नाबालिग लड़की का पॉर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल करने के दोषी को उम्रकैद की सजा...

प्रदेश सरकार की पहल पर सीबीआई ने की थी जांच
वाराणसी: नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने और उसका पॉर्न वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल करने के मामले में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पांडेय ने लमही,मढ़वां निवासी रवि कुमार पटेल को दोषी करार दिया. अदालत ने उसे आजीवन कारावास व दो लाख 80 हजार रुपया जुर्माने की सजा सुनाई. अभियुक्त द्वारा जुर्माना देने पर अदालत ने इसका 70 प्रतिशत हिस्सा पीड़िता को देने का आदेश दिया है. अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक दीप नारायण व विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने पैरवी की.
अभियोजन पक्ष का आरोप था कि वर्ष 2019 में 11 वर्षीय एक नाबालिग लड़की घर का कुछ सामान लेने अभियुक्त रवि कुमार पटेल की दूकान पर जब भी जाती थी तो वह अपने मोबाइल पर उसे गंदा (पॉर्न) वीडियो दिखाकर उससे कहता था कि यह सब करने से कुछ नहीं होगा. कुछ दिन बाद जब वह उसके दूकान पर गई तो रवि उसका कपड़ा हटाकर अपने मोबाइल से फोटो और वीडियो बना लिया. बाद में उस लड़की को धमकी देने लगा कि उसके गलत काम करे नहीं तो वह फोटो और वीडियो उसके घरवालों को दिखा देखा. लड़की के डर का फायदा उठाकर रवि ने उसके साथ दुष्कर्म किया. रवि ने तीन साल तक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया.
नाबालिग लड़की का पॉर्न वीडियो अत्यधिक रुप में वायरल होने पर प्रदेश सरकार ने स्वत: संज्ञान लेते हुए वर्ष 2022 में सीबीआई से इसकी जांच कराने की पहल की. सीबीआई ने 27 जून 2022 को अज्ञात लोगों के खिलाफ नई दिल्ली में मुकदमा दर्ज की और इसकी जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर राबिन कुमार को दी गई. भरोसेमंद स्त्रोतों से सीबीआई ने पीड़िता की पहचान करते हुए इससे जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्रित करने में जुट गई. स्रोत से सीबीआई को जानकारी मिली कि रवि कुमार पटेल बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को एकत्रित करने और उसे अपने मोबाइल व ई-मेल के जरिए दूसरों को भेजने व प्रसारित करने में शामिल है. इसकी पुष्टि होने पर सीबीआई की टीम ने 30 जून 2022 को रवि कुमार पटेल के घर की तलाशी ली. इस दौरान उसके बेडरूम से दो सिम लगा मोबाइल,लैपटॉप,एक पैनकार्ड समेत अन्य सामग्रियों को बरामद की और फोरेंसिंक जांच के लिए उसे विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दी. दौरान विवेचना सीबीआई ने घटनास्थल का अवलोकन के साथ ही अग्रिम कार्रवाई के लिए 11 जुलाई को पीड़िता को बाल कल्याण समिति और अदालत के समक्ष पेश कराकर उसका बयान दर्ज कराया. इस बीच सीबीआई ने 13 जुलाई 2022 को रवि कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया. विवेचना पूरी कर छह सितंबर 2022 को अदालत में रवि कुमार पटेल के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर दी और 23 मार्च 2023 से इसकी सुनवाई होने लगी. अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत 11 गवाहों को परीक्षित कराया गया. गिरफ्तारी के बाद से ही अभियुक्त जेल में बंद है.
अदालत ने की गंभीर टिप्पणी, जिलाधिकारी को दिए सुझाव
अभियोजन तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने और पत्रावलियों पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात् अपने फैसले में कहा कि दोषी रवि कुमार पटेल का यह कृत्य उसकी वासना को तो परिलक्षित करता ही है,साथ ही साथ यह भी परिलक्षित करता है कि उसने बालक पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दिया जो कि निश्चित रूप से एक व्यवसायिक मंशा से किया गया होगा. चाइल्ड पोर्नोग्राफी में लिप्त व्यक्ति मानसिक रोगी तो है ही साथ ही साथ ऐसा व्यक्ति समाज के लिए खतरा भी है.
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निश्चित रूप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी बच्चों को ऐसी स्थिति में लाकर खड़ा कर देता है जिससे कि भविष्य में उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा तो धूमिल होती ही है,साथ ही साथ उनका मानसिक विकास भी प्रभावित होता है. ऐसे प्रकरणों में न्यायालय का दायित्व है कि जिसने चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज वीडियोज बनाये हों,उसे ऐसे दंड से दंडित करे जिससे कि समाज में एक संदेश तो जाये ही साथ ही साथ वे व्यक्ति भी सतर्क हो जायें जो इन अपराधों में लिप्त हैं एवं जिनका अभी तक खुलासा नहीं हुआ है. अदालत ने जिलाधिकारी को सुझाव दिया है कि ऐसी कार्ययोजना बनाकर यह सुनिश्चित करें कि बच्चों को लैंगिक अपराध से बचने के बाबत विद्यालय तथा सामाजिक स्तर पर भी जागरूक किया जाये.



