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पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को दी पुलिसिंग और नेतृत्व जानकारी...

पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षु अधिकारियों को दी पुलिसिंग और नेतृत्व जानकारी...
Jul 03, 2026, 03:21 PM
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Posted By Diksha Mishra

वाराणसी : पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से 92वीं बैच के डिप्टी एसपी प्रशिक्षु अधिकारियों से मिले. उन्हें पुलिसिंग और नेतृत्व के बारे में जानकारी दी. उन्हें बताया कि पुलिस सेवा केवल कानून लागू करने का दायित्व नहीं, बल्कि समाज में विश्वास, सुरक्षा और न्याय स्थापित करने का माध्यम है.

पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि एक अधिकारी की वास्तविक पहचान उसकी सत्यनिष्ठा, संवेदनशीलता एवं जनता के प्रति समर्पण से होती है. उन्होंने कमिश्नरेट वाराणसी की प्रशासनिक संरचना, कार्यपद्धति और प्रमुख इकाइयों बारे में बताया. यातायात प्रबंधन, डायल 112, जल पुलिस, पर्यटक पुलिस, तकनीकी रूप से सशक्त एसओजी, सर्विलांस टीम, ड्रोन, एंटी ड्रोन प्रणाली, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, वीवीआईपी सुरक्षा व्यवस्था आदि की कार्यशैली से प्रशिक्षु अधिकारियों को अवगत कराया.


विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी वाराणसी की संवेदनशीलता को रेखांकित किया. बताया कि तीर्थयात्रियों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए संवेदनशील, सतर्क पुलिसिंग की आवश्यकता को समझाया. श्रावण माह, देव दीपावली एवं प्रयागराज में आयोजित कुंभ मेला के दौरान पलट-प्रवाह की स्थिति में आने वाले श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या के मद्देनजर सुगम आवागमन, स्नान, दर्शन-पूजन एवं समुचित भीड़ प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की.


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पुलिस सेवा को जनसेवा का सर्वोच्च माध्यम बताते हुए प्रत्येक अधिकारी को जनता के लिए सहज, सुलभ, संवेदनशील एवं उत्तरदायी बनने के लिए प्रेरित किया. पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने ईमानदारी, नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा एवं सत्यनिष्ठा को एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी की वास्तविक पहचान बताते हुए स्वयं को निरंतर परिष्कृत कर समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनने का आह्वान किया. पुलिस कमिश्नर ने प्रशिक्षु अधिकारियों के साथ भोजन किया और उन्हें मोमेंटो प्रदान करके टीम भावना, अनुशासन एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी. इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर शिवहरी मीणा, डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, डीसीपी सुरक्षा अनिल कुमार, एडीसीपी काशी जोन वैभव बांगर, एडीसीपी प्रोटोकाल जंग बहादुर यादव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का आरोपी गिरफ्तार, वाराणसी छोड़ने की फिराक में था.
वाराणसी: मंडुआडीह थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को शनिवार तड़के बरेका (बीएलडब्ल्यू) आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया।पुलिस के अनुसार, लहरतारा निवासी एक महिला की तहरीर पर 24 जुलाई को आरोपी किशन कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69, 115(2), 352 और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और विरोध करने पर मारपीट, गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी।मामले की विवेचना उपनिरीक्षक प्रवीण सचान कर रहे हैं। पुलिस टीम ने 25 जुलाई की रात करीब 12:25 बजे आरोपी किशन कुमार (30), निवासी लहरतारा, को बीएलडब्ल्यू आवासीय परिसर से गिरफ्तार कर लिया।ALSO READ : गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजापूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसकी मित्रता थी और दोनों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलने के बाद वह वाराणसी छोड़कर जाने की तैयारी में था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक प्रवीण सचान, उपनिरीक्षक विवेक यादव, फैंटम-48 के कांस्टेबल अमित कुमार तिवारी तथा कांस्टेबल संदीप शाह शामिल रहे। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम  पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
गुरु पूर्णिमा पर नहीं लगेगा जाम पड़ाव आश्रम में ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था का एडीसीपी ने लिया जायजा
वाराणसी: गुरु पूर्णिमा पर्व पर पड़ाव स्थित श्री सर्वेश्वरी समूह के अवधूत भगवान राम आश्रम में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। 28 और 29 जुलाई को होने वाले आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्र ने शनिवार को आश्रम परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान एडीसीपी ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या जाम की स्थिति उत्पन्न न हो।ALSO READ : काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.पुलिस प्रशासन ने गुरु पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को देखते हुए विशेष ट्रैफिक एवं पार्किंग प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रमुख मार्गों पर यातायात का सुचारु संचालन, पार्किंग स्थलों का निर्धारण तथा आवश्यक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है, जिससे गुरु पूर्णिमा का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
काशी विद्यापीठ में 'दहेज मुक्त भारत' विषयक भाषण प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने लिया दहेज न लेने-देने का संकल्प.
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के मनोविज्ञान विभाग में शनिवार को 48वें दीक्षांत समारोह के उपलक्ष्य में 'दहेज मुक्त भारत' विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने दहेज प्रथा को सामाजिक बुराई बताते हुए युवाओं से इसके खिलाफ जनजागरण का आह्वान किया।मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. शैफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि दहेज प्रथा केवल सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान, समानता और मानवीय गरिमा के विरुद्ध अपराध है। उन्होंने विद्यार्थियों से दहेज न लेने और न देने का संकल्प लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की।प्रो. रश्मि सिंह ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करना भी है। उन्होंने युवाओं से दहेज जैसी कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।डॉ. मुकेश कुमार पंथ ने कहा कि शिक्षित समाज ही दहेज प्रथा जैसी कुप्रथा को समाप्त करने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। वहीं डॉ. कंचन शुक्ला ने समाज में समानता, महिला सम्मान और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर बल दिया।ALSO READ : दालमंडी ध्वस्तीकरण के दौरान सरकारी कर्मचारियों से मारपीट का आरोप, चौक थाने में प्राथमिक दर्जभाषण प्रतियोगिता में जाह्नवी गुप्ता, विकास कुमार, विकास यादव, दीपाली यादव और मोहम्मद आरिफ सहित अन्य विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने 'दहेज मुक्त भारत' का सामूहिक संकल्प लिया।कार्यक्रम का स्वागत डॉ. प्रतिभा सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. पूर्णिमा श्रीवास्तव ने किया