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काशी तमिल संगमम 4.0 का 2 से 15 दिसंबर तक होगा आयोजन, तैयारियां शुरू

काशी तमिल संगमम 4.0 का 2 से 15 दिसंबर तक होगा आयोजन, तैयारियां शुरू
Nov 11, 2025, 08:10 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - मंडलायुक्त एस राजलिंगम की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में काशी तमिल संगमम 2025 (केटीएस 4.0) के आयोजन के लिए बैठक आयोजित हुई जिसमें उन्‍होंने बताया कि वाराणसी में 2 दिसंबर से काशी तमिल संगमम 4.0 का आयोजन होने जा रहा है. मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि गत वर्षों की भांति इस वर्ष भी काशी तमिल संगमम का भव्य आयोजन किए जाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से सुनिश्चित किए जाएं. काशी तमिल संगमम में काशी आने वाले सभी प्रतिभागियों को स्टेशन से उनके ठहरने वाले स्थलों तथा कार्यक्रम के दौरान नमोघाट, बीएचयू आदि अन्य स्थलों तक आने जाने के लिए समुचित बसों/वाहनों का प्रबंध किए जाने के निर्देश दिए. उन्होंने प्रतिभागियों के ठहरने वाले होटलों के कमरों की स्थिति आदि का अविलंब सत्यापन किए जाने हेतु निर्देशित किया. इसके साथ ही उनके भोजन आदि के बेहतर प्रबंध को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मंडलायुक्त ने काशी तमिल संगमम के कार्यक्रमों के सफल आयोजन हेतु नोडल अधिकारियों की तैनाती, प्रतिभागियों की सुविधा व जानकारी हेतु हेल्प डेस्क भी बनाने के निर्देश दिए. इस दौरान नमोघाट पर लगाए जाने वाले स्टाल्स आदि के साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, एकेडमिक सेशंस सहित आयोजित होने वाले अन्य कार्यक्रमों की तैयारी ससमय कर लिए जाने पर जोर दिया गया.

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इस बार का संगमम करपोम तमिल की थीम पर आधारित


मंडलायुक्त ने पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की उचित व्यवस्था करने के साथ अतिथियों की सुरक्षा, उचित चिकित्सकीय व्यवस्था और हाइजीन का उचित प्रबंधन करने को कहा. उन्होंने भासनी (BHASHINI) ऐप का अधिकाधिक डाउनलोड बढ़ाने को कहा जिससे की इस ऐप के द्वारा हिंदी में बोला गया शब्द तमिल भाषा में बताएगा जिससे किसी भी व्यक्ति को तमिल भाषा समझना बहुत सरल होगा.

इस बार का संगमम " चलो तमिल सीखें - करपोम तमिल की थीम पर आधारित है, जिसका उद्देश्य भारतीय भाषाओं की एकता को बढ़ावा देना और तमिल भाषा के ज्ञान को देश के अन्य हिस्सों में फैलाना है.


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1,400 से अधिक प्रतिनिधि होंगे शामिल


इस आयोजन में तमिलनाडु से 1,400 से अधिक प्रतिनिधि — सात विभिन्न श्रेणियों में — छात्र, शिक्षक, लेखक एवं मीडिया प्रतिनिधि, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, पेशेवर एवं शिल्पकार, महिलाएँ तथा आध्यात्मिक विद्वान काशी की यात्रा पर आएंगे, जहाँ वे दोनों प्रदेशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को साझा करेंगे और उनका उत्सव मनाएँगे. इस बार के संगमम में कुछ खास आकर्षण भी हैं. 15 दिसंबर को रामेश्वरम में होने वाला समापन समारोह इसका एक बड़ा हिस्सा होगा. इसके अलावा, दो नई पहलों की शुरुआत भी की जाएगी. पहली पहल है "तमिल करपोम", जिसके तहत उत्तर भारत के छात्रों को तमिलनाडु में तमिल सीखने का मौका मिलेगा. दूसरी पहल "अगस्त्य एक्सपीडिशन" है, जो तेंकासी से काशी तक की यात्रा होगी और तमिलनाडु के देश के प्रति योगदान को उजागर करेगी.

गौरतलब है कि काशी तमिल संगमम की शुरुआत 2022 में हुई थी. पहला संस्करण 16 नवंबर से 15 दिसंबर 2022 तक चला था. दूसरा संस्करण 17 से 30 दिसंबर 2023 तक वाराणसी के नमो घाट पर हुआ था. तीसरा संस्करण 15 से 24 फरवरी 2025 तक आयोजित हुआ था. बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र, एडीएम प्रशासन विपिन कुमार, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, शिक्षा विभाग, आईआरसीटीसी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.

वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी: ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनी ग्रामीणों की समस्याएं, एसआईआर पर दी जानकारी
वाराणसी : जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में विकास खंड आराजी लाइन के अंतर्गत ग्राम पंचायत नागेपुर में ग्राम चौपाल–गांव की समस्या गांव में समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा.ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर केंद्र एवंप्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की.उन्होंने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए.ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है और वे उनका लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए.जिलाधिकारी ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाने पर जोर दिया और बताया कि इसके माध्यम से पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज संभव है.उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान सम्मान निधि, तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार को बढ़ावा देने की बात कही.एसआईआर कार्यों को लेकर किया गया संवादचौपाल के बाद जिलाधिकारी ने एसआईआर (Special Intensive Revision) कार्यों को लेकर ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने एएसडी/अनकलेक्टेबल/अनमैप्ड मतदाताओं, फार्म-6, 6ए, 7 एवं 8 (घोषणा-पत्र सहित) की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर कार्यों की समय-सीमा एक माह बढ़ा दी गई है.जिलाधिकारी ने लोगों से अपीलजिलाधिकारी ने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित तिथियों के भीतर मतदाता सूची का अवलोकन कर अपने नाम का सत्यापन अवश्य करें तथा आवश्यकता होने पर दावा/आपत्ति दर्ज कराएं। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष पूर्ण कर चुके नागरिक फार्म-6 भरकर बीएलओ के पास जमा कर सकते हैं या https://voters.eci.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.ALSO READ : काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्पइस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, डीसी मनरेगा पवन कुमार सिंह, अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.
काशी में संविधान संवाद सम्मेलन: कांग्रेस सांसदों ने लोकतंत्र और काशी की अस्मिता की रक्षा का लिया संकल्प
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वाराणसी : कांग्रेस ने रविवार को वाराणसी के शास्त्रीघाट पर ‘संविधान संवाद सम्मेलन’ का आयोजन किया. इस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए, सम्मेलन का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता, नागरिक अधिकारों की रक्षा, धर्मनिरपेक्षता और संघीय ढांचे की सुरक्षा करना था. इसके साथ ही सम्मेलन में काशी की अस्मिता और सांस्कृतिक-धार्मिक पहचान पर उठाए जा रहे खतरे पर भी चर्चा हुई.कांग्रेस नेताओं ने इस अवसर पर कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यों से लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों को खतरा उत्पन्न हुआ है. उन्होंने जनता से लोकतंत्र की रक्षा और एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया.सम्मेलन में उठाए गए प्रमुख मुद्दे:• मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास के नाम पर रानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़ने का विरोध• प्रयागराज में संत अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार• काशी की आस्था और सांस्कृतिक धरोहर की सुरक्षा• धार्मिक असहिष्णुता और सामाजिक न्याय के मुद्देकांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि यह रैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि काशीवासियों की अपनी आवाज़ सरकार तक पहुँचाने का माध्यम है.उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने क्षेत्र से हटाना चाहते हैं, तो धूप में बैठकर संघर्ष करना होगा.पवन खेड़ा और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने इस अवसर पर जोर दिया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जनता को एकजुट होना होगा. उन्होंने यह भी कहा कि काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान की सुरक्षा पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है.ALSO READ : BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंकइस सम्मेलन में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के कई नेता और सांसद शामिल हुए.जिनमें किशोरी लाल शर्मा, पवन खेड़ा, तनुज पुनिया, राकेश राठौर, इमरान मसूद, कुंवर उज्जवल रमण सिंह, सुप्रिया श्रीनेत आदि प्रमुख रहे.कांग्रेस का यह प्रयास है कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनके समाधान के लिए कदम उठाए जाएँ.
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
BHU और ICPS का एआई-साइबर सुरक्षा कोर्स, फीस 5000 रुपये, मिलेंगे दो क्रेडिट अंक
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने इंस्टीट्यूट ऑफ कॉन्स्टिट्यूशनल एंड पार्लियामेंट्री स्टडीज (ICPS) के साथ मिलकर एआई और साइबर सुरक्षा पर शॉर्ट टर्म क्रेडिट बेस्ड सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है. इस कोर्स के तहत छात्रों को दो क्रेडिट अंक भी मिलेंगे.कोर्स की मुख्य बातें:• अवधि: 23 फरवरी से 27 फरवरी, 5 दिन• कुल कक्षा समय: 30 घंटे• स्थान: नई दिल्ली स्थित संसद भवन की लाइब्रेरी (ऑफलाइन)• ऑफलाइन फीस: 5000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 7000 रुपये (प्रोफेशनल)• ऑनलाइन फीस: 4000 रुपये (छात्र/रिसर्च स्कॉलर), 8000 रुपये (प्रोफेशनल)• अंतिम आवेदन तिथि: 16 फरवरी 2026इस कोर्स में पूर्व न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, एकेडमिशियन और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी पढ़ाएंगे.छात्रों को एआई और साइबर सुरक्षा के कानूनी, नैतिक और संवैधानिक पहलुओं के व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नीतिगत और गवर्नेंस से जुड़ी चुनौतियों से निपटने का प्रशिक्षण मिलेगा.कैसे करें आवेदन:छात्र और पेशेवर ICPS की वेबसाइट पर जाकर QR कोड स्कैन करके आवेदन कर सकते हैं. फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद पंजीकरण पूरा होगा.ALSO READ : वाराणसी में कोडीन युक्त न्यू फेंसाडिल कफ सीरप की तस्करी, पुलिस ने 5 वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कियाइस कोर्स की शुरुआत BHU और ICPS के बीच हुए समझौते के तहत की गई है. यह पहल छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए कानून व्यवस्था में एआई और तकनीक के इस्तेमाल को समझने का अनूठा अवसर साबित होगी.