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संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन एलर्ट, राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को पहुंचाई जा रही मदद

संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रशासन एलर्ट, राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को पहुंचाई जा रही मदद
Sep 01, 2026, 06:19 AM
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Posted By Niharika dwivedi

वाराणसी : अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) ने गंगा, वरुणा हुई उग्र जलस्तर चेतावनी बिंदु के करीब को संज्ञान लेते हुए बताया कि केन्द्रीय जल आयोग से प्राप्त अद्यतन एवं अधिकृत जलस्तर संबंधी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार की सुबह वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर 70.28 मीटर दर्ज किया गया है. जनपद में गंगा नदी का चेतावनी जलस्तर 70.26 मीटर, खतरे का जलस्तर 71.26 मीटर तथा उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 73.90 मीटर निर्धारित है. समाचार जारी करने के समय जलस्तर चेतावनी जलस्तर पर पहुंच गया है. गंगा के जलस्तर एवं वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर एवं निकटता से निगरानी रखी जा रही है.


वरुणा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में जलभराव के कारण प्रभावित कुछ परिवारों को पूर्व में ही एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाते हुए बाढ़ राहत शिविरों में विस्थापित कराया गया है. प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा रहे हैं. बाढ राहत शिविर में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है तथा उनकी आवश्यकतानुसार मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है. राहत शिविरों में निवासरत प्रभावित परिवारों को स्वच्छ एवं ताजा भोजन दिन में तीन बार उपलब्ध कराया जा रहा है. बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार दूध एवं केला भी उपलब्ध कराया जा रहा है.


इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा शिविरों में नियमित रूप से चिकित्सीय परीक्षण एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. राहत शिविरों में स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता, साफ एवं पर्याप्त बिस्तर, प्रकाश व्यवस्था, फॉगिंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं. शिविरों की व्यवस्थाओं एवं स्वच्छता की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके. जिला प्रशासन द्वारा गंगा एवं वरुणा नदी के जलस्तर तथा संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है. संबंधित अधिकारियों द्वारा तटवर्ती एवं संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण एवं भ्रमण किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार प्रभावित क्षेत्रों में नदी मार्ग से भी स्थिति का जायजा लिया जा रहा है. केन्द्रीय जल आयोग एवं अन्य अधिकृत स्रोतों से प्राप्त जलस्तर, वर्षा एवं मौसम संबंधी सूचनाओं का निरंतर अनुश्रवण किया जा रहा है.


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संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, एनडीआरएफ, जल पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के मध्य निरंतर समन्वय स्थापित किया गया है. आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए नाव, बचाव उपकरण, मानव संसाधन एवं अन्य आवश्यक संसाधनों को तैयार अवस्था में रखा गया है. जिला प्रशासन द्वारा पूर्व तैयारी एवं त्वरित प्रतिक्रिया की नीति के तहत परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.

जलस्तर में वृद्धि अथवा अन्य किसी आकस्मिक परिस्थिति की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, अतिरिक्त राहत शिविरों को सक्रिय करने, राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं.


वहीं, वरुणा नदी के तटवर्ती कुछ क्षेत्रों में जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर बाढ़ राहत शिविर में आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ रखा गया है. जिला प्रशासन द्वारा स्थिति को पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, राहत एवं आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है तथा जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार प्रभावी निगरानी रखी जा रही है. साथ ही जिला प्रशासन जनपद में जन-धन की सुरक्षा के प्रति पूर्णतः सजग एवं सतर्क है तथा किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित प्रभावी एवं समन्वित राहत एवं बचाव कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु पूरी तरह तैयार है.

ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
ज्ञानवापी सुरक्षा में तैनात महिला पुलिसकर्मी से मारपीट, नेम प्लेट खींचा, पहचान पत्र छीना, मां-बेटी पर केस
वाराणसी: ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिसकर्मी से मारपीट और पहचान पत्र छीनने का प्रयास किए जाने की घटना से अफरा तफरी मच गई. घटना रविवार दोपहर पश्चिमी डी गेट पर हुई. महिला आरक्षी की तहरीर पर सोमवार को चौक थाने में मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के बंगालीपुर निवासी प्रियंका और उनकी बेटी कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. पुलिस मामले की जांच कर रही है.महिला सिपाही चांदनी ने पुलिस को बताया कि वह ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के तहत पश्चिमी डी गेट पर ड्यूटी कर रही थीं. दोपहर करीब 12:45 बजे चेकिंग के दौरान दो महिलाएं गेट पर पहुंचीं. जांच में उनके पास मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला. इस पर उन्हें प्रतिबंधित सामान बाहर जमा करके दोबारा आने की हिदायत दी गई. महिला आरक्षी के अनुसार, दोनों महिलाएं सामान जमा करने के बाद दोबारा गेट पर पहुंचीं. इस दौरान आरोपी महिला की बेटी कृतिका ने चेकिंग को लेकर बहस शुरू कर दी. कहासुनी के दौरान चांदनी ने बीच-बचाव करते हुए दोनों को शांत रहने और व्यवस्था का पालन करते हुए दर्शन करने की सलाह दी. आरोप है कि इसके बाद दोनों मां-बेटी उग्र हो गईं और महिला आरक्षी के साथ हाथापाई करने लगीं.तहरीर के मुताबिक, आरोपी महिलाओं ने महिला सिपाही की नेम प्लेट का पट्टा खींचकर तोड़ दिया. इसके बाद पहचान पत्र लेकर भागने का प्रयास किया गया. चांदनी ने जब अपना पहचान पत्र वापस लेने की कोशिश की तो आरोपियों ने उनके बाल खींचे और मारपीट की. घटना में महिला आरक्षी के शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं. मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया. चौक इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि प्रियंका और कृतिका के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.ALSO READ :एलआईसी में निवेश के नाम पर 39 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पैसा मांगने पर कहा - 'कंपनी भाग गई है'
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वाराणसी : एलआईसी पॉलिसी में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से 39 लाख सात हजार रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस आयुक्त के आदेश पर जंसा थाने की पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी. आरोपियों में पिता-पुत्र भी शामिल हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें एलआईसी में निवेश का झांसा देकर फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड थमा दिए गए.पुलिस के अनुसार जंसा थाना क्षेत्र के बेरुका गांव निवासी अशोक कुमार शर्मा, कृष्ण कुमार सिंह और रितेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोप है कि जलालपुर, महम्मदपुर, बड़ौरा, झबरा और गंगापुर के ग्रामीणों को एलआईसी में पैसा निवेश कराने का भरोसा दिया गया. इसके बाद आरोपियों ने एलआईसी में पैसा जमा करने के बजाय फर्जी कंपनियों की रसीदें और कूटरचित बॉन्ड दिए. पीड़ितों को बताया गया कि संबंधित कंपनियां एलआईसी से जुड़ी हैं और इनमें निवेश करने पर अधिक लाभ मिलेगा. आरोप है कि किस्तों और एकमुश्त रकम के रूप में ग्रामीणों से कुल 39 लाख सात हजार रुपये लिए गए. इनमें दिनेश सोनी, खटाई, रामजी पटेल समेत कई ग्रामीण शामिल हैं.शिकायत के मुताबिक, जब पॉलिसी की परिपक्वता पूरी होने पर ग्रामीणों ने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे. बाद में उन्हें निवेश में धोखाधड़ी का पता चला. 26 जुलाई को ग्रामीणों ने अशोक कुमार शर्मा को रोककर रुपये वापस करने की मांग की. पंचायत में आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी भाग गई है और अब कोई रकम वापस नहीं मिलेगी. विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है.ALSO READ: वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहीपीड़ितों ने 28 जुलाई को जंसा थाने में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर अशोक कुमार पटेल, राजकुमार कन्नौजिया, सियाराम समेत अन्य पीड़ितों ने पुलिस आयुक्त से शिकायत की. पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज हुई. थाना प्रभारी सत्यजीत सिंह ने बताया कि अशोक कुमार शर्मा उर्फ मुन्ना, कृष्ण कुमार सिंह उर्फ मुकेश और रितेश कुमार सिंह उर्फ करिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है.
वाराणसी में छत से गिरकर ओडिशा की छात्रा की मौत, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही
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वाराणसी : लोहता के धन्नीपुर गांव स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रविवार रात 12वीं की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में छत से नीचे गिर गई. गंभीर रूप से घायल छात्रा को पहले कोरौता-गोपालपुर स्थित सेंट मैरिज अस्पताल ले जाया गया. हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा रेफर कर दिया. इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई. पुलिस आत्महत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है.मृतका की पहचान ओडिशा के राउरकेला के बिसरा थाना क्षेत्र के संतोषपुर गांव निवासी बेनीड एक्का की 18 वर्षीय बेटी अनामिका एक्का के रूप में हुई. वह धन्नीपुर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में रहकर चांदपुर स्थित एक कॉलेज में 12वीं की पढ़ाई कर रही थी. रात वह हॉस्टल के पीछे की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिर गई. घटना की जानकारी मिलने पर हॉस्टल की वार्डन उसे तत्काल अस्पताल ले गईं.हालत गंभीर होने पर उसे मंडलीय अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. अस्पताल से मिले मेमो के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शिवपुर भेज दिया.सूचना मिलने पर छात्रा के पिता भी थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस से किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही. उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी भी इसी हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर चुकी है. घटना की जानकारी पर एडीसीपी वरुणा जोन, एसीपी रोहनिया और थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच की. पुलिस ने छात्रा के कमरे से एक छोटा बैग और कुछ किताबें कब्जे में लेकर जांच शुरू की है. फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए.ALSO READ : मेहनत की कमाई से पढ़ाया, आबकारी विभाग में सिपाही बनते ही बदला पत्‍नी का रवैयाथानाध्यक्ष अभिजीत सिंह ने बताया कि हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों के डीवीआर को कब्जे में लेकर फुटेज की जांच की जा रही है. हॉस्टल की वार्डन से भी पूछताछ की गई है. पुलिस छात्रा के छत से गिरने के कारणों और घटनाक्रम की जांच कर रही है.