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शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का चुनाव सम्पन्न, नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित

शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का चुनाव सम्पन्न, नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित
May 17, 2026, 12:58 PM
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Posted By Preeti Kumari

https://gandiv.in/news/purushottam-maas-shuru-hote-hi-kashi-ke-purushottam-mandir-men-umadai-bhakton-ki-bhid-19e35e52149


वाराणसी: उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ से संबद्ध शिक्षा विभाग, जनपद-वाराणसी शाखा का द्विवार्षिक चुनाव रविवार को उत्साहपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ. चुनाव प्रक्रिया महासंघ की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें सभी पदों पर सर्वसम्मति बनी और अध्यक्ष इंदु सिंह सहित कुल 5 पदों पर निर्विरोध रूप चुने गए. चुनाव के दौरान संगठन से जुड़े कर्मचारियों में खासा उत्साह देखने को मिला, बैठक में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों की समस्याओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई.


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सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी


चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता की देखरेख में हुई बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, संगठन के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन किया गया.

अध्यक्ष — इंदु सिंह

मंत्री — संतोष कुमार

वरिष्ठ उपाध्यक्ष — चंद्रशेखर गौतम

कोषाध्यक्ष — देवनाथ यादव

ऑडिटर — राधेश्याम सिंह


नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित कर्मचारियों ने स्वागत किया तथा संगठन को मजबूत दिशा देने की उम्मीद जताई है.


हर दो वर्ष में होता है संगठन का लोकतांत्रिक चुनाव


इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने चुनाव प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य कर्मचारी संगठनों में हर दो वर्ष पर द्विवार्षिक चुनाव आयोजित किए जाते हैं. इसका उद्देश्य संगठन को नया नेतृत्व प्रदान करना तथा कर्मचारियों की समस्याओं को संगठित रूप से शासन और प्रशासन तक पहुंचाना होता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा विभाग कई चुनौतियों से गुजर रहा है. लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नई नियुक्तियां नहीं हो रही हैं, जिससे कार्य का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है.


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कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को मिलेगी प्राथमिकता


जिलाध्यक्ष ने कहा कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दो वर्षीय कार्यकाल में कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे. विभागीय स्तर से लेकर बीएसए कार्यालय और जिलाधिकारी स्तर तक यदि कर्मचारियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो संगठन आपसी समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का पूरा प्रयास करेगा. चुने गए पदाधिकारी को उमेश बहादुर सिंह द्वारा पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई उसके पश्चात सभी सदस्यों का माल्यार्पण करके स्वागत किया गया.


उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में लगभग 30 से 40 कर्मचारी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, आगामी दिनों में कार्यकारिणी की अगली बैठक आयोजित कर संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान तथा भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा. कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने संगठन की एकता बनाए रखने तथा कर्मचारी हितों के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया. उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी संघ शिक्षा विभाग के इस चुनाव में मुख्य रूप से रामचंद्र गुप्ता, राम मदन यादव उमेश बहादुर सिंह सत्येंद्र कुमार सिंह राधेश्याम माता प्रसाद यादव विजय श्रीवास्तव राघव प्रसाद सहित बड़ी संख्या में संघ के लोग मौजूद रहे.


