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जीएसटी छूट न देने वाले दुकानदार होंगे दंडित, पक्का बिल लेकर तुरंत करें 1915 पर शिकायत

जीएसटी छूट न देने वाले दुकानदार होंगे दंडित, पक्का बिल लेकर तुरंत करें 1915 पर शिकायत
Sep 23, 2025, 07:07 AM
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Posted By Gaandiv


वाराणसी : नवरात्र के पहले दिन लागू हुई नई जीएसटी दरों (GST 2.0) ने बाजारों में रौनक लौटा कर खरीदारों की भीड़ बढ़ा दी है. सरकार के बड़े कर सुधार के साथ कई रोज़मर्रा की वस्तुओं की दरें घटाई गईं. इसका असर दुकान-दुकान तक पहुंचना अनिवार्य है. राज्यकर विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खरीदारी कर ग्राहक हमेशा पक्का बिल लें. यदि दुकानदार छूट नहीं दे रहा या बिल पर जीएसटी का जिक्र नहीं कर रहा हो तो तुरंत 1915 पर शिकायत दर्ज कराएं. पक्का बिल ही उस शि‍कायत का मुख्य सबूत होगा.


क्या बदला है — संक्षेप में (क्यों जरूरी है ये जानना)


सरकार ने कर स्लैबों का सरलीकरण करते हुए बड़े बदलाव किए हैं. इसके तहत कई उत्पादों को ऊंचे स्लैब से नीचे लाया गया है, जिससे उपभोक्ता चीज़ें सस्ती होंगी और घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है. रिपोर्ट्स के अनुसार कई सामान्य और रोज़मर्रा की लगभग सैकड़ों वस्तुओं की दरों में कटौती की गई है, और 28% तथा 12% के कई आइटमों को कम स्लैब में स्थानांतरित किया गया है. ये बदलाव बाजार की कीमतों और खरीद शक्ति पर तत्काल प्रभाव डाल रहे हैं.


ग्राहकों को क्या करना चाहिए — स्टेप-बाय-स्टेप


1. सामान खरीदते समय हमेशा पक्का बिल (GST बिल) लें — बिल में सामान, मात्रा, दर और जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए.



2. यदि दुकानदार बिल देने में आनाकानी करे या कहे कि "बिल लेने पर कीमत बढ़ जाएगी", तो बिल लेते समय मोबाइल से फोटो/वीडियो बना लें और वक्त का रिकॉर्ड रखें.


3. तुरंत शिकायत दर्ज करें — टोल-फ्री 1915, या जीएसटी हेल्पडेस्क पर फोन/ई-मेल द्वारा शिकायत भेजें; पक्का बिल और अन्य सबूत (फोटो, वीडियो, दुकान का पता) संलग्न करें. विभाग शिकायत मिलने पर कार्रवाई करता है.


शिकायत कहां करें — अहम हेल्पलाइन / ई-मेल


टोल-फ्री: 1915.


GSTN हेल्पडेस्क (फोन): 0124-4688999, ई-मेल: helpdesk@gst.gov.in.


सीबीईसी मित्र हेल्पडेस्क: 1800-1200-232, ई-मेल: cbecmitra.helpdesk@icegate.gov.in.

(शिकायत भेजते समय बिल की स्कैन/फोटो ज़रूर जोड़ें — यही कार्रवाई की दिशा तय करेगा.)


स्थानीय असर — वाणिज्यिक उत्साह और ग्राहक प्रतिक्रिया


नवरात्र के पहले दिन काशी के बाजारों में खरीददारी का उत्साह बढ़ा दिखा. दुकानदारों और मंदिर-संबंधी सामान खरीदने वालों में उत्साह है क्योंकि पूजा सामग्री, चुनरी, फलाहार जैसी चीज़ों पर असर तेज़ दिख रहा है. स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि सस्ती दरों से खरीददारों की संख्या बढ़ रही है और त्योहार का सीज़न मिलकर कारोबार में तेजी लाएगा. कई लोगों ने इसे ‘बचत महोत्सव’ की तरह मनाया.


अर्थव्यवस्था पर प्रभाव — अनुमान और विशेषज्ञ राय


विभिन्न आर्थिक विश्लेषणों के मुताबिक़, यदि ये कर कटौती और सरलीकरण पूरी तरह से आम उपभोक्ता तक पहुँचता है, तो इससे निकट अवधि में घरेलू मांग बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को तेज़ी मिलने की संभावना है. कुछ विश्लेषक IDFC First और अन्य स्रोतों के आधार पर अनुमान लगा रहे हैं कि यह कदम लगभग 0.6 प्रतिशत तक जीडीपी वृद्धि में योगदान दे सकता है. हालांकि वास्तविक प्रभाव उस समय साफ़ होगा जब लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है या नहीं. साथ ही, सरकार की रेवेन्यू-संरचना पर भी शॉर्ट टर्म दबाव रहने की संभावना जताई जा रही है.


कर संग्रह व पंजीकरण में बढ़ोतरी — क्या संकेत मिलता है ?


