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गणेश चतुर्थी 2025 : 27 अगस्त से को घर आएंगे बप्पा

गणेश चतुर्थी 2025 : 27 अगस्त से को घर आएंगे बप्पा
Aug 23, 2025, 12:19 PM
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Posted By Gaandiv

Ganesh Chaturthi 2025: Bappa will come home from 27th August


वाराणसी: इस साल गणेश उत्सव का शुभारंभ बुधवार, 27 अगस्त 2025 से होगा. भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी की तिथि 26 अगस्त को दोपहर 01:54 बजे से शुरू होकर 27 अगस्त को दोपहर 03:44 बजे तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा.


गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त


गणेश जी की स्थापना के लिए मध्याह्न काल श्रेष्ठ माना गया है. शुभ समय: सुबह 11:05 से दोपहर 01:40 बजे तक.


कितने दिन रखें गणपति?


गणपति बप्पा को घर में रखने की परंपराएं आस्था और सुविधा पर निर्भर करती हैं—


डेढ़ दिन गणपति – जल्दी विदाई, सरल परंपरा


तीन दिन गणपति – कामकाजी परिवारों के लिए अनुकूल


पांच दिन गणपति – सकारात्मकता और समृद्धि का प्रतीक


सात दिन गणपति – गहरी भक्ति और उत्साह का संकेत


ग्यारह दिन गणपति – सबसे पारंपरिक, भव्य और सामाजिक रूप



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इस वर्ष अनंत चतुर्दशी 7 सितंबर, रविवार को गणपति विसर्जन होगा.



गणेश प्रतिमा का महत्व


गणेश जी की मूर्तियों का चयन भी विशेष महत्व रखता है—


पीली/लाल प्रतिमा – शुभता का प्रतीक


नीले गणपति (उच्छिष्ट गणपति) – विशेष साधना में पूजनीय


हल्दी की मूर्ति (हरिद्रा गणपति) – विशिष्ट मनोकामनाओं की पूर्ति


एकदंत श्यामवर्ण गणपति – अद्भुत पराक्रम प्रदान करते हैं


सफेद गणपति (ऋणमोचक) – कर्ज से मुक्ति का प्रतीक


क्यों प्रिय है बप्पा को मोदक?


शास्त्रों में गणेश जी को ‘मोदकप्रिय’ कहा गया है. मोदक केवल मिठाई नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है—


बाहरी परत – सादगी और तपस्या का प्रतीक


भीतर की मिठास – आत्मज्ञान और आनंद का द्योतक


ज्ञान का उपहार – मोदक प्रसाद इस बात का संदेश देता है कि ज्ञान को केवल संग्रहित नहीं करना चाहिए, बल्कि सभी में बांटना चाहिए.


सच्ची खुशी का संदेश – जीवन में आनंद आज ही पाओ, कल का इंतजार मत करो.



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केसरी मोदक रेसिपी



सामग्री –

  1. चावल का आटा
  2. घी
  3. केसर
  4. नारियल
  5. गुड़
  6. इलाइची पाउडर
  7. काजू, किशमिश.
  8. पानी


विधि –


1. पानी में घी, केसर और चावल का आटा डालकर उबालें.



2. नारियल, गुड़, घी और इलाइची मिलाकर मिश्रण तैयार करें.



3. हाथों पर घी लगाकर मोदक का आकार दें और इसमें फिलिंग भरें.



4. गीले कपड़े से ढककर मोदक को स्टीमर में 10 मिनट तक पकाएं.

तैयार है गणेश जी के प्रिय स्वादिष्ट "मोदक".


गणेश चतुर्थी सिर्फ पूजा-पाठ का पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, ज्ञान, अनुशासन और जीवन की मिठास का उत्सव है.

इस बार 27 अगस्त से 7 सितंबर तक पूरे देश में बप्पा के स्वागत और विदाई की गूंज सुनाई देगी.


धार्मिक कारण


यह दिन भगवान गणेश के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है. हिंदू धर्म में गणेश जी को विघ्नहर्ता (सभी बाधाओं को दूर करने वाले) और सिद्धिदाता (सफलता प्रदान करने वाले) माना गया है.

शास्त्रों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश जी की पूजा से करने का महत्व बताया गया है. इसलिए इस दिन विशेष रूप से उनकी आराधना की जाती है.


पौराणिक कारण


मान्यता है कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी और भगवान शिव ने उन्हें "गणों के अधिपति" होने का आशीर्वाद दिया था.

एक अन्य कथा के अनुसार, इसी दिन गणेश जी ने चंद्रमा को शाप दिया था, क्योंकि चंद्रमा ने उनका मज़ाक उड़ाया था. तभी से यह दिन खास महत्व रखता है.


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सामाजिक कारण


गणेश चतुर्थी को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सामाजिक और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बनाया. तिलक ने इसे सार्वजनिक उत्सव का रूप देकर अंग्रेज़ों के खिलाफ लोगों को एकजुट करने का काम किया. आज भी यह पर्व महाराष्ट्र समेत पूरे भारत में भक्ति, भाईचारा और सामाजिक एकता का संदेश देता है.




