बीएचयू अस्पताल में दलालों पर सख्ती, अब स्क्रीन पर भी दिखाई जा रही तस्वीर...

वाराणसी : बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल प्रशासन ने मरीजों और तीमारदारों को दलालों के जाल से सुरक्षित रखने के लिए नई पहल की है. अस्पताल परिसर में पहले से लगाए गए चेतावनी पोस्टरों के साथ अब ऐसे लोगों की तस्वीरें एलईडी स्क्रीन पर भी प्रदर्शित की जा रही हैं, जो कथित रूप से दलाली में संलिप्त पाए गए हैं. प्रशासन का उद्देश्य अस्पताल आने वाले लोगों को ऐसे व्यक्तियों की पहचान कराना है ताकि वे किसी भी तरह की ठगी या बहकावे का शिकार न हों.
सर सुंदरलाल अस्पताल पूर्वांचल ही नहीं बल्कि बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और आसपास के कई क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में गिना जाता है. प्रतिदिन हजारों मरीज इलाज के लिए यहां पहुंचते हैं. भारी भीड़ का लाभ उठाकर कुछ असामाजिक तत्व मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर इलाज, सस्ती जांच या जल्दी सुविधा दिलाने का लालच देकर निजी अस्पतालों और अन्य स्थानों पर ले जाने की कोशिश करते हैं. कई मामलों में जांच, दवाओं और उपचार के नाम पर आर्थिक ठगी की शिकायतें भी सामने आती रही हैं. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने हाल के दिनों में कार्रवाई शुरू की है. सबसे पहले अस्पताल परिसर के प्रमुख स्थानों पर चेतावनी वाले पोस्टर लगाए गए, जिनमें कथित दलालों की तस्वीरें प्रकाशित की गईं. पोस्टरों में स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की दलाली पूरी तरह प्रतिबंधित है.
ALSO READ : कबीरचौरा में बुजुर्ग महिला से झपटी गई चेन का खुलासा, बिहार के दो शातिर दबोचे गए...
साथ ही मरीजों और उनके परिजनों से अपील की गई है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी जानकारी तुरंत अस्पताल प्रशासन या सुरक्षा कर्मियों को दें.अब इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए अस्पताल परिसर में लगी एलईडी स्क्रीन का भी उपयोग किया जा रहा है. इन स्क्रीन पर समय-समय पर कथित दलालों की तस्वीरें और जागरूकता संबंधी संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं. प्रशासन का मानना है कि इस पहल से अस्पताल आने वाले लोगों के लिए ऐसे व्यक्तियों की पहचान करना आसान होगा और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा. मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर पुनीत के अनुसार अस्पताल परिसर में करीब 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी रिकॉर्डिंग की नियमित निगरानी की जाती है. आधुनिक तकनीक की सहायता से ऐसे लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है जो बिना किसी वैध कारण के रोजाना अस्पताल परिसर में सक्रिय दिखाई देते हैं.