जीएसटी लागू होने के बाद टैक्सपेयर बेस और कलेक्शंस दोनों में वृद्धि देखी गई है. हाल के आंकड़ों में जीएसटी के अंतर्गत करदाता संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि और कर संग्रह में इजाफा रिपोर्ट हुआ है — जो संकेत देता है कि कर अनुपालन बढ़ रहा है और व्यापक टैक्स बेस अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है. (सरकारी आंकड़े और रिपोर्ट्स में रजिस्ट्रेशन और कलेक्शन के रुझान सामने आते रहे हैं.)


विभाग की निगरानी और कार्रवाई — क्या उम्मीद रखें


राज्यकर विभाग और केंद्र की टीमें बाजारों में सतत निगरानी कर रही हैं और अज्ञात रूप से सर्वे और रेंडम चेक कर रही हैं ताकि जो व्यापारी पारदर्शिता नहीं रखें, उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई हो सके. विभाग द्वारा ट्रेडर्स को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम भी चल रहे हैं. अधिकारियों ने खरीदारों से अपील की है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और बिल की मांग छोड़ें नहीं.


दुकानदारों के लिए क्या मायने रखता है


पारदर्शिता बनाए रखें, बिल में जीएसटी का स्पष्ट उल्लेख रखें.


यदि ग्राहक छूट मांगता है, उसका लाभ सही तरीके से बिल में दिखाएं — इससे भरोसा बनेगा और बिक्री बढ़ेगी.


विभाग की ओर से चल रही जागरूकता और मॉनिटरिंग से छोटे व्यवसायों को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है, क्योंकि उपभोक्ताओं की खरीद शक्ति बढ़ेगी.


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ग्राहक कैसे सुरक्षित रहें


खरीद के समय बिल लें और indien GST हेल्पडेस्क पर तुरंत शिकायत करें.


बिल का फोटो/स्क्रीनशॉट बचाकर रखें — ये ही सबसे मजबूत सबूत है.


स्थानीय मीडिया और विभागीय सूचनाओं पर नजर रखें — ताकि आप जान सकें कि किन-किन सामानों पर दरें घटाई गई हैं और किस तरह के दावे गलत हो सकते हैं.

