संत प्रेमानंद की गद्दी पर बैठे गुरु शरणानंद, जाने सच्चाई

Premanand ji Maharaj Health: प्रेमानंद महाराज आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. देश से लेकर विदेश तक उनके चाहने वाले भक्त है. वृंदावन के श्रीराधा केलिकुंज आश्रम में संत प्रेमानंद और गुरु शरणानंद का भावपूर्ण मिलन हुआ है. गुरु शरणानंद संत प्रेमानंद का हाल जानने उनके आश्रम जा पहुंचे. प्रेमानंद ने साष्टांग प्रणाम कर उनका पैर छुकर स्वागत किया और चरण धोकर आरती उतारी. गुरुशरणानंद ने युवाओं में सनातन धर्म के प्रति जागृति लाने के लिए संत प्रेमानंद को आशीर्वाद दिया और उनके स्वास्थ्य के लिए किडनी दान करने का प्रस्ताव भी रखा.

सबसे अद्भुत बात तो यह सनातन परंपरा का असली रूप तब देखने को मिला, जब दो पंथ के दिग्गज साधक एक-दूसरे से गले मिले. दोनों का मन सिर्फ प्रफुल्लित ही नहीं हुआ. बल्कि, दोनों साधुओं के इस भावुक मिलन ने वहां मौजूद लोगों को भाव-विभोर भी कर दिया. ये नजारा देख हर किसी के आंखे भर आई.
सच्ची श्रद्धा से की गई भक्ति बड़ी ही अद्भुत और मनमोहक है. जो इसमें डूब गया मानों ईश्वर को पा लिया. भक्ति का रस बड़ा ही मीठा होता है.उदासीय संप्रदाय के साधक पीठाधीश्वर गुरुशरणानंद के आने की खुशी में संत प्रेमानंद जी पहले ही अपने आश्रम के दरवाजे पर उनका स्वागत करने जा पहुंचे. जहां उन्हें देखते ही दोनों के चेहरे पर एक ऐसी खुशी देखने को मिली, मानों वर्षों से दोनों एक-दूजे से मिलने का इंतजार कर रहे हो.

संत प्रेमानंद ने बोले मेरी खुशी का ठिकाना नहीं
हालांकि. एक साधक संत होने के नाते प्रेमानंद महाराज अपने गद्दी पर किसी को नहीं बैठाते है लेकिन उन्होंने पहली बार गुरु शरणानंद को आग्रह कर अपने आसन पर बिठाया और खुद उनके सामने जमीन पर आसन लगाकर बैठ गए और उनके चरण धोने का आग्रह भी किया. गुरु शरणानंद वर्ष भर में एक ही दिन गुरुपूर्णिमा पर चरण पूजन कराते हैं, उन्होंने भी अपना संकल्प छोड़ संत प्रेमानंद के आग्रह को स्वीकार करते हुए चरण प्रच्छालन करने की सहमति दी, जिसके बाद से संत प्रेमानंद जोर से बोले लाओ रे चरण धुलवाओ...सुनते ही आश्रम के संत दौड़ पड़े और थाल, लोटे में जल लेकर आए, संत प्रेमानंद ने चरण धोकर, चंदन लगाया, माल्यार्पण किया और फिर गुरुशरणानंद की श्रद्धा-सुमन के साथ उनकी आरती उतारी.

प्रेमानंद महाराज ने बताई सच्चाई
कुछ दिन पहले वृंदावन के फेमस प्रेमानंद महाराज जी को लेकर ऐसी खबर आ रही थी कि उनका स्वास्थ्य काफी खराब चल रहा है, जिसके चलते पिछले 5 दिनों से उन्होंने पदयात्रा भी नहीं की है. इसके बाद भी भक्तगण अपने गुरु संत को देखने को लिए उनकी राह तकना नहीं छोड़े, यहां तक की भक्त तब काफी डर गए जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ये देखा कि प्रेमानंद महाराज एक अस्पताल में एडमिट हैं. साथ ही उनके पूरे शरीर में सूजन और दोनों हाथ पर पट्टी बंधी हुई है. जिस पर अब संत प्रेमानंद महाराज ने खुद स्पष्ट रूप से ये कहा है कि ये वीडियो पुरी तरीके से फेक है.

अभी का नहीं है. आज का जमाना कलयुग का है. किसी के बारे में इस तरह की अफवाह फैलाने में उन्हें जरा भी डर नहीं लगता है. लेकिन मैं आप सभी लोगों से ये कहना चाहूंगा कि इन अफवाहों पर ध्यान ना देकर श्री राधा नाम का जाप करते रहे. मैं बिलकुल स्वस्थ हूं. संत प्रेमानंद ने कहा कि देखिए, तीन दिन से हम भी बड़े जोरों से एकांतिक वार्तालाप कर रहे हैं. एकांतिक भी तो देख लेना चाहिए. उससे सब पता चल जाता. हमें लगता है कि ये मोबाइल ही झूठ बुलवाता है. आजकल पता ही नहीं चलता कि झूठ-सच क्या है.



