इफ्तार के बाद अब गंगा में बीयर पीने का वीडियो वायरल, पुलिस ने किया केस दर्ज

After Iftar, a video of people drinking beer in the Ganges goes viral; police register a case
वाराणसी: गंगा में धार्मिक आस्था काे आहत करने वाली घटनाएं आम होने लगी हैं. पिछले दिनों वाराणसी में गंगा में इफ्तार और मद्यपान की घटना सुर्खियों में थी तो अब एक और मामला में सामने आया है. इसमें एक युवक गंगा की लहरों पर बीयर की केन लेकर नहा रहा था और घूंट-घूंट हलक में उतार भी रहा था. इसका वीडियो थोड़ी ही देर में वायरल हो गया. इस मामले में दशाश्वमेध थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है. घटना गंगा पार की बताई जा रही है.

हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना
इसका वीडियो वायरल होने के बाद अधिवक्ता एवं दी बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शशांक शेखर त्रिपाठी ने पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी को शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज की धार्मिक आस्था एवं सनातन परंपराओं से जुड़े अत्यंत गंभीर विषय की ओर आपका ध्यान आकृष्ट कराना चाहता है. बताया कि वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि कुछ व्यक्ति मां गंगा के पावन तट पर खुलेआम बियर/मद्यपान करते हुए वीडियो बनाकर उसका सार्वजनिक प्रदर्शन कर रहे हैं. यह कृत्य न केवल सामाजिक मर्यादा एवं सार्वजनिक शालीनता के विरुद्ध है, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाने वाला है.

पुलिस को दी गई तहरीर
पुलिस को दी गई तहरीर में बताया गया है कि गंगा सनातन धर्म में केवल एक नदी नहीं बल्कि “मां गंगा” के रूप में पूजनीय एवं आराध्य मानी जाती हैं. गंगा तट हिंदू समाज के लिए आस्था, पूजा, तप, साधना एवं मोक्ष का पवित्र केंद्र है. ऐसे पवित्र धार्मिक स्थल पर खुलेआम शराब सेवन कर उसका प्रदर्शन करना स्पष्ट रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सामाजिक वैमनस्य उत्पन्न करने तथा धार्मिक वातावरण को दूषित करने का प्रयास प्रतीत होता है.

कृत्य किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक
यह अत्यंत गंभीर विषय है क्योंकि हाल ही में मां गंगा के संदर्भ में धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले एक प्रकरण में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए गंभीर टिप्पणियां की गई थीं. न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि गंगा एवं हिंदू धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों को हल्के में नहीं लिया जा सकता. इसके बावजूद भी इस प्रकार का दुस्साहसपूर्ण एवं उकसाऊ कृत्य किया जाना अत्यंत आपत्तिजनक है.
उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से प्रसारित होने पर लोगों को इसका संज्ञान हो रहा है, जिससे व्यापक जनाक्रोश एवं धार्मिक भावनाओं में आक्रोश उत्पन्न होना स्वाभाविक है. यदि समय रहते ऐसे कृत्यों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही नहीं की गई तो भविष्य में असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ सकता है तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है.
प्रथम दृष्टया उक्त कृत्य भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के अंतर्गत दंडनीय प्रतीत होता है जो धार्मिक भावनाएं आहत करने, जानबूझकर धार्मिक अपमान, सार्वजनिक उपद्रव, सामाजिक वैमनस्य उत्पन्न करने एवं शांति भंग करने से संबंधित हैं.

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उन्होंने कहा कि, उक्त वायरल वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर उसकी जांच कराई जाए. वीडियो में सम्मिलित व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया जाए. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं. वायरल वीडियो में बीयर पीने वाला खुद को सासाराम बिहार निवासी संतोष कुमार बता रहा है. अपनी गलती स्वीकार करते हुए वह अब दोबारा गंगा में बीयर नहीं पीने की बात कहते दिखाई पड रहा है. इस संबंध में एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घटना के बाबत प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है.



