वाराणसी में जेठ की दुपहरी का 'महा-टॉर्चर', गंगा घाटों पर पसरा सन्नाटा

The 'great torture' of the afternoon of Jyeshtha in Varanasi, silence prevails on the banks of the Ganga.
वाराणसी: पुरवा के असर से पंखा-कूलर भी बेअसर हो गया है. जिले का अधिकतम तापमान 42.4 औेर न्यूनतम तापमान 29 डिग्री है, ये दोनों ही सामान्य से क्रमश: 1.8 और 2.7 डिग्री सेल्सियस अधिक है. बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, वातावरण में अचानक पुरवा का हावी होना अस्वाभाविक भले लगे मगर यह मानसून पूर्व की सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया है. बताया कि प्री-मानसून के छींटे पड़ने के पहले भी हवा में इस तरह का परिवर्तन होता है. कहा कि अभी अगले दो दिनों तक पुरवा का असर रह सकता है.

गुल्ल हुई बिजली से परेशान जनता
प्रचंड गर्मी से बिजली के 33/11 केवी उपकेन्द्रों पर लोड दोगुना हो गया है. इस नाते कटौती में भी वृद्धि हुई है, शहरी हों या देहात के इलाके, बिजली की अंधाधुंध कटौती ने मौसम की तल्खी बढ़ा दी है. कटौती की सही जानकारी न मिलने पर उपभोक्ताओं का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है, इसको पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभु कुमार ने गंभीरता से लिया है, उन्होंने अधीक्षण अभियंता दिलीप कुमार और सचिन कुमार को भी ऐसी शिकायतों की जांच करने को कहा है.

कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में शुद्ध शीतल पेयजल व्यवस्था की गई है. एसआईसी डॉ. ब्रजेश कुमार ने कहा कि धूप एवं हीट वेव से बचाव के लिए शेड, इमरजेंसी के बाहर स्ट्रेचर और व्हीलचेयर रखी है. शीतल वेटिंग क्षेत्र बनाया गया है। हेल्प डेस्क, ओआरएस काउंटर और कोल्ड रूम भी बना है.

चिकित्सा विशेषज्ञों की राय
भीषण गर्मी और लू के कारण अस्पतालों में भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. इसे लेकर आइएमएस बीएचयू के जनरल मेडिसिन विभाग के प्रो. दीपक गौतम ने आम जनता के लिए विशेष स्वास्थ्य एडवायजरी जारी की है. कहा है कि अनावश्यक बाहर न निकलें. दोपहर के समय जब सूरज की किरणें सबसे तीखी होती हैं, बहुत जरूरी न हो तो घरों से बाहर निकलने से बचें. शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) न होने दें.

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सादे पानी के साथ-साथ ओआरएस घोल, लस्सी, छाछ, बेल का शरबत या नींबू पानी का सेवन लगातार करते रहें. यदि किसी कारणवश धूप में निकलना ही पड़े, तो खाली पेट न निकलें, अपने सिर और चेहरे को सफेद या हल्के रंग के सूती कपड़े से अच्छी तरह ढक कर रखें और साथ में पानी की बोतल जरूर रखें.



