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मंडलीय अस्पताल में अब एआई आधारित मशीनों से होगा इलाज, मरीजों को होगा बड़ा फायदा

मंडलीय अस्पताल में अब एआई आधारित मशीनों से होगा इलाज, मरीजों को होगा बड़ा फायदा
Oct 31, 2025, 10:04 AM
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Posted By Gaandiv

वाराणसी - मंडलीय अस्पताल में मरीजों के लिए सुविधाओं को उन्नत किया जा रहा है. यहां विभागों में कई मशीनें एआई सिस्टम पर अपग्रेड की जा रही है. वहीं, कई नई मशीनें भी लगवाई जा रही हैं. इससे पूर्वांचल के चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर और सोनभद्र के मरीजों को बड़ा फायदा होगा. उन्हें इलाज के लिए बीएचयू या अन्य निजी अस्पतालों में नहीं भटकना पड़ेगा.


रिपोर्ट की सटीकता और निदान में होगा बड़ा सुधार


अस्पताल के एसआईसी डॉ. बृजेश कुमार ने बताया कि पैथोलॉजी विभाग में हार्मोनल जांच के लिए आर्किटेक्ट मशीन, ब्लड गैस एनालिसीस के लिए एबीजी मशीन और बॉडी फ्लूइड एनालिसिस के लिए एनालाइजर मशीन लगाई जा रही हैं. इन उपकरणों के आने से रिपोर्ट की सटीकता और समय पर निदान में बड़ा सुधार होगा.

डेंटल विभाग में आरवीजी मशीन, ओपीजी मशीन और उन्नत दंत उपचार उपकरण लगाए जा रहे हैं. नेत्र विभाग में नॉन-कॉन्टेक्ट टोनोमीटर, फंडस कैमरा, ए एंड बी स्कैन और विभिन्न प्रकार के आधुनिक माइक्रोस्कोप लगाए जा रहे हैं. आधुनिक माइक्रोस्कोप लगने से लेप्रोस्काेपिक सर्जरी आसानी से हो सकेगी.

डॉ. बृजेश ने बताया कि ऑपरेशन थियेटर को भी पूरी तरह आधुनिक बनाया जा रहा है. इसमें कंप्लीट लेप्रोस्कोपी सेट और एआई युक्त एनेस्थेसिया वर्क स्टेशन शामिल हैं, जो सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को अधिक सुरक्षा देंगे. ऑर्थोपेडिक विभाग में सी-आर्म मशीन का नवीनतम संस्करण, रेजियोट्रोराल्यूरोन्ट आर्थोपेडिक ओटी टेबल तथा अन्य अत्याधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं.


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ईएनटी विभाग में ऑटो एंडोस्कोप विथ एचडी मॉनिटर, ईएनटी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप विथ एचडी मॉनिटर और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए जाएंगे. इसके अलावा पांच टेक्सला एमआरआई मशीन, डिजिटल एक्स-रे मशीन, दो अतिरिक्त एंबुलेंस, शक्तिशाली जनरेटर सेट मंगाए जा रहे हैं.


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सीएचसी - पीएचसी पर हो रहा ईसीजी


प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में फ्रीजर, ईसीजी और न ही है स्पाइरोमीटर की शिकायत को संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संदीप चौधरी ने बताया कि वाराणसी में शहरी एवं ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर ईसीजी का कार्य सम्पादित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि शहरी/ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों पर अक्टूबर माह में कुल 3048 ईसीजी किया गया है तथा हृदय रोग एवं श्वसन रोग से सम्बन्धित गम्भीर बीमारियों के बारे में ससमय जानकारी प्राप्त हुई और साथ ही इंजेक्शन टेनेक्टेप्लस लगाकर 06 रोगियों को थ्रम्बोलाइसिस प्रक्रिया के द्वारा सामान्य जन की रक्षा की गयी. दिसंबर, 2023 से अब तक 48,572 रोगियों का ईसीजी किया गया. जबकि इस अवधि में अब तक 181 रोगियों को इंजेक्शन टेनेक्टेप्लस लगाकर थ्रम्बोलाइसिस प्रक्रिया के द्वारा सामान्य जन की रक्षा की गयी.

