Daily Bulletin Tag
AI गार्गी दैनिक बुलेटिन

व‍िश्‍वप्रस‍िद्ध रामनगर की रामलीला के पात्रों के चयन के लिए तीन दर्जन से अधिक मठों को भेजा गया संदेश...

व‍िश्‍वप्रस‍िद्ध रामनगर की रामलीला के पात्रों के चयन के लिए तीन दर्जन से अधिक मठों को भेजा गया संदेश...
Jul 19, 2026, 03:44 AM
|
Posted By Diksha Mishra

वाराणसी. विश्वप्रसिद्ध रामनगर रामलीला इस बार 25 सितंबर से शुरू होगी । । काशी राज परिवार के अनुसार इस वर्ष 2 अगस्त को प्रथम गणेश पूजन और 14 सितंबर को द्वितीय गणेश पूजन का आयोजन होगा। काशी नरेश परिवार ने इस वर्ष की रामलीला के लिए पात्र चयन प्रक्रिया का पहला चरण शुरू कर दिया है। राज परिवार ने वाराणसी सहित आसपास के जिलों में संचालित मठों, आश्रमों, वेद विद्यालयों और संस्कृत शिक्षण संस्थानों में पात्रों के चयन की जानकारी भेजी है। प्रथम गणेश पूजन के बाद चयनित पात्रों का प्रशिक्षण आरंभ किया जाएगा।


QV


प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न जैसे प्रमुख पात्रों का चयन किया जाएगा। काशी राज परिवार की ओर से भेजे गए संदेश में पात्र चयन की संभावित तिथि 18 जुलाई निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया रथयात्रा मेले के तीसरे दिन आयोजित होने की संभावना है।

अरविन्द मिश्रा के अनुसार चयन प्रक्रिया में 8 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बालक भाग ले लेते है।


ALSO READ : एरोबिक्स जिम्नास्टिक में सनबीम वरुणा चैंपियन, सारनाथ रहा उपविजेता...


इच्छुक बच्चों की परीक्षा केवल अभिनय क्षमता के आधार पर नहीं होगी, बल्कि संस्कृत श्लोकों और रामचरितमानस की चौपाइयों के स्पष्ट, शुद्ध और प्रभावशाली उच्चारण का भी परीक्षण किया जाएगा। चयन के दौरान स्वर की मधुरता, उच्चारण की शुद्धता, आत्मविश्वास और संवाद प्रस्तुति को विशेष महत्व दिया जाएगा। पात्रों का चयन किला परिसर स्थित जवाहर खाने में किया जाएगा। यहां विशेषज्ञों और काशी राज परिवार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में बच्चों की वाचिक क्षमता का परीक्षण होगा। चयनित बालकों को रामलीला मंचन से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने पात्रों को पूरी गरिमा और परंपरा के अनुरूप निभा सकें। रामनगर रामलीला की सबसे बड़ी विशेषता इसकी परंपरागत शैली है। यहां आधुनिक मंचीय तकनीकों के बजाय प्राकृतिक वातावरण और मुक्ताकाशी मंचन की परंपरा आज भी जीवंत है। यही कारण है कि इस रामलीला को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी विशेष पहचान प्राप्त है। इसकी ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता के कारण हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इसे देखने रामनगर पहुंचते हैं। लगभग 45 दिनों तक गंगा तट स्थित बलुआ घाट धर्मशाला में इन बाल कलाकारों को संवाद अदायगी, भाव-भंगिमा, मंच संचालन, स्वर की कोमलता और पारंपरिक अभिनय शैली का अभ्यास कराया जाएगा। इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए काशी राज परिवार हर वर्ष पात्र चयन और प्रशिक्षण की प्रक्रिया को अत्यंत गंभीरता और परंपरागत विधि से संपन्न कराता है। इस वर्ष भी तैयारियां पूरे उत्साह के साथ शुरू हो चुकी हैं और आयोजन समिति इसे भव्य एवं सफल बनाने में जुटी हुई है।

नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
नशामुक्त भारत के संदेश के साथ BHU में निकली ‘संडे ऑन साइकिल’ रैली.
वाराणसी: नशामुक्त भारत अभियान के तहत रविवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के जरिए युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त भारत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।मालवीय भवन प्रांगण से कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली को रवाना किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव राजन श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक, NSS स्वयंसेवक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने युवाओं से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा न केवल स्वयं नशे से बचें, बल्कि अपने आसपास के लोगों और समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।also read: विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलकसाइकिल रैली में शामिल प्रतिभागियों ने नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाया और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया। रैली के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिंदू विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम समन्वयक डॉ. स्वप्ना मीना ने किया। आयोजन में विश्वविद्यालय परिवार के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी रही।
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
विश्व आदिवासी दिवस पर बरेका में निकली भव्य शोभायात्रा, पारंपरिक वेशभूषा में दिखी संस्कृति की झलक
वाराणसी: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आदिवासी परिवार, बरेका के तत्वावधान में भव्य शोभायात्रा और सांस्कृतिक समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन में आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक एकता की आकर्षक झलक देखने को मिली।शाम चार बजे बरेका सेंट जॉन स्कूल, गेट संख्या-2 से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कुंदन तिराहा और सूर्य सरोवर मार्ग होते हुए इंटर कॉलेज चौराहे पहुंची। यहां भगवान गौतम बुद्ध, जननायक बिरसा मुंडा और भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शोभायात्रा पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी पहुंचकर संपन्न हुई।शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बच्चे पारंपरिक आदिवासी वेशभूषा में शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्साह और उल्लास से भर दिया। रास्ते में स्थानीय लोगों ने भी शोभायात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।पश्चिमी संस्थान, जलालीपट्टी में आयोजित सांस्कृतिक समारोह में आदिवासी समाज की विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं। वक्ताओं ने आदिवासी समुदाय की समृद्ध परंपराओं और प्रकृति के साथ उनके गहरे जुड़ाव को रेखांकित किया। उन्होंने सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।also read: श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपीलकार्यक्रम के दौरान सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का संदेश दिया गया। आयोजन में बरेका के अधिकारी, कर्मचारी, उनके परिजन, आदिवासी महिला समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।इस अवसर पर सहायक कार्मिक अधिकारी (कर्मशाला) पीयूष मिंज, जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार, आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रमोद लकड़ा, पूर्व संयुक्त सचिव बरेका अमर सिंह, कालू मांझी सहित आदिवासी परिवार बरेका के सुदर्शन उरांव, दिलीप तिर्की, सुचित कुजूर, अजय कुमार तिर्की, संजीवन तिर्की और अजय तिग्गा मौजूद रहे। वहीं आदिवासी महिला समिति की सपना टोप्पो, तारा मैरी मिंज, प्रेमा लिली टोप्पो, अनुपमा और बंदना बारला सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
श्रावण में भास्करा पोखरा पर पुलिस अलर्ट, गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
वाराणसी: श्रावण माह में रोहनिया क्षेत्र स्थित भास्करा पोखरा में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की अनहोनी से बचाने के लिए पुलिस की ओर से लगातार जागरूक किया जा रहा है।एसीपी रोहनिया अवधेश विश्वकर्मा ने भास्करा पोखरा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे निर्धारित और सुरक्षित स्थान पर ही स्नान करें। उन्होंने कहा कि श्रद्धालु किसी भी स्थिति में गहरे पानी में न जाएं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी न करें।also read: आँसुओं, आक्रोश के बाद खुले आसमान के नीचे दालमंडीएसीपी ने खासतौर पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और स्नान के दौरान उन पर लगातार नजर बनाए रखें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।पुलिस प्रशासन की ओर से श्रावण माह के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें और धार्मिक आस्था के साथ अपनी सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक सहयोग और सतर्कता से ही श्रावण माह के आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सकता है।