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पीएम मोदी ने RSS को दिया तोफा, जारी किया डाक टिकट और सिक्का

पीएम मोदी ने RSS को दिया तोफा, जारी किया डाक टिकट और सिक्का
Oct 01, 2025, 09:46 AM
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Posted By Preeti Kumari

100 Years of RSS: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी (RSS) अपने सौ साल पूरे होने के शिखर पर है. इस शताब्दी समारोह की धूम देशभर में देखने को मिल रही है. इस सौ वर्ष की यात्रा में कई लोग सहयोगी और सहभागी रहे हैं. यह यात्रा परिश्रम पूर्ण और कुछ संकटों से अवश्य घिरी रही, परंतु सामान्य जनों का समर्थन उसका सुखद पक्ष रहा. वहीं RSS के सौ साल पूरे होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अहम कदम उठाते हुए डाक टिकट और सिक्का जारी किया है. इसे जारी करते देर नहीं कि यह सिक्का और टिकट काफी सूर्खियां बटोरने लगा. इस चर्चा का कारण ये है कि आजादी के बाद से इतिहास में पहली बार संघ के लिए डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है जो देश के लिए एक चौंकाने वाली बात है.


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जाने क्या है RSS का मांजरा


दरअसल, दिल्ली के डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में RSS के शताब्दी समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल हुए पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए RSS को एक खास उपहार दे बैठे. ये सौगात कुछ और नहीं बल्कि पीएम मोदी द्वारा RSS के शताब्दी समारोह पर जारी डाक टिकट है, जो कई मायनों में खास है. प्रधानमंत्री के इस उपहार पर RSS कार्यकर्ताओं की परेड करते हुए तस्वीर छपी है. यह तस्वीर 1963 परेड की है.


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1962 की बात करें तो इस सन् में भारत और चीन के बीच हुए युद्ध के दौरान RSS ने अपना अहम रोल निभाया था, जहां तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने RSS से 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेने का अनुरोध किया था. इसके बाद से 26 जनवरी 1963 को राजपथ (अब कर्तव्यपथ) पर RSS के कार्यकर्ताओं की ऐतिहासिक परेड देखने को इजाजत तक मिली थी.


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सिक्के पर छपी RSS की झलक


बता दें, RSS के 100 साल पूरे होने पर पीएम मोदी द्वारा जारी किया गया सिक्का कोई मामूली नहीं, बल्कि स्मारक सिक्का है. इस सिक्के पर एक ओर राष्ट्रीय चिन्ह है और दूसरी ओर सिंह के साथ वरद-मुद्रा में भारत माता का भव्य चित्र बना हुआ है. यह स्मारक सिक्का शुद्ध चांदी का है, जिसकी कीमत 100 रुपये है. इस खास सिक्के के आगे अशोक स्तंभ का चिह्न बना हुआ है. वहीं, सिक्के के पिछले हिस्से में भारत माता की पारंपरिक छवि देखी जा सकती है. इसी के साथ ही आज भी RSS के कार्यकर्ताओं की छवि भी मौजूद है. इस सिक्के के ऊपर संघ का बोध वाक्य भी अंकित है- 'राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम.


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इस साल में बना 'संघ परिवार'


आज से 100 साल पहले 27 सितंबर 1925 को डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने RSS की नींव रखी थी. महाराष्ट्र के नागपुर में इस संगठन की स्थापना की गई थी, जिसकी शाखाएं अब पूरे देश में मौजूद हैं. वहीं, RSS से जुड़े लोगों को 'संघ परिवार' के नाम से जाना जाता है.

प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र ने ने किया ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी का उद्घाटन
वाराणसी : ललित कला काशी 'वर्थ एंड वरशिप' (Worth and Worship) प्रदर्शनी पेश कर रहा है।ललित कला काशी 15 से 17 जुलाई, 2026 तक वाराणसी के ऐतिहासिक घाटों पर "वर्थ एंड वरशिप" नाम की एक ओपन-स्पेस ग्रुप प्रदर्शनी आयोजित की गई है। डॉ. प्रियंका चंद्रा द्वारा क्यूरेट की गई इस अनोखी आउटडोर प्रदर्शनी में दस अवॉर्ड-प्राप्त कलाकार शामिल हैं: सिद्धार्थ, रामकुमार माहेश्वरी, आशिमा मेहरोत्रा, अनिल कुमार पटेल, स्वाति रंजन, दीपशिखा वर्मा, स्वाति झा, शालिनी सिंह, रितेक राज और सूरज वर्मा।इसका भव्य उद्घाटन आज 15 जुलाई को शाम 6 बजे सुबह-ए-बनारस घाट पर मुख्य अतिथि प्रो. विजय नाथ मिश्रा ने की। इसके बाद यह प्रदर्शनी लोगों तक पहुँचने के लिए तुलसी, आदिनाथ, चेत सिंह और अस्सी घाटों पर जाएगी।ALSO READ: चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़पवित्र गंगा के किनारे, यह एग्ज़िबिशन दस आर्टिस्ट को दुनियावी लालच ("वर्थ") और भगवान की भक्ति ("वर्शिप") के बीच की पतली लाइन को समझने के लिए एक साथ लाती है, जो कुछ समय के लिए और हमेशा रहने वाले के बीच इंसानी संघर्ष को दिखाती है।
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
चाय की दुकान पर बिक रही थी अवैध शराब और बीयर, सिगरा पुलिस के छापे में भंडाफोड़
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के विजयनगरम मार्केट में संचालित एक चाय की दुकान पर अवैध रूप से शराब और बीयर की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर सिगरा पुलिस ने छापेमारी कर दुकान से बड़ी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की तथा अवैध कारोबार का भंडाफोड़ कर दिया।पुलिस के अनुसार, लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि चाय की दुकान की आड़ में चोरी-छिपे शराब और बीयर बेची जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान दुकान से विभिन्न ब्रांड की शराब और बीयर की बोतलें बरामद हुईं।ALSO READ: बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथनपुलिस ने मौके से दुकान संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। बरामद शराब और बीयर को जब्त कर लिया गया है। मामले में आबकारी अधिनियम समेत अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।सिगरा पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
बरेका में नराकास की छमाही बैठक, हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और नवाचार पर मंथन
वाराणसी: बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बुधवार को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने की, जिसमें नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों और प्रतिनिधियों ने भाग लेकर राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार और डिजिटल माध्यमों में इसके बढ़ते उपयोग पर व्यापक चर्चा की।बैठक में महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और आमजन के बीच संवाद का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने सदस्य कार्यालयों से हिंदी को सरल, प्रभावी और तकनीक-सम्मत बनाकर अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने भारतेंदु हरिश्चंद्र के प्रसिद्ध कथन "निज भाषा उन्नति अहै" का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के व्यापक उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया।इस दौरान नराकास, वाराणसी की पत्रिका 'बनारस दर्पण' तथा आईआईटी-बीएचयू की राजभाषा पत्रिका 'अभ्युदय' का लोकार्पण भी किया गया। बैठक में पिछली कार्यवृत्त की पुष्टि, निर्णयों के अनुपालन की समीक्षा तथा विभिन्न सदस्य कार्यालयों की राजभाषा संबंधी प्रगति और उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार और नवाचारों से जुड़े अनुभव भी साझा किए।ALSO READ: पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह एक और मामले में बरी, 36 साल पुराने प्रकरण का पटाक्षेपपूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी के मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन ने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता जनता से उसके जुड़ाव पर निर्भर करती है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे प्रभावी माध्यम है। वहीं गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के सहायक निदेशक (कार्यान्वयन) अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक सागर, प्राचार्य प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया तथा अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।