प्रेम प्रसंग के चक्कर में किशोरी ने छत से लगाई छलांग, इलाज के दौरान मौत
प्रेम प्रसंग के चक्कर में किशोरी ने छत से लगाई छलांग, इलाज के दौरान मौत
वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित श्यामा नगर (बरेका) में एक किशोरी ने प्रेम प्रसंग में मकान की छत से छलांग लगा दी. गंभीर रूप से घायल किशोरी को उपचार के लिए बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार देर शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले में मृतका की मां ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ भेलूपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.ये है घटनाक्रमपीड़िता की मां अर्चना जायसवाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि भोजूबीर निवासी रौनक सोनकर उर्फ प्रियांशु पिछले करीब दो वर्षों से उनकी बेटी रूही जायसवाल से बातचीत कर रहा था और उसे प्रेम प्रसंग में फंसा रखा था. आरोप है कि 9 मार्च की रात वह उनके घर आया और बेटी को यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसकी मां बुला रही हैं.यह भी पढ़ें: बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेलमां के अनुसार, 10 मार्च को जब उन्होंने बेटी को फोन किया तो उसने बताया कि वह अगले दिन यानी 11 मार्च की सुबह घर लौट आएगी. लेकिन जब दोपहर तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्होंने दोबारा फोन किया. आरोप है कि इस दौरान आरोपी रौनक ने फोन उठाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बेटी को जान से मारने की धमकी दी.पुलिस में शिकायत होने पर घर भेजापीड़िता की मां ने बताया कि जब शाम सात बजे तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्होंने कैंट थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के बाद रोनक को कैंट थाने बुलाया गया, लेकिन वह वहां नहीं गया और बेटी को घर भेज दिया. बेटी घर तो आ गई, लेकिन वह काफी तनाव में थी. आरोप है कि उसी रात करीब एक बजे आरोपी फिर से उनके घर पहुंचा और हंगामा करने लगा. वह कमरे में घुस गया और बेटी के कपड़े व उसे दिए गए उपहारों पर पेट्रोल छिड़ककर घर के बाहर आग लगा दी. इसके बाद उसने बेटी को डांटा-फटकारा और अपमानित किया. मां का कहना है कि इस घटना से बेटी गहरे सदमे में चली गई.किशोरी की मां की तहरीर पर कार्रवाईबताया गया कि गुरुवार दोपहर मानसिक तनाव और सदमे से परेशान होकर किशोरी ने घर की छत से छलांग लगा दी. गंभीर हालत में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान शुक्रवार देर शाम उसकी मौत हो गई. भेलूपुर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच की जा रही है.
बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल
बड़े काम का एप, जिसकी मदद से यूपी पुलिस ने की पहली कार्रवाई, लुटेरों को पहुंचाया जेल
वाराणसी: यूपी पुलिस के लिए बडे काम का एक एप डेवलप हुआ है. इस एप का नाम यक्ष है और इसकी मदद से प्रदेश में पहली कार्रवाई सामने आई है. डीजीपी राजीव कृष्ण के सबसे बड़े नवाचार यक्ष एप ने फायरिंग और लूट के तीन आरोपियों को जेल पहुंचाया. वाराणसी रेंज की जौनपुर पुलिस ने तीन घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार किया. यक्ष एप पर अपराधियों का आंकड़ा फीड करने के दौरान वाराणसी रेंज की पूरे यूपी में पहली कार्रवाई है.कुछ संदिग्धों की पहचान की गईबतादें कि 11 मार्च की रात 9 बजे जौनपुर के जफराबाद थाना क्षेत्र में जनसेवा केंद्र के संचालक प्रेमचंद्र यादव को गोली मारकर अपराधियों ने 90 हजार रुपये, बाइक और मोबाइल लूट लिए थे. यक्ष एप से पता लगाया गया कि घटनास्थल के आसपास कितने सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जांच के लिए टीमें भेजी गईं और इन फुटेज में से कुछ संदिग्धों की पहचान की गई.यह भी पढ़ें: वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालानघटना स्थल तक पहुंचने और घटना के बाद भागने के लिए अपराधियों की संभावित गतिविधियों का पता लगाया गया. अपराधियों के संभावित मार्गों के आधार पर तीन पुलिस थाना क्षेत्र (केराकत, चंदवक और गौरबादशाहपुर थाना) ऐसे थे, जहां से अपराधी आ सकते थे. यक्ष एप से इन तीन थाना क्षेत्रों में रहने वाले 232 अपराधियों का विवरण निकाला गया और अपराधियों के चेहरे पीड़ितों को दिखाए गए.कुछ ही घंटे में कार्रवाईविश्लेषण के आधार पर कुछ ही घंटों में असलहे से लूटपाट करने वाले तीन अपराधियों व उनके पते, फोटो और आपराधिक इतिहास समेत की सटीक पहचान कर ली गई. यक्ष एप में अपराधियों की तीन कोणों से ली गई तस्वीरों का डेटा है, इसलिए पीड़ित ने अपराधियों की आसानी से पहचान कर ली. रात 9 बजे की घटना थी.एसएसपी जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह, एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव, एएसपी गोल्डी गुप्ता और एएसपी (यूटी) श्रुष्टि जैन ने यक्ष एप की मदद से अपराध को खेल की तरह सुलझा लिया. यक्ष एप की एक बहुत ही रोचक विशेषता यह है कि प्रत्येक अपराधी को एक आपराधिक आईडी आवंटित की गई है, जिससे अब आपराधिक आईडी के आधार पर कई जिलों के बीच अपराधियों का विवरण साझा किया जा सकता है.रजिस्टर नंबर आठ की खत्म हो गई उपयोगितावाराणसी रेंज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने बताया कि यक्ष एप यूपी पुलिस के सबसे बड़े नवाचारों में से है. खासियत यह है कि यह सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन की पहचान कर सकता है और सिर्फ एक क्लिक से किसी खास जिले या पुलिस स्टेशन के सभी अपराधियों का विवरण दे सकता है.अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपराघटनास्थल के क्षेत्र में अपराधों और अपराधियों का विवरण जानने के लिए घटनास्थल के गांव व कस्बे की ग्राम अपराध पुस्तिका ले जाने की पुरानी परंपरा अब एक तकनीकी समाधान से बदल गई है, जिसमें राज्यव्यापी अपराधियों का डेटा है. एक क्लिक पर अपराधियों का डेटा खुल जा रहा है. जौनपुर पुलिस ने यक्ष एप से लूट, फायरिंग की घटना का पर्दाफाश किया. अपराधियों की गिरफ्तारी में सफलता मिली है. - वैभव कृष्ण, डीआईजी रेंज, वाराणसी
वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी में अनफिट स्कूल वाहनों पर कसा शिकंजा, चार सीज, कई का चालान
वाराणसी: सड़क सुरक्षा को लेकर जिले में अनफिट और बिना वैध परमिट संचालित स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान कुल 4 वाहन सीज किए गए तथा 7 वाहनों का चालान किया गया. इस कार्रवाई से स्‍कूल वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया. सड़क पर सघन जांच के अतिरिक्त, प्रवर्तन दल द्वारा विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर स्कूल वाहनों की भौतिक सत्यापन प्रक्रिया भी की जाएगी, ताकि उनके फिटनेस, परमिट और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच सुनिश्चित की जा सके."वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो"यह प्रवर्तन कार्रवाई एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन और यात्रीकर अधिकारी अखिलेश पांडेय के नेतृत्व में की गई. परिवहन विभाग ने समस्त विद्यालय प्रबंधन से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके विद्यालयों के कोई भी वाहन बिना वैध फिटनेस और परमिट के संचालित न हों.साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन पूर्ण हो, चालकों की नियमित नेत्र परीक्षण समय से कराया जाए तथा सभी निर्धारित सुरक्षा मानक जैसे खिड़कियों पर सेफ्टी ग्रिल/बार, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार पेटी आदि अनिवार्य रूप से वाहन में स्थापित हों.यह भी पढ़ें: IMS-BHU की जूनियर डॉक्टर ने की जान देने की कोशिश, हालत गंभीरयदि कोई वाहन स्कूल वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी. जो विद्यालय प्रबंधन बार-बार नियमों का उल्लंघन करते हैं अथवा नोटिस एवं चालान जारी होने के बावजूद अपने वाहनों के अभिलेख अद्यतन नहीं करते हैं, उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी. विद्यार्थियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.