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कम ब्याज वाले लोन के नाम पर झांसा, वाराणसी में तीन लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी...

कम ब्याज वाले लोन के नाम पर झांसा, वाराणसी में तीन लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी...
Jun 22, 2026, 08:03 AM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : तमाम जागरूकता के बावजूद शहर में साइबर अपराधियों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है. साइबर थाना पुलिस के पास करीब 30 लाख रुपये की ठगी के तीन बड़े मामले पहुंचे हैं. कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा, वाट्सएप पर APK फाइल भेजकर मोबाइल हैक करना और UPI के जरिए ठगी जैसी वारदातों को अंजाम देकर साइबर ठगों ने लोगों को लाखों रुपये का चूना लगाया है. शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जल्‍द ही आरोपियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है.


इंस्टाग्राम पर दिखे लोन विज्ञापन ने लगाया लाखों का चूना


चेतगंज थाना क्षेत्र के सेनपुरा निवासी विवेक अग्रहरि को 20 लाख रुपये के लोन की जरुरत थी. इसी दौरान उन्हें इंस्टाग्राम पर एक निजी फाइनेंस कंपनी का विज्ञापन दिखाई दिया. लिंक पर क्लिक करने के कुछ देर बाद एक अज्ञात नंबर से कॉल आई. कॉल करने वाले ने खुद को महाराष्ट्र निवासी और कंपनी का अधिकृत एजेंट अनिकेत बताया. उसने कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का भरोसा दिया. इसके बाद प्रोसेसिंग फीस, हेल्थ इंश्योरेंस और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर कई किश्तों में पैसे जमा कराए गए. जब तक विवेक को ठगी का एहसास हुआ, तब तक उनके खाते से कुल 8 लाख 91 हजार 726 रुपये निकल चुके थे.



APK फाइल डाउनलोड करते ही खाते से उड़ गए 11 लाख रुपये


दूसरा मामला शिवपुर थाना क्षेत्र के नवलपुर निवासी विजय कुमार का है. विजय कुमार के मोबाइल पर 11 मई को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप के माध्यम से APK फाइल भेजी गई.

फाइल डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगों ने उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते तक पहुंच बना ली. इसके बाद खाते से छह अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 11 लाख 1 हजार 309 रुपये 19 पैसे निकाल लिए गए. पीड़ित के अनुसार उनके खाते में लगभग 4.30 लाख रुपये बचत खाते में और 6.75 लाख रुपये फिक्स डिपॉजिट के रूप में जमा थे. खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की.


तीन मामलों में 30 लाख तक पहुंची ठगी की रकम


साइबर थाना पुलिस के अनुसार पिछले 72 घंटे में सामने आए तीन अलग-अलग मामलों में ठगी की कुल रकम लगभग 30 लाख रुपये तक पहुंच गई है. पुलिस डिजिटल ट्रांजेक्शन, बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.

साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरीसाइबर थाना पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले सस्ते लोन या कम ब्याज वाले ऑफर पर बिना जांच भरोसा न करें. पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान APK फाइल को डाउनलोड न करें, क्योंकि ऐसी फाइलों में वायरस या मैलवेयर छिपा हो सकता है, जो मोबाइल और बैंकिंग जानकारी चुरा सकता है.

इसके अलावा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाते में पैसे प्राप्त करने के लिए कभी भी UPI PIN डालने या QR कोड स्कैन करने की जरूरत नहीं होती. यदि कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी, बीमा एजेंट या लोन प्रतिनिधि बनकर पैसे मांगता है तो उसकी सत्यता जरूर जांचें.


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ठगी होने पर तुरंत करें यह काम


साइबर अपराध का शिकार होने पर पीड़ित को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करनी चाहिए या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए. पुलिस का कहना है कि समय पर शिकायत मिलने पर ठगी गई रकम को रिकवर करने की संभावना बढ़ जाती है. साइबर थाना पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, फाइल या कॉल से सावधान रहें और डिजिटल लेनदेन करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें.

मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
मृतक की करोड़ों की संपत्ति हड़पी, पूर्व वायुसेना अधिकारी के भाई ने दर्ज कराया केस
वाराणसी : पूर्व वायुसेना अधिकारी के मृत भाई की करीब 40 करोड़ रुपये की संपत्ति धोखे से हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोमवार को मंडुवाडीह थाने में दंपती समेत छह नामजद और छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है. लहरतारा निवासी सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कमांडर राय अजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उनके मंझले भाई राय विमल कुमार अमेरिका में डॉक्टर थे. वर्ष 2017 में वह भारत लौटे और वाराणसी स्थित पैतृक निवास के अलावा एंबी वैली में रहने लगे. आरोप है कि कैलाश दामू मालखेड़े और उनकी पत्नी नीता ने देखभाल करने के बहाने राय विमल कुमार के घर में प्रवेश किया.तहरीर के अनुसार, दंपती ने राय विमल कुमार को शराब में नशीली दवाएं मिलाकर दीं, जिससे उनकी तबीयत खराब हो गई. इसके बाद आरोपियों ने उनके बैंक खातों, डेबिट कार्ड, जमीन के दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन पर कब्जा कर लिया. आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को कोटक महिंद्रा बैंक के खातों में नॉमिनी भी बनवा लिया. राय अजय कुमार ने आरोप लगाया कि राय विमल कुमार के जीवित रहते और उनकी मृत्यु के बाद करीब 40 करोड़ रुपये की राशि आरोपियों ने अपने खातों में स्थानांतरित कर ली.तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने 28 अगस्त 2025 और 30 मई 2026 को घर में घुसकर धमकी दी और मारपीट की. मंडुवाडीह थाना प्रभारी दिगंबर उपाध्याय ने बताया कि कैलाश दाम मालखेड़े, नीता मालखेड़े, चंद्रमोहन रामस्वरूप बग्गा, सुयश भीमरव सीताफले, सिमरन चंद्र मोहन बग्गा और वैभव देवीदास घुगरे समेत छह अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े आरोपों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है. जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.ALSO READ :ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
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वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और पहचान पत्र छीनने का प्रयास किए जाने की घटना से अफरा तफरी मच गई. घटना रविवार दोपहर पश्चिमी डी गेट पर हुई. महिला आरक्षी की तहरीर पर सोमवार को चौक थाने में मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बंगालीपुर निवासी प्रियंका और उनकी बेटी कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.महिला सिपाही चांदनी ने पुलिस को बताया कि वह ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत पश्चिमी डी गेट पर ड्यूटी कर रही थीं. दोपहर करीब 12:45 बजे चेकिंग के दौरान दो महिलाएं गेट पर पहुंचीं. जांच में उनके पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला. इस पर उन्हें प्रतिबंधित सामान बाहर जमा करके दोबारा आने की हिदायत दी गई. महिला आरक्षी के अनुसार, दोनों महिलाएं सामान जमा करने के बाद दोबारा गेट पर पहुंचीं. इस दौरान आरोपी महिला की बेटी कृतिका ने चेकिंग को लेकर बहस शुरू कर दी. कहासुनी के दौरान चांदनी ने बीच-बचाव करते हुए दोनों को शांत रहने और व्यवस्था का पालन करते हुए दर्शन करने की सलाह दी. आरोप है कि इसके बाद दोनों मां-बेटी उग्र हो गईं और महिला आरक्षी के साथ हाथापाई करने लगीं.तहरीर के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने महिला सिपाही की नेम प्लेट का पट्टा खींचकर तोड़ दिया. इसके बाद पहचान पत्र लेकर भागने का प्रयास किया गया. चांदनी ने जब अपना पहचान पत्र वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके बाल खींचे और मारपीट की. घटना में महिला आरक्षी के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. चौक इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रियंका और कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ :एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
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वाराणसी : एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें एलआईसी में निवेश का झांसा देकर फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड थमा दिए गए.पुलिस के अनुसार जंसा थाना क्षेत्र के बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को एलआईसी में पैसा निवेश कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने एलआईसी में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड दिए. पीड़ितों को बताया गया कि संबंधित कंपनियां एलआईसी से जुड़ी हैं और इनमें निवेश करने पर अधिक लाभ मिलेगा. आरोप है कि किस्तों और एकमुश्त रकम के रूप में ग्रामीणों से कुल 39 लाख सात हजार रुपये लिए गए. इनमें दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.शिकायत के मुताबिक, जब पॉलिसी की परिपक्वता पूरी होने पर ग्रामीणों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे. बाद में उन्हें निवेश में धोखाधड़ी का पता चला. 26 जुलाई को ग्रामीणों ने अशोक कुमार शर्मा को रोककर रुपये वापस करने की मांग की. पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी भाग गई है और अब कोई रकम वापस नहीं मिलेगी. विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है.ALSO READ: वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहीपीड़ितों ने 28 जुलाई को जंसा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अशोक कुमार पटेल, राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम समेत अन्य पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की. पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई. थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुकेश और रितेश कुमार सिंह उर्फ करिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.