आध्यात्मिक संदेश


गणेश जी का बड़ा सिर – ज्ञान का प्रतीक


बड़े कान – सबकी सुनने का संदेश


छोटा मुंह – कम बोलने की शिक्षा


चूहा वाहन – अहंकार पर नियंत्रण का प्रतीक


मोदक – तपस्या और ज्ञान के बाद मिलने वाली मिठास का संकेत

पीएनजी विस्तार गेल इंडिया लिमिटेड की बड़ी पहल तेजी से (एलपीजी) मुक्त हो रही कॉलोनियां
पीएनजी विस्तार गेल इंडिया लिमिटेड की बड़ी पहल तेजी से (एलपीजी) मुक्त हो रही कॉलोनियां
वाराणसी: (गेल इंडिया लिमिटेड) द्वारा शहर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार को लेकर अभियान तेज कर दिया गया है. इसी क्रम में कंपनी के निदेशक संजय कुमारने सारनाथ स्थित शिव विहार और वल्लभ विहार कॉलोनियों का निरीक्षण किया और स्थानीय उपभोक्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने.शिव विहार कॉलोनी में महज एक सप्ताह के भीतर 33 घरों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाकर इसे एलपीजी मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है. कंपनी द्वारा लगाए गए विशेष कैंप के माध्यम से लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई.वहीं वल्लभ विहार कॉलोनी में भी तेजी से कार्य चल रहा है और करीब 50 घरों को जल्द ही एलपीजी मुक्त करने की योजना बनाई गई है.नशीली चाय वीडियो और रंगदारी ज्वेलर्स बना शिकारइसके अलावा सामने घाट स्थित अपना घर आश्रम और शिवपुर के अन्नपूर्णा ब्रह्मचर्य आश्रम में भी पीएनजी सप्लाई शुरू कर दी गई है. इससे( एलपीजी) की कमी के बीच आश्रमों को बड़ी राहत मिली है.गेल इंडिया लिमिटेड का यह अभियान शहर में स्वच्छ सुरक्षित और सुलभ ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
नशीली चाय वीडियो और रंगदारी ज्वेलर्स बना शिकार
नशीली चाय वीडियो और रंगदारी ज्वेलर्स बना शिकार
उत्तर प्रदेश: गाजीपुर जनपद से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और समाज दोनों को झकझोर कर रख दिया है.यहाँ एक ज्वेलर्स को सुनियोजित साजिश के तहत नशीली चाय पिलाकर बेहोश किया गया, फिर उसका अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया गया और लाखों रुपये की रंगदारी वसूली गई.पीड़ित ज्वेलर्स के मुताबिक, आरोपितों ने पहले दोस्ताना व्यवहार कर उससे संपर्क बढ़ाया. इसके बाद उसे एक जगह बुलाया गया जहाँ उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया.नशे की हालत में जब वह बेहोश हो गया, तब आरोपितों ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया. वीडियो बनाने के बाद आरोपितों ने पीड़ित को धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया जाएगा. इस डर से पीड़ित ने पहले 90 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किएवाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषितइसके बाद भी आरोपितों का मन नहीं भरा और उन्होंने 25 लाख रुपये की बड़ी रकम की मांग कर दी. दबाव में आकर पीड़ित ने 4.80 लाख रुपये और दे दिए। लगातार बढ़ती मांग और धमकियों से परेशान होकर आखिरकार उसने पुलिस का दरवाजा खटखटाया.
वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषित
वाराणसी कफ सिरप तस्करी केस सरगना भगोड़ा घोषित
वाराणसी: करीब ₹2000 करोड़ के कफ सिरप तस्करी मामले में न्यायालय ने सख्त कदम उठाते हुए मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित कर दिया है. यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार की अदालत द्वारा जारी किया गया.कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने अब आरोपी की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. अधिकारियों के अनुसार, यदि शुभम जायसवाल जल्द गिरफ्त में नहीं आता, तो न्यायालय से अनुमति लेकर कुर्की की कार्रवाई और तेज की जाएगी.पुलिस की रणनीति के तहत इस पूरे तस्करी नेटवर्क के खिलाफ मजबूत चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है ताकि सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाई जा सके.सूत्रों के मुताबिक, मामले का सरगना इस समय दुबई में छिपा हुआ है उसकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है और उसे भारत लाने के लिए प्रत्यर्पण प्रक्रिया पर भी काम किया जा रहा है.पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी, जंग का दिखा असरगौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत 15 नवंबर 2025 को हुई थी, जब औषधि निरीक्षक जुनाब अली ने प्रह्लादघाट निवासी शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला प्रसाद समेत 28 लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था.जांच में सामने आया कि कफ सिरप का बड़े पैमाने पर गैर-चिकित्सकीय उपयोग के लिए अवैध रूप से कारोबार किया जा रहा था.फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना है.