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वाराणसी में फिर दिखा मनबढ़ो का आतंक, फॉर्च्यूनर से बाइक को 700 मीटर तक घसीटा

वाराणसी में फिर दिखा मनबढ़ो का आतंक, फॉर्च्यूनर से बाइक को 700 मीटर तक घसीटा
Dec 28, 2025, 08:33 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी- कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार को अर्दली बाजार पुलिस चौकी के समीप फॉर्च्यूनर सवार ने यूपी कालेज के छात्र की बाइक में टक्कर मारने के बाद लगभग 700 मीटर तक घसीटा,घटना के दौरान कार से बाइक घसीटने हुए सड़क पर चिंगारियां उड़ रही थीं और तेज आवाज से राहगीर सहम गए, गुस्साए राहगीरों ने फॉर्च्यूनर कार पर तोड़फोड़ कर दी वही मौके सूचना पाकर थाना कैंट भी पहुच गई.


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यूपी कॉलेज गेट के सामने चौबेपुर के छितौनी निवासी आशुतोष सिंह की बाइक हीरो स्ट्रीम की टक्कर फॉर्च्यूनर से हो गई, दोनों के बीच विवाद हो गया और उसी विवाद को लेकर महावीर मंदिर से फॉर्च्यूनर में फंसाकर बाइक को अर्दली बाजार तक घसीटते ला रहा था, जिसे पुलिस चौकी के सामने रोक लिया गया है.


छात्रों ने कार को घेर लिया और कार चालक को पकड़ने की कोशिश की, कार चालक बहु चर्चित ब्लॉक प्रमुख का पुत्र (सिद्धार्थ सिंह) बताया जा रहा है, कार चंदौली के धानापुर ब्लॉक प्रमुख के नाम पर RTO मे दर्ज है, हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने ले गई,बढ़ती हुई भीड़ एवं जाम की देखते हुए पुलिस ने वाहनों को सड़क से हटवाया और जाम समाप्त करवाया.


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पुलिस ने क्रेन मंगाकर फॉर्च्यूनर व बाइक को कैंट थाने भेजा गया , पुलिस ने दोनों पक्षों को लगभग 2 घंटे तक समझाया दोनों छात्र हैं और किसी को चोट नहीं आई थी ऐसे में दोनों पक्ष के परिजनों ने सुलह कर लिया, दोनों वाहन थाने पर है.

वाराणसी में चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पिटाई से मजदूर की मौत, ईंट भट्ठा मालिक समेत दो गिरफ्तार
वाराणसी में चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पिटाई से मजदूर की मौत, ईंट भट्ठा मालिक समेत दो गिरफ्तार
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईंपुर में चोरी के शक में पिटाई से रामजनम वनवासी (45) नामक मजदूर की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक की पत्नी सीता की तहरीर पर चोलापुर थाने में हत्‍या का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस ने भट्ठा मालिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पुलिस के अनुसार, चंदौली के धराव गांव निवासी रामजनम गोसाईंपुर के बड़कीबारी स्थित ससुराल में रहता था और चिरईगांव में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था. बताया गया कि 20 अगस्त को रामजनम हड़ियाडीह स्थित अजय सिंह के ईंट-भट्ठे के पास दिखाई दिया. चोरी के शक में अजय सिंह ने अपने साथी गरथौली निवासी विशाल सिंह के साथ उसे पकड़ लिया. दोनों ने रामजनम को पेड़ से बांधकर लाठी-डंडे से पीटा. पिटाई से वह बेसुध हो गया तो दोनों उसे उसकी ससुराल पहुंचाने के लिए निकले. रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद दोनों शव धान के खेत में छोड़कर भाग गए.21 अगस्त को पुलिस ने खेत से शव बरामद कर परिजनों से शिनाख्त कराई थी. बुधवार को पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह निवासी शिवदसा और विशाल सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह निवासी गरथौली को गिरफ्तार कर लिया.वीडियो सामने आने के बाद बदला जांच का रुखशव मिलने के बाद प्रारंभिक तौर पर पुलिस को गंभीर चोट लगने से मौत की आशंका थी. इसी बीच पेड़ से बांधकर पिटाई का वीडियो सामने आया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया. मामले में अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है.ALSO READ:BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award) 2026 के लिए किया गया है। उन्हें 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के योगदान, डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उनके चयन को BHU के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award) 2026 के लिए किया गया है। उन्हें 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के योगदान, डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उनके चयन को BHU के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।डिजिटल शिक्षा और SWAYAM में अहम योगदानप्रो. मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के लिए INI-SWAYAM के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने INI-SWAYAM प्लेटफॉर्म पर तीन MOOCs विकसित किए हैं, जिनमें दो पाठ्यक्रम जर्मनी के GIZ के सहयोग से तैयार किए गए हैं। उनके कार्य का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।BHU में वह NEP 2020 कोऑर्डिनेशन सेल के को-कन्वीनर भी हैं। इस भूमिका में उन्होंने विश्वविद्यालय में बहुविषयक,h लचीली, विद्यार्थी-केंद्रित और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों और 12 शोधार्थियों का किया मार्गदर्शनप्रो. मोहन ने इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, BHU में मार्केटिंग मैनेजमेंट, कंज्यूमर बिहेवियर, सर्विसेज मार्केटिंग, रिसर्च मेथडोलॉजी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे विषयों का अध्यापन किया है। उन्होंने 12 डॉक्टोरल स्कॉलर्स और 100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। वर्तमान में वह IM(FMS)-BHU में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।ALSO READ : 95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां50 से अधिक शोध पत्र और छह पुस्तकेंप्रो. मोहन का शोध मुख्य रूप से सप्लाई एवं डिमांड चेन मैनेजमेंट और इसके मार्केटिंग मैनेजमेंट से संबंध पर केंद्रित है। उन्होंने रेफरीड जर्नल्स में 50 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिनमें Scopus Q1 जर्नल्स भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने छह पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है।उन्होंने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जैसी संस्थाओं द्वारा समर्थित पांच प्रमुख बाहरी वित्त पोषित शोध परियोजनाएं भी पूरी की हैं।उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत कड़ीप्रो. मोहन ने शिक्षा को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने Apollo Hospitals, GAIL, NTPC, Power Grid, VSCL, CPRI और BSNL सहित विभिन्न संस्थानों के लिए कैंपस और इन-कंपनी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए हैं। वह BHU Management Review के मैनेजिंग एडिटर भी हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स के समीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं।प्रो. मोहन ने MBA BHU से, Ph.D. दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से और D.Litt. इन मैनेजमेंट BHU से किया है। BHU से जुड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया के सेंटर फॉर मैनेजमेंट स्टडीज में भी सेवाएं दीं।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर प्रो. मोहन ने कहा कि उनके लिए शिक्षण केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और मूल्यों का विकास करते हुए उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इस सम्मान को अपने शिक्षकों, विद्यार्थियों, सहकर्मियों, परिवार और BHU से मिले अवसरों का सामूहिक सम्मान बताया।शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान प्रो. मोहन की 25 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा, डिजिटल लर्निंग, शैक्षणिक सुधार, शोध और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।
95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां
95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां
वाराणसी : पहाड़िया स्थित 95 बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के मुख्यालय में बुधवार को रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास और भावुक माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न संस्थाओं और विद्यालयों से पहुंचीं छात्राओं एवं महिलाओं ने सीआरपीएफ जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान कई जवान भावुक नजर आए।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 95 बटालियन के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर तथा विशिष्ट अतिथि अर्चना बालापुरकर ने रक्षाबंधन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान अधिकारियों, जवानों, छात्राओं और विभिन्न संस्थाओं से आए लोगों को पर्व की शुभकामनाएं दी गईं।कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर ने कहा कि सीआरपीएफ के जवान अपने घर-परिवार से दूर रहकर देश की सेवा करते हैं। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य जवानों को यह एहसास कराना है कि उनका परिवार उनसे दूर नहीं है और समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न संस्थाओं की बहनों ने यहां आकर जवानों के लिए घर जैसा माहौल बना दिया।ALSO READ : काशी में श्रीकाशीविद्वद्धर्मपरिषद् का भव्य अभिनन्दन समारोह, हरिवंश पुराण कार्यशाला और महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुतिकार्यक्रम में डायनेमिक स्कूल, संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल, लायंस क्लब वाराणसी, लीला फाउंडेशन क्लब और ब्रह्माकुमारी संस्था से आईं महिलाओं एवं छात्राओं ने 95 बटालियन के 100 से अधिक जवानों को राखी बांधी। बहनों ने जवानों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी, मुंह मीठा कराया और उनकी कलाइयों पर रंग-बिरंगी राखियां बांधीं। इसके बदले जवानों ने भी बहनों की सुरक्षा का भरोसा दिया।इस दौरान श्रीमती सुनीता देवी, कुमारी रिंकू, माधवी सिंह, द्वितीय कमान अधिकारी आलोक कुमार, उपकमांडेंट नवनीत कुमार और सहायक कमांडेंट अभिषेक सिंह सहित 95 बटालियन के अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।कार्यक्रम में संत अतुलानंद रेजिडेंशियल स्कूल की श्रीमती किरण सिंह के नेतृत्व में छात्राओं तथा ब्रह्माकुमारी संस्था की तपोसी जी, राधिका जी और अन्य छात्राओं ने सहभागिता की। रक्षाबंधन के इस भावनात्मक आयोजन ने जवानों और समाज के बीच भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता को और मजबूत किया।