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जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में फरियादियों की सुनी समस्याएं



जिलाधिकारी ने जनता दर्शन में फरियादियों की सुनी समस्याएं
Jan 22, 2026, 07:58 AM
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Posted By Gaandiv

जनसुनवाई के दौरान जनता की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के दिए निर्देश


वाराणसी :आज जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने जनता दर्शन के दौरान जन सामान्य की समस्याएं सुनीं गयीं। सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लोगों की समस्याओं को त्वरित व गुणवत्तापूर्ण ढंग से निदान कराना सुनिश्चित करें।

प्राप्त जन समस्याओ में अधिकांश लोगो की समस्याओ को सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उनके मोबाइल पर भेजकर ससमय गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का निर्देश दिया गया।

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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि जो जन समस्याएं उनके पास भेजी जा रही है उनकी समस्याओ को मानवीय दृष्टिकोण से गम्भीरता पूर्वक सुना जाए तथा निर्धारित समय सीमा के अन्दर निस्तारण करते हुये फरियादी को अवगत भी कराया जाए ताकि उन्हे बार-बार इधर उधर भटकना न पड़ें।

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वाराणसी में आंधी संग होगी झमाझम बारिश, अलर्ट जारी
वाराणसी में आंधी संग होगी झमाझम बारिश, अलर्ट जारी
Heavy rain accompanied by thunderstorms will occur in Varanasi, alert issuedपुरवा-पछुआ विपरीत हवाओं की युति से बने चक्रवाती वातावरण में तेज आंधी व वर्षा के बाद दूसरे दिन शनिवार को भी तापमान हल्की बढ़त के बाद भी सामान्य से नीचे रहा, पुरवा के आगे बढ़ जाने के कारण पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को आंधी-तूफान वर्षा तो नहीं आई लेकिन धूप नरम बनी रही. मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आंधी और वर्षा अभी रविवार और सोमवार को आ सकती है लेकिन आंधी की प्रबलता अब पूर्वानुमान जितनी नहीं रह जाएगी, सके बाद मंगलवार से तापमान फिर बढ़ना आरंभ हो जाएगा.आंधी वर्षा की संभावना शनिवार को सुबह से ही धूप खिल गई थी, अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और यह सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस नीचे 35.4 तो न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 24.5 डिग्री सेल्सियस रहा. बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा और सामान्य से 6.9 डिग्री सेल्सियस नीचे 33.8 रहा। उधर न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री सेल्सियस बढ़कर सामान्य से 4.4 डिग्री सेल्सियस नीचे 22 डिग्री सेल्सियस रहा, बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनाेज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आंधी वर्षा की संभावना रविवार व सोमवार की दोपहर बाद हो सकती है. इसकी गति सुबह से दोपहर तक की धूप व गर्मी पर निर्भर करेगी.उत्‍तर प्रदेश वासियों को मौसम से राहत मिलेगीउत्‍तर प्रदेश वासियों को रविवार तक बदले मौसम से राहत मिलेगी। सोमवार से एक बार फिर मौसम बदलने की संभावना है, लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को भी मौसम बदला रहा. पुरवा हवाएं चलेंगी और बादलों की आवाजाही भी रही। दिन का पारा भी 34 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का पारा 245 डिग्री दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने 56 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है. इन जिलों में मुख्‍य रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, पीलीभीत, मुजफ्फनगर, बरेली, हमीरपुर और महोबा शामिल हैं.Also Read: वाराणसी के लोगों को मिलेगी गर्मी से राहत, तेज आंधी का अलर्ट जारी
हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन...
हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पर काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय संगोष्ठी, डिजिटल युग की चुनौतियों और अवसरों पर मंथन...
वाराणसी: हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर महामना मदन मोहन मालवीय हिन्दी पत्रकारिता संस्थान एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम डॉ. भगवान दास केंद्रीय पुस्तकालय के समिति कक्ष में आयोजित हुआ, जिसमें पत्रकारिता, शिक्षा और जनसंचार जगत की अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपने विचार साझा किए.कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता के विकास में बाबू शिवप्रसाद गुप्त, भारतेंदु हरिश्चंद्र और महावीर प्रसाद द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति ने पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. आज सूचनाएं डिजिटल माध्यमों के जरिए बेहद तेजी से लोगों तक पहुंच रही हैं, जिससे पत्रकारों का कार्य पहले की तुलना में अधिक सरल और प्रभावी हो गया है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन से चार दशकों में हिन्दी पत्रकारिता ने उल्लेखनीय प्रगति की है और नई पीढ़ी ने इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया है.कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने पत्रकारिता में विश्वसनीयता को सबसे महत्वपूर्ण आधार बताया.उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र आज असीम संभावनाओं से भरा हुआ है और आने वाले वर्षों में इसकी उपयोगिता और अधिक बढ़ेगी. उन्होंने कहा कि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है तथा अनुभव, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और समर्पण किसी भी व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचा सकते हैं.सारस्वत अतिथि एवं उत्तर प्रदेश सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं, लेकिन समाचारों की सत्यता की जांच करना पहले से अधिक आवश्यक हो गया है. उन्होंने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता की शुरुआत 'उदंत मार्तंड' से हुई थी और आज यह मजबूत परंपरा आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुकी है. ऐसे में पाठकों और पत्रकारों दोनों की जिम्मेदारी है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि के बाद ही उस पर विश्वास करें.मुख्य वक्ता एवं न्यूज18 ग्रुप के पूर्व समूह संपादक प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग अवसर, संकट और चुनौती का संगम है. उन्होंने कहा कि जहां डिजिटल मीडिया ने सूचनाओं के प्रसार को अभूतपूर्व गति दी है, वहीं पत्रकारिता की विश्वसनीयता बनाए रखना भी बड़ी चुनौती बन गया है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल खबरों तक सीमित न रहें, बल्कि खबरों के पीछे छिपी सच्चाई को भी खोजने का प्रयास करें. यही वास्तविक पत्रकारिता की पहचान है.तकनीकी सत्र के मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार स्नेह रंजन ने कहा कि आधुनिक पत्रकारिता में तकनीकी दक्षता अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से सक्षम बनने के साथ-साथ नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने की सलाह देते हुए कहा कि हर छात्र को महीने में कम से कम दो पुस्तकें अवश्य पढ़नी चाहिए.विशिष्ट वक्ता राहुल अवस्थी ने कहा कि शब्द, भाषा और तकनीक आज के समय के सबसे प्रभावशाली उपकरण हैं. इनका संतुलित और रचनात्मक उपयोग विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और भविष्य की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.ALSO READ:काशी में गूंजेगी वैश्विक संस्कृति की आवाज, BRICS देशों के प्रतिनिधि करेंगे मंथन...वरिष्ठ पत्रकार डॉ. नागेन्द्र पाठक ने हिन्दी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास, उसके विकास और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला.कार्यक्रम में निदेशक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. नागेन्द्र कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि विषय प्रवर्तन डॉ. मनोहर लाल ने किया. संचालन डॉ. प्रभा शंकर मिश्र ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. वैष्णवी शुक्ला एवं विजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया.इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति रही.
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वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है. 4 और 5 जून को काशी में BRICS देशों के संस्कृति कार्य समूह (संस्कृति कार्य समूह) की दो दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी. यह बैठक शहर के एक प्रतिष्ठित होटल में होगी, जिसमें BRICS सदस्य देशों और हाल ही में समूह में शामिल हुए देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे.इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत, ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इंडोनेशिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे. विदेशी मेहमान विभिन्न समूहों में वाराणसी पहुंचेंगे, जिसके मद्देनजर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं.बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विचार-विमर्श करना और आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत बनाना है. कार्यक्रम के दौरान संस्कृति से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी, जिससे सदस्य देशों के बीच संबंध और अधिक मजबूत हो सकेंगे.बैठक में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सचिव समेत मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे. वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा केंद्र सरकार के कई मंत्रियों के वाराणसी आगमन की भी चर्चा है, हालांकि उनकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.अंतरराष्ट्रीय महत्व के इस आयोजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया जा रहा है. एयरपोर्ट से लेकर होटल और प्रतिनिधियों के भ्रमण मार्गों तक सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहेंगी. प्रशासन का प्रयास है कि विदेशी प्रतिनिधियों को काशी की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत से भी परिचित कराया जाए.विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS संस्कृति कार्य समूह की यह बैठक वाराणसी को वैश्विक सांस्कृतिक संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी. इससे भारत की सांस्कृतिक कूटनीति को नई मजबूती मिलने के साथ-साथ काशी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को भी नया विस्तार मिलेगा.