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भागने के दौरान किशोर की हत्या कर छीनी थी मोटरसाइकिल, तीन आरोपी गिरफ्तार

भागने के दौरान किशोर की हत्या कर  छीनी थी मोटरसाइकिल, तीन आरोपी गिरफ्तार
Jan 09, 2026, 08:42 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : बड़ागांव थाना क्षेत्र में झगड़ते समय ग्रामीणों के जुटने पर भागने के दौरान मोटरसाइकिल लूटने के लिए समीर सिंह नामक किशोर की गोली मारकर हत्‍या की गई थी. पुलिस ने हत्‍या की इस वारदात का राजफाश करते हुएतीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस उपायुक्त, गोमती जोन द्वारा उक्त वारदात को उजागर करने वाली पुलिस टीम को ₹25,000/- के पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया.

बतादें कि 25 दिसंबर को बड़ागांव के दयालपुर गांव के पास कुछ व्यक्तियों से रामू यादव एवं अभिषेक यादव का झगड़ा हुआ था. उक्त झगड़े के दौरान रामू यादव को गोली मार दी गई तथा भागते समय एक अन्य समीर सिंह को भी गोली मार दी गई, जिससे समीर सिंह की मृत्यु हो गई, जबकि रामू यादव गोली लगने से घायल हुआ, जो उपचार के उपरांत अब स्वस्थ है. घटना की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस आयुक्त के निर्देशन में आकाश पटेल, पुलिस उपायुक्त गोमती जोन, द्वारा सहायक पुलिस आयुक्त पिण्डरा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर घटना का राजफाश करने का प्रयास प्रारंभ किया गया. वारदात अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी क्‍योंकि मृतक एवं घायल व्यक्तियों में आपस में कोई संबंध नहीं था. अतः दोनों ही व्यक्तियों को गोली मारे जाने का कोई एक स्पष्ट कारण सामने नहीं आ रहा था. घायलों द्वारा अपराधियों को पहचाना नहीं गया था. उनके द्वारा अचानक झगड़ा होने की बात बतायी गई थी, परंतु गांव के इतने अंदर के मार्ग पर बाहरी व्यक्तियों की उपस्थिति का कारण स्पष्ट नहीं हो रहा था.


चुनौतीपूर्ण थी स्थितियां, कैमरे थे बंद


घटनास्थल के आस पास निजी कैमरों की संख्या कम थी. ग्राम पंचायतों द्वारा लगाए गए कैमरों की संख्या पर्याप्त थी परंतु ये सभी कैमरा सोलर कैमरा थे एवं घटना के पहले लगातार 4 दिन से धूप ना निकलने के कारण ये सभी कैमरा घटना वाले दिन ही बंद हो गए थे. इस प्रकार घटना के संबंध में कोई मोटिव सामने नहीं आ पा रहा था. लगभग 100 सीसीटीवी कैमरा देखे गए. 100 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की गई. इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस का विस्तृत उपयोग किया गया पर इसके के बाद भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आ पा रहा था. कुल मिलाकर स्थितियां वुनौतीपूर्ण थीं.


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एक कैमरे के आडियो ने खोला राज


इसी दौरान घटनास्थल से कुछ दूर एक घर के निजी कैमरा में एक रिकॉर्डिंग प्राप्त हुई जिसमे वीडियो स्पष्ट नहीं था परंतु ऑडियो में महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए इसके आधार पर कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के नाम प्रकाश में आए. इन व्यक्तियों के संबंध में जानकारी संकलित की गई, इसके बाद आज बडागांव पुलिस ने वारदात में शामिल रहने के आरोप में तीन आरोपी दबोच लिए. गिरफ्तार आरोपियों में करन प्रजापति निवासी खरहरिया वारी, थाना बड़ागांव, प्रेमशंकर पटेल निवासी कनियर नरायनपुर, थाना बड़ागांव, तथा शुभम मौर्य उर्फ लालू मौर्य निवासी खरावन, थाना बड़ागांव शामिल हैं.


पूछताछ में उगले राज


पुछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हम तीन और साधोगंज निवासी पवन कुमार पाल एवं उसका रिश्तेदार आकाश निवासी ग्राम एसएमएस कालेज के पीछे थाना रोहनिया अपने दोस्तों से मिलने 25 दियंबर को जंसा गए थे. वहाँ दोस्त संदीप यादव निवासी उगापुर, थाना चौबेपुर, मनीष यादव निवासी उगापुर एवं दीपक यादव निवासी

उगापुर के साथ वहाँ शराब पी. उसके बाद हम सभी लोग 2 मोटरसाइकिलों पर वापस साधोगंज की ओर जा रहे थे. इय बीच दयालपुर गांव में एक बाग के पास लघुशंका के लिए रुके. यही आकाश पाल के पैर पर पीछे से आ रही एक गाड़ी, जिस पर दो लोग सवार थे, चढ़ गई. जिसपे आकाश ने उन लोगों को पीटना शुरू कर दिया. इसके बाद हम सभी लोगों ने उन दोनों लोगों को पीटा. इस झगड़े में उन दोनों लड़कों ने शोर मचा दिया जिससे गांव के कुछ लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए. इस पर भागने के उद्देश्य से गोली मारने के लिए हम लोगों ने ललकारा जिस पर संदीप ने गोली चला दी. गोली मार कर हम 5 लोग दोनों मोटरसाइकिल लेकर बड़ागांव की और भागने लगे. उसी समय चूँकि संदीप आदि के पास कोई मोटरसाइकिल नहीं बची थी अतः उन लोगों ने वहाँ से गुज़र रहे लड़के समीर को गोली मारकर उसकी मोटरसाइकिल लेकर पंचों शिवाला की ओर भाग गए.


फरार पांच अन्‍य की तलाश में दबिश


इस वारदात में पांच अन्‍य आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है. इनमें दीपक यादव उर्फ कन्हैयानिवासी ग्राम पलकहा थाना चौबेपुर, संदीप यादव निवासी ग्राम उगापुर धौरहरा थाना चौबेपुर, मनीष यादव निवासी ग्राम धौरहरा, थाना चौबेपुर, पवन कुमार पालनिवासी ग्राम दाण्डीपुर चकखरावन, थाना बड़ागांव और आकाश पाल निवासी ग्राम एस.एम.एस. कॉलेज के पीछे, थाना रोहनिया शामिल हैं. इनके खिलाफ भी पहले से मामले दर्ज हैं.

कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...
कांग्रेस ने एसआईटी पर उठाए सवाल, जिला मुख्‍यालय पर गेट बंद करने को लेकर हुआ हंगामा...
वाराणसी : श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावे, चंदे और चरण पादुका चोरी के मामले को लेकर सियासी पारा चढा हुआ है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर बुधवार को वाराणसी जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर नारेबाजी की और एडीएम के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण में तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है. प्रदर्शन के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया गया. इस दौरान हंगामे की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई.कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने प्रशासन के इस रवैये पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, "यह प्रशासन का दोहरा रवैया है. अभी कुछ दिन पहले इसी मुख्यालय पर भाजपा के लोगों ने आक्रोश सभा की थी और हमारे शीर्ष नेताओं की आलोचना की थी, तब उन्हें खुली छूट थी. आज जब हम गांधी के सिपाही शांतिपूर्ण तरीके से पत्रक देने आ रहे थे, तो गेट बंद कर दिया गया. हालांकि, हमारे अनुरोध पर बाद में एडीएम महोदय ने गेट खोलकर हमारा पत्रक स्वीकार किया." राघवेंद्र चौबे ने सरकार द्वारा गठित की गई एसआईटी पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने मांग की कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए जांच समिति में प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए. निष्पक्ष और निष्ठावान पत्रकारों को इसका हिस्सा बनाया जाए. विधि पेशे से जुड़े प्रतिष्ठित वकीलों को भी कमेटी में जगह मिले.चौबे ने आरोप लगाया कि पूर्व की घटनाओं की तरह इस बार भी सरकार लिपापोती करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही आरोपियों पर एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन को बाध्य होगी. कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस प्रवक्ता संजीव सिंह ने सरकार और आरएसएस पर बेहद तीखे और गंभीर आरोप लगाए. संजीव सिंह ने कहा, "यह सीधे तौर पर 'कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट' और नेचुरल जस्टिस का कत्ल है. जिस व्यक्ति या तंत्र पर चोरी का आरोप है, वही इसकी जांच करा रहा है. एसआईटी का नेतृत्व कर रहे अधिकारी खुद दागी हैं, जिनके कार्यकाल में पूर्व के आयोजनों में बड़ी खामियां सामने आई थीं."ALSO READ : बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...इन मुद्दों को भी उठायाकांग्रेस नेताओं ने अपने संबोधन में केवल अयोध्या ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन (महाकाल) का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि धर्म की आड़ में बड़े पैमाने पर जमीनों और संसाधनों की लूट चल रही है. कांग्रेस ने राज्यपाल से गुहार लगाई है कि आम जनमानस की आस्था को ठेस पहुंचाने वाले इस महाघोटाले की जांच वर्तमान हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराई जाए, ताकि सच सामने आ सके. प्रदर्शन में राजश्‍वर पटेल, सतनाम सिंह तमाम कांग्रेसी मौजूद रहे.
बीएचयू में ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क की होगी शुरुआत, स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी...
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वाराणसी : स्वच्छ एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए बीएचयू और वाराणसी स्मार्ट सिटी ने विश्वविद्यालय परिसर में एप-आधारित सार्वजनिक साइकिल एवं ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए साझेदारी की है. इस सेवा का संचालन प्रारम्भ होने पर उपयोगकर्ता मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जीपीएस-एनेबल्ड साइकिलों तथा उच्च क्षमता वाली ई-बाइक का उपयोग कर सकेंगे. इस एप्लिकेशन में उपयोगकर्ता-आधारित भुगतान व्यवस्था उपलब्ध होगी, जिसके माध्यम से उपयोग शुल्क का सुविधाजनक भुगतान कर इन साइकिल औऱ ई-बाइक को इस्तेमाल किया जा सकेगा.अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावनायह प्रणाली विश्वविद्यालय परिसर में सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं को शहर के व्यापक परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ेगी. इस सुविधा के अगस्त माह के अंत तक प्रारम्भ होने की संभावना है. परियोजना के अंतर्गत बीएचयू परिसर के विभिन्न रणनीतिक एवं अधिक आवागमन वाले स्थानों पर डॉकिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं. प्रारम्भिक चरण में ई-बाइक तथा पारंपरिक पैडल साइकिलों दोनों की व्यवस्था की जाएगी, जिससे उपयोगकर्ताओं को सुलभ एवं पर्यावरण-अनुकूल आवागमन के विकल्प उपलब्ध होंगे.सुरक्षा एवं कुशल संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी वाहनों को लाइव जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से लैस किया जाएगा, जिसे शहर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा जाएगा. यह पहल सतत् परिवहन को प्रोत्साहित करने, मोटर चालित वाहनों पर निर्भरता कम करने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों और आगंतुकों के बीच स्वस्थ आवागमन की संस्कृति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी.कुलपति ने कही ये बातसतत् विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा, “काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ सामाजिक विकास और सामुदायिक कल्याण के प्रति भी समान रूप से प्रतिबद्ध है. वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ यह साझेदारी समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के हमारे सतत प्रयासों का एक महत्त्वपूर्ण विस्तार है. इस पहल को लागू करने के लिए वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ सहयोग कर हमें अत्यंत प्रसन्नता है. इससे न केवल परिसर में आवागमन और अधिक सुगम और सुविधाजनक होगा, बल्कि सतत् एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा.”ALSO READ : सीवर,सड़क,पानी की समस्या बन गई बजरंग नगर की पहचान, लोग घर छोड़ने को मजबूर...यह साझा शुरुआत ऐसे वक्त में की जा रही है, जब बीएचयू और वाराणसी नगर निगम के बीच हाल ही में एक व्यापक सहमति की गई है, जिसके अंतर्गत शहरी जीवन को बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, विश्वविद्यालय समुदाय और वाराणसी के नागरिकों को लाभान्वित करने वाली विभिन्न पहलों का विकास किया जाएगा.
सीवर,सड़क,पानी की समस्या बन गई बजरंग नगर की पहचान, लोग घर छोड़ने को मजबूर...
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वाराणसी : बजरंग नगर एक समय फल-सब्जी मंडी और दुकानों के लिए जाना जाता था, लेकिन आज यह इलाका बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है.स्थानीय निवासी बता रहे हैं कि यहां की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग घर ताले लगाकर या बेचकर जा रहे हैं. जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार हैं, वे मजबूरी में यहीं रहने को विवश हैं.सड़कें और सीवर की बदहालीविनय कुमार सिंह के अनुसार मोहल्ले की 10 से ज्यादा गलियों की हालत बेहद खराब है. ऊबड़-खाबड़ सड़कों पर दोपहिया वाहन चलाना भी मुश्किल हो गया है, चार पहिया वाहनों की तो बात ही छोड़ दें. ऊंचे सीवर चैंबर राहगीरों के लिए बड़े खतरे बन गए हैं.बचाऊलाल विश्वकर्मा ने बताया कि सामान्य दिनों में तो जैसे-तैसे जिंदगी कट जाती है, लेकिन बरसात का मौसम यहां के लोगों के लिए सजा बन जाता है. जलजमाव के कारण लोग घरों में कैद हो जाते हैं और स्थानीय व्यापार पूरी तरह चौपट हो जाता है.मुख्य सीवर लाइन टूटने का मामलागणेश कुमार चौबे और रमेश चौबे ने बताया कि जब लोहता बाजार में मुख्य सड़क बन रही थी, तब लापरवाही के चलते बजरंग नगर की सीवर पाइपलाइन कई जगहों से टूट गई और कनेक्टिविटी बंद हो गई. बाद में विभाग ने मोहल्ले के एक हिस्से में नई पाइपलाइन बिछाई, लेकिन वह भी कम क्षमता की थी और जल्दी चोक हो गई.सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि आधे से ज्यादा मोहल्ला अभी भी सीवर नेटवर्क से वंचित है. गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। ऊंचे सीवर चैंबर आए दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं. शफीउर्रहमान ने बताया कि बरसात में सीवेज और बारिश का पानी घरों में घुस जाता है. सड़कों पर कूड़ा फेंकने की मजबूरी है क्योंकि सफाईकर्मी भी नियमित नहीं आते.बिजली के लटकते तारों का खतरापवन कुमार चौबे ने बिजली के तारों की समस्या पर ध्यान दिलाया.उन्होंने कहा कि पर्याप्त खंभे न होने से तार लोगों के सिर के ऊपर लटक रहे हैं.कई जगह तार घरों की खिड़कियों और दीवारों से सटकर गुजर रहे हैं.संतोष विश्वकर्मा ने कहा हर पल किसी अनहोनी का डर रहता है.उर्मिला देवी ने बताया कि बरसात में ये लटकते और उलझे तार और भी खतरनाक हो जाते हैं. चिंगारियां निकलने का खतरा बना रहता है.ALSO READ : तेजाबी हमले के दर्द को दिया सुर, काशी की ‘काशी की स्‍वर कोकिला’ को मिला पद्मश्री सम्‍मान...पानी की समस्याजयप्रकाश सिंह ने गर्मी के मौसम में पानी की कमी बताई. पाइपलाइन में प्रेशर इतना कम रहता है कि एक बाल्टी पानी भरने में लंबा इंतजार करना पड़ता है. पवन कुमार चौबे ने कहा कि समस्या सिर्फ प्रेशर की नहीं है, बारिश शुरू होते ही पाइपलाइन का पानी बदबूदार और दूषित हो जाता है, जो पीने लायक तो दूर, किसी काम का भी नहीं रहता.स्थानीय लोग अब प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि अगर समय रहते सड़क, सीवर, पानी और बिजली की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यह मोहल्ला जल्द ही पूरी तरह उजड़ सकता है.