संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन एलर्ट, राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को पहुंचाई जा रही मदद

वाराणसी : अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने गंगा, वरुणा हुई उग्र जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब को संज्ञान लेते हुए बताया कि केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त अद्यतन एवं अधिकृत जलस्तर संबंधी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार की सुबह वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया है. जनपद में गंगा नदी का चेतावनी जलस्तर 70.26 मीटर, खतरे का जलस्तर 71.26 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 73.90 मीटर निर्धारित है. समाचार जारी करने के समय जलस्तर चेतावनी जलस्तर पर पहुंच गया है. गंगा के जलस्तर एवं वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर एवं निकटता से निगरानी रखी जा रही है.
वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव के कारण प्रभावित कुछ परिवारों को पूर्व में ही एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हुए बाढ़ राहत शिविरों में विस्थापित कराया गया है. प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं. बाढ राहत शिविर में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है तथा उनकी आवश्यकतानुसार मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. राहत शिविरों में निवासरत प्रभावित परिवारों को स्वच्छ एवं ताजा भोजन दिन में तीन बार उपलब्ध कराया जा रहा है. बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार दूध एवं केला भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा शिविरों में नियमित रूप से चिकित्सीय परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, साफ एवं पर्याप्त बिस्तर, प्रकाश व्यवस्था, फॉगिंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. शिविरों की व्यवस्थाओं एवं स्वच्छता की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके. जिला प्रशासन द्वारा गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है. संबंधित अधिकारियों द्वारा तटवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण एवं भ्रमण किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में नदी मार्ग से भी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. केन्द्रीय जल आयोग एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जलस्तर, वर्षा एवं मौसम संबंधी सूचनाओं का निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है.
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संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के मध्य निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव, बचाव उपकरण, मानव संसाधन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को तैयार अवस्था में रखा गया है. जिला प्रशासन द्वारा पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया की नीति के तहत परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.
जलस्तर में वृद्धि अथवा अन्य किसी आकस्मिक परिस्थिति की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, अतिरिक्त राहत शिविरों को सक्रिय करने, राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.
वहीं, वरुणा नदी के तटवर्ती कुछ क्षेत्रों में जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविर में आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ रखा गया है. जिला प्रशासन द्वारा स्थिति को पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार प्रभावी निगरानी रखी जा रही है. साथ ही जिला प्रशासन जनपद में जन-धन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः सजग एवं सतर्क है तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित प्रभावी एवं समन्वित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु पूरी तरह तैयार है.



