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वाराणसी संग पूर्वांचल में तेज आंधी-बारिश से उखड़े पेड़, कई इलाकों में बिजली गुल

वाराणसी संग पूर्वांचल में तेज आंधी-बारिश से उखड़े पेड़, कई इलाकों में बिजली गुल
May 29, 2026, 07:19 AM
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Posted By Preeti Kumari

Heavy rain and storm uprooted trees in Varanasi and Purvanchal, leaving power out in many areas.


वाराणसी: पूर्वांचल समेत वाराणसी में शुक्रवार की भोर 5:00 बजे 75 किलोमीटर प्रति घंटा के वेग से आंधी चली और तेज गरज चमक के साथ घंटे भर लगातार जोरदार वर्षा हुई. बाबतपुर क्षेत्र में 29 मिलीलीटर तथा बीएचयू क्षेत्र में 15 मिमी पानी गिरा. इसकी वजह से सुबह चार बजे के बाद तापमान ने भी पर्याप्‍त गोता लगाया और वातावरण सुबह ठंडा हो गया. हालांकि वातावरण में ठंडक घुलने के बाद द‍िन चढ़ा तो सूर्य के ताप ने जोर पकड लिया.


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कई स्थानों पर गिरे पेड़


आंधी के चलते शहर में बनकटी हनुमान मंदिर सहित कई स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर पड़े, जिसके कारण रास्ता अवरुद्ध हुआ तो वहीं तेज वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलजमाव हो गया. इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई. आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान बताया जा रहा है. पकने की स्थिति में पहुंचे आम के फल आंधी के चलते टूट कर गिर पड़े जिससे उत्पादकों को काफी क्षति उठानी पड़ी है. जबक‍ि खुले में रखे अनाज भी भींगे हैं तो कहीं पर ईंटों की पथाई का काम भी प्रभाव‍ित हुआ है.


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आंधी-बारिश से हुआ भारी नुकसान


तेज आंधी-तूफान और बारिश ने छावनी क्षेत्र में व्यापक असर छोड़ा. अलग-अलग स्थानों पर लगभग आधा दर्जन पेड़ धराशाई हो गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. छावनी स्थित लाल चर्च के पास तेज आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ उखड़कर गिर पड़ा. पेड़ की चपेट में वहां खड़ा एक टेंपो ट्रेवलर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं चर्च की दीवार को भी नुकसान पहुंचा. घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई.


इसी तरह मिंट हाउस स्टेशन मार्ग पर भी एक विशाल नीम का पेड़ धराशाई हो गया, जिससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया. सूचना मिलते ही छावनी प्रशासन मौके पर पहुंचा और पेड़ हटवाकर बाधित मार्ग को बहाल कराया. इसके अलावा 39 जीटीसी के गेट नंबर-6 के समीप भी पेड़ गिरने की सूचना मिली. आंधी-पानी के कारण छावनी क्षेत्र के कई हिस्सों में पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन द्वारा रात में ही राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया गया. पेड गिरने से कई इलाके में बिजली भी कट गई.


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मौसम व‍िभाग ने अलर्ट जारी


हालांक‍ि एक द‍िन पूर्व ही मौसम व‍िभाग ने अलर्ट जारी कर द‍िया था क‍ि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हो कर, देर रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा. 28 मई से 31 मई तक, 6-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गिरावट और राज्य के अनेक हिस्सों में आँधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के साथ व्यापक वर्षा होगी. 29 मई को इसका प्रभाव सर्वाधिक (वायु गति 80-90 किमी/घंटा से 100 किमी/घंटा के झोकों के साथ) तक पहुंचने की संभावना है. उसी अनुरूप मौसम का रुख भी बदला और बादलों ने पर्याप्‍त बार‍िश कराई है.


बीते चौबीस घंटों में अध‍िकतम तापमान 37.8°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 2.9 ड‍िग्री कम रहा. न्‍यूनतम तापमान 19.6°C दर्ज क‍िया गया जो सामान्‍य से 6.8 ड‍िग्री कम रहा. आर्द्रता इस दौरान न्‍यूनतम 41% और अध‍िकतम 93% दर्ज की गई. आर्द्रता में इजाफा और तापमान में कमी ने मौसम का रुख स्‍पष्‍ट कर द‍िया है की अब प्री मानसूनी हालात बनना शुरू हो चुका है. अब आने वाले द‍िनों में मौसम का रुख बदलेगा और उमस में इजाफा तो होगा लेक‍िन तापमान में कुछ कमी होगी. लोकल हीटि‍ंंग बादलों की सक्र‍ियता बढ़ाएंगे. इसकी वजह से मौसम का रुख बेहतर होगा, हालांक‍ि गर्मी का असर भी बना रहेगा.


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जलजमाव के कारण आवागमन में परेशानी


बरसात के कारण नगवा लंका स्थित ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर भारी जलजमाव हो गया. जिसके कारण आवागमन में काफी परेशानी हुई. ये हाल तब है जब बरसात की शुरुआत भी नहीं हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री द्वारा बनारस को हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात दी गई, लेकिन ट्रॉमा सेंटर जैसे अति महत्वपूर्ण स्थान के सामने आज तक स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई.


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BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