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वाराणसी में 50 इलेक्ट्रिक बसें संचालित, 100 नई बसों की डिमांड

वाराणसी में 50 इलेक्ट्रिक बसें संचालित, 100 नई बसों की डिमांड
Nov 20, 2025, 11:49 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: विधान परिषद की नियम पुनरीक्षण समिति की उच्चस्तरीय बैठक गुरुवार को सर्किट हाउस सभागार में समिति के कार्यवाहक सभापति हरिओम पांडेय की अध्यक्षता में हुई. बैठक में सर्वप्रथम विकास प्राधिकरण से जुड़े प्रश्नों को लिया गया जिसमें हाई फ्लड लेवल सार्वजनिक शौचालय शामिल थे. जिसका जवाब सचिव विकास द्वारा दिया गया जिसमें उन्होंने बताया कि एचएफएल के 200 मीटर के दायरे में निर्माण की अनुमति शासन से अब अनुमोदित हो चुकी है. वहीं सिटी ट्रांसपोर्ट द्वारा बताया गया कि कुल 50 इलेक्ट्रिक बसे संचालित हैं तथा 100 नयी बसों की डिमांड भेजी गयी है. नगर निगम को अपने शिलान्यास/लोकार्पण कार्यक्रमों में विधान परिषद सदस्यों के नाम शामिल करने को कहा गया. सीएमओ द्वारा बताया गया कि सभी सीएचसी पीएचसी पर डॉक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा जिला स्तर पर 24 डायलिसिस बेड लगातार संचालित हैं तथा टीबी मुक्त हेतु पीरामल ग्रुप के साथ लगातार कार्य किए जा रहे हैं.


यूपीसीडा के अधिकारी से डीएम लें स्‍पष्‍टीकरण


सदस्यों द्वारा जिला पंचायत की कार्यप्रणाली से नाराजगी जाहिर करते हुए सुधार की अपेक्षा की गयी. बैठक से यूपीसीडा के अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी से उनसे स्पष्टीकरण लेने हेतु निर्देशित किया गया. समाज कल्याण द्वारा बताया गया कि अनुसूचित जाति के बच्चों हेतु दो छात्रावास काशी विद्यापीठ तथा आशापुर में संचालित है तथा इस वर्ष 396 लोगों के सामूहिक विवाह कराए गए हैं तथा छात्रों के छात्रवृत्ति भी दी जा रही है. सभापति द्वारा डीआईओएस से प्रोजेक्ट अलंकार, राजकीय विद्यालयों में मिनी स्टेडियम, सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन समेत विभिन्न प्रश्नों की जानकरियां ली गयी.


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1200 नए ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि या बदलाव का प्लान


विद्युत विभाग के चीफ इंजीनियर द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 30027 ट्रांसफार्मर हैं जिसमें 332 की क्षमता वृद्धि की जा चुकी है तथा 1200 नए ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि या बदलाव का भी पूरा प्लान तैयार हो चुका है. जिसको शीघ्र पूरा किया जायेगा. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार द्वारा समिति को बताया गया कि सरकार के प्रयास से धार्मिक नगरी वाराणसी मेडिकल हब के रूप में विकसित हो रहा है जिसमें वर्तमान में 5 सरकारी तथा एक निजी मेडिकल कॉलेज संचालित है तथा पर्यटन के रूप में भी वाराणसी नए कीर्तिमान गढ़ रहा है.


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12 वर्षों में 52000 करोड़ के विकास कार्य


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जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में लगभग 52000 करोड़ के विकास कार्य किए गए हैं. जिलाधिकारी ने समिति के निर्देशों को अनुपालन कराने के लिए भी अवगत कराया. सभापति द्वारा जिलाधिकारी वाराणसी तथा पूरी प्रशासनिक टीम की प्रशंसा भी की गयी.

