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जापान यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी, भारत के लिए खुलेगा खजाना

जापान यात्रा पर प्रधानमंत्री मोदी, भारत के लिए खुलेगा खजाना
Aug 29, 2025, 11:56 AM
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Posted By Preeti Kumari

Pm modi japan visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शुक्रवार को एशिया के दो बड़े आर्थिक ताकतों चीन और जापान की यात्रा पर हैं. अपने इस चार दिवसीय यात्रा के पहले चरण में पीएम मोदी जापान की राजधानी टोक्यों पहुंचे हैं, जहां उनका बड़ी ही सादगी के साथ स्वागत हुआ. भारतीय प्रधानमंत्री का जापान दौरा 7 सालों में उनकी पहली यात्रा है. पीएम मोदी की इस जापान यात्रा पर व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने पर फोकस माना जा रहा हैं. कल यानी 30 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री मोदी जापान के पीएम यानी अपने समकक्ष शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर वार्ता करेंगे.



इतना ही नहीं, पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा भारत में अरबों डॉलर के निवेश की योजनाओं के लक्ष्य की घोषणा कर सकते हैं. जापानी रिपोर्ट के मुताबिक, जापान कथित तौर पर अगले दशक में अपने निजी क्षेत्र के निवेश को भारत में दोगुना करने 10 ट्रिलियन येन( 68 अरब डॉलर) करने पर फोकस कर रहा हैं.


भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने बताई सच्चाई


वहीं ऐसा माना जा रहा है कि, प्रधानमंत्री मोदी और जापानी पीएम की मुलाकात के दौरान दोनों एशियाई देश 17 साल में पहली बार सुरक्षा सहयोग पर अपने संयुक्त घोषणापत्र में संशोधन करने की योजना रखते हैं. ये दोनों सरकारें एक आर्थिक सुरक्षा पहल भी शुरू करेंगी, जो आर्थिक सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने के लिए नया द्विपक्षीय सहयोग ढांचा का एक बड़ा माध्यम होगा. इसे लेकर जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज ने एक बड़ा खुलासा कर बताया कि दोनों पीएम की ये मुलाकात काफी अहम मानी जा रही है.



इन दोनों देशों के बीच चर्चा द्विपक्षीय मुद्दों से आगे बढ़ेगी और क्वाड (QUAD) जैसे बहुपक्षीय ढांचे पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जो एक शांतिपूर्ण और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसी के आगे सिबी जॉर्ज ने कहा, भारत के साथ अमेरिका का रवैया इन दिनों कुछ ठीक नहीं हैं. जिसके चलते मजबूत भारत देश व्यापारिक तनाव का सामना कर रहा है, यहीं कारण है कि नई दिल्ली राजधानी टोक्यो के साथ आर्थिक संबंधों को गहरा करने और निवेश के नए रास्ते तलाशने में लगा हुआ हैं. आशा है कि इन उम्मीदों पर पानी न फिरे तो काफी बेहतर होगा.


"मैं पीएम इशिबा से मिलने को उत्सुक हूं"


15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी जापान में शिरकत कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर टोक्यो पहुंचने की जानकारी देते हुए लिखा मैं इस यात्रा के दौरान जापानी प्रधानमंत्री इशिबा और अन्य लोगों से मिलने के लिए काफी उत्सुक हूं, जिससे मौजूदा साझेदारियों को मजबूत करने के साथ-साथ सहयोग के नए रास्ते भी तलाशने का अवसर मिलेगा. अपने इस जापान दौरे के बाद से पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन यानी (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए चीन रवाना होंगे. जिसे लेकर खूब चर्चाए हो रही हैं.



डोनाल्ड ट्रंप की हो रही तीखी आलोचना


बता दें कि पीएम मोदी का ये जापान दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत के साथ दोस्ती की मिसाल पेश करने वाला अमेरिका अपना तेवर दिखा रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का भारीभरकम टैरिफ लगाया है, जिसकी वजह है कि भारत रूस से तेल की खरीदारी करता है जो डोनाल्ड ट्रंप को जरा भी रास नहीं आ रहा है. इससे तिलमिलाएं ट्रंप ने इस तरह का रवैया अपनाया है. हालांकि ट्रंप के इस बेहूदे कारनामें ने भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार पैदा कर दी है.



