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बनारस के हर दिव्यांग तक पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की सुविधा, गांव-गांव शुरू हुआ सर्वे

बनारस के हर दिव्यांग तक पहुंचेगी सरकारी योजनाओं की सुविधा, गांव-गांव शुरू हुआ सर्वे
Aug 20, 2025, 07:07 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: जिले के दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. अब जनपद के प्रत्येक दिव्यांग को न सिर्फ सहायक उपकरण (जैसे व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र आदि) उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उन्हें पेंशन, शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा. इसके लिए प्रशासन ने गांव-गांव जाकर व्यापक सर्वे शुरू किया है.

यह जानकारी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) हिमांशु नागपाल ने दी. उन्होंने बताया कि सर्वे में जुटाए गए आंकड़ों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा. इससे सभी दिव्यांगों का सही चिह्नांकन हो सकेगा और उन्हें योजनाओं से लाभ दिलाने की प्रक्रिया पारदर्शी और सरल होगी.


क्यों जरूरी है यह सर्वे ?


सीडीओ ने स्पष्ट किया कि सरकार दिव्यांगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही है, लेकिन सही आंकड़े न होने की वजह से सभी पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता. यही कारण है कि अब एक व्यवस्थित सर्वे कराया जा रहा है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आए और कोई भी दिव्यांग वंचित न रह जाए.


आशा कार्यकत्रियों को मिली जिम्मेदारी


इस कार्य के लिए आशा कार्यकत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें एक विशेष फॉर्मेट दिया गया है, जिसमें गांव के दिव्यांगों की सारी जानकारी दर्ज की जा रही है. इसके बाद सारी सूचनाएं विभाग द्वारा तैयार पोर्टल पर अपलोड होंगी.


गांव-गांव और मोहल्लों में लगेंगे शिविर


सर्वे के बाद, प्रत्येक दिव्यांग की आवश्यकताओं के हिसाब से गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले में कैम्प आयोजित किए जाएंगे. इन शिविरों में उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा और जिन उपकरणों या सुविधाओं की आवश्यकता होगी, उन्हें मौके पर उपलब्ध कराया जाएगा.


राज्यपाल और मुख्यमंत्री का विशेष फोकस


सीडीओ ने बताया कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री लगातार दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी जिंदगी को आसान करने पर जोर देते रहे हैं. यही वजह है कि अब योजनाओं के लाभार्थियों की सही पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी
आखिर क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम, 11 दिनों में 7 रुपये की बढ़ोतरी
Why are petrol and diesel prices rising? There has been an increase of Rs 7 in 11 days.देशभर में बढ़ती महंगाई से हाहाकार मचा हुआ है. जिसने आम जनता की जेब पूरी तरह से खाली होती नजर आ रही है. यहीं कारण है कि भारतीय परिवारों पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, साग-सब्‍जी से लेकर रोजमर्रा की जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों ने रसोई के बजट को पहले ही बिगाड़ रखा है. ऐसे में पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी लोगों के लिए बेहद चिंता की बात है. आम जनता को घर का खर्चा उठाना ही इतना मुश्किल हो चुका है कि पेट्रोल-डीजल के दामों ने और भी दिक्कतों में डाल दिया है. जहां आर्थिक बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.ईंधन की बढ़ती कीमतों ने किया हैरान सोमवार को ईंधन की कीमतों में एक बार फिर से हुई बढ़ोतरी ने देशभर को हैरान कर दिया है. पेट्रोल-डीजल के ये बढ़ते दामों में ये बढ़ोतरी पिछले 11 दिनों में चौथी बार है. इसके बावजूद, देश की तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियां इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड पेट्रोल और डीजल के दामों में हालिया बढ़ोतरी के बाद भी भारी वित्तीय घाटे से जूझ रही है.देश की गरीब जनता का कहना है कि, जब सरकार ही घरेलू गैसे से लेकर पेट्रोल-डीजल के दामों में दिन-प्रतिदिन बढ़ोतरी कर रही है, तो ऐसे में ये आम जनता मदद की उम्मीद लगाए तो किससे लगाए, क्योंकि जो सहायता करने वाली है अगर वहीं गरीबों के लिए मुसीबत खड़ी कर रही है, सच तो ये है कि ये सिर्फ मुसीबत नहीं, बल्कि गरीब के पेट पर लात मारने की तरह है. एक गरीब के लिए उसका घर चलाना, इस महंगाई में बच्चों की फीस भरना ही इतना मुश्किल होता है, कि बच्चों का भविष्य बनाने के खातिर एक वक्त का रोटी भी कभी-कबार नसीब नहीं होता है, ऐसे में भला पेट्रोल-डीजल का दाम ये गरीब जनता कैसे देगी.जाने पेट्रोल-डीजल में कितनी बढ़ोतरी हुईजानकारी के मुताबिक, पिछले 11 दिनों के भीतर कई चरणों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुल ₹7 प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की जा चुकी है. यह बढ़ोतरी अलग-अलग चरणों में हुई है. जिसमें पहले ₹3, फिर 90 पैसे, उसके बाद 87 पैसे और हाल ही में ₹2.61 प्रति लीटर बढ़ी है. हालांकि, वित्तीय बाजार के अनुमानों के अनुसार, यह बढ़ोतरी तेल कंपनियों के घाटे को पाटने के लिए काफी नहीं है. कच्चे तेल की खरीद और रिफाइनिंग का खर्च और रिटेल सेलिंग प्राइस के बीच के अंतर को खत्म करने और पुराने घाटे की पूरी भरपाई करने के लिए, सैद्धांतिक रूप से ईंधन की कीमतों में ₹28 से ₹33 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की आवश्यकता है.Also Read: पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबितइसका सीधा मतलब यह है कि हालिया बढ़ोतरी के बाद भी तेल कंपनियों को पिछले कुछ महीनों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति लीटर कम से कम ₹20 और बढ़ाने की जरूरत होगी. हालांकि, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से एक बार में इतनी बड़ी बढ़ोतरी होना नामुमकिन सा लगता है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में टुकड़ों-टुकड़ों में कीमतों का बढ़ना तय है। ऐसा इसलिए है क्योंकि हालिया मूल्य संशोधन से पहले तेल कंपनियों पर असाधारण दबाव बन चुका था.
पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबित
पुलिस हिरासत में दुर्व्‍यवहार का आरोप, सुभासपा नेता की हालत बिगड़ी, थाना प्रभारी निलंबित
Allegations of abuse in police custody, condition of Subhaspa leader deteriorates, station in-charge suspendedवाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस पूछताछ के लिए ले जाए जाने के बाद सुभासपा नेता की अचानक हालत बिगड़ गई. इस बात की खबर जंगल की आग की तरह इलाके में फैल गई. देखते ही देखते अस्पताल के बाहर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई.नाराज लोगों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और कुछ देर के लिए वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर जाम भी लगा दिया. मौके पर हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस और आला अधिकारी पहुंचे. मामला संज्ञान में आने के बाद फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया. साथ ही प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई.जानें क्या है मामला जानकारी के अनुसार, फूलपुर थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी महेश राजभर को पुलिस ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट के मामले में पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. महेश सुभासपा युवा मंच में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर हैं. पूछताछ के दौरान महेश की तबीयत खराब होने पर पुलिस ने उन्हें बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातोमहुआ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया. जानकारी मिलने के बाद सुभासपा के नेता और कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंच गए.वहां पहुंचते ही समर्थकों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाना शुरू कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए.स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान, एडीसीपी और कई एसीपी को मौके पर पहुंचना पड़ा. पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता लिखित कार्रवाई की मांग करते रहे.कार्यकर्ताओं ने लगाया जामइसी बीच करीब 10 मिनट तक वाराणसी-बाबतपुर फोरलेन पर नाराज लोगों ने जाम भी लगाया. हालांकि पुलिस ने समझाकर लोगों को वहां से हटाया, जिसके बाद यातायात बहाल हुआ. बाद में थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया. इस मामले में शामिल अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच के आदेश दिखाए जाने के बाद मामला शांत हुआ.हिरासत में एक आरोपीबता दें कि पिछले महीने 26 अप्रैल को फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में सड़क हादसे में एक महिला के घायल होने के बाद गुस्साए लोगों ने गांव के ही कारोबारी मनीष सिंह की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में जुटी थी. इसी बीच 27 अप्रैल को पुलिस को सूचना मिली कि कुछ आरोपी खालिसपुर गांव में रिश्तेदारी में रुके हैं. इसके बाद एसओजी टीम गांव पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया.इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और सादे कपड़ों में पहुंचे एसओजी टीम के पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने लगे. भीड़ ने आरोपी को छुड़ा लिया. मामले में मारपीट करने वाले 50 लोगों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी. पुलिस टीम आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में थी. इसी मामले में महेश राजभर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था.Also Read: उफ ये गर्मी: प्रचंड गर्मी से परेशान लोग, लू ने ली एक युवक की जानवहीं कारोबारी मनीष सिंह ने परिजनाें ने फूलपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कहा कि उनकी जांच पर उन्‍हें पूरा भरोसा है. उन्‍होंने थाना प्रभारी को बहाल करने की मांग की. पहले दर्ज एक मुकदमे में महेश राजभर को पूछताछ के लिए फूलपुर थाने पर बुलाया गया था. पूछताछ के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस मामले में महेश राजभर और उनके परिजनों ने पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है. आरोपों का संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी फूलपुर को निलंबित कर दिया गया है. - नीतू कादयान, डीसीपी गोमती जोन
उफ ये गर्मी: प्रचंड गर्मी से परेशान लोग, लू ने ली एक युवक की जान
उफ ये गर्मी: प्रचंड गर्मी से परेशान लोग, लू ने ली एक युवक की जान
Uff this heat: People troubled by the intense heat, heat wave took the life of a young man.Varanasi Weather: इन दिनों यूपी के वाराणसी जिले में प्रचंड गर्मी का कहर देखने को मि रहा है, इसी के साथ ही लू का दौर भी जारी है. बीते रविवार को अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. लू लगने से 52 वर्षीय सब्जी विक्रेता ननकू यादव की मौत हो गई. आम जनता की सुरक्षा को देखते हुए मौसम विभाग ने हीटवेव का रेड अलर्ट जारी कर दिया है, जो 27 मई तक जारी रहेगा.यूपी भर में चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने अपनी तपन से लोगों की हालत काफी खराब कर रखी है. जिसके चलते लोग काफी बीमार भी पड़ रहे है. ये गर्मी और धूप कोई मामूली नहीं, बल्कि त्वचा जलाने वाली प्रचंड गर्मी और झुलसाने, शरीर सुखाने वाली लू का सिलसिला चल रह है. लू लगने से एक युवक की जान जाने से लोगों में काफी दहशत का माहौल बना हुआ है.मौसम विभाग बारिश होने की जताई संभावनामौसम विभाग ने 29 एवं 30 मई को बनारस के अलावा आसपास के जिलों में थंडर स्टार्म के चलते बादलों की चमक और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई है, साथ ही 40 से 50 किमी प्रति घंटा की गति से आंधी चलने का भी पूर्वानुमान जताया है. यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के चलते बन सकती है.भीषण गर्मी का असरइस वर्तमान हफ्ते का समापन बीते रविवार को प्रचंड गर्मी और असहनीय लू के साथ हुआ. जिसके बाद से शुरू हो गई सूर्य किरणों की तल्खी दोपहर एक से तीन बजे तक चरम पर रही जबकि शहर में तपिश का असर रात लगभग 10 बजे तक महसूस होता रहा. जिससे लोगों के रातों की नींद उड़ गई. तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया था. 40 किमी प्रति घंटा की गति से लू चली। इससे गर्म वातावरण का सहज अनुमान लगाया जा सकता है.बाहर निकले लोगों के साथ विभिन्न चौराहों पर हों ड्यूटी दे रहे ट्रैफिक पुलिस के जवान भी मौसम से परेशान नजर आए, बीते रविवार को दिन का तापमान सामान्य से 3.3 डिग्री ज्यादा 44.1 और रात का तापमान सामान्य से 1.8 डिग्री ज्यादा 28.4 डिग्री सेल्सियस रहा. गर्मी के रौद्र रूप में कुछ कमी 29 एवं 30 मई को हो सकती है जब चमक-गरज के साथ छींटेछीं टे पड़ेंगे. 30 मई के बाद गर्मी फिर रफ्तार पकड़ेगी.नौतपा की अवधिखगोलीय घटनाक्रम के तहत 25 मई से दो जून के बीच सूर्य और पृथ्वी के बीच दूरी कुछ घटेगी, इसके चलते नौ दिनों की अवधि के दौरान प्रचंड गर्मी पड़ती है. उक्त अवधि को नौतपा कहा जाता है, जनसामान्य के लिए नौ दिन बेहद कष्टदायक होते हैं जबकि अच्छे मानसून की दृष्टि से धरती का तपना जरूरी भी माना गया है.अलर्ट मैसेज से घबराहटरविवार दोपहर बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से तत्काल चेतावनी (नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी, अर्ली वार्निंग-एमडीएईडब्ल्यू) का अलर्ट मैसेज आया तो ज्यादातर लोग मोबाइल में किसी गड़गड़ी या उसके ब्लास्ट होने की आशंका से सहम उठे. मैसेज के पहले तीन बार बीप, फिर घर्र-घर्र की आवाज आई. फिर, महिला स्वर गूंजा-‘अगले 24 घंटे के दौरान आपके क्षेत्र में हीटवेव चल सकती है’. चेतावनी बनारस के अलावा प्रयागराज, चंदौली, मिर्जापुर, भदोही, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर जनपदों के लिए जारी हुई है.Also Read: मौसम ने ली फिर करवट, कई इलाकों में भीषण गर्मी का अलर्ट जारी