बैठक में सभापति हरिओम पांडेय ने बताया कि समिति की बैठक का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद की कार्यप्रणाली से जुड़े नियमों, विनियमों और उपनियमों के संशोधन, अद्यतन और सरलीकरण पर विचार करना है. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, प्रभावशीलता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रियाओं का समय-समय पर पुनरीक्षण जरूरी है. समिति द्वारा प्राप्त सुझावों और अनुशंसाओं को आगामी सत्र में परिषद के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा. बैठक के दौरान वाराणसी और चंदौली जिलों के विभिन्न विभागों—पुलिस, राजस्व, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आबकारी, वन, पशुपालन, मत्स्य आदि—द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदनों की जिलेवार समीक्षा की गई. समिति ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों को प्राथमिकता पर लिया जाए तथा कार्यों के क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों से समन्वय सुनिश्चित किया जाए. सदस्य धर्मेंद्र सिंह द्वारा डीपीआरओ को गांवों में सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाकर गंभीरता से साफ सफाई देखने तथा अनावश्यक जलजमाव रोकने हेतु निर्देशित किया गया.

बैठक में समिति के सदस्य आशुतोष सिन्हा, हंसराज विश्वकर्मा, राय धर्मेंद्र सिंह, जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी चंदौली चंद्र मोहन गर्ग, डीसीपी ट्रैफिक वाराणसी, मुख्य विकास अधिकारी समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

