सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा- सनातन भारत की चेतना का आधार

Yogi Adityanath said – the basis of the consciousness of eternal India
वाराणसी: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन धर्म भारत की सांस्कृतिक चेतना और आध्यात्मिक परंपरा का आधार है. काशी विश्वनाथ और सोमनाथ भारतीय सभ्यता के ऐसे प्रतीक हैं, जिनमें देश की आस्था और इतिहास समाहित है. उन्होंने कहा कि सनातन पर आघात करने वाली शक्तियां समय के साथ समाप्त हो गईं, जबकि सनातन परंपरा आज भी पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रही है.

“सोमनाथ संकल्प महोत्सव”
मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सोमवार को आयोजित “सोमनाथ संकल्प महोत्सव” को संबोधित कर रहे थे. कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ‘ॐ’ जप और शास्त्रियों व छात्र-छात्राओं की शंख ध्वनि के साथ हुई. सोमनाथ भवन स्थित गोलाकार सभा स्थल में विद्यार्थियों द्वारा निर्मित पार्थिव शिवलिंग स्थापित किया गया, जिसे भगवान सोमनाथ ज्योतिर्लिंग का प्रतीक स्वरूप बताया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सोमनाथ संकल्प का वाचन किया, जिसके बाद उपस्थित अतिथियों ने सामूहिक रूप से संकल्प दोहराया. कार्यक्रम में सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक प्रस्तुतियां भी दी गईं. आयोजन का लाइव स्ट्रीम प्रसारण भी किया गया.

राज्यपाल ने कहा- “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व”
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” हमें उस दिव्य सोमनाथ मंदिर की हजार वर्षों की अविचलित यात्रा का स्मरण कराता है, जिसने अनेक आक्रमणों, संघर्षों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी आस्था, ऊर्जा और अस्तित्व को अक्षुण्ण बनाए रखा. सोमनाथ राष्ट्र के स्वाभिमान का ज्योति-स्तंभ है और आज, उसी गौरवगाथा की श्रृंखला में बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर की पावन धरती पर यह ज्योतिर्लिंग कार्यक्रम आयोजित हो रहा है. यह संयोग नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की अद्भुत आध्यात्मिक एकता का प्रतीक है, जहाँ पश्चिम के सागर तट पर स्थित सोमनाथ और पूर्व की आध्यात्मिक राजधानी काशी, दोनों मिलकर भारत की अनंत चेतना का आलोक प्रसारित कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि काशी और सोमनाथ भारतीय सभ्यता के दो अमर स्वर हैं. एक ने समुद्र की लहरों के मध्य आस्था का दीप जलाए रखा, तो दूसरे ने गंगा की अविरल धारा के साथ ज्ञान, मोक्ष और अध्यात्म का संदेश संपूर्ण विश्व को दिया. जब सोमनाथ की घंटियाँ और काशी की आरती एक साथ गूंजती हैं, तब ऐसा प्रतीत होता है मानो संपूर्ण भारत अपनी सनातन आत्मा का उद्घोष कर रहा हो. महोत्सव में मंत्री अनिल राजभर, हंसराज विश्वकर्मा, डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, विधायक सौरभ श्रीवास्तव सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.



