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सपा महिला सभा की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सीमा राजभर का काशी में कार्यकर्ताओं ने किया स्‍वागत...

सपा महिला सभा की राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष सीमा राजभर का काशी में कार्यकर्ताओं ने किया स्‍वागत...
Apr 25, 2026, 01:11 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर का शनिवार को वाराणसी में आगमन हुआ. वह बाबा काशी विश्वनाथ का दर्शन पूजन करने के बाद सीधे समाजवादी पार्टी कार्यालय अर्दली बाजार पहुंचीं, जहां जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ के नेतृत्व में सैकड़ों महिला सभा एवं पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें बुके, स्मृतिचिन्ह और फूल मालाओं से स्वागत किया.

इस अवसर पर सीमा राजभर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि यह सरकार अलोकतांत्रिक और अमानवीय है, जिसके तहत महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और अपराध बढ़ रहे हैं. उन्होंने गाजीपुर, हाथरस और हरदोई में बेटियों की हत्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं में पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला.


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उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने गाजीपुर की घटना के बाद भी न्याय नहीं दिया और अंतिम संस्कार करने से भी परिवारों को रोका गया. सीमा राजभर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जहां पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला. उन्होंने सभी से अपील की कि हमें लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करना होगा. भाजपा सरकार में अन्याय और अत्याचार चरम पर है, जिसे रोकने के लिए हमें एकजुट होना होगा.


पूर्व जिलाध्‍यक्ष को दी श्रद्धांजलि


इससे पहले, पार्टी कार्यालय में सुबह पूर्व जिलाध्यक्ष स्व. रामा यादव की 12वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी यादों पर चर्चा की गई और उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर फूल माला चढ़ाकर श्रद्धासुमन अर्पित किए. इसके बाद उनके आवास रघुनाथपुर वाराणसी में भी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद लाल बिहारी यादव सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया.

वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने स्वर्गीय रामा यादव के सरल स्वभाव और गरीबों के प्रति उनकी संवेदनशीलता की सराहना की. जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि स्वर्गीय रामा यादव एक कुशल संगठनकर्ता थे और उन्होंने हमेशा कार्यकर्ताओं की समस्याओं के प्रति समर्पित रहकर काम किया.


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इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री रीबू श्रीवास्तव, डॉ. सुभाष राजभर, विष्णु शर्मा, जगन्नाथ कुशवाहा, शशी प्रताप सिंह, उमेश प्रधान, भीष्मनारायण सिंह, बबलू सिंह, शशी यादव, संगीता पटेल, सत्यप्रकाश सोनकर, डॉ. रमेश राजभर, हीरालाल मौर्या, पुत्तूल यादव, मोतीलाल, धर्मेंद्र यादव सिंटू, बाबूलाल यादव, विद्या भारती, गोपाल पांडेय, दीपचंद गुप्ता, अक्षय प्रधान बबलू, रूबी खान, शिवप्रसाद गौतम, यशोदा पटेल, हीरू यादव, रामकुमार यादव, वरुण सिंह, संजय यादव, राजेंद्र प्रसाद, गोपाल यादव, करीमुल्ला अंसारी, धर्मवीर पटेल, मनोज यादव, अयाज खान और विनोद शुक्ला आदि ने अपने विचार व्यक्त किए.

सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...
सेंट्रल जेल के कैदी सीखेंगे फैशन व टेक्सटाइल डिजाइनिंग, खुलेगा अध्ययन केंद्र...
वाराणसी : सेंट्रल जेल में बंद कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी रिहाई के बाद रोजगार के बेहतरअवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल शुरू की जा रही है. जेल प्रशासन पहली बार राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के सहयोग से केंद्रीय जेल परिसर में अध्ययन केंद्र खोलेगा. इस केंद्र के माध्यम से बंदियों को विभिन्न व्यावसायिक और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे सजा पूरी होने के बाद समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें.जेल अधीक्षक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि अध्ययन केंद्र में करीब 40 नियमित और व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे. इनमें फैशन डिजाइनिंग, टेक्सटाइल डिजाइनिंग, कंप्यूटर, मेडिकल, योग, फिजियोथेरेपी सहित कई प्रोफेशनल कोर्स शामिल होंगे. इन पाठ्यक्रमों का संचालन राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से किया जाएगा.उन्होंने बताया कि अब तक जेल में बंद कैदियों को इस तरह के उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण का अवसर नहीं मिल पाता था. विश्वविद्यालय की टीम ने जेल का निरीक्षण कर अध्ययन केंद्र खोलने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है. जल्द ही केंद्र का संचालन शुरू कर दिया जाएगा.जेल प्रशासन का मानना है कि इन पाठ्यक्रमों से कैदियों को नई दिशा मिलेगी और वे अपनी रुचि के अनुसार कौशल विकसित कर सकेंगे. प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे समाज की मुख्यधारा में उनकी वापसी आसान होगी.ALSO READ : नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...प्रशासन का कहना है कि शिक्षा और कौशल विकास के जरिए कैदियों के पुनर्वास को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है. इस पहल से बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे जेल से बाहर आने के बाद अपने जीवन की नई शुरुआत करने में सक्षम होंगे. अध्ययन केंद्र शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में कैदियों के इन पाठ्यक्रमों से जुड़ने की संभावना है.
नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...
नमक सत्याग्रह की थीम पर भव्य रूप में संवरेगा सोनिया पोखरा, नगर निगम ने बनाई रुपरेखा...
​वाराणसी : करीब दो वर्ष के लंबे इंतजार और कानूनी गतिरोध के बाद आपसी समझौते से सोनिया पोखरे के सुंदरीकरण का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है. गतिरोध समाप्त होते ही नगर निगम युद्धस्तर पर तालाब की कायाकल्प की रुपरेखा तैयार करने में जुट गया है. इस क्रम में शुक्रवार को महापौर अशोक कुमार तिवारी, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और वरिष्ठ एडवोकेट संतोष कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से नारियल फोड़ कर ऐतिहासिक तालाब के सुंदरीकरण कार्य का विधि-विधान से शुभारंभ किया.बनेगा ओपन जिम​इस अवसर पर महापौर ने कहा कि सोनिया पोखरे का सुंदरीकरण 'नमक सत्याग्रह' की थीम पर कराया जाएगा. उन्होंने इसके पीछे का गौरवशाली इतिहास बताते हुए कहा कि वर्ष 1930 में जब महात्मा गांधी ने नमक सत्याग्रह का शंखनाद किया था, तब ब्रिटिश हुकूमत देश भर में इसके समर्थकों को गिरफ्तार कर रही थी. उस दौर में आजादी के मतवाले और वाराणसी के प्रथम सांसद डॉ. रघुनाथ सिंह ने मात्र 19 वर्ष की अल्पायु में इसी सोनिया पोखरे पर नमक कानून तोड़कर सत्याग्रह का बिगुल फूंका था. उनके इस अप्रतिम योगदान को नमन करते हुए सोनिया मार्ग व तालाब का नामकरण डॉ. रघुनाथ सिंह के नाम पर किया जाएगा और वहां उनकी भव्य मूर्ति भी स्थापित की जाएगी. इसके अतिरिक्त, स्थानीय नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तालाब की भूमि पर जल्द ही एक आधुनिक ओपन जिम का निर्माण भी कराया जाएगा.​आपसी समझौते से हटा कानूनी रोड़ासोनिया रोड पर करीब 27 बिस्वा के विशाल क्षेत्र में फैले इस​तालाब के स्वामित्व को लेकर पिछले कई वर्षों से उच्च न्यायालय में वाद लंबित चल रहा था, जिसके कारण विकास कार्य पूरी तरह ठप थे. डॉ. रघुनाथ सिंह के वंशज एडवोकेट संतोष कुमार सिंह के साथ हुए सकारात्मक आपसी समझौते और सहमति के बाद यह गतिरोध समाप्त हुआ. उनकी ओर से हरी झंडी मिलते ही निगम की टीम पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंची और तालाब की सफाई शुरू कर दी. पहले ही दिन निगम ने तालाब में तीन बड़ी जेसीबी मशीनों को उतारकर मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है. संचालन क्षेत्रीय पार्षद प्रवीण राय व धन्यवाद ज्ञापन राष्ट्रीय महामंत्री अशोक अग्रहरी ने किया.ALSO READ : वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...इनकी रही उपस्थिति​इस अवसर पर प्रमुख रूप से शुभम सिंह, भाजपा मण्डल अध्यक्ष राजेश कुशवाहा, पार्षद इन्द्रेश सिंह, विवेक कुमार कुशवाहा, श्याम आसरे मौर्य, सिद्धनाथ शर्मा, अनंतराज गुप्ता, अमरेश गुप्ता, श्रवण गुप्ता, सिन्धु सोनकर, सुशील गुप्ता, मनीष गुप्ता, नामित पार्षद अंकुर मेहरोत्रा, किशन कन्नौजिया, अतुल पाण्डेय, पूर्व पार्षद पुन्नु बिन्द, पूर्णामासी गुप्ता, देवानंद सिंह, पूर्व मण्डल उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, सहायक नगर आयुक्त अनिल कुमार यादव, सहित राजीव सिंह, पंचम यादव, विशाल तिवारी एवं सुरेश वाद्या मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी नगर निगम का 88 प्रतिशत नाला सफाई का दावा, जमीनी हकीकत कुछ और...
वाराणसी : मानसून की दस्तक के बीच नगर निगम ने शहर के 128 बड़े और छोटे नालों में से 88 प्रतिशत नालों की सफाई पूरी होने का दावा किया है. हालांकि कई इलाकों में जमीनी स्थिति इस दावे से अलग नजर आ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर केवल नालों के ऊपर से कचरा हटाया गया है, जबकि अंदर जमी गाद अब भी नहीं निकाली गई है.ऐसे में हल्की बारिश में भी जलभराव की आशंका बनी हुई है.नगर निगम के अनुसार, शहर में करीब 15 लाख आबादी के लिए 258 छोटे और 128 बड़े नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है.अधिकारियों का दावा है कि छोटे नालों की 88 प्रतिशत से अधिक सफाई पूरी हो चुकी है, लेकिन कई मोहल्लों में नालों की स्थिति लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.लक्ष्मी नगर और चरण नगर के बीच स्थित नाले में सफाई अधूरी होने की शिकायत सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऊपर से कचरा हटाने के बावजूद नाले के भीतर गाद जमा है, जिससे पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है.घोसाबाद की ओर से आने वाले नाले और उससे जुड़े मुख्य नाले की भी यही स्थिति बताई जा रही है.लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पूरी तरह सफाई नहीं हुई तो बारिश के दौरान जलभराव की समस्या गंभीर हो सकती है.नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि अब तक नालों की तीन बार सफाई कराई जा चुकी है और अभियान लगातार जारी है. विभाग का दावा है कि जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां टीम भेजकर दोबारा सफाई कराई जा रही है.नगर निगम का यह भी कहना है कि नालों पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण सफाई कार्य में सबसे बड़ी बाधा बने हुए हैं, जिससे कई स्थानों पर मशीनें और सफाई कर्मी पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं.ALSO READ : वाराणसी में मुहर्रम जुलूस के दौरान दो गुट भिड़े, पुलिस ने लाठी भांजकर किया नियंत्रित...स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि नगर निगम केवल कागजी दावों तक सीमित न रहे, बल्कि संवेदनशील क्षेत्रों में नालों की पूरी तरह सफाई कराकर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करे, ताकि बारिश के मौसम में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.