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टी20 फाइनल: भारतीय टीम के वर्ल्‍डकप फतह के लिए गंगा पूजन, जीत के लिए की कामना

टी20 फाइनल: भारतीय टीम के वर्ल्‍डकप फतह के लिए गंगा पूजन, जीत के लिए की कामना
Mar 07, 2026, 11:10 AM
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Posted By Preeti Kumari

वाराणसी: टी-20 क्रिकेट वर्ल्‍ड कप का खुमार पूरे देश में देखने को मिल रहा है. महादेव की नगरी काशी में इसको लेकर विशेष उत्‍साह देखा जा रहा है. होली के बाद उत्सव का रंग केवल क्रिकेट के इर्द-गिर्द घूम रहा है. इसी परिप्रेक्ष्‍य में काशी में विभिन्न आयोजनों का सिलसिला जारी है, जिसमें भारत की जीत की कामना की जा रही है. अहमदाबाद में रविवार को होने वाले टी-20 विश्वकप के फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की जीत की कामना के लिए अहिल्याबाई घाट पर लोगों ने बटुकों के संग मां गंगा का विधिपूर्वक पूजन और दुग्‍धाभिषेक किया. बटुकों ने गंगा किनारे बैट, पोस्टर और शंख के साथ भारत की जीत की कामना की. इस अवसर पर सभी भारतीय खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दी गईं.


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काशी के इस आयोजन में बटुकों ने एकजुट होकर क्रिकेट के प्रति अपने प्रेम और समर्थन का प्रदर्शन किया. गंगा के तट पर बटुकों ने अपने हाथों में बैट और पोस्टर लेकर भारत की जीत के लिए प्रार्थना की, जिससे यह संदेश गया कि काशी के लोग अपने देश के खिलाड़ियों के प्रति कितने समर्पित हैं.


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इस आयोजन में शामिल बटुकों ने गंगा में स्नान करने के बाद पूजा की और सभी ने मिलकर भारत की विजय की कामना की. इस प्रकार के आयोजनों से न केवल खेल के प्रति लोगों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि भारत में माहौल भी बनाता है. काशी में क्रिकेट के प्रति यह जुनून दर्शाता है कि कैसे खेल ने लोगों को एकजुट किया है और उन्हें एक साझा लक्ष्य की ओर प्रेरित किया है.


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टी-20 विश्वकप का फाइनल मुकाबला


