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हादसों पर लगेगी लगाम, जनपद में दुर्घटना बाहुल्य 17 'ब्लैक स्पॉट्स' हुए सुरक्षित

हादसों पर लगेगी लगाम, जनपद में दुर्घटना बाहुल्य 17 'ब्लैक स्पॉट्स' हुए सुरक्षित
Nov 17, 2025, 07:33 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: दुर्घटनाओं में तेज़ी से हो रही वृद्धि से चिंतित परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, वाराणसी में 17 खतरनाक 'ब्लैक स्पॉट्स' की पहचान कर उन्हें दुरुस्त कर दिया है. परिवहन विभाग ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इन दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने का काम पूरा किया है. उक्त दावा एआरटीओ प्रशासन मनोज प्रसाद वर्मा ने किया है.


33 माह में 773 लोगों ने सड़क दुर्घटनाओं में तोड़ा दम


वैसे आंकड़ों की बात करें तो बीते साल उत्तर प्रदेश के जिन शहरों में सर्वाधिक लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई, उनमें बनारस का नौवां स्थान हैं. वहीं इस जिले में पिछले 33 महीनों में सड़क दुर्घटनाओं में कुल 773 लोगों की मौत हुई, जिनमें से 230 मौतें राजमार्गों पर हुए सड़क हादसों में हुई. इन राष्ट्रीय राजमार्ग के चार थाना क्षेत्रों, बड़ागांव, चौबेपुर, मिर्जामुराद और फूलपुर में एक जनवरी 2023 से अब तक सड़क हादसों में 229 लोगों की जान जा चुकी है.


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गौरतलब है कि इनमें से ज़्यादातर हादसे दिन में हुए, जबकि कुछ मामलों में दुर्घटना कारण चालक का सो जाना या उसे झपकी आ जाना रहा. ये आंकड़े इसलिए भी डराने वाले हैं क्योंकि सड़क हादसों पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लगभग हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें हो रही हैं. जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लगभग हर माह सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें हो रही हैं. बैठक में परिवहन, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा और पुलिस समेत सभी नोडल विभाग के अधिकारी शामिल होते हैं.


क्या होता है ब्लैक स्पॉट ?


एआरटीओ के अनुसार किसी भी सड़क के उस हिस्से को 'ब्लैक स्पॉट' घोषित किया जाता है जहां तीन साल के भीतर 5 बड़ी दुर्घटनाएं हुई हों और उनमें कम से कम 10 लोगों की मौत हुई हो. ये स्थान गंभीर दुर्घटनाओं के लिए अत्यधिक संवेदनशील होते हैं.


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ये आठ स्पाट हैं ज्यादातर खतरनाक


बता दें कि ज़िले में आठ ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं जहां सबसे ज़्यादा दुर्घटनाएं हुईं है. ये स्पॉट रामनगर थाना क्षेत्र में विश्व सुंदरी पुल से भीटी से टगरा पॉइंट तक और सुजाबाद, रोहनिया थाना क्षेत्र में मोहनसराय बाईपास और अमरा अखरी बाईपास. दूसरी ओर लोहता थाना क्षेत्र में धमरिया पुल बड़ागाँव थाना क्षेत्र का हरहुआ बाज़ार और चिलबिला, शिवपुर थाना क्षेत्र में गिलट बाज़ार से तरना तक सबसे खतरनाक क्षेत्र के रूप में सामने आए हैं.


दुरुस्तीकरण और कार्य प्रणाली


एआरटीओ ने दावा किया है कि परिवहन विभाग ने संबंधित विभागों (जैसे पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई, आदि) से सामंजस्य स्थापित कर इन ब्लैक स्पॉट्स पर जरूरी सुधार कार्य करवाए हैं. इन कार्यों में शामिल हैं.

* साइन बोर्ड लगाना: पहचान किए गए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को इंगित करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा चेतावनी और सूचनात्मक साइन बोर्ड लगाए गए हैं.

* अन्य सुधार: जरूरत के अनुसार, सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, गति अवरोधक (स्पीड ब्रेकर) लगाना, मार्किंग को स्पष्ट करना समेत अन्य सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है.


एआरटीओ प्रशासन ने बताया कि परिवहन विभाग का उद्देश्य इन खतरनाक स्थानों को सुरक्षित बनाना और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या को कम करना है.

वैसे अब तक हुई दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण पाए गए हैं जिनमें तेज़ गति से वाहन चलाना, राजमार्ग पर अनाधिकृत मोड़, सड़क किनारे लगी अवैध खाद्य दुकानें और बेतरतीब ढंग से वाहनों को खड़ी किया जाना सामने आया है. कई मामलों में लोग बिना सीट बेल्ट और हेलमेट पहने मिले.

