पूर्वांचल में विद्युत आपूर्ति होगी और भी बेहतर, ₹824 करोड़ का बिजनेस प्लान स्वीकृत

वाराणसी: पूर्वांचल के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है. उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PUVVNL) के लिए वर्ष 2025–26 हेतु ₹824 करोड़ का व्यापक बिजनेस प्लान स्वीकृत किया है. इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्युत वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाकर उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है.
गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति और लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान को प्राथमिकता.
Also read:हरतालिका तीज 2025: 26 अगस्त को सुहागिनें रखेंगी यह पवित्र व्रत...

बिजली नेटवर्क होगा सशक्त, ट्रिपिंग और ओवरलोडिंग से मिलेगी निजात
इस योजना के तहत वितरण तंत्र को मजबूत करने के लिए फीडरों, ट्रांसफार्मरों और उपकेन्द्रों की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण कर, आने वाले वर्षों की मांग के अनुसार कार्ययोजना तैयार की गई है. इसके अंतर्गत ट्रिपिंग, ओवरलोडिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए कई तकनीकी और बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्य किए जाएंगे.

प्रमुख कार्य जो होंगे शामिल:
11 नए उपकेन्द्रों का निर्माण
25 नई 33 केवी लाइनें बिछाई जाएंगी
34 मौजूदा 33 केवी लाइनों का सुदृढ़ीकरण
52 पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि
158 नई 11 केवी लाइनें विभाजित की जाएंगी ताकि लोड का वितरण संतुलित हो सके
7493 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि
2133 सुरक्षा संबंधी कार्य, जैसे अर्थिंग और वीसीवी की स्थापना
कैपेसिटर और सुरक्षा कार्यों पर विशेष ध्यान
लो-वोल्टेज की समस्या को दूर करने के लिए इस बार कैपेसिटर से संबंधित कार्यों को भी योजना में शामिल किया गया है. इसके साथ ही, ट्रांसफार्मर फेल होने की घटनाओं को रोकने के लिए एलटी साइड सुरक्षा के लिए ₹50 करोड़ का प्रावधान किया गया है. यह कदम खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में राहत लेकर आएगा.
हाई-टेक लैब और स्टोर के लिए भी बजट
योजना में एक आधुनिक प्रयोगशाला (हाई-टेक लैब) की स्थापना का भी प्रस्ताव है, जहां इन-हाउस मटेरियल टेस्टिंग की सुविधा होगी. इससे कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी और सुधार संभव हो सकेगा. साथ ही, आवश्यक सामग्री के सुरक्षित भंडारण के लिए स्टोरेज फैसिलिटी को भी विकसित किया जाएगा.
क्रियान्वयन की तैयारी पूरी, निविदा प्रक्रिया शुरू
पूरे प्लान को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए पहले ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है. क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि निविदा प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द कार्यदायी संस्थाओं का चयन कर लिया जाए, ताकि आगामी गर्मियों तक उपभोक्ताओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके. यह बिजनेस प्लान पूर्वांचल की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को एक नई दिशा देने जा रहा है. न केवल बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद, स्थायी और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध हो सकेगी. यह योजना न सिर्फ आज की जरूरतें पूरी करेगी, बल्कि भविष्य की मांगों के लिए भी पूर्वांचल को तैयार करेगी.



