तंबाकू और शराब न पीने वालों को भी हो सकता है मुंह का कैंसर, जानिए कैसे

Even those who don't smoke tobacco or drink alcohol can get mouth cancer, know how.
Oral Cancer Causes: मुंह का कैंसर किसी स्पष्ट वजह के भी विकसित हो सकती है, जो इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है. हर साल बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं. तंबाकू और शराब नहीं पीते हैं तो क्या आप पूरी तरह सुरक्षित हैं? ज्यादातर लोग यही मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे थोड़ी अलग है. मुंह का कैंसर सिर्फ उन लोगों तक सीमित नहीं है जो तंबाकू या शराब का सेवन करते हैं. कई मामलों में यह बीमारी बिना किसी स्पष्ट वजह के भी विकसित हो सकती है, जो इसे और ज्यादा खतरनाक बनाता है. हर साल बड़ी संख्या में लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं, लेकिन शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं. यही वजह है कि ज्यादातर केस तब सामने आते हैं जब बीमारी काफी आगे बढ़ चुकी होती है और इलाज मुश्किल हो जाता है.

जानें कैसे फैलता है ओरल कैंसर
दरअसल, ओरल कैंसर मुंह के सेल्स में होने वाले बदलाव से शुरू होता है, जो धीरे-धीरे अनकंट्रोल रूप से बढ़ने लगती हैं, तंबाकू और शराब इसके सबसे बड़े कारण जरूर हैं, लेकिन यही पूरी कहानी नहीं है, एक रिपोर्ट के अनुसार, अब एक्सपर्ट मानते हैं कि इसके पीछे कई और फैक्टर भी जिम्मेदार हो सकते हैं. इनमें एक बड़ा कारण एचपीवी इंफेक्शन भी है, जो खासतौर पर गले से जुड़े कैंसर में भूमिका निभाता है. इसके अलावा लंबे समय तक सूजन रहना, धूप का असर, उम्र बढ़ना और शरीर की अपनी संवेदनशीलता भी जोखिम को बढ़ा सकती है. यही कारण है कि कुछ लोगों में बिना किसी स्पष्ट कारण के भी यह बीमारी हो जाती है.
क्या है सबसे बड़ी दिक्कत
सबसे बड़ी समस्या यह है कि मुंह का कैंसर शुरुआत में दर्द नहीं देता. यही वजह है कि लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते. अगर मुंह में घाव लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा, लाल या सफेद धब्बे दिखाई दे रहे हैं, या निगलने और बोलने में दिक्कत हो रही है, तो यह संकेत हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. एक्सपर्ट के अनुसार, किसी भी तरह का लक्षण अगर दो हफ्तों से ज्यादा समय तक बना रहे, तो तुरंत जांच करानी चाहिए. समय पर पहचान ही इस बीमारी से बचने का सबसे बड़ा तरीका है, क्योंकि शुरुआती स्टेज में इलाज ज्यादा असरदार होता है.

Also Read: Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान, इन बूथों पर रुकी वोटिंग
एक रिपोर्ट के अनुसार रिसर्च में यह भी सामने आया है कि नियमित जांच और जागरूकता से इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. यही वजह है कि अब डॉक्टर सिर्फ तंबाकू और शराब से दूर रहने की सलाह ही नहीं देते, बल्कि नियमित ओरल चेकअप को भी उतना ही जरूरी मानते हैं.