33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
33 पेड़ों की कटाई और 2.65 करोड़ के NGT जुर्माने को लेकर छात्रों ने EC को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में ‘GenZ For BHU’ छात्र आंदोलन के तहत सोमवार को छात्र प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council) को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने 33 पेड़ों की कटाई, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की ओर से लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने और छात्रों के साथ कथित मारपीट को लेकर कार्रवाई की मांग की।छात्र प्रतिनिधिमंडल में सत्यम सिंह, रवि सिंह, अमन मौर्य, विवर्त सिंह समेत अन्य छात्र शामिल रहे। छात्रों ने ज्ञापन के माध्यम से पेड़ों की कटाई के मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।छात्रों की प्रमुख मांगों में U.P. Trees Protection Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराना शामिल है। छात्रों ने यह भी मांग की कि NGT द्वारा लगाए गए 2.65 करोड़ रुपये के जुर्माने की राशि छात्र फंड से नहीं वसूली जाए। उनका कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों से व्यक्तिगत स्तर पर वसूली की जानी चाहिए।इसके अलावा छात्रों ने कुलपति से मिलने गए छात्र-छात्राओं के साथ कथित मारपीट के मामले में सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। छात्र प्रतिनिधियों ने अपने खिलाफ गठित कमेटियों और जारी नोटिस को भी वापस लेने की मांग की है।ALSO READ : बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयनपरिसर में पेड़ों की जियो-टैगिंग की मांगछात्रों ने बीएचयू परिसर के सभी पेड़ों का ट्री सेंसस कराने, उनकी जियो-टैगिंग करने और पेड़ों की निगरानी के लिए ‘ट्री मॉनिटरिंग समिति’ गठित करने की मांग भी रखी।छात्रों का कहना है कि परिसर में पर्यावरण से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
बीएचयू के छात्र दुर्गेश यादव का ‘सा रे गा मा पा 2026’ में हुआ चयन
वाराणसी: काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग के छात्र दुर्गेश यादव का ज़ी टीवी के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो ‘सा रे गा मा पा 2026’ के लिए चयन हुआ है। शो का प्रसारण 19 सितंबर 2026 से ज़ी टीवी पर शुरू हो चुका है।उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के महलीपुर गांव निवासी दुर्गेश यादव, श्री इंद्रजीत यादव और श्रीमती कौशिल्या देवी के पुत्र हैं। उन्होंने बीएचयू से वर्ष 2020-23 में बीपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) और 2023-25 में एमपीए (गायन-उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत) की शिक्षा प्राप्त की है। वर्तमान में वह संगीत एवं मंच कला संकाय में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप कर रहे हैं।दुर्गेश यादव ने पं. गिरजा शंकर त्रिपाठी के मार्गदर्शन में उत्तर भारतीय शास्त्रीय संगीत का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। शास्त्रीय संगीत की इसी पृष्ठभूमि के साथ उन्होंने गायन के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।उनके ‘सा रे गा मा पा 2026’ में चयन पर संगीत एवं मंच कला संकाय की संकाय प्रमुख एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. संगीता पंडित, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन इंटर्नशिप के समन्वयक प्रो. राम शंकर, प्रो. ज्ञानेश चंद्र पांडेय सहित अन्य संकाय सदस्यों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।ALSO READ : बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंकबीएचयू से शास्त्रीय संगीत की शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्रीय स्तर के लोकप्रिय गायन रियलिटी शो में चयन होने से विश्वविद्यालय के संगीत एवं मंच कला संकाय में भी उत्साह का माहौल है।
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
बेनियाबाग से हड़हा सराय तक चला अतिक्रमण विरोधी अभियान, दुकानदारों से नोकझोंक
वाराणसी : बेनियाबाग चौराहे से हड़हा सराय मार्केट तक सोमवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया. टीम ने सड़क पर दुकान लगाकर और अन्य तरीकों से किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए मार्ग को कब्जामुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों की प्रवर्तन टीम से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस बल के चलते स्थिति नियंत्रित रही.अभियान के दौरान सड़क पर दुकान लगाकर रखा गया सामान नगर निगम की टीम ने वाहनों में लादकर हटाया. सड़क किनारे गिट्टी, बालू और ईंट रखकर बिक्री किए जाने से यातायात प्रभावित हो रहा था. इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट गतिविधियां संचालित किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी. नगर निगम की कार्रवाई की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे पार्षद इंद्रेश सिंह ने बताया कि बेनियाबाग क्षेत्र में सड़क जाम और अतिक्रमण की शिकायतों के बाद यह अभियान चलाया गया.ALSO READ : सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक, बोले डीएम- किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाएउन्होंने कहा कि सड़क पर कब्जे के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही थी. अतिक्रमण हटने से यातायात सुगम होगा और स्थानीय लोगों को अपने घरों तकपहुंचने में भी सुविधा मिलेगी. पार्षद ने कहा कि हड़हा सराय मार्केट तक आवागमन सुचारु रहने से व्यापारिक गतिविधियों को भी सुविधा मिलेगी और ग्राहकों को बाजार तक पहुंचने में परेशानी नहीं होगी. नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने सड़क पर दोबारा अतिक्रमण न करने की हिदायत भी दी.