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‘काशी प्लस’ एप बना मरीजों का मददगार, भटकने से मिल रही मुक्ति

‘काशी प्लस’ एप बना मरीजों का मददगार, भटकने से मिल रही मुक्ति
Nov 12, 2025, 10:35 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी: मरीजों को इलाज कराने में ‘काशी प्लस’ एप बहुत हद तक मददगार साबित हो रहा है. बनारस हिंदू विश्‍वविद्यालय, ट्रॉमा सेंटर और महामना कैंसर अस्पताल के दो लाख मरीजों ने इलाज में इस एप की सहायता ली. पर्ची कटाने से लेकर रिपोर्ट दिखाने और दवा लेने तक की मुश्किलों को हल करने में आसानी हुई. इंटरनेट की कम स्पीड में भी एप बेहतर काम किया है. खास बात ये है कि मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड रहा हे.


रेजिडेंट डाक्‍टरों ने किया है तैयार


खास बात है कि इस एप को चिकित्‍सा विज्ञान संस्‍थान, बीएचयू के रेजीडेंट्स ने मिलकर तैयार किया है. ये एप अस्पताल की सभी जानकारियां एक साथ एक ही जगह पर देता है. काशी प्लस एप के फाउंडर और चेस्ट विभाग के रेजीडेंट डॉ. कमलेश चौहान ने बताया कि हर दिन 50 से ज्यादा मरीज चैट सपोर्ट और टेलीमेडिसिन सेवाओं के जरिए इलाज में मदद ले रहे हैं.

गूगल प्ले स्टोर और एपल स्टोर पर काशी प्लस का एप है, जिसे डाउनलोड किया जा सकता है. वहीं अब तक 5000 से ज्यादा लोगों ने इसे डाउनलोड कर लिया है. गूगल प्ले स्टोर पर इस एप को 4.8 रेटिंग मिली है. डॉक्टरों के ओपीडी शेड्यूल, जांच दरें, उपलब्ध सरकारी योजनाएं, ऑनलाइन ओपीडी बुकिंग और खून जांच, दवा लेने के काम को ये एप क्रम से गाइड करता है.


लाइन में आने से पहले ही स्पष्ट होंगे नियम


इस एप के इस्तेमाल कर्ताओं के अनुसार अस्पताल में एक ही काम के लिए 10 जगह चक्कर नहीं काटने होंगे. यदि आपको जांच का पर्चा कटाना है तो उससे पहले उसकी तारीख कहां मिलेगी इसकी जानकारी एप पर पहले ही दे दी जाएगी. जबकि कई बार इसका पता तब चलता है जब तीमारदार घंटों लाइन में लगकर खिड़की तक पहुंचते हैं. तब पता चलता है कि अभी डेट लेकर आओ फिर पर्चा कटाओ. डॉ. चौहान ने बताया कि भटकने की समस्या काफी हद तक कम हुई है और उनका अनावश्यक समय और धन दोनों की बचत हो रही है.

वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी में ट्रक ने ईंट लदे ट्रैक्‍टर को मारी टक्‍कर, युवक की मौत, पिता जख्‍मी
वाराणसी : चोलापुर थाना क्षेत्र के भोहर गांव के पास बीती रात तेज रफ्तार ट्रक ने ईंट लदी ट्रैक्टर-टॉली को टक्कर मार दी. हादसे में ट्रैक्टर पर सवार अनिल वनवासी (22) की मौत हो गई जबकि उसके पिता पारस बनवासी (44) घायल हो गए. पिता-पुत्र दोनों ईंट भट्ठे पर मजदूरी करते थे. टक्कर के बाद ट्रक लेकर चालक भाग निकला. पिता ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है.जौनपुर केराकत थाना क्षेत्र के बेहड़ा निवासी पारस और अनिल चंदवक थाना क्षेत्र के ब्राह्मणपुर गांव में भट्ठे पर मजदूरी करते थे. रात आठ बजे पिता-पुत्र ट्रैक्टर-ट्राली चालक के साथ ईंट लादकर वाराणसी के लिए निकले. रात 10 बजे आजमगढ़ - वाराणसी मार्ग पर भोहर गांव के पास पिंक हॉस्पिटल के पास सामने से आए तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर-टॉली में टक्कर मार दी. ट्रैक्टर-टॉली बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और पिता-पुत्र सड़क पर गिरकर घायल हो गए. हादसे में अनिल की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. पुलिस ने शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.ALSO READ : नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तारथाना प्रभारी सधुवन राम गौतम ने बताया कि पिता पारस बनवासी को पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. पारस की तहरीर पर ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. आरोपी ट्रक चालक की तलाश की जा रही है. परिजनों ने बताया कि अनिल का विवाह एक साल पहले ही करिश्मा से हुआ था. एक महीने की मासूम बेटी भी है. परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत से उनके सामने गहरा संकट खड़ा हो गया है.
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी, 10 किलो काजू के साथ आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी : कोतवाली पुलिस ने चोरी की एक घटना का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए करीब 10 किलो काजू बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने नशे की लत पूरी करने के लिए चोरी करने की बात स्वीकार की है।पुलिस के अनुसार, 24 अगस्त 2026 को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कतुआपुरा रामागंज कटरा से गोविन्द कुमार अग्रहरी पुत्र कन्हैया अग्रहरी, निवासी पुराना पुल, सारनाथ को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर चोरी के 10 किलो काजू से भरी एक बाल्टी बरामद की गई।पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे नशे की लत है और इसी लत को पूरा करने के लिए उसने चोरी की थी। मामले में थाना कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 206/2026, धारा 305(ए) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।ALSO READ : लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोलयह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी करने वाली टीम में चौकी प्रभारी प्रिन्स तिवारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के पास सड़क धंसी, गड्ढा मुक्‍त की खुली पोल
वाराणसी : भारी बारिश ने शहरी विकास के दावों की पोल खोल दी है. इसका ताजा उदाहरण लंका मुख्‍य मार्ग पर बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के बगल में देखने को मिला, जहां सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक करीब 10 फीट नीचे धंस गया, जिससे मौके पर गहरा और खतरनाक गड्ढा बन गया है. यह मार्ग अत्यंत व्यस्त है और यहां प्रतिदिन मरीजों, तीमारदारों, छात्रों तथा आम नागरिकों का आवागमन होता है. हालांकि गड्ढे को बैरिकेड कर दिया गया है. लोगों ने सड़क को दुरुस्‍त करने की मांग की है.मौके की तस्वीरें सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं. हाल की भारी बारिश के बाद बीएचयू और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति पहले ही सामने आ चुकी है और मरीजों-तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है. लोगों का कहना है कि सरकार आधुनिक तकनीक से मजबूत सड़कों और विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन लंका के मुख्य मार्ग पर सड़क का इस तरह धंस जाना उन दावों की जमीनी हकीकत की पोल खोल रही है.ALSO READ : IMA के प्रस्तावित सात मंजिला नवीन भवन का भव्य भूमि पूजन संपन्नप्रदेश सरकार गड्ढा मुक्त सड़कें बनाने की बात करती है. सवाल है कि जब बीएचयू ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थान के पास मुख्य सड़क ही करीब 10 फीट धंस जाए, तो आखिर यह गड्ढा किस व्यवस्था की हकीकत को बयां कर रहा है. यह सिर्फ सड़क का गड्ढा नहीं, बल्कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता, भ्रष्टाचार और सरकारी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला गड्ढा है.महानगर अध्यक्ष, बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी अमन यादव की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचकर सड़क को सुरक्षित कराए, धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराए और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए.