चाहिए.


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वरुणा नदी के कायाकल्प का रोडमैप तैयार, रिवरफ्रंट संवारने को VDA-ONGC में समझौता...
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वाराणसी : काशी की सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी वरुणा नदी के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. वरुणा रिवरफ्रंट विकास परियोजना के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) और ओएनजीसी के बीच 260.61 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए. ओएनजीसी अपनी कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) निधि से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का वित्तपोषण करेगी. इससे वरुणा नदी के तटों का सुनियोजित विकास होने के साथ काशी में पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और जनसुविधाओं को नया आयाम मिलेगा.वीडीए सभागार में पिछले दिनों आयोजित कार्यक्रम में वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा और ओएनजीसी के सीएसआर प्रमुख नीरज कुमार बंसल ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना का उद्देश्य वरुणा नदी को केवल स्वच्छ और संरक्षित बनाना ही नहीं, बल्कि इसे आधुनिक रिवरफ्रंट के रूप में विकसित करना भी है. इसके तहत नदी तटों को हरित क्षेत्रों, पैदल पथ, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाओं, सार्वजनिक उपयोग के खुले स्थलों और अन्य आधुनिक शहरी सुविधाओं से विकसित किया जाएगा.परियोजना मंडलायुक्त एवं वीडीए अध्यक्ष एस. राजलिंगम के मार्गदर्शन में तैयार की गई है. वहीं, ओएनजीसी के महाप्रबंधक अटल श्रीवास्तव ने इसे अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. यह परियोजना भारत सरकार के जल निकाय पुनर्जीवन मिशन की अवधारणा के अनुरूप है. इससे जल संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन और सतत शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आधुनिक सुविधाओं से युक्त काशी की परिकल्पना और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नदी संरक्षण एवं शहरी विकास की प्राथमिकताओं को भी गति देगी.नदी तट का विकासपरियोजना के मुख्य उद्देश्य यह परियोजना काशी के शहरी सुंदरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और नदी तट विकास पर केंद्रित है. इसका लक्ष्य पर्यटन संवर्धन और जनसुविधाओं का विस्तार करना भी है. ओएनजीसी सीएसआर से इस परियोजना को वित्तीय सहायता प्रदान करेगी. इसका उद्देश्य वाराणसी को एक आधुनिक, स्वच्छ और हरित नगर के रूप में स्थापित करना है.परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने से लेकर निर्माण कार्य तक सभी चरण तय समयबद्ध योजना के अनुसार पूरे किए जाएंगे.ALSO READ:काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...वरुणा नदी काशी की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है. लंबे समय से इसके संरक्षण और विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी. यह परियोजना नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए उसके किनारों को व्यवस्थित और आकर्षक बनाएगी. - पुर्ण बोरा, वीडीए उपाध्यक्ष
काशी विद्यापीठ में छात्रों ने किया कुलपति का घेराव, हाॅस्‍टल से निकाले जाने पर जताया विरोध...
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वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में हॉस्‍टल के कमरों पर अवैध कब्‍जा खाली कराने मामला गरम हो गया है. बुधवार को छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने का विरोध करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्‍यागी और अन्य अधिकारियों का घेराव किया. इस दौरान परिसर में काफी गहमागहमी का माहौल बना रहा. हंगामे की स्थिति को देखते हुए परिसर में पुलिस तैनात की गई है.छात्रों का आरोप है कि उन्हें हॉस्टल से जबरन बाहर निकाला गया है. वे इस कार्रवाई को गलत और अन्यायपूर्ण बता रहे हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई. मौके पर पुलिस प्रशासन भी पहुंच गया. पुलिस ने मामले को शांत कराने का प्रयास किया. कुलपति ने इस संबंध में अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हॉस्टल में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को हटाया जा रहा है. कुलपति ने यह भी स्वीकार किया कि कोई भी काम सौ फीसदी सही नहीं होता है. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन छात्रों को परेशानी आ रही है, उनकी जांच की जाएगी. उचित कार्रवाई करके समस्या का समाधान किया जाएगा.ALSO READ:पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...छात्रों ने हॉस्टल से निकाले जाने पर गहरा असंतोष व्यक्त किया. उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के बाहर किया गया. छात्रों ने इसे मनमाना और अन्यायपूर्ण कदम बताया. उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की चेतावनी दी. छात्रों ने हॉस्टल में रहने के अपने अधिकार पर जोर दिया. फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर अडे हुए हैं. कुलपति ने हॉस्टल खाली कराने की कार्रवाई को वैध ठहराया. उन्होंने बताया कि केवल उन लोगों को हटाया जा रहा है जो अवैध रूप से रह रहे हैं. कुलपति ने कहा कि यह व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है. उन्होंने प्रभावित छात्रों की शिकायतों की जांच का भरोसा दिया. कुलपति ने कहा कि उचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
पता पूछने के बहाने महिला से सोने का टप्स झपटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार...
वाराणसी : लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में सत्यम नगर कॉलोनी में एक महिला से पता पूछने के बहाने सोने का टप्स झपटकर फरार हुए दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों ने 16 जून को महिला से घर के बाहर पता पूछने के बहाने बातचीत की और मौका पाकर कान से सोने का टप्स झपटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी.फाइनेंस कंपनी में बेच दिया था टप्सपुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आराेपियों ने लूटा गया सोने का टप्स एक फाइनेंस कंपनी को बेच दिया था. बिक्री से मिले पैसों में से बचे हुए 8 हजार रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं.पुलिस ने नकद के अलावा आरोपियों के कब्‍जे से दो मोबाइल फोन तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है. लालपुर-पांडेयपुर पुलिस की कार्रवाई से झपटमारी की इस घटना का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ : कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...लूट के मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के महेशपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर कुंदन गौड़ को पुलिस ने लूट के एक पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. आरोपी मुकदमा अपराध संख्या 458/2019 में धारा 392, 411 व 414 आईपीसी के तहत वांछित चल रहा था. पुलिस के अनुसार बुधवार लहरतारा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रवीण सचान ने टीम के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया. आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया.