सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में ई-ऑडिट व ऑनलाइन लेखा प्रणाली का प्रशिक्षण, डिजिटल गवर्नेंस को मिलेगा बढ़ावा...

वाराणसी. सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भारत के महालेखाकार (ए.जी.) कार्यालय, प्रयागराज की दो सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने लेखा विभाग एवं डेटा एंट्री अनुभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रबंधन प्रणाली का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में पारदर्शी, त्वरित और पेपरलेस वित्तीय कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाना रहा.
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वित्तीय अभिलेख, लेखा दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारियों को डिजिटल रूप से अपलोड करने, ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन तथा महालेखाकार कार्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर ई-ऑडिट प्रक्रिया संचालित करने की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को डिजिटल लेखा प्रणाली के नवीनतम प्रावधानों और तकनीकी प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया.

विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र ने कहा कि यह प्रशिक्षण भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की डिजिटल गवर्नेंस एवं पारदर्शी प्रशासन की नीति को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन लेखा एवं ई-ऑडिट प्रणाली से वित्तीय कार्यों में शुचिता, पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित होगी, जबकि पेपरलेस कार्यालय व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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उन्होंने कहा कि यह पहल केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति में गुणात्मक बदलाव लाने का प्रयास है। इससे लेखा एवं ऑडिट कार्यों में अनावश्यक विलंब समाप्त होगा और सभी अभिलेख सुरक्षित एवं ऑनलाइन उपलब्ध रहेंग.
कार्यशाला के दौरान कर्मचारियों ने विशेषज्ञों से तकनीकी विषयों पर चर्चा कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। समापन पर प्रतिभागियों ने ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रणाली का नियमित उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था की ओर अग्रसर करने का संकल्प लिया.



