नगर निगम के आदेश के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी

वाराणसी: मांस-मछली व्यापारियों, नागरिक संगठनों और राजनैतिक दलों की बैठक में नगर निगम के आदेश के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया.
वाराणसी नगर निगम द्वारा मांस एवं मछली की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने संबंधी आदेश के विरोध में आज 9 जुलाई 2026 को व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राजनैतिक दलों की एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में नगर निगम के इस निर्णय को आजीविका, खाद्य स्वतंत्रता तथा नागरिक अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताते हुए इसके खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष चलाने का निर्णय लिया गया.
बैठक में ये तय किया गया कि आगामी 15 जुलाई को टाउन हॉल में होने वाली नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक में विपक्षी दलों के पार्षद एवं सदस्य यह प्रस्ताव रखेंगे कि नगर आयुक्त एवं महापौर इस आदेश को तत्काल वापस लें. उपस्थित लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि नगर निगम जनभावनाओं और प्रभावित परिवारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपने निर्णय पर पुनर्विचार करेगा.
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि नगर निगम द्वारा आदेश वापस नहीं लिया जाता है, तो मांस-मछली व्यापारियों, श्रमिकों, नागरिक संगठनों और राजनैतिक दलों के साथ मिलकर एक व्यापक जनांदोलन शुरू किया जाएगा.
बैठक में शामिल सदस्यों ने कहा कि हजारों परिवारों की आजीविका इस व्यवसाय से जुड़ी हुई है और बिना पर्याप्त संवाद तथा वैकल्पिक व्यवस्था के इस प्रकार का निर्णय सामाजिक एवं आर्थिक संकट पैदा करेगा. उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की कि प्रभावित पक्षों से वार्ता कर लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकाला जाए.
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बैठक में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि रोजगार, भोजन की पसंद और सम्मानजनक जीवन के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा तथा जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
आज की बैठक में मुख्य रूप से नंदलाल मास्टर, डॉ धनञ्जय त्रिपाठी, राघवेंद्र चौबे महानगर कांग्रेस अध्यक्ष, कैलाश पटेल आम आदमी पार्टी अध्यक्ष, मनीष शर्मा, जिंतेंद्र, अब्दुल्लाह, सुमित सोनकर, आजाद गौतम, कांता, एडवोकेट हैप्पी इत्यादि लोग शामिल रहे.



