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बिहार चुनावः महागठबंधन में सीटों पर फिर माथापच्ची, भाकपा ने किया 6 उम्मीदवारों का ऐलान

बिहार चुनावः महागठबंधन में सीटों पर फिर माथापच्ची, भाकपा ने किया 6 उम्मीदवारों का ऐलान
Oct 15, 2025, 09:46 AM
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Posted By Preeti Kumari

Bihar Elections: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी कमर कस ली है. ऐसे में इन पार्टियों के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है. सीट बंटवारों के लिए हो रही माथापच्ची के बीच अब एक नया "ट्विस्ट" आ गया है. जी हां, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी (CPI) ने बीते मंगलवार को 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जबकि, 8 अन्य सीटों पर एक बड़ा दावा करते हुए ये स्पष्ट कह दिया कि, गठबंधन के अंदर बातचीत के बाद ही उन पर फैसला होगा.


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भाकपा ने इन सीटों पर घोषित किए अपने उम्मीदवारों के नाम


बता दें, भाकपा ने जिन 6 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं उनमें तेघरा विधानसभा सीट से रामरतन सिंह, बखरी से सूर्यकांत पासवान, बछवाड़ा से अवधेश राय, हरलाखी से राकेश कुमार पांडे, झंझारपुर से रामनारायण यादव और बांका सीट से संजय कुमार शामिल हैं. सबसे दिलचस्प तो यह है कि CPI ने रूपौली सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार उसने इस सीट को पीछे छोड़ते हुए बांका सीट पर अपना निशाना लगाया है. बांका वो सीट है जहां 2020 में राजद यानी राष्ट्रीय जनता दल ने अपना उम्मीदवार उतारा था. इससे ये साफ जाहिर होता है कि महागठबंधन के घर में सीटों का समीकरण पूरी तरीके से बदल रहा है. जबकि कुछ सीटों पर सहयोगी दलों में जबरदस्त टकराव की स्थिति भी देखने को मिल रही है.


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विवादों के घेरे में बछवाड़ा


बछवाड़ा सीट की बात करें तो इसका नाता विवादों से जुड़ा है, वजह भी साफ है, इस बछवाड़ा सीट पर कांग्रेस अपनी दावेदारी से किसी भी हाल में पीछे नहीं हटना चाहती है. क्योंकि पार्टी यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिवप्रकाश गरीबदास को टिकट देना चाहती है. शिवप्रकाश ने पिछली बार इसी सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर करीब 40 हजार वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर अपना परचम लहराया था. वहीं, इसी बछवाड़ा सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी यानी CPI ने एक बार फिर से अवधेश राय को टिकट दे दिया जो, जो 2020 के चुनाव में सिर्फ 84 वोटों से हार गए थे. इन्हीं कारणों के चलते पार्टी इसे ‘अपना परंपरागत गढ़' मानते हुए छोड़ने को तैयार नहीं है.


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बछवाड़ा पर टिकी CPI और कांग्रेस की नज़रें


ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि, बछवाड़ा पर CPI और कांग्रेस ये दोनों की निगाहें टिकी हुई है. जबकि राजद गठबंधन में मध्यस्थता करने की भूमिका में है. सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के दिलों दिमाग से बछवाड़ा सीट इसलिए नहीं उतर रही है क्योंकि यहां युवा वोटरों और संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत है. इसके चलते कांग्रेस ये सोच रही है कि इसी के जरिए आगामी बिहार चुनाव में उसका बेड़ापार हो जाए.