ऐसे में ये कहना जरा भी गलत नहीं होगा कि, पिछले 25 सालों से दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली के लिए अमेरिका और भारत की तरफ से जो मेहनत की गई है, उसे ट्रंप ने पल भर में ही बर्बाद कर दिया है. लेकिन, इसका असर भारत पर तो पड़ेगा ही, पर फिर भी भारत इतना सक्षम है कि वो ट्रंप के इस टैरिफ का भी डट कर सामना कर सकता है, दिक्कत तो अमेरिका के लिए है, जो उसके ही टैरिफ की मार ट्रंप पर पड़ने लगी है. जी हां, अब अमेरिका के लोग ही डोनाल्ड ट्रंप की तीखी आलोचनाएं कर रहे हैं.

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- तेल की सप्लाई रुकने पर ईरान की तबाही तय, फिर करेंगे हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को तेल की सप्लाई रोकने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान होरमुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश या फिर किसी भी तरह की साजिश की तो उसे बख्शा नहीं बल्कि उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. ये कार्रवाई अब तक की हुए हमलों से भी कई गुना खतरनाक होगी, जिसका अंदाजा भी ईरान नहीं लगा सकता है. अगर मेरी इन बातों का जरा भी अनसुना कर ईरान ने कुछ भी कदम उठाया तो उसकी खैर नहीं, क्योंकि कुछ भी हो जाए होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकनी नहीं चाहिए. फिलहाल, मैं दुआ करता हूं, कि ईरान मुझे ऐसा करने पर मजबूर ना करें.ट्रंप ने कहा- तबाही का कहर बरपेगावहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर जारी पोस्ट में कहा, "अगर होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सप्लाई रूकी तो हम ऐसे ठिकानों को आसानी से तबाह कर देंगे कि ईरान के लिए एक देश के तौर पर दोबारा खड़ा होना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. उन पर मौत, आग और तबाही का कहर बरपेगा. लेकिन मुझे उम्मीद है और मैं दुआ करता हूं, कि ऐसा न हो!”यह भी पढ़ें: काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमणइसी के आगे उन्होंने इस चेतावनी को इंटरनेशनल कॉमर्स को बचाने के कदम के तौर पर बताया, खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि ऐसी स्टेबिलिटी बीजिंग समेत बड़ी ग्लोबल इकॉनमी के हितों को कैसे पूरा करेगी. "यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका की तरफ से चीन और उन सभी देशों को एक तोहफा है जो होर्मुज स्ट्रेट का बहुत ज्यादा इस्तेमाल करते हैं. उम्मीद है, यह एक ऐसा इशारा है जिसकी बहुत तारीफ की जाएगी."लड़ाई खत्म होने का दावाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ छिड़ी जंग को लेकर कहा कि, ईरान के साथ चल रही ये "लड़ाई पूरी तरह से खत्म हो चुकी है और तेहरान की डिफेंसिव और अटैकिंग क्षमताएँ पूरी तरह से खत्म हो गई हैं. इसकी वजह ये है कि ईरान की ताकत अब अमेरिका से लड़ने के लिए पूरी खत्म हो चुकी है, इतना ही नहीं, अमेरिका का सामना करने के लिए अब उसके पास कोई नेवी नहीं बची है, यहां तक की उसके पास कोई कम्युनिकेशन नहीं है, उनके पास कोई एयर फोर्स नहीं है. इसका मतलब साफ है कि अमेरिका ने ईरान को अब मुंहतोड़ जवाब देते हुए उसे कंगाल बना दिया है, ताकि वो दुबारा से अमेरिका और कई देशों का सामना करने से पहले दस बार अपनी गरीबी के बारे में सोचेगा.
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR
का किया भ्रमण
काशी भम्रण पर पहुंचा त्रिपुरा के पत्रकारों का दल, EIVR का किया भ्रमण
वाराणसी: त्रिपुरा के पत्रकारों का एक दल, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) अगरतला की पहल पर वाराणसी भ्रमण के दौरान आज भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) पहुँचा और संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार से संवाद किया. पत्रकारों के इस दल का नेतृत्व श्री कृपाशंकर यादव, अतिरिक्त महानिदेशक, पीआईबी (उत्तर-पूर्व) ने किया. इस अवसर पर डॉ. राजेश कुमार ने उत्तर-पूर्वी पर्वतीय क्षेत्र, विशेषकर त्रिपुरा में सब्जी क्षेत्र की बढ़ती संभावनाओं पर प्रकाश डाला.उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि और रोजगार सृजन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. उन्होंने बताया कि उत्तर-पूर्वी क्षेत्र की अनुकूल जलवायु और विविध कृषि परिस्थितियाँ विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं. उन्नत किस्मों, जलवायु-सहिष्णु तकनीकों तथा बेहतर उत्पादन प्रबंधन को अपनाकर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया जा सकता है.यह भी पढ़ें: IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनामनिदेशक ने यह भी बताया कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के लिए उपयुक्त सब्जी किस्मों के विकास, उत्पादन तकनीकों के प्रसार तथा किसानों एवं हितधारकों के क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि संस्थान त्रिपुरा सहित उत्तर-पूर्व के राज्यों में सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए वैज्ञानिक सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है. एनइएच क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास की गतिविधियों को संस्थान की ओर से संचालित किए जाने के प्रभारी डॉ राकेश कुमार दुबे ने पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से किसानोपयोगी गतिविधियों की जानकारी प्रदान की.इस दौरान पत्रकारों ने बड़ी उत्सुकता के साथ संस्थान के वैज्ञानिकों से संवाद किया तथा त्रिपुरा में सब्जी उत्पादन की वर्तमान स्थिति, किसानों के समक्ष आने वाली चुनौतियों तथा इस क्षेत्र के विकास में आईआईवीआर की भूमिका से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे. अपने भ्रमण के दौरान पत्रकारों के दल ने संस्थान की विभिन्न अनुसंधान सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिनमें अनुसंधान फार्म, हाई-टेक नर्सरी तथा ब्रिमेटो/पोमेटो की प्रायोगिक फसलें शामिल थीं. इन नवाचारों में पत्रकारों ने विशेष रुचि दिखाई और वैज्ञानिकों से इनके संभावित उपयोग एवं भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. इस अवसर पर संस्थान के सभी विभागाध्यक्ष डॉ ए एन सिंह, डॉ अनंत बहादुर, पीएमई के अध्यक्ष डॉ एस के सिंह एवं अन्य वैज्ञानिक उपस्थित रहे.
IIT और BHU में टेक्नेक्स, 20 हजार से लाखों तक के इनाम
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वाराणसी: आईआईटी बीएचयू के वार्षिक टेक्नो-मैनेजमेंट फेस्ट टेक्नेक्स-26 का आयोजन 13 से 15 मार्च तक किया जा रहा है. इस आयोजन की प्रतियोगिताओं के लिए इनाम की घोषणा कर दी गई है. टेक्नेक्स में मालवेयर, साइबर सिक्योरिटी और हैक इन आउट प्रतियोगिताओं में इंटरनेशनल कोडिंग मैराथन के 20 हजार से लेकर रोबोवार्स में 3.5 लाख तक के इनाम होंगे. इसमें मालवेयर, हैक इट आउट, सीटीएफ कंप्टीशन, गेम जेम, ड्रोन वार, स्काई ग्लाइड, एयरो वर्स, ड्रोन टेक, फिनकल इनोवेशन हैकाथॉन सहित 30 प्रतियोगिताएं होंगी. इसके अलावा प्रोडक्ट मैनेजमेंट कार्यशाला और दो दिन की जेनरेटिव एआई कार्यशाला होगी. ये सभी छात्र-छात्राओं के लिए निशुल्क है.सीटीएफ कंप्टीशन साइबर सिक्योरिटी हंट विषय पर प्रतियोगिता के विजेताओं को 50 हजार रुपये व अन्य इनाम दिए जाएंगे. यह इवेंट 15 मार्च को ऑनलाइन होगा. हर टीम में 3-3 सदस्य होंगे.यह भी पढ़ें: भारतीय संस्‍कृति से आकर्षित होकर काशी में विदेशी जोड़े ने रचाई शादी, कहा- सपना हुआ पूराइंटरनेशनल कोडिंग मैराथनपूरी दुनिया से कोई भी छात्र या छात्रा इसमें हिस्सा ले सकता है. यह एक सॉफ्टवेयर विकास और नवाचार हैकथॉन होगा. टीमें वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल करेंगी और एक प्रोटोटाइप भी तैयार करेंगी.मालवेयर इसकी पात्रता व्यक्तिगत या अधिकतम तीन सदस्यों की है. यह एक मशीन लर्निंग प्रतियोगिता है जिसमें प्रतिभागी बेहतर सटीकता के साथ डेटा के साथ समस्याओं को हल करने के लिए मॉडल बनाएंगे.हैक इट आउटइसमें 1 से 4 सदस्यों की टीमें भाग लेंगी। यह एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और नवाचार हैकाथॉन है.गेम जेमपंजीकरण पूरा करने और नियमों का पालन करने वाले सभी पात्र प्रतिभागी इसमें शामिल हो सकते हैं. प्रतिभागियों को टेक्नेक्स 2026 के दौरान एक ऑनलाइन पिच इवेंट के लिए उपलब्ध रहना होगा.