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बीएचयू में बड़ा इंतजार खत्म: साढ़े तीन साल बाद 9 अक्टूबर को होगी कार्यकारिणी परिषद की अहम बैठक

बीएचयू में बड़ा इंतजार खत्म: साढ़े तीन साल बाद 9 अक्टूबर को होगी कार्यकारिणी परिषद की अहम बैठक
Sep 26, 2025, 02:30 PM
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Posted By Gaandiv



वाराणसी:बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में लंबे समय से रुकी कार्यकारिणी परिषद (Executive Council-EC) की बैठक आखिरकार तय हो गई है.9 अक्टूबर को होने वाली यह बैठक करीब साढ़े तीन साल बाद आयोजित होगी. इस बैठक में टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों पर लंबित नियुक्तियों पर फैसला होने की संभावना है. यही कारण है कि परिसर में शिक्षकों से लेकर कर्मचारियों तक, हर कोई इस बैठक पर टकटकी लगाए बैठा है.

इससे पहले 27 सितंबर को अकादमिक परिषद की बैठक होगी, जो बीएचयू के नए कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के कार्यकाल की पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है. त्योहारों के कारण कार्यकारिणी की बैठक पहले टाल दी गई थी, लेकिन अब इसकी तिथि तय हो जाने से कैंपस में चर्चाएं तेज हो गई हैं.


क्यों अहम है यह बैठक?


बीएचयू में कार्यकारिणी परिषद की बैठक अंतिम बार पूर्व कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के कार्यकाल में हुई थी. उनके बाद आए कुलपति प्रो. सुधीर जैन का पूरा कार्यकाल बिना किसी ईसी बैठक के ही बीत गया. इससे तमाम शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णय अटक गए. अब उम्मीद है कि 9 अक्टूबर को होने वाली बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगेगी.


सबसे अहम मसला है टीचिंग और नॉन-टीचिंग पदों पर नियुक्तियां. पिछले कुलपति के कार्यकाल में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर समेत कई पदों की चयन प्रक्रिया पूरी की गई थी, लेकिन ईसी की मंजूरी न मिलने के कारण नियुक्तियां अटकी रह गईं. परिषद से स्वीकृति मिलने पर अब इन नियुक्तियों का रास्ता साफ हो सकता है.


विवादित मुद्दे भी आएंगे सामने


सूत्रों के अनुसार, बैठक में केवल नियुक्तियों पर ही नहीं, बल्कि कुछ विवादित मामलों पर भी चर्चा होगी. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक निलंबित प्रोफेसर के प्रकरण को ईसी के सामने रखने का निर्देश दिया है. ऐसे मामलों पर फैसला बैठक को और भी संवेदनशील बना देगा.


परिषद की संरचना और राजनीतिक गहमागहमी


कार्यकारिणी परिषद में इस बार भाजपा से जुड़े कई बड़े नाम शामिल हैं. इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री और चंदौली से सांसद रह चुके डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल जैसे नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह, बीएचयू समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. ओमप्रकाश भारतीय, समाजशास्त्र विभाग की प्रो. श्वेता प्रसाद, प्राणिशास्त्र विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. बेचन लाल (पूर्व कुलपति, जम्मू क्लस्टर विश्वविद्यालय) और रेडियोथेरेपी विभाग से सेवानिवृत्त प्रो. उदय प्रताप शाही सदस्य हैं.

कुलपति परिषद के अध्यक्ष और कुलसचिव इसके सदस्य सचिव होते हैं. भाजपा नेताओं की मौजूदगी को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल है. विपक्षी दल इसे शिक्षा में राजनीति का दखल बता रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि फैसले पूरी तरह शैक्षणिक हित में होंगे.


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शिक्षकों-कर्मचारियों में उम्मीदें


बीएचयू के शिक्षकों और कर्मचारियों का मानना है कि इस बैठक के जरिए लंबे समय से लंबित फैसलों पर अमल हो सकेगा. खासकर नियुक्तियों को लेकर वर्षों से इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों और विभागों में उम्मीद की लहर है. साथ ही अकादमिक परिषद और कार्यकारिणी परिषद की लगातार बैठकों से नए कुलपति प्रो. चतुर्वेदी के कार्यकाल में प्रशासनिक सक्रियता का संदेश भी जा रहा है.-

कुल मिलाकर, 9 अक्टूबर को होने वाली ईसी बैठक सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बीएचयू के आने वाले वर्षों की दिशा तय करने वाला अहम पड़ाव मानी जा रही है.


मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
मोदी के जन्मदिन पर 1076 बेटियों ने दी शुभकामना
वाराणसी: प्रधानमंत्री एवं वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बुधवार को परमानंदपुर मिनी स्टेडियम में खेल प्रतिभाओं का अनूठा संगम देखने को मिला. जन्मदिन समारोह में 1076राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की बालिका खिलाड़ियों के साथ विकास इंटर कॉलेज, परमानंदपुर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की. बड़ी संख्या में बेटियों की मौजूदगी से पूरा स्टेडियम उत्सव के रंग में रंगा नजर आया.कार्यक्रम के दौरान बालिका खिलाड़ियों और छात्राओं में खासा उत्साह रहा. खेल मैदान से लेकर समारोह स्थल तक बेटियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष बना दिया. कार्यक्रम के समापन पर बालिकाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशाल कटआउट के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और सेल्फी लेकर इस यादगार अवसर को कैमरे में कैद किया. इसके बाद एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जन्मदिन की खुशियां साझा कीं.कार्यक्रम के संयोजक हॉकी वाराणसी के अध्यक्ष एवं विकास एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. एके सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में कई प्रयास हुए हैं. इससे खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए नए अवसर मिले हैं और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है.उन्होंने कहा कि बेटियों की खेलों में बढ़ती भागीदारी देश के लिए सकारात्मक संकेत है. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाली खिलाड़ियों के साथ छात्राओं की सहभागिता से नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी.ALSO READ:रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तारसमारोह में 1076 बालिका खिलाड़ियों की भागीदारी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही. खेल और युवा प्रतिभाओं को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने बेटियों की प्रतिभा, उत्साह और खेलों के प्रति उनके बढ़ते रुझान को सामने रखा.
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
रथयात्रा के बंद मकान में चल रहा था जुए का अड्डा, 47 लोग गिरफ्तार
वाराणसी: सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में पुलिस और SOG-2 की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 47 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 10 लाख रुपये नकद, कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है।डीसीपी क्राइम नीतू काद्यान की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रथयात्रा के पास एक मकान में बाहर से ताला लगाकर अंदर जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस को मिल रही थी। इसके बाद टीम ने करीब तीन से चार दिन तक मकान की गतिविधियों पर नजर रखी। जब अंदर बड़ी संख्या में लोग जुटे तो SOG-2 और सिगरा पुलिस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। कार्रवाई के दौरान 47 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया।पुलिस की जांच में सामने आया कि विशाल सिंह नाम के व्यक्ति ने मकान को लीज पर लिया था। पुलिस के अनुसार, इसी मकान से जुए का संचालन किया जा रहा था। पकड़े गए लोगों में वाराणसी के साथ आसपास के जनपदों के लोग भी शामिल हैं।पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास और पूरे नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, मामले में संगठित अपराध समेत अन्य धाराओं में सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी भी की जा रही है।ALSO READ:आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोरडीसीपी क्राइम नीतू काद्यान ने बताया कि मामले में अभी जांच जारी है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी मीडिया के सामने प्रस्तुत की जाएगी।
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
आईएमएस के वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बैठक, स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मदद लेने पर जोर
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS-BHU) में आगामी वार्षिक दिवस समारोह को लेकर बुधवार को कमेटी की बैठक आयोजित की गई। आईएमएस कमेटी रूम में हुई बैठक की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने की। बैठक में पिछले वर्ष के कार्यक्रम की समीक्षा के साथ इस वर्ष आयोजित होने वाले स्वास्थ्य मेले को और अधिक उपयोगी एवं जनसुलभ बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।कार्यक्रम समन्वयक प्रो. टी.पी. चतुर्वेदी ने पिछले वर्ष आयोजित कार्यक्रम की गतिविधियों और अनुभवों की समीक्षा प्रस्तुत की। इसके बाद इस वर्ष के स्वास्थ्य मेले के समन्वयक प्रो. वी.एन. मिश्रा के साथ जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारियों पर चर्चा हुई।स्वास्थ्य मेले में एआई और आईआईटी की तकनीकी मददप्रो. वी.एन. मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष महामना के उद्देश्यों के अनुरूप स्वास्थ्य मेले को और व्यापक बनाने के लिए चिकित्सा विज्ञान संस्थान के साथ आईआईटी-बीएचयू की तकनीकी विशेषज्ञता का सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य तकनीकी संसाधनों का भी उपयोग किए जाने की योजना है।बैठक में निदेशक प्रो. एस.एन. शंखवार ने कहा कि स्वास्थ्य मेले के माध्यम से काशी की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। लोगों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था के साथ आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद और डेंटल चिकित्सा के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य संबंधी उचित परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।कमेटी सदस्यों ने दिए सुझावबैठक में मेडिसिन संकाय प्रमुख प्रो. संजय गुप्ता, आयुर्वेद संकाय प्रमुख प्रो. मूर्ति, डेंटल संकाय प्रमुख प्रो. अतुल भटनागर, प्रो. भुवाल राम और प्रो. एस.के. भारती समेत कमेटी के अन्य पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।ALSO READ :लोहता में बुनकरों के लिए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर शुरू, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श...इस अवसर पर प्रो. वी.एम. सिंह, वैद्य सुशील दुबे, डॉ. अखिलेश चन्द्र, डॉ. महेश, प्रो. संगीता, डॉ. नीरज त्रिपाठी, डॉ. संतोष सिंह और प्रो. अजय पांडे समेत अन्य कमेटी पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वास्थ्य मेले को अधिक प्रभावी, तकनीक आधारित और आम जनता के लिए उपयोगी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।