वाराणसी संग पूर्वांचल में तेज आंधी-बारिश से उखड़े पेड़, कई इलाकों में बिजली गुल

Heavy rain and storm uprooted trees in Varanasi and Purvanchal, leaving power out in many areas.
वाराणसी: पूर्वांचल समेत वाराणसी में शुक्रवार की भोर 5:00 बजे 75 किलोमीटर प्रति घंटा के वेग से आंधी चली और तेज गरज चमक के साथ घंटे भर लगातार जोरदार वर्षा हुई. बाबतपुर क्षेत्र में 29 मिलीलीटर तथा बीएचयू क्षेत्र में 15 मिमी पानी गिरा. इसकी वजह से सुबह चार बजे के बाद तापमान ने भी पर्याप्त गोता लगाया और वातावरण सुबह ठंडा हो गया. हालांकि वातावरण में ठंडक घुलने के बाद दिन चढ़ा तो सूर्य के ताप ने जोर पकड लिया.

कई स्थानों पर गिरे पेड़
आंधी के चलते शहर में बनकटी हनुमान मंदिर सहित कई स्थानों पर पेड़ टूट कर गिर पड़े, जिसके कारण रास्ता अवरुद्ध हुआ तो वहीं तेज वर्षा के चलते निचले इलाकों में जलजमाव हो गया. इसके चलते लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हुई. आंधी से आम की फसल को काफी नुकसान बताया जा रहा है. पकने की स्थिति में पहुंचे आम के फल आंधी के चलते टूट कर गिर पड़े जिससे उत्पादकों को काफी क्षति उठानी पड़ी है. जबकि खुले में रखे अनाज भी भींगे हैं तो कहीं पर ईंटों की पथाई का काम भी प्रभावित हुआ है.

आंधी-बारिश से हुआ भारी नुकसान
तेज आंधी-तूफान और बारिश ने छावनी क्षेत्र में व्यापक असर छोड़ा. अलग-अलग स्थानों पर लगभग आधा दर्जन पेड़ धराशाई हो गए, जिससे कई मार्गों पर आवागमन बाधित हो गया. हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. छावनी स्थित लाल चर्च के पास तेज आंधी के दौरान एक विशाल पेड़ उखड़कर गिर पड़ा. पेड़ की चपेट में वहां खड़ा एक टेंपो ट्रेवलर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं चर्च की दीवार को भी नुकसान पहुंचा. घटना के समय आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई. विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई.
इसी तरह मिंट हाउस स्टेशन मार्ग पर भी एक विशाल नीम का पेड़ धराशाई हो गया, जिससे मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो गया. सूचना मिलते ही छावनी प्रशासन मौके पर पहुंचा और पेड़ हटवाकर बाधित मार्ग को बहाल कराया. इसके अलावा 39 जीटीसी के गेट नंबर-6 के समीप भी पेड़ गिरने की सूचना मिली. आंधी-पानी के कारण छावनी क्षेत्र के कई हिस्सों में पेड़ गिरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन द्वारा रात में ही राहत एवं सफाई कार्य शुरू कर दिया गया. पेड गिरने से कई इलाके में बिजली भी कट गई.

मौसम विभाग ने अलर्ट जारी
हालांकि एक दिन पूर्व ही मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया था कि सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश से शुरू हो कर, देर रात तक पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच जाएगा. 28 मई से 31 मई तक, 6-8 डिग्री सेल्सियस के तापमान में गिरावट और राज्य के अनेक हिस्सों में आँधी-तूफान एवं ओलावृष्टि के साथ व्यापक वर्षा होगी. 29 मई को इसका प्रभाव सर्वाधिक (वायु गति 80-90 किमी/घंटा से 100 किमी/घंटा के झोकों के साथ) तक पहुंचने की संभावना है. उसी अनुरूप मौसम का रुख भी बदला और बादलों ने पर्याप्त बारिश कराई है.
बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 37.8°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम रहा. न्यूनतम तापमान 19.6°C दर्ज किया गया जो सामान्य से 6.8 डिग्री कम रहा. आर्द्रता इस दौरान न्यूनतम 41% और अधिकतम 93% दर्ज की गई. आर्द्रता में इजाफा और तापमान में कमी ने मौसम का रुख स्पष्ट कर दिया है की अब प्री मानसूनी हालात बनना शुरू हो चुका है. अब आने वाले दिनों में मौसम का रुख बदलेगा और उमस में इजाफा तो होगा लेकिन तापमान में कुछ कमी होगी. लोकल हीटिंंग बादलों की सक्रियता बढ़ाएंगे. इसकी वजह से मौसम का रुख बेहतर होगा, हालांकि गर्मी का असर भी बना रहेगा.

जलजमाव के कारण आवागमन में परेशानी
बरसात के कारण नगवा लंका स्थित ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार के सामने सड़क पर भारी जलजमाव हो गया. जिसके कारण आवागमन में काफी परेशानी हुई. ये हाल तब है जब बरसात की शुरुआत भी नहीं हुई है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री द्वारा बनारस को हजारों करोड़ की योजनाओं की सौगात दी गई, लेकिन ट्रॉमा सेंटर जैसे अति महत्वपूर्ण स्थान के सामने आज तक स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई.
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