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हमास जल्द ही इजरायली बंधकों को करेगा रिहा, ट्रंप ने लिया क्रेडिट

हमास जल्द ही इजरायली बंधकों को करेगा रिहा,  ट्रंप ने लिया क्रेडिट
Oct 09, 2025, 11:27 AM
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Posted By Preeti Kumari

PM Modi on Hamas Israel Gaza Peace deal: गाजा में दो साल से चल रहे महायुद्ध को खत्म करने के खातिर इजराइल और हमास ने एक बड़ा कदम उठाया है. अमेरिका की मध्यस्थता वाले शांति समझौते यानी (पीस डील) के पहले चरण पर दोनों देशों ने सहमति जताई है. बता दें, गाजा जंग अब शांत होने के काफी नजदीक आ चुका है. इजरायल और हमास के बीच शांति समझौते पर सहमति बन चुकी है. इजरायल और हमास ने गाजा पीस प्लान पर सिग्नेचर कर दिया. इस सहमति का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है. इजरायल और हमास के बीच बनी सहमति के लिए पीएम मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप और नेतन्याहू की तारीफ की है.


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इस तारीफ के दौरान उन्होंने कहा कि इससे बंधकों की रिहाई से शांति का रास्ता खुलेगा. इसी के आगे पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया और कहा, ‘ हम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के पहले चरण पर हुए समझौते का स्वागत करते हैं. यह प्रधानमंत्री नेतन्याहू के सशक्त नेतृत्व का भी प्रतीक है. हमें उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई और गाजा के लोगों को मानवीय सहायता में वृद्धि से उन्हें राहत मिलेगी और स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त होगा.’


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ट्रंप ने सोशल मीडिया एक्स पर किया ट्विट


पीएम मोदी के इन बयानों से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि इजराइल और हमास ने युद्ध रोकने और कम से कम कुछ बंधकों और कैदियों को रिहा करने की उनकी शांति योजना के ‘पहले चरण’ पर सहमति जताई है. जहां ट्रंप ने दो साल से जारी युद्ध में मिली सबसे बड़ी सफलता की रूपरेखा की घोषणा की थी.


सोशल मीडिया एक्स पर ट्विट कर ट्रंप ने लिखा, इजराइल और हमास युद्ध समाप्त करने और बंधकों को रिहा करने की योजना के ‘पहले चरण’ पर सहमत हो चुके हैं. इसका मतलब है कि सभी बंधकों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा और इजराइल अपने सैनिकों को एक तय सीमा तक वापस बुला लेगा. यह एक मजबूत, टिकाऊ और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम होगा.’ उन्होंने कहा, ‘सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा.’


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शांति सहमति पर रजामंदी हुआ इजराइल


वहीं, शांति सहमति पर रजामंदी हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा, ‘ऊपर वाले की मदद से हम उन सभी को घर वापस लाएंगे.’ जिस पर हमास ने कहा कि इस समझौते से इजराइली सैनिकों की वापसी सुनिश्चित होगी और साथ ही सहायता सामग्री का प्रवेश और बंधकों और कैदियों की अदला-बदली भी सुनिश्चित होगी.


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जाने कब होगी इजराइली बंधकों की रिहाई


मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा पहले चरण के तहत गाजा में इजराइल के बंधक बनाए गए लोगों को सोमवार तक रिहा किए जाने की उम्मीद है. क्योंकि 'हमें लगता है कि वे सभी जल्द ही वापस आ जाएंगे. ‘ इजराइल और हमास युद्ध समाप्त करने और बंधकों को रिहा करने की योजना के ‘पहले चरण’ पर सहमत हो चुके हैं. इसका मतलब है कि सभी बंधकों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा. इसके बाद से इजराइल अपने सैनिकों को हमास के बंदिशों से जल्द ही छुड़ा लेगा. यह एक मजबूत, टिकाऊ और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम होगा.’ उन्होंने कहा, ‘सभी पक्षों के साथ निष्पक्ष व्यवहार किया जाएगा.’


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रिहाई में मृत लोगों के शव भी शामिल


एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, समझौते के लागू होने के 72 घंटे के भीतर लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों के बदले सभी इजराइली बंधकों को जल्द ही बंदिशों की जंजीरों से आजाद कर दिया जाएगा. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रवक्ता ने कहा कि, इजराइल को उम्मीद है कि बंधकों की रिहाई जल्द होगी. दुख की बात तो यह है कि इस रिहाई में मृत लोगों के शव भी शामिल होंगे.


क्या इजराइल गाजा से हटेगा पीछे


माना जा रहा है कि बंदियों की रिहाई के बदले इजराइल गाजा से अपनी सेना को पीछे हटने को कहेगा. ऐसे में हमास ने ट्रंप और गारंटर देशों से अपील की है कि वे इजराइली सरकार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से समझौते का पूरी तरह पालन करवाएं. जिस पर ट्रंप ने कतर, मिस्र और तुर्किये को मध्यस्थता के प्रयासों के लिए धन्यवाद दिया और लिखा, 'यह अरब, इजराइल, अमेरिका और आसपास के सभी देशों के लिए एक महान दिन है.'


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दरअसल, बीते 7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले ने इजरायल को तहस-नहस कर दिया था. हमास ने इस दौरान क्रूरता दिखाते हुए 12 सौ इजरायली नागरिकों की हत्या तक कर दी थी. इसके अलावा हमास ने 250 से ज्यादा लोगों को बंधक भी बनाया था. इनमें ज्यादातर इजरायली नागरिक और कुछ अन्य दूसरे देशों के नागरिक शामिल थे. इसी हमले के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास का नामोनिशान मिटाने की कसम खाते हुए गाजा में सैन्य अभियान शुरू किया था, जिसका नतीजा इन बंधकों की रिहाई का निकला.

राष्ट्रीय ध्वज  के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम  एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, राष्ट्र प्रेम एवं देशभक्ति की बुनियाद को मजबूत करें युवा : प्रो. बिहारी लाल शर्मा
वाराणसी : संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. जिसका उदेश्य समाज में देशभक्ति की बुनियाद मजबूत होगी, यह भाव लेकर सभी लोग एक साथ जागरूकता के साथ इस पहल में भाग लिए, कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के नेतृत्व में आज अपराह्न 1:00बजे ऐतिहासिक मुख्य भवन से एक बड़े जुलूस के साथ प्रत्येक हाथ में तिरंगा झंडा लेकर "हर घर तिरंगा" यात्रा अभियान लहुराबीर चौराहे पर स्थापित महान क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भारत माता की जय उद्घोष के साथ विश्वविद्यालय परिसर मुख्य भवन के समक्ष सम्पन्न हो गयी.प्रो. शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता का 79 वां वर्ष पूर्ण होने तथा 80 वां वर्ष प्रारम्भ होने पर (स्वतंत्रता दिवस) राष्ट्रीय पर्व अत्यन्त गौरव के साथ मनाये जाने का अवसर है. राष्ट्र गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का अभिनंदन करें. "हर घर तिरंगा" अभियान की अपील आज से प्रारम्भ है, सभी आवासों, इमारतों एवं देवालयों पर भी राष्ट्र के गौरव के प्रतीक तिरंगा को लगाकर बहुत धूमधाम से इस महापर्व का स्वागत करें.नवीन पीढ़ी के अन्दर त्याग, समर्पण और श्रद्धा का अलख जगाएं और आने वाली पीढ़ियों को तिरंगे के महत्व और प्रभाव के बारे में विस्तार से बताएं, इससे उनमें आत्मविश्वास, त्याग, समर्पण और श्रद्धा की भावना जागृत होगी। राष्ट्र भाव और आदर का प्रस्फुटन होगा. आगे वही बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं.राष्ट्रीय ध्वज गौरव और समृद्धि एवं सम्पूर्ण प्रभुसत्ता सम्पन्न राष्ट्र होने का सन्देश देता है. हम विश्वविद्यालय परिवार, संस्कृत समाज एवं देश के सभी जिम्मेदार नागरिकों से अपील करते हैं कि आज से हम "हर घर तिरंगा" अभियान चलाकर आत्मिक भाव से अपने- अपने घरों में तिरंगा फहराकर, अपने देश के प्रति प्रेम, सम्मान और समर्पण व राष्ट्रवाद का भाव जागृत करें.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेउक्त यात्रा के दौरान विश्वविद्यालय परिवार के सभी सम्मानित प्रो जितेन्द्र कुमार,प्रो सुधाकर मिश्र,प्रो हीरक कान्ति चक्रवर्ती, प्रो विधु द्विवेदी, प्रो शैलेष कुमार मिश्र, प्रो महेन्द्र पाण्डेय, ,प्रो अमित कुमार शुक्ल, प्रो दिनेश कुमार गर्ग, प्रो विजय कुमार पाण्डेय समेत छात्र एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी में चलती बाइक में लगी आग, सड़क पर लगा लंबा जाम
वाराणसी : कैंट थाना क्षेत्र के अर्दली बाजार इलाके में बुधवार दोपहर एक चलती बाइक में अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई. देखते ही देखते पूरी बाइक जलकर राख हो गई. इस घटना के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया गया. आग बुझने तक बाइक पूरी तरह जल चुकी थी. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सुचारू कराया.नारायणपुर पुराना भट्ठा सिंधोरा रोड, शिवपुर के निवासी रवि प्रजापति ने बताया कि वे मकानों में खिड़की-दरवाजे लगाने का काम करते हैं. बुधवार को वे काम के सिलसिले में महावीर मंदिर की ओर जा रहे थे. इसी बीच दोपहर लगभग 1 बजे उनकी बाइक अचानक गर्म होकर बंद हो गई.रवि प्रजापति ने जब बाइक को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, तो उसमें अचानक आग लग गई. आग तेजी से फैली और पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया. उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और आसपास के लोगों से मदद मांगी. इलाकाई लोगों ने बाल्टी के पानी, बालू और दुकान में रखे फायर संयंत्र की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग और भयावह होती गई.ALSO READ : शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगेबीच सड़क पर बाइक में आग लगने से दोनों तरफ लंबा जाम लग गया. सूचना के बाद कैंट थाने की महिला सब इंस्पेक्टर आरती गौड़ मौके पर पहुंचीं. उन्होंने तत्काल फायर सर्विस टीम को सूचित किया और इलाकाई लोगों के साथ मिलकर फायर संयंत्र की सहायता से आग पर काबू पाया. इसके बाद पुलिस ने जाम खुलवाकर यातायात सामान्य कराया. इस दौरान मौके पर अफरा तफरी की स्थिति बनी रही.
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
शिकागो में तैयार होगा भारत काे एआई लीडर बनाने का रोडमैप, आईआईटी बीएचयू के पूर्व छात्र एक मंच पर होंगे
वाराणसी : आईआईटी बीएचयू से बीते 40 साल में निकलीं 200 से ज्यादा तकनीकी प्रतिभाएं अब करोड़पति और अरबपति हैं. ये सभी अगले महीने अमेरिका की विंड सिटी शिकागो में एक साथ होंगे. वहां भारत को एआई लीडर बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा. शिकागो सम्मेलन में एआई, रक्षा, तकनीक, कारोबार और उद्योगों का भी संगम होगा. शिकागो के द वेस्टइन शिकागो लोंबार्ड में पांच और छह सितंबर को ग्लोबल एलुमनी मीट-2026 होना है. करीब 900 अरब डॉलर के मालिक जीस्केलर के संस्थापक जय चौधरी के साथ 40 साल पुराने बैच के 200 से ज्यादा पूर्व छात्र एक मंच पर मंथन करेंगे.जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मुख्य अतिथि होंगे. वे पहले दिन पांच सितंबर को चाय पर चर्चा करेंगे. इन्होंने आईआईटी बीएचयू से 1979 बैच में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक किया था. 12,500 करोड़ संपत्ति वाले पालो ऑल्टो नेटवर्क्स के सीईओ निकेश अरोड़ा और टेस्ला के सीएफओ दीपक आहूजा भी इस सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं. सम्मेलन का पूरा फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस युग में नेतृत्व और कुछ नया निर्माण करने को लेकर है. इसके अलावा मशीन लर्निंग, डिजिटल रिसर्च और बदलती तकनीक पर भी सम्मेलन में कई एकेडमिक और व्यवसायिक प्रस्ताव तैयार होंगे.एआई युग में कंपनियों का उदय, कटिंग एज एआई पैनल, एआई और मानव क्षमता के सत्र होंगे. स्टैंप अप कॉमेडी भी होगी. आईआईटी बीएचयू में डीन (पुरा छात्र एवं संसाधन) प्रो. हीरालाल प्रामाणिक ने बताया कि देश एआई के मामले में अग्रणी रहे, इस पर मंथन किया जाएगा. व्यवसायियों और वैज्ञानिक मेहमानों की सूची लगातार अपडेट हो रही है. हिस्सेदारी करने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. आईआईटी से निकलकर दुनिया भर में अपने कारोबार और तकनीक जगत में कुछ नया मुकाम पा चुके दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है. जीस्केलर के संस्थापक और चेयरमैन जय चौधरी 1980 बैच के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग के छात्र रहे. उन्होंने एयर डिफेंस, सिफर ट्रस्ट, कोर हार्बर और सिक्योर आई जैसी कंपनियों का नेटवर्क तैयार किया है. पूर्व छात्रों का नेटवर्क उभरती तकनीक से संस्थान के वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों को रूबरू कराएगा. क्लाउड, माइक्रोसर्विसेज और साइबर सिक्योरिटी जैसे विषयों पर कार्यक्रम आयोजित करता रहा है. तकनीकी बदलावों के साथ उद्योग और कारोबार पर उसके प्रभाव को लेकर भी मंथन होगा.ALSO READ: बरेका में भव्य तिरंगा यात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा पूरा परिसरइन पुरा छात्रों की सूची तैयारमाई कर्मा के फाउंडर उज्ज नाथ, पोर्टवॉक्स के सीईओ मुरली थिरुमाले, शिकागो यूनिवर्सिटी के प्रो. प्रदीप चिंतागुता, सिलिकॉन वैली क्वाड के फाउंडर मैनेजिंग पार्टनर बीवी जगदीश, अफर्मा कैपिटल के सीईओ नयनेश जयसिंह, डिजिटल इंडिया फाउंडेशन के अरविंद गुप्ता, मोबाइल फोर्स के सीईओ जगदीश भंडोल और रोबोटिक्स के फाउंडर सौरभ चंद्रा आदि शामिल होंगे.