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कुणाल गौड़ हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख भड़के परिजन, डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन

कुणाल गौड़ हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट देख भड़के परिजन, डीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
Aug 25, 2025, 11:32 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी : चोलापुर क्षेत्र के तेवर गांव निवासी कुणाल गौड़ (19) की रहस्यमय मौत ने अब नया मोड़ ले लिया है. प्रारंभिक तौर पर सड़क हादसे का मामला बताई जा रही यह घटना अब हत्या के रूप में सामने आई है.पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कुणाल की मौत सड़क दुर्घटना से नहीं, बल्कि धारदार हथियार से हमला कर की गई हत्या के कारण हुई है. इस खुलासे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया.



डीएम कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन


सोमवार को कुणाल के परिजन और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण डीएम कार्यालय पहुंच गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मामले को पहले दुर्घटना बताकर गंभीर लापरवाही की है और अब जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सच्चाई सामने आ गई है, तब भी आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया .


क्या हुआ था उस रात


मृतक कुणाल गौड़, अपने तीन साथियों - नन्हकू (पुत्र सुभाष), आशीष (पुत्र राम अवतार), और करन (पुत्र संतोष) के साथ हाईवे पर करन का जन्मदिन मनाने निकला था. परिजनों के अनुसार रात लगभग दस बजे सभी युवक बाइक से निकले थे. अगली सुबह वाराणसी-आजमगढ़ हाईवे पर कुणाल का शव संदिग्ध हालत में मिला. पुलिस ने पहले इसे सड़क हादसा बताया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.



पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली हत्या की परतें


पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि कुणाल के शरीर पर पांच जगह धारदार हथियार से हमला किया गया था. सिर पर गंभीर चोटें, शरीर पर मिट्टी और धूल और शर्ट गायब होना भी हत्या की ओर इशारा करता है. परिजनों ने बताया कि कुणाल घर से शर्ट पहनकर निकला था लेकिन शव मिलने के वक्त केवल पैंट पहने हुए था. इससे यह संदेह और गहरा गया कि हत्या कर शव को हाईवे किनारे फेंका गया है, और दुर्घटना का नाटक रचा गया.


परिजनों का आरोप


किसी भी साथी ने रात में हादसे की सूचना नहीं दी, जबकि वे उसके साथ थे. सुबह सात बजे अन्य राहगीरों ने परिजनों को सूचना दी. शव की स्थिति और कपड़ों की हालत से स्पष्ट है कि कुणाल की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई.



पुलिस का पक्ष


थाना प्रभारी योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था, क्योंकि करन भी घायल था. पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा था और अब जब रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई है, तो सभी पहलुओं पर गहराई से जांच की जा रही है.


गांव में शोक और आक्रोश का माहौल


कुणाल तीन भाइयों में सबसे छोटा था. उसकी मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई. मां माया देवी और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं, हत्या के खुलासे के बाद ग्रामीणों में पुलिस के प्रति गहरा आक्रोश है.



मांगें और आगे की कार्रवाई


प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है. प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला है, जिससे नाराजगी और बढ़ रही है.