व्‍यवसायी हत्‍याकांड : कार्रवाई के लिए विधायक के नेतृत्‍व में प्रतिनधिमंडल ने की CP से मुलाकात...
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वाराणसी : रोहनिया के व्‍यवसायी जितेंद्र पटेल की गोली मारकर हुई हत्‍या को लेकर विधायक सुनील पटेल के नेतृत्‍व में एक प्रतिनधिमंडल ने शनिवार को पुलिस आयुक्‍त मोहित अग्रवाल से मुलाकात की. इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अवलेशपुर में हुई हालिया घटना पर चर्चा करना था. प्रतिनिधिमंडल में वाराणसी के पूर्व महापौर, ब्लॉक प्रमुख, पार्षद सहित कई अन्य लोग भी शामिल थे.मुलाकात के मुख्य बिंदु पुलिस प्रशासन का आश्वासन: बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को आश्वस्त किया कि पुलिस इस मामले पर पूरी गंभीरता और तत्परता से काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जल्द ही दोषियों को पकड़ लिया जाएगा और उन्हें कड़ी सजा मिलेगी.दोषियों पर सख्त कार्रवाई: प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि घटना में शामिल दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे कहीं के भी हों. मामले की तह तक जाकर दोषियों को सजा दिलाने का आश्वासन दिया गया है.जांच का दायरा: मामले की जांच को लेकर यह जानकारी दी गई है कि इस घटना के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जो लखनऊ तक जांच करेंगी. इसके अलावा, चंदौली, बिहार और गुजरात के लिए भी टीमें लगाई गई हैं ताकि दोषियों को जल्द पकड़ा जा सके.ALSO READ : वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...जनता से सहयोग की अपील: प्रतिनिधिमंडल ने जनता और सभी संबंधित लोगों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग अपना काम पूरी मजबूती से कर रहा है और अपराधियों को किसी भी हाल में भागने नहीं दिया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई है कि आने वाले दिनों में मामले का पूरा खुलासा हो जाएगा और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलेगा. बता दें कि पिछले दिनों दुकान बंद कर घर लौट रहे व्‍यवसायी की गोली मारकर हत्‍या कर दी गई थी.
वाराणसी का स्‍वाद म‍िलेगा स्विगी के साथ, नगर निगम ने की साझेदारी...
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वाराणसी : खानपान की विरासत को लेकर नगर निगम ने भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और स्विगी के साथ मिलकर "वाराणसी का स्वाद, स्विगी के साथ" नामक एक नई पहल की शुरुआत की है. इस पहल का उद्देश्य वाराणसी की समृद्ध खाद्य विरासत का जश्न मनाना और शहर के लाखों पर्यटकों तथा निवासियों को यहां के प्रसिद्ध स्थानीय व्यंजनों तक सुविधाजनक पहुंच प्रदान करना है. इस पहल का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया है.इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उत्तर प्रदेश के स्टाम्प, न्यायालय शुल्क और पंजीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं विधायक (वाराणसी उत्तर) रवींद्र जायसवाल ने 12 प्रतिष्ठित स्थानीय खाद्य आउटलेट्स के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया, जिनमें काशी चाट भंडार, चाची की प्रसिद्ध कचौरी, लक्ष्मी चाय, पहलवान लस्सी, गामा पान भंडार, नीलू कचौरी, टेस्ट किंग, पाठक जी ठंडाई वाला, नेताजी पान भंडार, गौरी शंकर कचौरी वाला और बनारसी पान मंदिर (लक्सा) शामिल हैं. इन सभी आउटलेट्स को एक औपचारिक प्रमाणन प्रदान किया गया, जो उनकी विरासत, गौरव और गुणवत्ता का प्रतीक है.जानकारी के अनुसार इस पहल के अंतर्गत वाराणसी के कुछ प्रमुख घाटों, जैसे नमो घाट, अस्सी घाट और दशाश्वमेध घाट पर पारंपरिक ठेले स्थापित किए जाएंगे. इन ठेलों पर आने वाले आगंतुक इन प्रसिद्ध स्थानीय भोजनालयों के लोकप्रिय व्यंजनों का आनंद ले सकेंगे. भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सचिव भुवनेश कुमार ने इस पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, "वाराणसी की खाद्य परंपराएं इसके इतिहास, संस्कृति और यहां के लोगों की रचनात्मकता का प्रतिबिंब हैं.बताया क‍ि स्थानीय विक्रेताओं द्वारा पीढ़ियों से तैयार किए जा रहे ये व्यंजन शहर के पर्यटन आकर्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. स्विगी की इस पहल के माध्यम से स्थानीय विक्रेताओं को एक ऐसा मंच मिलेगा, जिससे वे शहर का दौरा करने वाले पर्यटकों सहित एक बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंच सकेंगे. इस तरह के सहयोग से हमारे खाद्य उद्यमियों के लिए स्थायी अवसर पैदा होंगे और स्थानीय खाद्य विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी."जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने कहा, "काशी को एक विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल में बदलना हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में घोषित 'एक जिला, एक व्यंजन' (ओडीओसी) पहल का उद्देश्य वाराणसी की पाक विरासत को भारत और वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है. स्विगी की इस पहल से शहर की पारंपरिक खाद्य संस्कृति को पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक दृश्यता मिलेगी, जिससे उनकी पहचान मजबूत होगी."ALSO READ : दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा, "भोजन किसी भी शहर की सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग होता है. हमें विश्वास है कि यह पहल पवित्र शहर का दौरा करने वाले लाखों पर्यटकों के बीच यहां के स्थानीय और प्रतिष्ठित व्यंजनों को बढ़ावा देने में मदद करेगी. स्विगी सुविधाजनक पहुंच के लिए जानी जाती है और इस साझेदारी के साथ, हम इस खूबसूरत शहर की पाक विरासत को तलाशने के लिए और अधिक ग्राहकों को जोड़ने के लिए उत्साहित हैं. मैं भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय और वाराणसी नगर निगम का इस विज़न को धरातल पर उतारने में उनके सहयोग के लिए आभार जताता हूं."
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को झटका, अगली सुनवाई तक लगी रोक...
वाराणसी : दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण योजना के तहत प्रस्तावित भवन ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है.अदालत ने अगली सुनवाई तक संबंधित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है, जिससे प्रभावित पक्ष को बड़ी राहत मिली है.जानकारी के अनुसार, इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी ने अलिमुन्निशा द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया. याचिका में नगर निगम वाराणसी के जोनल अधिकारी एवं सहायक नगर आयुक्त द्वारा 26 मई 2026 को उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331 के तहत जारी नोटिस को चुनौती दी गई थी.याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि नोटिस जारी करने और ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरती गई हैं तथा बिना पर्याप्त सुनवाई का अवसर दिए कार्रवाई शुरू कर दी गई.पक्षकार ने इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध बताया.मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल विवादित संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है.अदालत ने स्पष्ट किया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई नहीं की जाएगी.ALSO READ : बीएचयू के शिक्षा संकाय में संशोधित सिलेबस को मिली मंजूरी, बैठक में हुआ अनुमोदन...गौरतलब है कि दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर पिछले कुछ समय से क्षेत्र में विवाद बना हुआ है.ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है.अब सभी की निगाहें मामले की अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां पक्षकार अपनी विस्तृत दलीलें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेंगे.