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दुनियां को राम के रास्ते पर चलना होगा, तभी शांति मिलेगी

दुनियां को राम के रास्ते पर चलना होगा, तभी शांति मिलेगी
Mar 27, 2026, 10:31 AM
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Posted By Gaandiv


वाराणसी: उधर पूरा मध्य एशिया युद्ध की आग में जल रहा है, हजारों लोग मारे जा रहे हैं, शांति का कोई रास्ता सूझ नहीं रहा है. ऐसे में वाराणसी की मुस्लिम महिलाओं ने रामनवमी के पवित्र अवसर पर प्रभु श्रीराम की महाआरती कर दुनियां को शांति का संदेश भेजा.


आज मुस्लिम देशों की समझ मे आ गया है कि बिना भारत के शांति नहीं हो सकती. इसलिए मुस्लिम महिलाओं का साफ कहना है कि धर्म बदलने से पूर्वज नहीं बदलते. प्रभु राम का जन्म विश्व के कल्याण के लिए हुआ था. विशाल भारत संस्थान एवं मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आज रामनवमी पर सुभाष भवन में जुटी हिन्दू मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम माता जानकी की आरती की .


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इस अवसर पर मुस्लिम महिला की नेशनल सदर नाज़नीन अंसारी ने कहा कि आज मुस्लिम देश युद्ध, हिंसा और नफरत से जंग लड़ रहे, एक दूसरे को मार रहे है. एक दूसरे को मिटाने पर आमादा है. अगर मुस्लिम देश भगवान राम के रास्ते पर चले तो उनके देश में शांति आएगी और युद्ध रुक जाएगा. भारत की महान संस्कृति ही एक मात्र रास्ता है शांति और प्रेम का. वह भगवान राम के आदर्शों पर चलकर ही सम्भव है.


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मुस्लिम महिलाओं की नेता डॉ० नजमा परवीन ने कहा कि हमारा काम समाज को जोड़ना है, धर्म के नाम पर नफरत फैलाने वाले भारत का भला नही चाहते. विदेशियों के इशारे पर काम करने वाले लोग केवल मुसलमानों को डराकर भारत की संस्कृति और देशभक्ति से दूर करते है. ऐसे नफरतियों और फिटरतियों को जबाव देना ही होगा. राम नाम का मंत्र ही दुनिया के महिलाओ की ताकत है.


Report_By - Nomesh Kuldeep


लापरवाही , निर्माणाधीन मकान के पास गड्ढे में डूबने से बच्‍चे की मौत, परिवार में मातम
लापरवाही , निर्माणाधीन मकान के पास गड्ढे में डूबने से बच्‍चे की मौत, परिवार में मातम
वाराणसी : शिवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवरिया में राज मिस्त्री अभय पटेल के दस वर्षीय पुत्र आशु का शव घर के पास एक निर्माणाधीन मकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे में मिलने से क्षेत्र में शोक व्‍याप्‍त हो गया. वह ट्यूबवेल पर नहाने गया था. वहां से नहीं लौटने पर चिंतित परिजन ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज से लोकेशन देखी और तलाश करते हुए पहुंचे तो शव पानी भरे गड्ढे में मिला. पुलिस बच्चे का शव कब्‍जे में लेकर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई.शिवपुर के चांदमारी पुलिस चौकी अंतर्गत बेलवरिया गांव निवासी राजमिस्त्री अभय पटेल के दो पुत्रों में बड़ा 10 वर्षीय आशु घर से बुधवार की सुबह आठ बजे 200 मीटर दूर स्थित ट्यूबवेल पर नहाने गया था. काफी देर बाद भी वापस नहीं लौटा तो स्वजन को चिंता हुई. परिवार वाले ट्यूबवेल पर गए तो वहां आशु की की चप्पल और बनियान पड़ी थी लेकिन वह आसपास नहीं दिखा. चिंतित परिवार वाले वापस आए और रास्ते में एक मकान में लगे सीसीटीवी की फुटेज देखी. इसमें वह जाता हुआ दिखाई दिया. परिवार वाले उसी रास्ते पर निकले और घर के निकट एक निर्माणाधीन मकान तक पहुंचे लेकिन पता नहीं चला. दोपहर दो बजे के करीब एक बार फिर से खोजबीन शुरू की गई.इस बीच गांव के खेत में बन रहे राजेश पटेल के निर्माणाधीन मकान के पास गए और इसके पीछे बने करीब 10 फीट गहरे और 20 फीट चौड़े पानी से भरे हुए गड्ढे में उतरकर देखा तो आशु मिल गया. उसे बाहर निकालकर दीनदयाल अस्पताल लेकर गए जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.आशु की छोटी बहन पांच वर्षीय पूजा पटेल की एक साल पहले मौत हुई थी. परिवार वालों के अनुसार पूजा की मौत का कारण बीमारी था. परिवार वाले इस दुख से उबर भी नहीं पाए थे और अब बेटे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. बच्‍चे की मां काजल ने रोते हुए कहा कि कक्षा दो में पढ़ने वाला आशू नहीं गया. काश स्कूल गया होता तो मेरा बेटा बच जाता. इतना कहते हुए वह अपने छोटे 5 वर्षीय बेटे अंकित पटेल को गले लगा कर रोने लगीं.वीडीए की लापरवाही, बिना सुरक्षा के निर्माणवाराणसी विकास प्राधिकरण की लापरवाही भी सामने आई है. क्षेत्र में अवैध निर्माण होने और निर्माण से पहले गड्ढे खोदने की शिकायत मिलने या दिखाई पड़ने पर भी कार्रवाई नहीं करते हैं. यदि समय से वीडीने नोटिस जारी करने के साथ भवन स्वामी को चेताया होता तो शायद एक मासूम की जान नहीं जाती. खेत में बन रहे मकान के पीछे गड्ढा तो खोदा गया, लेकिन इसके आसपास के सुरक्षात्मक उपकरण नहीं लगा था.ALSO READ:वाराणसी में चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पिटाई से मजदूर की मौत, ईंट भट्ठा मालिक समेत दो गिरफ्तार चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईंपुर में चोरी के शक में पिटाई से रामजनम वनवासी (45) नामक मजदूर की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक की पत्नी सीता की तहरीर पर चोलापुर थाने में हत्‍या का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस ने भट्ठा मालिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पुलिस के अनुसार, चंदौली के धराव गांव निवासी रामजनम गोसाईंपुर के बड़कीबारी स्थित ससुराल में रहता था और चिरईगांव में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था. बताया गया कि 20 अगस्त को रामजनम हड़ियाडीह स्थित अजय सिंह के ईंट-भट्ठे के पास दिखाई दिया. चोरी के शक में अजय सिंह ने अपने साथी गरथौली निवासी विशाल सिंह के साथ उसे पकड़ लिया. दोनों ने रामजनम को पेड़ से बांधकर लाठी-डंडे से पीटा. पिटाई से वह बेसुध हो गया तो दोनों उसे उसकी ससुराल पहुंचाने के लिए निकले. रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद दोनों शव धान के खेत में छोड़कर भाग गए.21 अगस्त को पुलिस ने खेत से शव बरामद कर परिजनों से शिनाख्त कराई थी. बुधवार को पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह निवासी शिवदसा और विशाल सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह निवासी गरथौली को गिरफ्तार कर लिया.
वाराणसी में चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पिटाई से मजदूर की मौत, ईंट भट्ठा मालिक समेत दो गिरफ्तार
वाराणसी में चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पिटाई से मजदूर की मौत, ईंट भट्ठा मालिक समेत दो गिरफ्तार
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के गोसाईंपुर में चोरी के शक में पिटाई से रामजनम वनवासी (45) नामक मजदूर की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक की पत्नी सीता की तहरीर पर चोलापुर थाने में हत्‍या का मुकदमा दर्ज किया गया है. इस मामले में पुलिस ने भट्ठा मालिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.पुलिस के अनुसार, चंदौली के धराव गांव निवासी रामजनम गोसाईंपुर के बड़कीबारी स्थित ससुराल में रहता था और चिरईगांव में ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता था. बताया गया कि 20 अगस्त को रामजनम हड़ियाडीह स्थित अजय सिंह के ईंट-भट्ठे के पास दिखाई दिया. चोरी के शक में अजय सिंह ने अपने साथी गरथौली निवासी विशाल सिंह के साथ उसे पकड़ लिया. दोनों ने रामजनम को पेड़ से बांधकर लाठी-डंडे से पीटा. पिटाई से वह बेसुध हो गया तो दोनों उसे उसकी ससुराल पहुंचाने के लिए निकले. रास्ते में उसकी मौत हो गई. इसके बाद दोनों शव धान के खेत में छोड़कर भाग गए.21 अगस्त को पुलिस ने खेत से शव बरामद कर परिजनों से शिनाख्त कराई थी. बुधवार को पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अजय सिंह पुत्र राजेंद्र प्रसाद सिंह निवासी शिवदसा और विशाल सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह निवासी गरथौली को गिरफ्तार कर लिया.वीडियो सामने आने के बाद बदला जांच का रुखशव मिलने के बाद प्रारंभिक तौर पर पुलिस को गंभीर चोट लगने से मौत की आशंका थी. इसी बीच पेड़ से बांधकर पिटाई का वीडियो सामने आया. वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया. मामले में अन्य तथ्यों और साक्ष्यों की जांच की जा रही है.ALSO READ:BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award) 2026 के लिए किया गया है। उन्हें 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के योगदान, डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उनके चयन को BHU के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
BHU के प्रोफेसर आशुतोष मोहन को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026
वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज के प्रोफेसर आशुतोष मोहन का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (National Teachers’ Award) 2026 के लिए किया गया है। उन्हें 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया जाएगा।प्रो. आशुतोष मोहन को शिक्षा के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक के योगदान, डिजिटल शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन, शोध, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और अकादमिक नेतृत्व के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है। उनके चयन को BHU के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।डिजिटल शिक्षा और SWAYAM में अहम योगदानप्रो. मोहन वर्तमान में राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों के लिए INI-SWAYAM के राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने INI-SWAYAM प्लेटफॉर्म पर तीन MOOCs विकसित किए हैं, जिनमें दो पाठ्यक्रम जर्मनी के GIZ के सहयोग से तैयार किए गए हैं। उनके कार्य का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा को अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना है।BHU में वह NEP 2020 कोऑर्डिनेशन सेल के को-कन्वीनर भी हैं। इस भूमिका में उन्होंने विश्वविद्यालय में बहुविषयक,h लचीली, विद्यार्थी-केंद्रित और भविष्य उन्मुख शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों और 12 शोधार्थियों का किया मार्गदर्शनप्रो. मोहन ने इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, BHU में मार्केटिंग मैनेजमेंट, कंज्यूमर बिहेवियर, सर्विसेज मार्केटिंग, रिसर्च मेथडोलॉजी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे विषयों का अध्यापन किया है। उन्होंने 12 डॉक्टोरल स्कॉलर्स और 100 से अधिक मास्टर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। वर्तमान में वह IM(FMS)-BHU में प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।ALSO READ : 95 बटालियन सीआरपीएफ में हर्षोल्लास से मनाया गया रक्षाबंधन पर्व, जवानों की कलाई पर सजी राखियां50 से अधिक शोध पत्र और छह पुस्तकेंप्रो. मोहन का शोध मुख्य रूप से सप्लाई एवं डिमांड चेन मैनेजमेंट और इसके मार्केटिंग मैनेजमेंट से संबंध पर केंद्रित है। उन्होंने रेफरीड जर्नल्स में 50 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिनमें Scopus Q1 जर्नल्स भी शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने छह पुस्तकों का लेखन और संपादन किया है।उन्होंने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) जैसी संस्थाओं द्वारा समर्थित पांच प्रमुख बाहरी वित्त पोषित शोध परियोजनाएं भी पूरी की हैं।उद्योग और शिक्षा के बीच मजबूत कड़ीप्रो. मोहन ने शिक्षा को उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने Apollo Hospitals, GAIL, NTPC, Power Grid, VSCL, CPRI और BSNL सहित विभिन्न संस्थानों के लिए कैंपस और इन-कंपनी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए हैं। वह BHU Management Review के मैनेजिंग एडिटर भी हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठित जर्नल्स के समीक्षक के रूप में कार्य कर चुके हैं।प्रो. मोहन ने MBA BHU से, Ph.D. दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज से और D.Litt. इन मैनेजमेंट BHU से किया है। BHU से जुड़ने से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया के सेंटर फॉर मैनेजमेंट स्टडीज में भी सेवाएं दीं।राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन पर प्रो. मोहन ने कहा कि उनके लिए शिक्षण केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और मूल्यों का विकास करते हुए उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने इस सम्मान को अपने शिक्षकों, विद्यार्थियों, सहकर्मियों, परिवार और BHU से मिले अवसरों का सामूहिक सम्मान बताया।शिक्षक दिवस पर मिलने वाला यह सम्मान प्रो. मोहन की 25 वर्षों से अधिक की अकादमिक यात्रा, डिजिटल लर्निंग, शैक्षणिक सुधार, शोध और विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के क्षेत्र में योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।