"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
"एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है एसआईआर प्रक्रिया- कुंवर मानवेंद्र सिंह
वाराणसी: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह की अध्यक्षता में सांविधानिक एवं संसदीय अध्ययन संस्थान, उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय शाखा, विधान परिषद की ओर से “एसआईआर की वैधानिक उपादेयता” विषय पर आयोजित दो दिवसीय विचार गोष्ठी के द्वितीय एवं अंतिम सत्र का आयोजन शनिवार को हुआ. चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर के संबंध में सभी सदस्यों ने अपने विचार रखे. सदस्यों ने यह माना कि एसआईआर लोकतंत्र की मजबूती के लिए समय-समय पर कराया जाना आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र के प्रति जन विश्वास की आस्था और मजबूत होगी. एसआईआर की वैधानिकता पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों ने अनु. 324, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, नागरिकता अधिनियम 1955 पर गहन विचार विमर्श करते हुए चुनाव आयोग की आधिकारिकता एवं उसकी सीमाओं पर भी विस्तृत रूप से चर्चा पर परिचर्चा की.यह भी पढ़ें: वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनसदस्यों ने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान नागरिकों को हो रही परेशानियों एवं उसके निराकरण के सुझाव दिए. विधान परिषद उत्तर प्रदेश के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने दो दिवसीय सत्र के समापन सत्र पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि एसआईआर प्रक्रिया डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रस्तावित सिद्धांत "एक व्यक्ति, एक वोट, एक मूल्य" पर आधारित है. यह फर्जी और दोहराए गए मतदाताओं को हटाकर लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखने में, सहायक होता है. क्योंकि यह सूक्ष्म जांच की प्रक्रिया सुनिश्चित करता है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर चुनाव आयोग के "कोई भी मतदाता ना छूटे" के आदर्श वाक्य का समर्थन करता है. उन्होंने कहा की विधि आयोग की 255वीं रिपोर्ट के अनुसार लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनाव के लिए एक ही मतदाता सूची का उपयोग करने से प्रक्रिया सुव्यवस्थित होगी और सार्वजनिक संसाधनों की बचत होगी.विचार गोष्ठी के समापन सत्र पर सभापति, विधान परिषद ने विचार गोष्ठी में प्रतिभाग़ करने वाले सदस्यों, विद्वान वक्ताओं, आयोजक, मीडिया, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि सभी के सहयोग, कठिन परिश्रम और लगन से ही इस गोष्ठी को सफल और भव्य बनाया गया. विधान परिषद के प्रमुख सचिव डॉ राजेश सिंह ने एसआईआर की वैधानिकता और उसके न्यायिक पक्ष एवं नागरिकों के मौलिक अधिकार पर अपने विचार प्रकट किया. उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया की आवश्यकता इसलिए है कि बाहरी घुसपैठियों की पहचान की जा सके और जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाया जा सके.
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
टेक्‍नेक्‍स : आम जनता का समर्थन ही सैनिकों की सबसे बड़ी ताकत - ब्रगेडियर करियप्‍पा
वाराणसी : आइआइटी बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित 'टेक्नेक्स' कार्यक्रम के दूसरे दिन शनिवार को छात्रों से भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर बीएम करियप्पा रूबरू हुए. छात्रों से संवाद में उन्‍हों ने कहा कि आम जनता सैनिकों की सबसे बड़ी मदद अपने विश्वास, सम्मान और समर्थन के माध्यम से कर सकती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी सैन्य कार्रवाई के समय सरकार किन परिस्थितियों और सीमाओं में निर्णय लेती है, उस पर सार्वजनिक टिप्पणी करना सैनिकों के लिए उचित नहीं होता, क्योंकि कई रणनीतिक बातें गोपनीय होती हैं.ब्रिगेडियर करियप्पा ने कहा कि भारत ने समय-समय पर साहसिक सैन्य कदम उठाए हैं.उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 2016 में सीमा पार जाकर की गई भारतीय सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों में भारत ने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया. इन अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि जब परिस्थितियाँ अनुकूल होती हैं, तब सरकार और सेना मिलकर निर्णायक कदम उठाती हैं.उन्होंने आगे कहा कि सैनिक हमेशा देश की सुरक्षा और सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. ऐसे में नागरिकों का विश्वास और प्रेम उनके मनोबल को और मजबूत करता है. ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी कहा कि यदि देशवासी सेना के प्रति अपना समर्थन और सम्मान बनाए रखें, तो सैनिक भी उसी समर्पण और साहस के साथ देश की रक्षा करते रहेंगे.यह भी पढ़े:- वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापनछात्रों के सवालों का दिया जवाबइस संवाद में छात्रों ने ब्रिगेडियर करियप्पा से कई प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने विस्तार से जवाब दिया. उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को देश की सुरक्षा और सेवा में अपनी भूमिका को समझना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ युवाओं को सैन्य सेवा में भी रुचि लेनी चाहिए, क्योंकि यह देश की सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.ब्रिगेडियर करियप्पा ने यह भी बताया कि भारतीय सेना न केवल युद्ध के समय, बल्कि शांति के समय भी नागरिकों की सहायता के लिए तत्पर रहती है. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सेना ने हमेशा नागरिकों की मदद की है, जो कि उनकी सेवा भावना को दर्शाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि वे सेना के प्रति अपने समर्थन को बनाए रखें, जिससे देश की सुरक्षा और अखंडता को और भी मजबूती मिले.
वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
वाराणसी में बढ़ती महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
वाराणसी: लगातार बढ़ती महंगाई से विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला मुख्‍यालय पर प्रदर्शन किया. वक्‍ताओं ने कहा कि महंगाई केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का परिणाम है, जिसका सबसे बड़ा बोझ गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है. घरेलू एलपीजी तथा कमर्शियल गैस सिलेंडर में वृद्धि ने आम जनता और छोटे व्यापारियों की परेशानी को और बढ़ा दिया है. होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े छोटे कारोबारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है. देश के कई हिस्सों से चिंताजनक आंकड़े सामने आ रहे हैं.जिला अध्यक्ष कैलाश पटेल का बड़ा बयानजिला अध्यक्ष कैलाश पटेल कहा कि- अमेरिका के दबाव में रूस से सस्ता तेल खरीदने में कमी करने के कारण देश को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये का वार्षिक नुकसान हो रहा है. अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों, ईरान पर हमलों और निर्दोष स्कूली बच्चों की मौत जैसे मामलों पर केंद्र सरकार की चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है. साथ ही गैस क्षेत्र में कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली नीतियों के कारण गैस की कीमतों में कई जगह तीन गुना तक वृद्धि होने के आरोप भी सामने आ रहे हैं, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है.इन्हीं मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी, वाराणसी के कार्यकर्ताओं द्वारा जिला कलेक्ट्रेट पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन सौंपा गया.ये है प्रमुख मांगें घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में की गई हालिया वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए.पेट्रोल और डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस और पारदर्शी नीति लागू की जाए.गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी प्रदान की जाए.महंगाई पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार स्पष्ट और जवाबदेह नीति घोषित करे.अतः राष्ट्रपति से अनुरोध है कि देश की आम जनता को बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने हेतु केंद्र सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दें.यह भी पढ़ें: नगर आयुक्त ने ईश्वरगंगी वार्ड का किया निरीक्षण, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने पर दिया जोरइस इस कार्यक्रम में अब्दुल्लाह खान,घनश्याम पांडे जिला मीडिया प्रभारी, गुलाब सिंह राठौड़,पल्ल्वी वर्मा,शारदा टंडन, डॉ अहिल्या,मोहिनी महेद्रु,आर के उपाध्याय,विनोद जायसवाल,सरोज शर्मा, प्रमोद श्रीवास्तव, अभीशेक, सिंह,राहुल द्विवेदी, चेत सिंह, राजेश कुमार, सतीश पटेल, कांता प्रसाद, अरविन्द यादव, जय किसन पटेल, गुलाब प्रजापति,मोहम्मद कुद्दूस, दीपक यादव, श्याम सुन्दर पटेल, विनोद कुमार विश्वकर्मा, निलेश सिंह, विनोद कुशवाहा आदि मौजूद रहे.