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वाराणसी में सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, अवैध प्लाटिंग को लेकर जांच की मांग...
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वाराणसी : लोहता थाना क्षेत्र स्थित हरपालपुर ग्राम सभा में ग्राम सभा की भूमि, तालाब और चकमार्ग पर कथित अतिक्रमण एवं अवैध प्लाटिंग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ग्राम प्रधान मोहम्द असलम ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच, भूमि का सीमांकन और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. ग्राम प्रधान का आरोप है कि ग्राम सभा तथा उत्तर प्रदेश सरकार के नाम दर्ज कई आराजियों पर कब्जा कर प्लाटिंग की जा रही है.उन्होंने बताया कि आराजी संख्या 503, 502, 530, 541, 518, 510 एवं 507 समेत अन्य भूमि, जो राजस्व अभिलेखों में ग्राम सभा, तालाब और सार्वजनिक उपयोग की जमीन के रूप में दर्ज है, उस पर अतिक्रमण किए जाने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं.उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो ग्राम सभा की महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों पर स्थायी कब्जे का खतरा उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल सरकारी भूमि संरक्षण व्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के अस्तित्व पर भी संकट खड़ा कर रही हैं. ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया कि इस प्रकरण में कुछ स्थानीय लोगों की भूमिका की जांच की जानी चाहिए. उनका कहना है कि ग्रामीणों और शिकायतकर्ताओं की ओर से कई बार राजस्व विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है.also read:काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकारी भूमि, तालाब और चकमार्ग पर अतिक्रमण के आरोप सही हैं तो मामले की तत्काल जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है. ग्राम प्रधान ने जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी तथा राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मौके पर भूमि का सीमांकन कराने, कथित अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है.
काशी रेलवे स्टेशन अब होने जा रहा स्मार्ट, एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं होगी मौजूद...
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वाराणसी : काशी स्टेशन की होगा कायाकल्प एयरपोर्ट की तरह अपडेट होगा. रेल प्रशासन ने इसके लिये काशी स्टेशन पर 100दिनों का मेगा ब्लाक ( 6 जून से 13 सितंबर तक ) लिया है इस फ़ैसले के बाद सिर्फ दो प्लेटफॉर्म से ही ट्रेन का आवा गवन चालू है प्लेटफॉर्म एक और दो गुजारी जाने लगी हैं, जबकि तीन और चार की रेल लाइनों तोड़ी जा रही हैं. वहीं कई ट्रेनो को रद्द कर दिया गया है और कई रेल को पंडित दीनदयाल जंक्शन से किया जा रहा है.काशी रेलवे स्टेशन बनेगा कैंट का सैटेलाइट स्टेशनकाशी जहां विश्व में अपनी एक पहचान बना रहा है. वहीं काशी स्टेशन विदेश की तरह बनाने की योजना 2023 में तैयार की गई थी. इसे एयर पोर्ट की तरह विकसित किया जाएगा और सार्वजानिक भवन बनाया जाना है. इसका पहला और दूसरा एंड्री गेट को भवन के छतों को एक दूसरे से जोड़ा जाएगा.इसके साथ ट्रेनों का इंतजार यात्री प्रथम तल पर करेंगे. जहां सारी सुविधा मौजूद होगी. इस समय दोनों प्रवेश द्वारों पर तीन मंजिल का भवन तैयार है जिसके लिए मेगा ब्लाक लिया गया है.भविष्य को देखते हुए बन रहा है स्टेशन 2050 के दृष्टिगत और भविष्य को देखते हुए काशी रेलवे स्टेशन को बनाया जा रहा है.यात्री की पहुंच बढ़ाने के लिये राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा जाएगा. आगे जा के यह कैंट रेलवे स्टेशन का सैटलाइट स्टेशन होगा. यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी तो लोग यही से ट्रेन पकड़ेंगे .ALSO READ : मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...स्टेशन के पास ही नामो घाट मौजूद है जिसे पर्यटक के दृष्टि से बनाया गया है इसके लिए काशी स्टेशन टूरिस्ट व टूरिज्म के बहुत महत्वपूर्ण होगा यह कि स्टेशन शहर के बाहरी राजमार्ग से जुड़ा हुआ है.स्टेशन को मालवीय पुल से आपस में जोड़ा जाएगाकाशी रेलवे स्टेशन के पुन निर्माण के बाद कुल 10 ट्रैक होगे.सभी रेल ट्रैक राजघाट पुल से जुड़े होगे. 1200 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे राजघाट का निर्माण 2029 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है वहीं वर्ष 2027 में स्टेशन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की परखी हकीकत, सीएचसी में गर्भवतियों से सीएमओ हुए रूबरू...
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वाराणसी: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) दिवस के अवसर पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) शिवपुर का निरीक्षण कर गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने गर्भवतियों से सीधे संवाद कर स्वास्थ्य सुविधाओं का हाल जाना तथा उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की विशेष निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने प्रसव पूर्व जांच, प्रयोगशाला सेवाओं, दवा वितरण व्यवस्था और अन्य चिकित्सा सुविधाओं का जायजा लिया. उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद लाभार्थियों से बातचीत कर उपचार, जांच और परामर्श संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की. साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं.ALSO READ:वाराणसी में पेंटिंग ठेकेदार ने खुद को गोली मारकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस...डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की समय पर पहचान और नियमित फॉलोअप बेहद आवश्यक है. उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों को ऐसे मामलों की लगातार निगरानी रखने तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. अभियान के तहत बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई. उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण के प्रति जागरूक भी किया गया.स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सुरक्षित मातृत्व से जुड़ी विभिन्न जानकारियां साझा कर महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी. इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज दुबे, स्टाफ नर्स, एएनएम तथा आशा कार्यकर्ता मौजूद रहीं. सीएमओ ने अभियान के सफल संचालन में स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया.