बीएचयू में छात्र गुटों में जमकर मारपीट, जातिगत टिप्पणी से भड़का विवाद, दो छात्र घायल

वाराणसी : बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्मविज्ञान संकाय के रुइया छात्रावास के गेट के सामने गुरुवार की शाम दो छात्र गुटों के बीच जमकर मारपीट हो गई. इस दौरान पथराव किए जाने की सूचना है. बताया जा रहा है कि विवाद की वजह जातिगत टिप्पणी थी. इस दौरान दो छात्र घायल हो गए, जिनमें एक छात्र के सिर में गंभीर चोट आई है, जिसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया.

मारपीट की घटना के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया. रुइया छात्रावास के गेट पर 50 से 60 छात्र एकत्र होकर प्रोक्टोरियल बोर्ड से वार्ता करने लगे. घायल छात्र पीयूष तिवारी के समर्थन में बड़ी संख्या में छात्र बिरला चौराहे पर जुट गए. सूचना पर लंका पुलिस और बीएचयू चौकी प्रभारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति को देखते हुए पीएसी समेत और थानों की फोर्स भी बुलानी पड़ी. तनाव की स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है. अधिकारी घटनाक्रम पर नजर बनाए रखे हैं. वहीं, पुलिस ने आक्रोशित छात्रों को समझाकर शांत कराया. इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि पीड़ित छात्र से तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा. फिलहाल परिसर में शांति व्यवस्था कायम है.

घटना से पहले निकला था विशाल जुलूस
इस मारपीट की घटना से पहले बीएचयू में यूजीसी की नई नियमावली के खिलाफ छात्रों ने एक विशाल जुलूस निकाला. यह जुलूस विश्वनाथ मंदिर से शुरू होकर बीएचयू गेट तक गया. छात्रों ने इस दौरान अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ अपना विरोध प्रकट किया. जुलूस के दौरान छात्रों ने यूजीसी के नए नियमों को शिक्षा के लिए हानिकारक बताते हुए कहा कि ये नियम छात्रों की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों का उल्लंघन करते हैं. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि इन नियमों के लागू होने से शिक्षा प्रणाली में असमानता बढ़ेगी और छात्रों को अपनी आवाज उठाने का अवसर नहीं मिलेगा. इस बीच, विश्वनाथ मंदिर के सामने कुछ छात्र यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चला रहे थे. पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया, जिससे स्थिति कुछ देर तक तनावपूर्ण हो गई. छात्रों ने पुलिस के इस कदम का विरोध किया और अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई.
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