वाराणसी के एक और होटल में लगी भीषण आग, सामने आई यह वजह
वाराणसी के एक और होटल में लगी भीषण आग, सामने आई यह वजह
A massive fire broke out in another hotel in Varanasi, the reason came to light.वाराणसी: सारनाथ थाना क्षेत्र की बुद्धा सिटी कॉलोनी में गुरुवार की सुबह शॉर्ट सर्किट से एसडी सनराइज होटल के रिशेप्सन हॉल में आग लगने से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है. हालांकि क्षेत्रीय लोगों ने तत्‍परता दिखाते हुए कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया. इस दौरान किसी जनहानि की सूचना नहीं है. बताते हैं कि आजमगढ़ मेहनाजपुर के विनोद कुमार यादव सिंचाई विभाग जौनपुर में कार्यरत हैं. बता दें कि दो दिन पूर्व भी नई सडक क्षेत्र में होटल एचएम में आग लगने से भारी क्षति हुई थी और कुछ लोग झुलस गए थे.शॉर्ट सर्किट होने से रिशेप्सन हॉल में लगी आग सारनाथ के हवेलियां चौराहे के पास किराए के मकान में रहते हैं. उनका बुद्धा सिटी कॉलोनी में 4 बिस्वा में एसडी सनराइज होटल है. अचानक सुबह करीब 6 बजे होटल के रिशेप्सन हॉल में शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई. पहले खिड़की से धुआं निकलता दिखाई दिया. देखते ही देखते खिड़की से आग की लपट निकलने लगी. आसपास के लोग धुआं निकलते देख तत्काल मौके पर पहुंचे. होटल में लगे फायर सिस्टम को चलाकर लगभग एक घण्टे में आग पर काबू पाया.Also read: वाराणसी में तरना फ्लाईओवर के नीचे गेमिंग और वेंडिंग जोन, मिलेगा रोजगार का अवसरआग की लपट इतनी तेज थी कि शीशा व टाइल्स तक टूट गया. गनीमत था कि कोई पर्यटक नहीं था. इस दौरान पहुंचे फायर ब्रिगेड की गाड़ी सड़क पर ट्राली ट्रांसफार्मर खड़ा होने तक घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाई. सूचना पर पहुंचे होटल मालिक विनोद कुमार ने बताया कि होटल में शॉर्ट सर्किट से आग लगी है. जिसमें केवल रिशेप्सन हॉल में रखा 12 पीस सोफा,एलसीडी, एसी, फ्रिज, काउंटर, टेबल, सीसी कैमरा डीबी आर सहित बाथरूम सहित फर्नीचर लाखों रुपये की क्षति हुई है. मौके पर स्थानीय पुलिस उपनिरिक्षक अजय कुमार सहित पुलिस टीम मौजूद रही. होटल में बुधवार की रात में रिग सेरेमनी की पार्टी थी. जिसमें बाहर लॉन के साथ भूमिगत हाल बुक थे.https://www.youtube.com/watch?v=IItsP4NzG8A&t=1s
वाराणसी में तरना फ्लाईओवर के नीचे गेमिंग और वेंडिंग जोन, मिलेगा रोजगार का अवसर
वाराणसी में तरना फ्लाईओवर के नीचे गेमिंग और वेंडिंग जोन, मिलेगा रोजगार का अवसर
Gaming and vending zone under Tarna flyover in Varanasi, will provide employment opportunitiesवाराणसी: शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए यूपी की योगी सरकार ने फ्लाईओवर के नीचे के अनुपयोगी स्थानों को उपयोगी और आकर्षक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना की एक बड़ी तैयारी की है. इसी सिलसिले में एयरपोर्ट रोड स्थित तरना क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे आधुनिक गेमिंग और वेंडिंग जोन विकसित किया जाएगा. सरकार की इस पहल से शहरवासियों को जहां मनोरंजन की नई सुविधाएं मिलेंगी, वहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर जबरदस्त भी बढ़ेंगे.खेलकूद का मिलेगा अवसर स्मार्ट सिटी परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र तिवारी का कहना है कि, प्रस्तावित गेमिंग जोन में इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, पिकल बॉल और स्केटिंग जैसे कई इंडोर खेलों की व्यवस्था होगी. इससे युवाओं-बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में खेलकूद का अवसर मिलेगा. ताकि हर किसी को अपनी फिटनेस को बेहतर बनाने का एक अच्छा मौका मिलेगा. इतना ही नहीं, लोगों को इन खेलों के प्रति रूचि भी बढ़ेगी.