टी-20 विश्वकप का यह फाइनल मुकाबला भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण होगा. काशी के लोग इस मैच को लेकर बेहद उत्साहित हैं और सभी की यही कामना है कि भारत इस मुकाबले में विजय प्राप्त करे. बटुकों की यह पूजा और अभिषेक इस बात का प्रमाण है कि काशी के लोग अपने देश के खिलाड़ियों के प्रति कितने समर्पित हैं और वे उनकी सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिका
UP को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि की होगी बड़ी भूमिका
वाराणसी: उत्तर प्रदेश तेजी से आर्थिक विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है. सरकार अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तदनुरूप नीतियों का अनुगमन कर रही है. प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर की आर्थिक शक्ति बनाने मेें कृषि क्षेत्र की बड़ी भूमिका होगी. आइसार्क में आरंभ धान नीतियों पर उच्च स्तरीय नीति संवाद के निष्कर्षों को प्रदेश सरकार कृषि व किसान हित में लागू करेगी.ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आर्थििक सलाहकार केवी राजू ने कही. वह शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान, दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क व भारतीय अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंध अनुसंधान परिषद के सहयोग से, आइसार्क में आरंभ दो दिवसीय उच्च स्तरीय नीति संवाद के दो दिवसीय आयोजन में प्रथम दिवस उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे.यह भी पढ़े: संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारणकार्यक्रम का मुख्य विषय “भारत में टिकाऊ एवं सुदृढ़ धान प्रणाली के लिए नीतियों का पुनर्गठन : सीख एवं प्राथमिकताएं’ है. इस दो दिवसीय कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संबंंध भारतीय अनुसंधान परिषद के डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेसर डा. अशोक गुलाटी, विश्व बैंक की कृषि विशेषज्ञ डा. सौम्या श्रीवास्तव, फेडरेशन आफ सीड इंडस्ट्री आफ इंडिया के महानिदेशक डा. परेश वर्मा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के उप महानिदेशक कृषि प्रसार डा. राजबीर सिंह आदि ने अपने विचार रखे. आयोजन में विभिन्न सरकारी संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी, नीति निर्माता, शोधकर्ता, विकास सहयोगी संस्थाएं, निजी क्षेत्र के प्रतिनिधि तथा किसान भाग ले रहे हैं.इसमें भारत की वर्तमान धान नीति की समीक्षा की जाएगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श किया जाएगा. इस संवाद में उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग ले रहे हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के सलाहकार, कृषि उत्पादन आयुक्त तथा प्रमुख सचिव प्रमुख हैं. इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान संस्थानों, विकास संगठनों तथा निजी क्षेत्र की कंपनियों, जिनमें बहुराष्ट्रीय कंपनियां भी शामिल हैं व उनके प्रतिनिधि भी इस संवाद में सहभागिता करेंगे.
संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारण
संपूर्ण समाधान दिवस: राजातालाब तहसील में 160 प्रार्थना पत्र, सिर्फ 8 का निस्‍तारण
वाराणसी: जिले की राजातालाब तहसील में शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया. गहमागहमी के बीच कई विभागों से संबंधित कुल 160 प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए, जिनमें से मौके पर केवल 8 शिकायतों का ही निस्तारण हो सका. शेष प्रार्थना पत्रों को संबंधित विभागों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय देवेंद्र कुमार ने की.समाधान दिवस में पहुंची शिकायतकर्ताओं में शंभवी सिंह भी शामिल थीं. उन्होंने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उनकी और उनकी बहन कियाका का नाम पैतृक संपत्ति में दर्ज नहीं हो पाया है. शंभवी के अनुसार, वह करीब एक वर्ष से तहसील के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उसके बाद भी नामांतरण की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है. वर्तमान में संपत्ति में केवल उनकी मां का नाम दर्ज है, जिससे दोनों बहनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.यह भी पढ़ें: वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षणएक अन्य शिकायतकर्ता संतोष कुमार ने अपने पिता की वृद्धा पेंशन पिछले छह महीनों से बंद होने की शिकायत की. उन्होंने बताया कि पेंशन बंद होने के कारण परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. संतोष कुमार ने प्रशासन से पेंशन दोबारा शुरू कराने की मांग की. समाधान दिवस के दौरान पुलिस से संबंधित मामले भी सामने आए. कुछ फरियादियों ने मारपीट और पैसे के लेनदेन से जुड़े विवादों की शिकायत की, जिस पर अधिकारियों ने संबंधित थाना अध्यक्षों को इन मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. इसके अतिरिक्त, खाद्य आपूर्ति, बिजली, पेंशन, जल निगम सहित अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश के साथ भेजा गया.इस अवसर पर तहसील प्रशासन के अधिकारी, राजस्व कर्मी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिन शिकायतों का मौके पर निस्तारण नहीं हो पाया है, उनका प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.
वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षण
वाराणसी में पर्यटकों की सुविधा के लिए समिति का गठन, बेड एंड होमस्टे का करेंगे निरीक्षण
वाराणसी: पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. इसको लेकर बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने थानेवार पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है. पर्यटन अधिकारी मानीटरिंग करेंगे. समिति संचालक का नाम, पता, मोबाइल नंबर, मकान में कमरों की संख्या, पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर जांच करेगी. शर्तों को पूरा नहीं करने पर बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस नहीं मिलेगा.इतना ही नहीं, पर्यटन विभाग में पंजीकृत पेइंग गेस्ट हाउस को 31 मार्च तक पंजीयन कराना होगा. एक अप्रैल से पेइंग गेस्ट हाउस का नाम नहीं रहेगा. जिले में कुल 28 समितियां गठित की गई हैं. पर्यटकों की सुरक्षा, सुविधा और आनलाइन बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने को लेकर पर्यटन नीति में बदलाव किए गए हैं. यहां ठहरने वाले पर्यटकों से संचालक घर में आने वाले रिश्तेदार की तरह व्यवहार करना है. इस योजना के तहत अधिकतम छह कमरे होने के साथ 12 बेड होंगे. इससे अधिक होने पर योजना का लाभ नहीं मिलेगा.यह भी पढ़ें: अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर वाराणसी में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग महाअभियान, 10 हजार से अधिक का लक्ष्‍यग्रामीण क्षेत्र में ठहरने वाले पर्यटक ग्रामीण परिवेश का आनंद उठा सकेंगे. लाइसेंस उन्हीं भवनों में दिया जाएगा जिसमें परिवार रहता हो. वहीं, पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर संचालकों को सीसीटीवी कैमरा लगाना होगा, कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे होने के साथ उसमें 90 दिन की रिकार्डिंग की सुविधा होगी. पर्यटन विभाग ने जिले में करीब 1632 पेइंग गेस्ट हाउस के लाइसेंस जारी किए हैं. अब इन्हें भी बेड एंड ब्रेक एवं होमस्टे के नाम से पंजीयन कराना होगा. नगर निगम, पर्यटन विभाग, राजस्व, अग्निशमन और पुलिस विभाग की टीम बनाई गई है.लगाए जाएंगे वीडियो और फोटोग्राफपेइंग गेस्ट हाउस में पांच कमरे का लाइसेंस मिलता था जिसे अब बंद करने का निर्णय लिया गया है. मकान में नौ कमरे से अधिक होने पर होम स्टे एवं बेड एंड ब्रेकफास्ट लाइसेंस नहीं मिलेगा. क्योंकि अधिक कमरा होने पर संचालक चोरी-छिपे अन्य कमरों को पर्यटकों को देंगे. होटल और गेस्ट हाउस संचालक अब बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस नहीं ले पाएंगे, क्योंकि मकान के अंदर के साथ बाहर के वीडियो और फोटोग्राफ लगाए जाएंगे. गलत रिपोर्टिंग करने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इसकी मानीटरिंग पर्यटन अधिकारी करेंगे. संचालक मकान में बने कमरे में से दो तिहाई ही कमरा किराए पर दे पाएगा. अधिकतम छह कमरे का लाइसेंस मिलेगा.बेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे का लाइसेंस देने से पहले जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित पांच सदस्यीय समिति की जांच रिपोर्ट आने पर लाइसेंस देने पर विचार किया जाएगा। समिति को सख्ती से स्थलीय निरीक्षण करने को कहा गया है। गलत रिपोर्ट देने पर समिति या संबंधित कर्मी को दोषी मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।-दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक पर्यटन