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नहीं रहे गायकी के उस्ताद पं. छन्नूलाल मिश्र, जानें उनसे जुड़े किस्से...

नहीं रहे गायकी के उस्ताद पं. छन्नूलाल मिश्र, जानें उनसे जुड़े किस्से...
Oct 02, 2025, 06:28 AM
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Posted By Gaandiv

छन्नूलाल मिश्र: शास्त्रीय संगीत की दुनिया ने आज एक बड़ा कलाकार खो दिया. 91 वर्ष की उम्र में पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार को उनकी बेटी के आवास मिर्ज़ापुर में उनका निधन हो गया. उनके निधन के बाद बनारस में गम का माहौल है.उन्होंने आज सुबह करीब सवा चार बजे अंतिम सांस ली.


सदाबहार रही उनकी गायकी...


बता दें कि पं. छन्नूलाल मिश्र की गायकी सदाबहार रही है. 'खेले मसाने में होली...' जैसी तान आज भी लोगों की जुबां पर गूंजती है. काशी वासियों का कहना है कि उनके सुर और गायकी का जादू कभी नहीं भुलाया जा सकता. निधन के बाद वाराणसी ही नहीं भारत के कई हिस्सों में लोग उन्हें याद कर रहे हैं.


परिवार में चार बेटी और एक बेटा...


बता दें कि पं. छन्नूलाल मिश्र के परिवार में चार बेटी और एक बेटा हैं जिसमें चार साल पहले पत्नी और एक बेटी की मौत हो चुकी है. पं. छन्नूलाल मिश्र का निधन बेटी नम्रता के आवास मिर्ज़ापुर में हुआ.


पीएम और सीएम ने जताया दुःख...


गौरतलब है कि, साल 2014 में जब पीएम मोदी ने लोकसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया था तब छन्नूलाल प्रधानमंत्री मोदी के लोकसभा चुनाव में प्रस्तावक रहे थे. उनके निधन पर पीएम मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त किया. संगीत जगत और राजनीतिक क्षेत्र दोनों द्वारा उन्हें याद किया जा रहा है.


आजमगढ़ के हरिहरपुर में हुआ था जन्म


पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को आजमगढ़ जिले के हरिहरपुर में हुआ. उनके दादा गुदई महाराज शांता प्रसाद प्रसिद्ध तबला वादक थे. छह साल की उम्र में उन्होंने अपने पिता से संगीत की बारीकियां सीखना शुरू किया. नौ साल की उम्र में उनके पहले गुरु, किराना घराने के उस्ताद अब्दुल गनी खान ने उन्हें खयाल सिखाया. इसके बाद ठाकुर जयदेव सिंह ने उनकी शिक्षा को आगे बढ़ाया.बचपन से ही उनके भीतर संगीत के प्रति गहरी लगन थी.


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बिहार के मुजफ्फरपुर से संगीत की शिक्षा


बता दें कि, करीब चार दशक पहले पंडित छन्नूलाल मिश्र वाराणसी आए. यहां उन्होंने अपने संगीत सफर को और तेज किया. ठुमरी, खयाल, भजन, दादरा, कजरी और चैती जैसी शास्त्रीय और लोक विधाओं में उनका अनोखा मिश्रण देश-दुनिया में मशहूर हुआ. बिहार के मुजफ्फरपुर से संगीत की शिक्षा लेने वाले पंडित जी ने बनारस में शास्त्रीय और लोक संगीत का अनोखा संगम पेश किया. उनकी गायकी में भाव और राग की गहराई सुनने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती थी.

BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
BHU में छात्रसंघ बहाली की मांग तेज, 29 अक्टूबर को निकलेगा छात्र मार्च; अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान.
वाराणसी : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर छात्र आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। शनिवार को विश्वविद्यालय के कला संकाय लॉन में आयोजित छात्र महापंचायत में छात्रसंघ बहाली और लोकतांत्रिक छात्र अधिकारों को लेकर चर्चा हुई। महापंचायत में शामिल छात्र-छात्राओं ने सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को छात्र मार्च निकालने और इसके बाद अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।छात्र महापंचायत में तय किया गया कि 29 अक्टूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से छात्रसंघ भवन तक मार्च निकाला जाएगा। इसके बाद छात्रसंघ की बहाली की मांग को लेकर धरना शुरू किया जाएगा। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन को संगठित और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।महापंचायत में छात्रों ने कहा कि छात्रसंघ विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की आवाज उठाने के लिए एक मंच मिलता है। छात्रों के मुताबिक, लंबे समय से विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली की मांग उठाई जा रही है। अब इस मांग को लेकर आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।छात्रों ने विश्वविद्यालय के सभी विद्यार्थियों से 29 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उनका कहना है कि छात्र एकजुट होकर छात्रसंघ की बहाली की मांग को प्रभावी तरीके से उठा सकते हैं।ALSO READ : वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शवछात्र महापंचायत के इस फैसले के बाद बीएचयू में छात्रसंघ बहाली का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब 29 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्र मार्च और उसके बाद शुरू होने वाले धरने पर सबकी नजर रहेगी।
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी में संदिग्ध हालात में सफाईकर्मी की मौत, घर में खून से लथपथ मिला शव
वाराणसी : आदमपुर थाना क्षेत्र के गोलाघाट में शनिवार को नगर निगम के सफाई कर्मी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में हड़कंप मच गया. उसके शरीर पर चोटों के निशान को देखते हुए हत्‍या की आशंका जताई जा रही है. सूचना के बाद पुलिस शव को कब्‍जे में लेने के साथ अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है.वहीं क्षेत्र में मौत को लेकर तरह - तरह की चर्चा व्‍याप्‍त है. उसके चेहरे, सिर पर गंभीर जख्‍म के निशान मिले हैं.सफाईकर्मी के चचेरे भाई ने बताया कि बीती रात खाना खाकर वह अपने घर गोलाघाट चला गया था. इस बीच शनिवार की सुबह नमो घाट पर एयर शो के समय सफाई कर्मियों ने उसके न आने पर तलाश शुरू की. कुछ लोग उसके घर पहुंचे तो युवक का शव घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. फर्श पर खून फैला था. मृतक के शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है.ALSO READ : वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोगघटना की जानकारी मिलने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं है. मामले में हत्या या दुर्घटना समेत किसी भी आशंका की पुष्टि नहीं हुई है. मृतक की पहचान विनोद कुमार के रूप में हुई है. घटना के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा.
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी के इस गांव में एक महीने में चार मौतों से दहशत, तेज बुखार एवं जोड़ों में दर्द से परेशान लोग
वाराणसी : काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मंगलपुर गांव में लोग तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और प्लेटलेटस गिरने से परेशान हैं. एक महीने में गांव के 4 लोगों की मौत होने के बाद ग्रामीणों को डेंगू, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी का भय सता रहा है. सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची. लोगों की जांच हुई तो 10 लोगों में बुखार जैसे लक्षण मिले हैं. जिन लोगों की मौत हुई है, उसके पीछे परिजन डेंगू से मौत की बात कह रहे हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इन्कार किया है.जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार, टीम भेजकर जांच करने के साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. मंगलपुर गांव में अधिकांश लोगों को बुखार है. प्लेटलेटस भी कम होता जा रहा है. जमालूद्दीन (35), गुलाम रब्बानी (66), आयशा बेगम (52) और मद्दर बेगम (48) की मौत हुई है. परिजनों ने मौत की वजह डेंगू और अन्य संक्रामक बीमारियां बताई है. उनका कहना है कि जोड़ों में तेज दर्द, बुखार के साथ ही कई दिनों से प्लेटलेटस भी कम हो रहा था. नुरैन, तौफीक, सलाउद्दीन , जरदार, रामसुंदर पटेल बीमार हैं.परिजनों ने एएनएम को नहीं दी कोई जांच रिपोर्टजिला मलेरिया अधिकारी एससी पांडेय का कहना है कि मंगलपुर गांव में कुछ लोगों के एक महीने के भीतर 4 मौत की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच कराई. 10 लोगों में बुखार और मौसमी बीमारी के लक्षण मिले हैं. जरूरी दवाइयां देने के साथ ही उन्हें जागरूक किया जा रहा है. जिन लोगों के मौत की सूचना मिली, उनके घर आशा, एएनएम को भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई तो परिजनों ने रिपोर्ट देने से मना कर दिया. डेंगू से मौत हुई है तो परिजन रिपोर्ट क्यों नहीं दे रहे हैं. यह समझ नहीं आ रहा है. एक बार फिर विभागीय टीम गांव में जाएगी.ALSO READ : वाराणसी में पीएम के दौरे को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, देखें पूरी लिस्टमंगलपुर गांव में टीम भेजकर जांच करवाई गई. परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को कोई रिपोर्ट नहीं दी है, जिससे लोगों के बीमार होने और मौत की वजह की सही जानकारी मिल सके. दो दिन का विशेष अभियान चलाकर लोगों के सेहत की जांच कराई जाएगी।.- डॉ. एनपी सिंह, सीएमओ