महाप्रबंधक अमरेंद्र ने कहीं बड़ी बातइसी के आगे स्मार्ट सिटी के मुख्य महाप्रबंधक अमरेंद्र का ये भी कहना है कि, इस परियोजना के जरिए फ्लाईओवर के नीचे वेंडिंग जोन भी स्थापित किया जाएगा, जहां स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स और छोटे व्यापारियों को व्यवस्थित रूप से दुकानें लगाने की सुविधा दी जाएगी. ताकि छोटे-मोटे व्यापारियों को रोजगार का अवसर मिलेगा और यहां आने वाले सभी पर्यटक कई प्रकार के व्यंजनों का आनंद भी उठा सकेंगे. सीधे तौर पर देखा जाए तो सरकार के इस योजना से हर किसी को फायदा ही फायदा मिलने वाला है. खास बात तो यह है कि, इन व्यापारियों को स्थायी आजीविका का अवसर भी मिलेगा, जो उनके लिए एक बड़ी खुशी की बात है. ये व्यापारी हर रोज अपनी रोजी-रोटी के लिए आसानी से यहां से कमा सकेंगे.Also read: वाराणसी के बौलिया तिराहे पर 100 मकानों पर बुल्‍डोजर कार्रवाई, सामने आई यह वजहयूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल शहरी संसाधनों के बेहतर उपयोग का नायाब उदाहरण होगी. साथ ही समावेशी विकास, रोजगार सृजन और नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक कदम होगा. फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने में काफी मदद मिलेगी. ताकि जाम की समस्या ना हो और यहां आने जाने वाले लोगों को किसी भी तरह की दिक्कतों का सामना ना करना पड़े. क्योंकि, अक्सर फ्लाईओवर के नीचे के स्थान उपेक्षित और अनुपयोगी बने रहते हैं, लेकिन इस योजना के माध्यम से इन क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण कर उन्हें सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों का केंद्र बनाया जाएगा.https://www.youtube.com/watch?v=IItsP4NzG8A&t=1s
वाराणसी के बौलिया तिराहे पर 100 मकानों पर बुल्‍डोजर कार्रवाई, सामने आई यह वजह
वाराणसी के बौलिया तिराहे पर 100 मकानों पर बुल्‍डोजर कार्रवाई, सामने आई यह वजह
Bulldozer action on 100 houses at Bauliya Tiraha in Varanasi, this reason came to lightवाराणसी: लहरतारा-बौलिया तिराहे पर गुरुवार की सुबह पीडब्‍लूडी ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाकर करीब 100 मकानों को गिराना शुरू कर दिया. इस बुल्‍डोजर कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया. ये कार्रवाई 6 लेन सड़क निर्माण परियोजना के लिए की जा रही है. प्रशासन के अनुसार भवन स्वामियों को करीब एक साल पहले ही मकान खाली करने का नोटिस दिया गया था. पीडब्‍लूडी अधिकारियों का कहना है कि जिन जमीनों पर मकान बने थे, वे वन एवं सरकारी भूमि की श्रेणी में आती हैं. पहले मकानों पर लाल निशान लगाकर अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी गई थी. समय सीमा पूरी होने के बाद विभाग ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की.सड़क परियोजना का हिस्सा प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह अभियान मोहनसराय बाईपास से मुगलसराय तक प्रस्तावित 31 किलोमीटर लंबी 6 लेन सड़क परियोजना का हिस्सा है. मोहनसराय से बौलिया तक सड़क निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि आगे का काम आबादी क्षेत्र में अटका था. इस परियोजना के लिए करीब 197.40 करोड़ रुपये स्वीकृत हैं.Also read: कपड़े और कोल्‍ड ड्रिंक के गोदाम में लगी भीषण आग, लाखों का नुकसानबौलिया तिराहे के आगे घनी आबादी के कारण जनवरी 2025 से निर्माण कार्य रुका था. सर्वे के बाद करीब 100 मकानों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए गए थे. जुलाई 2025 से लगातार सार्वजनिक घोषणाएं भी कराई जा रही थीं. ध्वस्तीकरण को लेकर 29 जुलाई 2025 को सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सीएम योगी आदित्‍य नाथ को पत्र लिखकर कार्रवाई रोकने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने तय कार्यक्रम के तहत अभियान शुरू कर दिया. अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में अफरा-तफरी मच गई. कई परिवारों को जल्दबाजी में घर खाली करना पड़ा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा.https://www.youtube.com/watch?v=C6sopvGRLds&t=6s