पेइंग गेस्ट और होम स्टे संचालकों ने विधायक से की मुलाकात, उत्पीड़न का आरोप
पेइंग गेस्ट और होम स्टे संचालकों ने विधायक से की मुलाकात, उत्पीड़न का आरोप
Paying guests and homestay operators met the MLA, alleging harassment.वाराणसी: शहर के पेइंग गेस्ट हाउस एवं होम स्टे संचालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को विधायक सौरभ श्रीवास्तव से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा. प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा आए दिन संचालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है तथा घरेलू बिजली कनेक्शनों को जबरन व्यावसायिक श्रेणी में बदलने का दबाव बनाया जा रहा है. संचालकों का कहना था कि अधिकांश होम स्टे और पेइंग गेस्ट प्रतिष्ठान पर्यटन एवं आवास सुविधा से जुड़े छोटे स्तर के व्यवसाय हैं, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी उन्हें नोटिस देकर व्यावसायिक दरों पर बिलिंग करने का दबाव बना रहे हैं.अनावश्यक कार्रवाई का भी आरोपप्रतिनिधिमंडल ने कुछ अधिकारियों पर धन उगाही और अनावश्यक कार्रवाई का भी आरोप लगाया. विधायक को बताया कि इससे संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है और पर्यटन गतिविधियों से जुड़े छोटे उद्यम प्रभावित हो रहे हैं. उन्होंने इस मामले में स्पष्ट नीति बनाने तथा विभागीय कार्रवाई की जांच कराने की मांग की. विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर उचित समाधान का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक या व्यवसायी का अनावश्यक उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी.Also Read: डिजिटल पत्रकारिता में फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएं बड़ी चुनौती- डाॅ. इंदीवरसमस्याओं के त्वरित समाधान की मांगगौरतलब है कि हाल के दिनों में बिजली उपभोक्ताओं, स्मार्ट मीटर और विद्युत बिलिंग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में शिकायतें सामने आती रही हैं. इस दौरान बड़ी संख्या में पेइंग गेस्ट हाउस एवं होम स्टे संचालक मौजूद रहे और अपनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की.
डिजिटल पत्रकारिता में  फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएं बड़ी चुनौती- डाॅ. इंदीवर
डिजिटल पत्रकारिता में फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएं बड़ी चुनौती- डाॅ. इंदीवर
Fake news and misinformation pose a major challenge to digital journalism - Dr. Indeevarवाराणसी: पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने वाली चेतना है. वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है. इंटरनेट, सोशल मीडिया और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म ने संचार और पत्रकारिता के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है. हिन्दी पत्रकारिता भी इस परिवर्तन से अछूती नहीं रही. यह विचार शनिवार को काशी पत्रकार संघ की ओर से पराड़कर भवन में आयोजित डिजिटल युग में हिन्दी पत्रकारिता की चुनौतियाँ, संभावनाएँ (सोशल मीडिया, फेक न्यूज डिजिटल प्लेटफॉर्म और बदलती पाठक संस्कृति) विषयक संगोष्ठी में वक्ताओं ने व्यक्त किए. वरिष्ठ साहित्यकार डॉ इंदीवर ने कहा कि हिन्दी पत्रकारिता का विस्तार अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है और वह वैश्विक स्तर पर करोड़ों पाठकों तक पहुँच रही है. किन्तु इस तकनीकी विकास के साथ अनेक चुनौतियाँ भी सामने आई हैं. सबसे बड़ी चुनौती फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाओं की है.कई स्थानों पर व्यवसाय और प्रोफेशन में परिवर्तितसोशल मीडिया पर बिना सत्यापन के खबरें तेजी से प्रसारित हो जाती हैं, जिससे समाज में भ्रम, तनाव और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न होती है. इससे मीडिया को बचने की जरूरत है. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो, सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा पत्रकारिता की मूल आत्मा सत्य, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर आधारित होती है, लेकिन डिजिटल प्रतिस्पर्धा और त्वरित प्रसारण की होड़ में कई बार इन मूल्यों की उपेक्षा दिखाई देती है.प्रो. श्रद्धानंद ने कहा कि पत्रकारिता में संवेदनाएँ आवश्यक हैं. पत्रकारिता कभी एक मिशन हुआ करती थी, जिसका उद्देश्य समाज में जागरूकता, न्याय और जनहित को बढ़ावा देना था. समय के साथ यह मिशन कई स्थानों पर व्यवसाय और प्रोफेशन में परिवर्तित होता दिखाई देता है.Also Read: भेलूपुर में बनेगा 20 एकड़ का मेगा पार्क, स्थापित होगा 130 फीट ऊंचा शिवलिंगसोच विचार पत्रिका के संपादक वरिष्ठ साहित्यकार नरेंद्र नाथ मिश्र ने कहा कि बदलती पाठक संस्कृति भी पत्रकारिता के लिए नई चुनौतियाँ और अवसर लेकर आई है. आज का पाठक त्वरित, संक्षिप्त और तथ्यपरक सामग्री चाहता है. ऐसे में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ विषय की गहराई और विश्वसनीयता पर भी ध्यान देना होगा. मीडिया को आत्ममुग्धता से बाहर निकलकर समाज के प्रति अपनी जवाबदेही को समझना होगा. संगोष्ठी की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष अरुण मिश्र ने की. अतिथियों का स्वागत महामंत्री जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, संचालन वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु उपाध्याय, धन्यवाद, कोषाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश श्रीवासव ने किया.
भेलूपुर में बनेगा 20 एकड़ का मेगा पार्क, स्थापित होगा 130 फीट ऊंचा शिवलिंग
भेलूपुर में बनेगा 20 एकड़ का मेगा पार्क, स्थापित होगा 130 फीट ऊंचा शिवलिंग
A 20-acre mega park will be built in Bhelupur, where a 130-foot-high Shivalinga will be installed.वाराणसी: शहर के मध्य स्थित भेलूपुर क्षेत्र में जल्द ही 20 एकड़ में एक भव्य और आधुनिक पार्क विकसित किया जाएगा. नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल चुकी है. करीब 104 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पार्क हरियाली, पर्यटन और अध्यात्म का नया केंद्र बनेगा. पार्क की सबसे बड़ी विशेषता उत्तर प्रदेश का सबसे ऊंचा 130 फीट का शिवलिंग होगा. इसके चारों ओर आकर्षक पाथवे और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. विशाल शिवलिंग पर लेजर शो का भी आयोजन होगा, जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगा.हस्तशिल्प के लिए स्थापित किए जाएंगे विशेष स्टॉल पार्क में बच्चों के लिए आधुनिक झूले, ओपन आर्ट गैलरी, गजीबो, फूड कोर्ट और बनारसी उत्पादों व हस्तशिल्प के लिए विशेष स्टॉल स्थापित किए जाएंगे. आर्ट गैलरी में काशी के संगीत घराने से जुड़े उन महान कलाकारों की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी, जिन्होंने देश-विदेश में शहर को पहचान दिलाई.Also Read: शिक्षक संग 35 लाख की साइबर ठगी, इस तरह से जाल में फंसायानगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव के अनुसार पार्क को हरा-भरा बनाने के लिए देसी और विदेशी फूलों की विशेष बगिया विकसित की जाएगी. मॉर्निंग वॉक के लिए एक हजार मीटर लंबा वॉक-वे भी बनाया जाएगा. यह परियोजना भेलूपुर स्थित जलकल विभाग की खाली पड़ी 20 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी. नगर निगम ने इसकी विस्तृत योजना तैयार कर ली है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है. इससे शहर को एक नया ऑक्सीजन जोन मिलने के साथ पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.